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  • 6 years ago
इटावा। वैसे तो जनपद इटावा कई बातों के लिए हमेशा से प्रसिद्ध रहा है जिसमें कई ऐसी बातें हैं जो आज इसी जनपद की युवा पीढ़ी भी उन बातों को नहीं जानती होगी? तो आज हम रूबरू कराते हैं आपको इस जनपद के पुराने किस्सों और इटावा की पुरानी पहचान से, इटावा का नाम सैकडों वर्षों पूर्व इष्टिकापुरी हुआ करता था। इष्टिकापुरी की देश और दुनियां में एक अलग ही पहचान है। क्योंकि भगवान श्री कृष्ण की पत्नी रुकमणी का मायका "कुंदनपुर" ( जो कि आज कुदरकोट के नाम से जाना जाता है ) वो भी इसी इष्टिकापुरी में है। इसी इष्टिकापुरी ने कई महान कवियों को भी जन्म दिया जिनमें सबसे पहला नाम आता है। देव दत्त द्विवेदी जो कि इसी इष्टिकापुरी के रहने बाले थे, जिनको दुनियां "देव" के नाम से आज भी जानती है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल विहारी बाजपाई ने भी कुछ वर्ष अपनी पढ़ाई इटावा से ही की थी और उनका इटावा से काफी लगाव भी था।

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