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  • 2 years ago

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00:00प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्त
00:31वहाँ जाने का फैसला, कहीं गलती तो नहीं है महाराज?
00:35इस दर की, वज़ा महामंत्रि?
00:39उस कल्पी गड के वारे में, काफ़ी कुछ सुनने में आये महाराज.
00:43और वो सारी बाते अगर सच है,
00:46तो उन लोगों से दोस्ती की उमिद करना...
00:48अगर सच है, तो उन लोगों से दोस्ती की उमीद करना..
00:52आप कब से कही सुनी बातों पर यकीन करने लगे, महामंत्रि.
01:18अगर सच है, तो उन लोगों से दोस्ती की उमीद करने लगे, महामंत्रि.
01:48सवागते, महाराज.
01:58क्या सच है, महाराज? आपको कुछ भी अजीब सा नहीं लग़रा यहाँ पर?
02:04मुझे तो मैंसुस हो रहा है कि यहाँ के हवावों में ही जहर है.
02:12शुरूत तो पर भी जहर है?
02:14यहांकी कहाँग जहर था?
02:17शेधान का गड़ है यह.
02:26महाराज, अगर आपको किसी भी चीज़ की जरूरत हो
02:29तो हमें अवश्य बताईए.
02:31इस वक्त तो हम केवल विश्राम करना चाहेंगे.
02:33जो आग्या, महाराज.
02:46क्या बात है महामंतरी?
02:48आप अभी भी परिशान दिखाई दे रहे हैं?
02:51महाराज, इस तरह निहत्ते किसी शत्रू के घर चले आना
02:56ये कहां की नीति है?
02:59महामंतरी, हम शत्रू से नहीं बलकि
03:03अपने पडोसी से मिलने आए हैं.
03:06वो पडोसी, जो हमारी एक गलती से
03:09हमारा दुश्वन बन सकता है.
03:13देखो महामंतरी, हम युद्ध नहीं चाहते हैं.
03:18अगर हमारे याँने से हमारी प्रजा युद्ध से बच सकती है
03:22तो इसमें बुरा ही क्या है?
03:24तो महाराज, आपको लगता है कि
03:26महाराज तक्षक, शांती की भाषा समझेंगे?
03:29जब तक कि वो आसपास के सारे राजों पर अपना अधिकार नहीं जमालेते
03:34वो उठुकने वाले नहीं है.
03:36अब तक सत्रा राजों पर वो अपना जढडा लहरा चुके है.
03:41हम जानते हैं, महामंतरी.
03:43और हमें इस बात से भी इंकार नहीं है कि
03:45उनकी नज़र हमारे राज़े पर भी है.
03:49लेकिन इन सत्रा युद्धों में काफी खून बैच चुका है.
03:54इसलिए हम एक और युद्ध नहीं चाहते.
03:59अगर दूसरे राजाओं ने भी संधी का रास्ता अपनाया होता
04:04तो तस्वीर कुछ और योथी, महामंतरी.
04:07पता नहीं, महाराज.
04:10मगर मुझे महाराज तक्षक के इरादों पर ज़रा भरोसा नहीं है.
04:16शैतान का दूसरा नाम है तक्षक.
04:21और मैंने तो यहां तक के सुना है के..
04:37कौन होतो?
04:38प्रणाम, महाराज.
04:40मैं सेनापती अगोर.
04:44महाराज तक्षक ने आपके लिए संधेश भिज़वाया है.
04:48वो आपसे मिलने के लिए तयार है.
04:51महाराज तक्षक ने आपके लिए संधेश भिज़वाया है.
04:55वो आपसे मिलने के लिए तयार है.
05:20महाराज!
05:50महाराज तक्षक ने आपके लिए संधेश भिज़वाया है.
06:20खुजा के मननी कहे बछुनी.
06:39हुई है बड़ी खुजी आपके आने से यहाँ.
06:43दिखाई है समझदारी आपने.
