00:00लोगों की परिशानी को कम करने का सरकार की नियत है
00:04और सरकार का ये प्रियास है
00:06कि बहुत से लोगों का परिवार में बटवारा हुआ
00:11दाडा जी के समयं बटवारा हुआ
00:13कुछ भाई ने जमीन बेच दिया
00:14कुछ लोगों ने जमीन अपने पास होल किया है
00:16मैं समझता हूँ कि अगर ये प्रॉपर सर्वे अगर हो जाएगा
00:19तो बहुत से जमीन के लिए जो विबाद है
00:22मान ये नेता नितीष कुमार की ये सोंच है
00:25कि लौ और ओडर को लेकर के जो घटनाय हो रही है
00:28उसमें जादा तर घटनाय जमीन से संबंदित है
00:32और जमीन में अगर सर्वे हम प्रॉपर करवा लेंगे
00:35तो ये जमीन की समस्या भविष्ट में आने वाले समय के लिए खतम हो जाएगा
00:39उस नियत से ये सर्वे कराया जा रहा है
00:41लेकिन कहीं कहीं सुनने में आता है
00:44हम लोग भी नीचे से ख़बर आती है कि सर्वे में
00:47तो उन सब चीज़ों को रेक्टिफाई करने के लिए
00:49सर्कार भी अपने तरह से पॉलिसी बना रही है
00:52और हम समस्ते हैं कि इस सर्वे के बाद
00:54बहुत सी जो समस्या हैं जमीन से रिलेटेड है
00:57उसका हम्याजा हो जाएगा उसको पुरी तरह से हम लोग
01:00ख़तम करने में सच्छम हो पाइजा
01:02देखिए ऐसा है कि हम मानते हैं और हमारा ऐसा सुनुचना है
01:06ये मेरा विक्तिकत राय है ये पाटी की राय नहीं है
01:09पाटी की क्या राय है पाटी के स्पोक्सबस है
01:12लेकिन विदेशी सर्जमी पर किसी भी तरह की देश के प्रती
01:17कोंसोलिडेशन का भाव होना चाहिए
01:20देश के प्रती समग्रता का भाव होना चाहिए
01:23देश के प्रती उनर्ति का भाव होना चाहिए
01:25अगर अटल विहारी वाजपयी जी का जब विपक्ष में थे
01:29और भारत का प्रतरिजित कर रहे थे इवनों में
01:32उनके भासन को सुनिये
01:34किस तरह से उन्होंने देश के मान सम्मान की बात किए
01:37कोई भी नेता अगर विदेशी सर्जमी पर जाता है
01:41वो देश की उन्हती का और देश को आने वाले समय में
01:44हम कैसे सुपर पावर बना सके उसकी बात होना चाहिए
01:47जिससे कि लोगों को लगे कि देश इतमें सभी राज्यतिक दल एकमुस्त हैं
01:51एक साथ हैं और देश के अंदर जो आपको बात करना हो बात करें
01:55विदेशी सर्जमी पर देश के प्रती या देश की इंटरनल पॉलिटिक्स की अगर चर्चा आप करीएगा
02:01तो उससे देश की चरीग खराब होता है