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  • 4 years ago
सड़कों पर घूमने वाले मूक बेजुबान श्वानों की पीड़ाए विवशता और लाचारी को दिल से महसूस करने वालों में कोटा की बेटी सोनल गुप्ता भी है। जिस उम्र में लोग नौकरी पाने के लिए चक्कर लगाते हैंए उस उम्र में इस बेटी ने सड़कों पर घायल पड़े श्वानों का इलाजए देखरेख करके उन्हें एक नया ज

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