06:46वरना कर दिया था मुझ्किल हमारा काम.
06:50पड़ोस्य राजाओने दूसरे.
06:53सावधार!
06:55कल्वी के महाराज तक्षक पधार रहे है.
07:20पड़ोस्य राजाओने तक्षक पधार रहे है.
07:51महाराज तक्षक!
07:53हमें खुशी है
07:55कि हमें आपसे मिलने का आउफसर मिला.
08:08कहिए!
08:10कैसे आना होगा?
08:11हमें अपने गुपत सूत्रों से यह ख़बर मिली है
08:15कि आप हमारे राज़ी पर हमला करने की तैयारी कर रहे हैं.
08:21तारीफ करना चाहूँगा आपके उन गुपत सूत्रों के.
08:30बिल्कुल सही ख़बर दिया है उन्होंने आपको.
08:34हमें अपने सूत्रों की काभिलियत पर
08:37कभी शक नहीं था महाराज तक्षक.
08:40लेकिन हाँ,
08:42यह उमीद जरूर थी
08:44कि हम आपसे बात करके
08:45आपका ऐदादा बदल सकेंगे.
08:53महाराज तक्षक, हम आपसे
08:56मित्रिता का हाथ बढ़ाने आएं.
09:16महाराज तक्षक,
09:18यदि आप युद्ध भरी आमादा हैं,
09:21तो हम आपको यकीन दिलवाते हैं
09:24कि ये युद्ध आपके लिए.
09:45महाराज तक्षक, हम आपके लिए.
10:15यह दोखा है!
10:17यह धरम की मिर्द है!
10:21बात तो बिल्कुल सही है तुम्हारी.
10:25लेकिन,
10:27खुजा के मुंदी,
10:29पूछे बशुन्दी,
10:33बता चलेगा किसी को,
10:36कैसे?
10:45बेवा़पूफ!
11:10तक्षक के महल में आकर,
11:12आचल में आकर तक्षक को धंकाने आयते.
11:23ये बहुत अच्छा हुआ, महराज.
11:26बिना किसी युद्ध के इतनी आसानी से
11:29इतने बड़े शत्रू का सफया हो गया.
11:34बात तो सही है तुम्हारी.
11:37थाँ, बड़ा शत्रू ये.
11:41लेकिन नहीं सबसे बड़ा.
11:51कहते हैं तारे महराज,
11:55कि नहीं आया है शत्रू,
11:57आपका सबसे बड़ा, सामने अग तक.
12:03लेकिं खुजा के मुंदी,
12:07बोले बसुंदी,
12:09नहीं होगा अन्दादा आपको.
12:12ताकत का उसकी, जब आएगा,
12:15सामने वो आपकी.
12:16खमोँश बसुंदी,
12:19वो कही भी हो, कोई भी हो,
12:22मैं उसे डोन निकालूगा,
12:25पर मैं तेरो तरे कुछल कर रख दूँगा.
12:38आपको प्रस्तुत करते हैं, आपको प्रस्तुत करते हैं,
12:42आपको प्रस्तुत करते हैं,
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13:55आपको प्रस्तुत करते हैं,
13:58बाद � repente...
14:00बाद 24 साथ
14:02क्या नहीं चीज़ाएँ?
14:13तो कासी लगी दुन।
14:16चल ये ले, ये तेरे ले,
14:19लेना
14:20हा 23
14:21अप तेरी बारी ख़दम और अब बारी है मेरे हर्याली दोस्तों की
14:28तो क्या सुनना चाहोगे?
14:51समझ गया!
15:21कैसा लगा?
15:52धन्यवाद! धन्यवाद!
15:54अब मैंने इतनी प्यारी धुन सुनाई
15:56तो मेरा एक मीठा आम तो बनता है न?
16:02धन्यवाद!
16:21धन्यवाद!
16:52देखा उसे?
16:54देखा तो नहीं लेकिन मुझे लगता वो यहीं कहीं चुपा है!
