00:00पदा रहे हैं वही
00:02गल्पी के महाराज कुमार सिमा
00:30पदा जी
00:48पदा जी
00:54आक्रमन योद्ध या यालगार
00:56जो अचानक मुझे बुलाने की वज़ा
00:59करना नहीं है आकरमण
01:03हवा है आकरमन गल्पी राज पर
01:07खबर है एक बुरी राजकुमार सिमा
01:10तुमहारी बेहन और हमारीराजकुमारई सुहानि
01:15जा हुआ है राजकुमारी सुहानि को
01:20उसका अपरण हो गईया है
01:22क्या
01:23हमें वो गुस्ताख लड़्के चाहिए सिम्मा.
01:27जिन्दा या मुर्दा?
01:54मैं कहा हूँ?
01:57वर्णा नजाने क्या होता?
02:01और.. और आप.. आप कौन है?
02:11बाबा.
02:15अब..
02:17बाबा, बाबा, बाबा, बाबा, बाबा, बाबा, बाबा,
02:22अब मेरे सिवाएं मेरे बाबा को और कोई बाबा नहीं बुला सकता.
02:27तुम कहां से आई हो?
02:29और तुम ये जंगल में कैसे पहुँच गई?
02:33रास्ता भटग गई थी क्या?
02:35और बेच तुम बेहोश कैसे हो गई?
02:38दादी, ये सारे सवाल आप बाद में भी पूछ सकती हैं.
02:42बाबा, अगर हमें थोड़ी तरह और खाना नहीं मिला ना,
02:46तो हम लोग बेहोश हो जाएंगे.
02:47हाँ दादी, बहुत भूँख लगी है.
02:50ठीक है बेटा, अच्छा बच्चो?
02:53आगा दादी, खाने में क्या बनाया है?
02:56बताती हूँ, बहुत भूँख लगी हूँ.
02:59चल.
03:11इधर भी. ये लो, ये लो.
03:13शुर्या.
03:15शुर्या.
03:20अच्छा बेटा,
03:22तुमने बताया नहीं कि कौन हो तुम और चंगल में क्या कर रही थी?
03:27आ, वो, वो, उस पार की तरफ से है.
03:30हाँ दादी, ये तो रात बार मंदिर में ही बिठाना चाहती थी, क्यों?
03:33अच्छा.
03:34हाँ दादी, अच्छा, अच्छा, अच्छा, अच्छा, मैं सब समझ गईं.
03:40थोड़ी देर पहले, जब तक ये बेहोष थी,
03:43तो तुम लोग इसके बारे में कुछ नहीं जानते थे.
03:47और अब, सब को पता है ये कौन है,
03:50कहांसे आई है, दिर में सोना चाहती थी,
03:53सब जानते हो तुम लोग, हाँ?
03:55चे, तुम लोगों को तो नाट़ा करना भी नहीं आता.
03:58बस, बहुत हो गया.
04:03शौर्या, इस समय तुम्हारे बाबा यहां नहीं है.
04:07मुझे सब सच, सच बताओ, ये सब क्या हो रहा है?
04:11दादी, मैं सच मुझे काम लड़की हूँ.
04:13वो, वो, पहारी, पहारी...
04:14चॉ!
04:17सब जानती हूँ मैं.
04:20तुम एक राजकुमारी हो.
04:28क्या?
04:29राजकुमारी?
04:37नहीं बेटा, मैं जानती हूँ
04:39कि तुम एक आम लड़की हो.
04:45दादी, आपने तो हमें डराई दिया था.
04:50चा बेटा, नाम क्या है तुम्हारा?
04:52दादी, इसका नाम नित्या दादी, नित्या.
04:57इसको यह बोलना आता है.
04:58दादी, यह भी बोलती है, बोलो ना.
05:02कितना सुन्दर छेहरा है.
05:04मेरे लिए तो तुम किसी राजकुमारी से कम नहीं हो.
05:10जी, जी हुआ.
05:12जी हुआ? हाँ.
05:20मुझे जैसा मन चहावर ही मांगना.
05:32नित्या, यह है हमारे सोने का कमड़ा.
05:36अच्छा है, न?
05:38यह? हाँ.
05:42हाँ, अच्छा तो है.
05:44लेकिन, तुम सब एक साथ किसी कमड़े में रहते हो?
05:49नहीं, नहीं.
05:50जीकु, चित्वन और दारा के घर,
05:52यहाँ से कुछ ही दूरी पर है.
05:54और, तुम्हारा घर?
06:02जीकु, इसलिए हम सब ने इसे अपना ढेरा बना लिए.
