00:00इत्तर जातिया नी इत्ता जर्मान ची लोका तेंचे देंचे पोशा गालो नेता तापन पने बेसिक चीज फोलो केली पाईजे
00:06Everybody must come with a proper district, with a sari and district, it is a good district
00:12नाइ, या ने राइजो गेत लेला ये तो उचीता चाहे, जमा पन मंदिरा चागाबारत ये तो त्यावलेस पूर्नडरीज परिधान केलेला आस्वणा खूब गर्जे चाहे
00:21साड़े तीन शक्ति पिटान पेखी एक असनारे करुईर निवासीनी आंबाबाई मंदिर
00:27कुल्हा पुरातीली या मंदिराला पहेड़ देना साथी राज्या थुन तसे देश भरा थुन लागपु भावी केतस्ता
00:33मातर याज मंदिरा मादे आता येताना तुम्ही योग्य पध्धतीने पोशाक परिधान करना गरजेचा ही
00:39कारण पश्ची महाराष्टा देवस्तान समीती चावती न भावीकार्णी दर्शना साथी येचाना पारमपरिक फोषाग परिधान करनाचा आवाहन करना तालेला ही
00:47तोगणेक अपड़े आहे जे अम्माबाई देवी से दर्शन करना साथी तैस बरबर कोल्हापुरातील तक्खन चा राजा जोतिपा याचा दर्शन करना साथी जर तुम्ही परिधान केले तर तशा पत्धती ने तुम्हाला प्रवेश आहे जो देव दर्शना साथी मेना न
01:17कि अट पर वकानी आ लाखो एतबर तो जर जली उना भॉकानी याठीकानी भाविकानी ये था ना पारमपारी पोशा करना सा आहान करना था लेलने कसा बक्ते सीयों लै '' undertia'
01:26बरोबर है माझा इस्वबात तर पारंपारी गालुनियाँचा इतर ठीका निये इतर जातिया निये इतर धर्मान ची लोकत देंचे देंचे पोशा गालुनिया तर आपन पन ये बेसिक चीज़ फोलो केली पाईजे
01:38आजबर और भावी कानना का आवाहन करशिर मनचे अचा पत्तिने को लापुषांबबाई मंदिरा जोतिवा मंदिरा या अदी सिद्धिवे ने एक मंदिर असल कि इतर मंदिरान मदे कोखुणा तिल काई मंदिरान मदे देखिल पोशा काचा हाट रेसकोड आहे जो लागो कर
02:08अचा स्थिकानिया पर ने सगे कोशा घालून अपली संस्कृति वाडू शक्तों काई अजुन काई भावी काहे तैंशकर ना पंट सार्म गेना रहा हो कि तैनना नेमका काई वट ताहाजो निरने के तले लाहे देवस्तान समीतने या विशाई
02:22अब कोरते हैंक कोशा काता झाला था कण दरिशन घाला चाहें काका मला थरभाष टाभ्यमतीथ कि अवे प्रॉपार्य नेमक्ट्रमों अणिया मंदिर एक स Nope छ राए कनलता प्रमाग्य कौु법 पर नेमक्यूं अचुजुम।
02:34कुल्भापूर मदे अंबाभाई मंदिरात एक निर्णाय गणाताल है, पारंपरी कोशाका तस भाविकानी दरिशन गणाचा है, कसा बक्ताईया निर्णाया कड़े?
02:41चांगला है, मला तरवाट्टा कि everybody must come with the proper this thing, with the saree and this thing, it is a good decision.
02:50मामा, कुल्भापूर्शांबाभाई मंदिरात आनी जोतीबा मंदिरा मदे पारंपरी कोशाकात प्रवेश दिला जाना रहे, गसा बक्ताईया निर्णाया कड़े, किती आवशक वाटता है?
02:59खुप आवशक है, आपने भारते संस्कीत परमाने सर्वानी जेंड सलेडिंग वागाला पाईजे, इतरत्रे परदेशाचे आनुकरून करना करूंकाय वाला लागला जास्ती, पूरू शानिस्त्रिये उगडे नागडे भाला लागले, तेनिक आवटता बक्ते भ्योग्य
03:29आपने भाला लागले, आपने भाला लागले, आपने भाला लागले, आपने भाला लागले, आपने भाला लागले, आपने भाला लागले, आपने भाले लागले, आपने भाले, आपने भाले, आपने भाले, आपने भाले, आपने भाले, आपने भाले, आपने भाले, आप
03:59दुर्ष्टी कोनी चेल्जी उतो शगलेंचा आणी इथे पूर्ण पड़े ये ना हेच आनिवारी आए ते तो निरने अतीशे उत्च घेत लेला
04:09कोल्खापुर आतील अम्बबाई मंदिरा दूरम आपन है सगया सगया सह भाविकान चाहे जा प्रतिकरिया जानूंक थे ले
04:15कुल्हापूर मदे भाविकानी दर्शना साथी येतना है जे पारंपारी पोशाक परिधान करना गर्जेचा है तोकडे कपडे घातलेले अस्तिर तर अंबावाई मंदिर परिशरा मदे आ है जे पुरुशान साथी सोड़ देना देना रहा है आणि त्या मुलेच कुल्हाप�
04:45क्या मुल्हाप।
04:46क्या मुल्हाप।