17:03वो रहा! वहाँ! चलो!
17:21हाँ!
17:52जरा देखो तो!
17:56चित्वन!
17:58तीरनदास!
17:59सबसे बड़े निशाने बास!
18:01पिलने तो अंगर तो नहीं सेंदा चित्वन देना तो यहीं बनता है!
18:06गुटना देखा पहले!
18:08गुटना, गुटना!
18:10मेरा बाग करना करना करना चाहते है!
18:13चित्वन, तीरन्दास, सबसे बड़े निशाने बास, अच्छे लग रहे हूँ?
18:23हाथ में कुलहार और दिमाग में पुरूसा.
18:29दारा, हमारा सबसे ताकतवर पहलवार.
18:34छोड़ दो, छोड़ दो मुझे.
18:37अच्छे लग रहे हूँ?
18:44चीकु, बहरूपियों का सरदार, क्यों?
18:50रस्यों से कला बाजी का शौक पूरा हुआ?
18:53या और करवा हूँ?
19:02भराति, हमारी जंगली बिल्ली, जिसके चाकु का निशाना तो कभी चूकता नहीं, पर आज तो चूक गया, क्यों?
19:10चीके चीके, मानते हैं इस बार फिर से तुम बज़ गये, लेकिन अब तो हमें छोड़ दो, खेल खातम हुआ.
19:18क्या, खेल खातम हुआ? नहीं, नहीं, नहीं, खेल तो अभी शुरू हुआ, खुद को बहुत बड़े योधा समझते हूँ न?
19:26शोर्या, तुम, तुम चोड़ जा, मेरी फिगर मत करो.
19:42शोर्या, रुखो जा, चोड़ जा. इन आदिवासियों का कोई परोशा नहीं, इन पर यकिन नहीं किया जा सकता, रुखो.
19:49शोर्या, हम गर्की को ऐसे भी तो छोड़ के नहीं जा सकते न?
19:55चलना शुरू करो रत्ति.
19:57नहीं शोर्या.
19:58जैसे मैं कहता हूँ वैसे करो, चलो.
20:25हम लोग क्या कर सकते हैं?
20:56रत्ति जाओ, मैंने कहा जाओ यहाँ से.
21:01शिंकु, चित्वर्ण, दाले रत्ति को यहां से लेके जाओ.
21:18रत्ति चलो.
21:19रत्ति भागो.
21:20रत्ति चलो वहाँ से.
21:21रत्ति.
21:25रत्ति चलो.
21:26रत्ति चलो.
21:27रत्ति चलो.
21:28रत्ति चलो.
21:29रत्ति चलो.
21:30रत्ति चलो.
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21:54रत्ति चलो.
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21:56रत्ति चलो.
21:57रत्ति चलो.
21:58रत्ति चलो.
21:59रत्ति चलो.