06:05और, कभी-कभी राँख को भी,
06:07यही रह जाते हैं.
06:08इसलिए तो, सब अपने बिस्तर और चादा,
06:11यही रहते हैं.
06:12अरे, ये चादर है, न?
06:13जीकु की है.
06:15और, वो बरनी देख रही हो?
06:32क्यों? क्या हुआ?
06:36मार दिये गए.
06:38हमारे पहादुर और शक्तिशाली महराज के आदेश से.
06:43क्या?
06:53ये कब हुआ?
06:55दो साल पहले.
06:57छोड़ो ना.
06:59पर मेरे दोस्तों ने, शौरीय के परिवार ने मुझे
07:04कभी मैसूस ही होने नहीं दिया
07:06कि मेरा इस दुनिया में कोई नहीं है.
07:09दादी मा, वो हम सबकी मा जैसी है.
07:12और वीर चाचा,
07:15वो तो हम सबको बहुत चाहते हैं.
07:17वो तो हम सबको बहुत चाहते हैं.
07:19लेकिन रती, महराज को तुम्हारे माता, पिता से
07:22क्या तुष्मनी हो सकती है?
07:27आज तो ये बच्चों की तरह शिकायत करने वाला है.
07:30कौन शिकायत करने वाला है?
07:32और कौन? शौरीय.
07:34पर उसे समझा देंगे.
07:36एकी दिन की दो बात है.
07:38क्या समझा देंगे, रती?
07:39मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा.
07:41ये चार पाई देख रही हो न?
07:43शौरीय की है.
07:44पर आज तुम इसे समझ कर सकती हो.
07:47लेकिन मैं इसका क्या करूँगी?
07:49क्या करूँगी मतलब?
07:51चार पाई का लोग क्या करते?
07:53सोगी इसपर.
07:54तुम भी ना कैसे सवाल करती रहती हो?
07:57सोगी?
07:59हाँ.
08:00हाँ.
08:01सोगी.
08:03चार पाई पर लोग खाना थोड़ी खा सकते.
08:07लेकिन, रती, कैसे सोगी?
08:11इसमें तो इसने सारे छेद है.
08:14तो?
08:15छेद से थोड़ी फिसल जाओगी.
08:17और एसे भी घर में इससे अच्छी चार पाई नहीं है.
08:23रुको.
08:24मैं रस्ती कस देती हूँ.
08:26फिर और मज़बूत हो जाएगी.
08:28ये...
08:30ऐसे विस्तर पर लोग कैसे सोते हैं?
08:45अरे... रस्ती, तुम अभी क्यों बैट गई?
08:49मैंने तो इससे ठीक भी नहीं किया था, हाँ दो.
08:51उठाओ मुझे.
08:55अरे, अब तो मुझे ये फिर से ठीक करना पड़ेगा.
08:59शौरिया ने छार पाई को इस हालत में देख लिया,
09:02तो वो तो मुझे मार ही डालेगा.
09:16वहाँ से, हाँ, हाँ कसके, कसके.
09:19नीचे नहीं, उपर, उपर.
09:25कौन सी बात?
09:26वो दासी, उसके सामने आता ही तुम्हें हो गया जाता है.
09:30कौन सी दासी? अच्छा.
09:32वो दासी, क्या हो जाता है मुझे उसके सामने?
09:35कुछ भी तो नहीं?
09:37अ, बरुम आश्वारे.
09:39तब को पता है कि जब से तुम ने उसको देखा है,
09:42तुमारे होश ठिकाने नहीं है.
09:44आरे, मैं तो उसके सामने भी, खुशी जता रहा था.
09:48खुशी, उसे धन्यवाद कहा रहा था.
09:50उसे, उसे, उसे कह रहा था कि,
09:53बस यही कह रहा था कि तुम कितनी अच्छी है,
09:58हमारे कितनी मदद की उसने,
10:00अगर आज नहीं होती तो, हमें आज राथ का खाना नहीं मिलता.
10:03आह, तुम तो अंतर यामी हो,
10:06मतलब तुमें महल से ही बता चल गया था,
10:08कि आज का खाना हमें वो दिलाएगी, नहीं?
10:10शौरे, तुम मान क्यों नहीं लेते?
10:12तुम उसे पसंद करते हो न?
10:14बस करो तुम लोग, दिल का ताल बना देते हो.
10:17अरे, तुम इन लड़कियों को जानते नहीं हो, शौरे.
10:19शौरे, जड़ों से जड़ा शेष लोगों से कैसे काम निकलवाय जाते हैं?
10:23ये इसमें माहिर होती हैं?
10:24चित्वन सही कह रहा है.