22:29आपको बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत �
22:59बाबा
23:29बाबा बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहु
24:00हम जानते हैं कि आप हमारी भाषा नहीं समझते हैं
24:04परन्तु दोस्ती के नाम का एक इशारा
24:08हजारों शब्दों से ज़्यादा भारी होता है
24:29मेर्सेन
24:59मेर्सेन आप से बादा करता है ऐसी गलती दुबारा नहीं होगी
25:29परन्तु दोस्ती के नाम का एक इशारा
25:59परन्तु दोस्ती के नाम का एक इशारा
26:12हजारों शब्दों से ज़्यादा भारी होता है
26:20एक बात और ध्यान से सुनिये
26:22ये आपकी आखरी गलती होनी चाहिए बस
26:43आये आये छोटे सर्दार
26:46ये फावडा काफी होगा आपके लिए
26:50परन्तु दोस्ती के नाम का एक इशारा
27:01परन्तु दोस्ती के नाम का एक इशारा
27:12हजारों शब्दों से ज़्यादा भारी होता है
27:19और जाकर शोरे से कह दो
27:23कि आज रात वो भी बाहर रहेगा अपने दोस्तों के साथ
27:27सजा है ये उसकी जाओ
27:31ठीक है सर्दार
27:48आज पहली बार एक घोड़े से जलन हो रही है
27:59आज पहली बार एक घोड़े से जलन हो रही है
28:08आज पहली बार एक घोड़े से जलन हो रही है
28:17एक घोड़े से जलन हो रही है
28:20अब रोने से क्या फायदा
28:22अगर इस चित्वन में पहली अपनी अकल नहीं दोड़ा ही होती ना
28:24तो हम सब बार बैठ के उस घोड़े के साथ चारा चर रहे होते है
28:27इसी के ही तो कहने पर हम गए थे
28:29शोरे के बीचे जंगल में
28:30तो मुझे क्या पढ़ा था मैं अपने साथ तीन घटों को लेकर जा रहा हूँ
28:34और ये तैराक सिंग्
28:37अपने दोस्तों को जंगल में पेडों से लटका कर तैरने चले जाते हैं
28:41तुम्हें पढ़ा है तुम्हारी विज़ा से
28:42आज हम उन आदिवासियों की दावत बन जाते हैं
28:47अब इससे क्या हुआ
28:51रती
28:52रती
28:58क्या हुआ
29:01तुम्हें मेरे लिए इतना बड़ा ख़त्रा नहीं उठाना चाहिए था शोरे
29:04ख़त्रा
29:05क्याजा ख़त्रा
29:06मुझे बचाने के लिए
29:09तुम्हें खुद को उन आदिवासियों की हवाले कर दिया
29:13अगर तुम्हें कुछ हो जाता तो
29:15पर कुछ हुआ तो नहीं ना
29:16सही सलामत हो
29:17और मुझे तुम सब पर पूरा भरुसत है
29:19कि कही न कही से तुम लोग मेरे लिए मदद जरूर ले कर आ जाओ
29:23और
29:24आगे से कोशिश करना कि इतनी भारी मदद भी न लिया
29:29बाबो को बताने की क्या जरूर थी
29:32खाओ खाओ मेरे योजासे परिशान हो गए
29:34नरास बैट गए
29:38अरे वाँ आराम से बैट गए सब लोग
29:41सलदार ने सजा दिया न तुमको
29:44बैटनी की जात नहीं है तुम मेंसे किसी को भी
29:47अब इतनी देर से खड़े बस थोड़ी देर बैटने देते
29:50बिल्कुल नहीं
29:51आज तुम लोगों की वज़े से मुझे भी सलदार की डाट खानी पड़ी
29:55अरे तुम लोग ऐसे मुर्खमों वाले काम करते ही क्यों
29:57तुम्हें पता है कितने आदमखोर है वो आदिवासी
30:03क्या बाबा अभी नगास है
30:06हूँ बहुत
30:10सब मेरी गलती है
30:13छोड़ी घास मेरा मतलब कुछ खाने को मिलेगा
30:17नहीं खाना पिना कुछ नहीं
30:19और खबरदार जो बैटने की कोशिश की
30:21नहीं तो सदार को जाके बता दूँगा
30:26बहुत रात हो गई है
30:28अब मुझे चलते कुछ खा लेना चाहिए
30:34ये तो...
30:36कुछ खा लेता हूँ
30:37हमारा क्या होगा
30:38इससे तो अच्छा था वो आदिवासी हमें पकड़ लेते
30:43सुनो अभी भी देल नहीं होई
30:45चले जाओ
30:46हम तुम्हें मना नहीं करेंगे
30:51तुम लोगी तो सिर्फ भूक मरी है
30:53अगर मुझे खाना नहीं मिला
30:55तो मैं ही मर जाओंगा
30:57कुछ तो खिला दो
30:59कम से कम जैर खिला दो
31:15दादी
31:46आदिवासी
31:48आदिवासी

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