10:26देखो शौरे, हम तुम्हारे दोस्त हैं.
10:29तुम्हारी फिकर करते हैं.
10:31तुम जितना जुकोगे ना, वो तुम्हे उतना ही जुकाईगी.
10:34शौरे, मजबूत बनो.
10:36चाल में ऐसी अकड लो.
10:38उससे जताओ, कि यहाँ पर तुम्हारा राज चलता है.
10:42फिर देखना, तुम्हारे एक इशारे पर ऐसे नाशती हुई आईगी वो.
10:47सच? दारा सही कहा रहा है, शौरे.
10:49तुम्हे और मजबूत बनना होगा.
10:51उस दिन देखा नहीं महल में जब मैंने उससे अकड कर बात की,
10:54तो कैसे एक राजकुमारी भी दासी की तरह बरताव करने लगी?
10:59बात तो सही है तुम्हारी शिफन.
11:02ये खाने से काम नहीं बनेगा.
11:06बिल्कोल नहीं.
11:09अकड. अकड. अकड. अकड.
11:12अकड दिखानी होगी.
11:14मजबूत. मजबूत.
11:17तुम्हारा राज चल जाएं यहाँ पे. राज? आई.
11:25अब देखना तुम सब शौरे का रमाब.
11:31मगर पसंद करते हो.
11:38यहाँ हो रहा है यहाँ पर?
11:40कहा? कुछ भी तो नहीं. बाते कर रहे थे हम लोग.
11:52तुम लड़कियों के पास बात करने के सिवाई
11:55और कोई काम नहीं है क्या?
11:57बात करनी है. बात करनी है तो.
12:00बाहर जा के बात कर.
12:02चलो चलो जाओ. हमको सोना है यहाँ पर.
12:04नहीं.
12:06हाँ तुम लोग अभी नहीं सो सकते.
12:08तुम लोग बाहर जा के एक ओर चक्र लगा के आओ.
12:11चब तक हमारी बाती पूरी हो जाएगी.
12:14हाँ, रती ठीक कह रही है.
12:17तुम लोग बाहर जाओ और चक्र लगा के आओ.
12:24जाओ.
12:30हम बहर जाके चक्र लगा के आओ.
12:32एइ, रतो.
12:35बिल्कुल नहीं.
12:36तुम लोग को बात करनी है ना.
12:37तो तुम लोग बहर जाओ.
12:38हम लोग के यहाँ पर सोना है.
12:39जाओ.
12:40चाओ, आँ, बिल्कुल.
12:43वैसे भी, खुली हवा में गपशब करने का
12:45तो मज़ा ही औरें.
12:47समझे? चाओ बाहर.
12:48बस थोड़ी देर और.
12:52बस थोड़ी देर.
12:53रुबाप रुबाप.
13:07ढूसतो।
13:11मुझे थोड़ी यहापर गुटन जासी माइसूस हो रहा है.
13:16क्योँ नहां हम बाद में आए?
13:20सायऽ.
13:21बिल्कुल नाई, रुबाप ज़ाता हो रुबाप.
13:24हाँ.
13:26मुझे वैसे ही बहुत नीन आ रही और
13:28हमारे सोने का वक्त हो गया है.
13:31इसलिए मैं जा रहा हूँ सोने.
13:34चलो, बार जा, बार.
13:35नहीं, नहीं, चलो, चलो, चलो, चलो, चलो, चलो.
13:37शौरीय, शौरीय, देखो मेरे देखो.
13:38बार सुनो.
13:39चलो, चलो, चलो, बार, बार, बार.
13:47किस नहीं किया ये?
13:48हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा, हा
14:19सारा जहाए ये दासता
14:27ठह रहे है कहाँ भारडर वृपन
14:35उसके निशा
14:41तुम नहीं कभी नहीं सुद्राऊगे
14:44पढे रहो हस्थ, हस्थ यहाँ पे
14:48अब शायब मुझे कोई हाद देखा?
15:18अब मैं, मैं खुद ही उठाता हूँ
15:42अब मैं, मैं खुद ही उठाता हूँ
16:12अब मैं, मैं खुद ही उठाता हूँ
16:42राजकुमार सुमा
16:45क्यों नहीं सुझा हमें ये पहले?
16:48आप से और उमीद भी क्या की जा सकती है पशुन्दी?
17:02महल में राजकुमारी सुहाणी के सबसे घरीब कोन रहता था
17:06महराणी और उनकी तासियां
17:12राजकुमारी की प्रमुख तासी से पूछताच की तुमने?
17:18मैं वो..
17:19लेकर आओ उसे
17:22जी राजकुमार
17:27हमारे अस्तर लाओ