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The people of Anatolia were forced to live under the circumstances of the danger caused by the presence of Byzantine empire while suffering from Mongolian invasion. Kayı tribe is a frontiersman that remains its' presence at Söğüt. Because of where the tribe is located to face the Byzantine danger, they are in a continuous state of red alert. Giving the conditions and the sickness of Ertuğrul Ghazi, there occured a power vacuum. The power struggle caused by this war of principality is between Osman who is heroic and brave is the youngest child of Ertuğrul Ghazi and the uncle of Osman; Dündar and Gündüz who is good at statesmanship. Dündar, is the most succesfull man in the field of politics after his elder brother Ertuğrul Ghazi. After his brother's sickness emerged, his hunger towards power has increased. Dündar is born ready to defeat whomever is against him on this path to power. Aygül, on the other hand, is responsible for the women administration that lives in the Kayi tribe, and ever since they were a child she is in love with Osman and wishes to marry him. The brave and beautiful Bala Hanım who is the daughter of Şeyh Edebali, is after some truths to protect her people. For they both prioritize their people's future, Bala Hanım's and Osman's path has crossed. They fall in love at first sight. Although, betrayals and plots causes major obstacles for their love. Osman will fight internally and externally, both for the sake of Kayı tribe's future and for to rejoin with Bala Hanım by overcoming the obstacles they faced.

#KuruluşOsman #BurakÖzçivit #ÖzgeTorer

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Transcript
00:00तो फिर आज आए मैदान में, देखाए अपनी बहादुरी
00:13कभी भी मश्क से कुरेज नहीं किया मैंने, तो चले फिर अपनी महारत दिखाए
00:21हाँ जरूर, बिस्मिल्लाहिर रह्मानिर रहीम
00:30है कुरत तयार हना तो?
01:00का मियमा तो
01:10तो जरूरून जरूंसचो नहीं कुरतुर सुटर सुटतुर सुटत्री
01:21बहाँ भुलतरू थिर्ट
01:27माशाला, माशाला
01:33माशाला
01:38क्या बात है, माशाला
01:45इन्हों ने आपको बुज़ुर्ग कहा, मगर
01:47दो सिपाईयों के एक साथ पचाड़ दिया आपने
01:50शुक्रिया, तुम लोगों की कलाहिया मजबूत है
01:54दुश्मन को पचाड़ने के लिए
01:56बहुत शुक्रिया, बहुत शुक्रिया
01:59अच्छा, ये तो बताएं, मेरी कलाहि मोडने वाले
02:03और मेरा हत्यार गिराने वाले
02:06इस बहादुर जंग्जू का नाम क्या है?
02:10अल्ला की राह में दीने हक के लिए लड़ने वाला एक सिपाही हो
02:14और कुछ नहीं
02:16माशाला
02:26सुना है के वो शेहनशा से मिलने गए
02:28क्या जाने की बज़ा बता सकते हैं मुझे?
02:35हमें नहीं मालूम कि किसलिए गए हैं
02:37हम भी अपने सरदार की राही देख रहे हैं
02:40जब वो यहां आएंगे
02:41तब ही पता चलेगा सरदार का क्या हुक्मन है हमारे लिए
02:56अस्मान सरदार
03:06इस दोर अमन में आपको दोस्ताना अंदाज में अपने सामने पाकर अच्छा लगा
03:13दावत कबोल करने का शुक्रिया मुझे खुशी हुई
03:19हवारा यहा पर आना
03:21हवारा कभी न खत्म होने वाला जनून है
03:25अजीम शेहनशा दुर निकोर्स
03:28क्या यहीं खड़े रहेंगे
03:32तश्रीफ लाइए
03:55देखा जाए तो वक्त के साथ आपकी तवानाई में कभी नहीं आई
04:03ना तो बुड़े होए ना वक्त ने थकाया आपको
04:07ना तो जिहाद थकने देता है
04:10ना बाजन्दीनियों की चाले
04:13ना काम साजशे और बगावत के बावजूद
04:18बुरसा को ग्लाडियोस की सरकशी की वज़ा से
04:22मंगोलों के हवाले कर दिया गया
04:25उसके बावजूद ये खुशी
04:29आप हजार हाथ सालों से काईम रूमी सल्तरत की बात कर रहे हैं रुसमान सर्दार
04:35जिसने बहुत से खेल रचाये
04:41अपने कठिन तरिंदोर में अगर धोका भी खा गए
04:44उसके बावजूद उटखड़े होए
04:46क्यूंके हमारी बुनियादे मजबूत है
04:49दुनिया के आदे हिस्से का हाकिमाओ
04:55अपनी बनाई शहराओं से
04:58और आया सुफिय जैसी बेमिसाल इमाराब से
05:01दुनिया को हमने तहजीब से रौशनास कराया
05:04और हाँ इसके इलावा
05:08नुकसान उठाने वाली वाहिज सल्तनत बाज़न दीनी नहीं है
05:12मैंने सुना है
05:15कि इलहानी मंगोलों ने
05:17आप लोगों से कबीले चीन लिया है
05:20तो रुक अगर कुछ खो दे
05:31तो हर्गीज वो उसे वाबस लिये बगएर सुकून से नहीं बैठता
05:38एए अंदूनिकोस
05:42या तो होगा जब मेरे अज़दाद इस सल्तनत के लिए खौफ बने थे
05:47चाहर बे अर्दून बे
05:49हाँ या तो होगा
05:52वो भी अपने कवाईल खो बैठे थे
05:54गजनी और करकानियों के हाथ हो उन्हें कमजोर जाना गया
06:01मगर मेरे अज़दाद का जनून
06:05इस खदर मजबूत था
06:07कि मलासकर्द में
06:11उनकी तरफ से खुलकर जवाब दिया गया
06:14उस वक्त से लेकर आज तक
06:19तुर्कों का मकसद और दास्तान हर्गिस नहीं बदली
06:23हम अगर उन कवाईल को खो भी दें
06:27और कितना ही मुश्किल वक्त हो जाए
06:31हम फिर सजी उठेंगे
06:33और यही नहीं
06:40सल्तनत भी काईम करना खूब जाते हैं
06:44देखिए यह शक्सी आहया या निजात का मामला हर गिज नहीं है उस्मान सरदर
06:50आज के हालात हमसे सरहदों के मुस्तक्बिल के लिए
06:54बाजन तीनियों और काईयों के आने वाले कल के लिए
06:57इत्तिहात का तकज़ा करते हैं
06:59मेरी बात सुनिये
07:06जब मैंने आपकी जान बचाई थी तो आपने मुझे सुला की पे इशक्ष की थी
07:13मगर वो सुला
07:17सिर्फ गदारी ही लेकर आई है
07:20हम लोग इस वक्त मंगोलों से नबुद आजमा हैं
07:31इस वक्त इत्तिहादियों से गद्दारी सरहदों में तबाही लाएगी
07:35बलकि इस वक्त मेरी खाहिश तो ये है
07:39कि दिफा के लिए शुरू होने वाला हमारा ये इत्तिहाद
07:43तिजारत में भी आगे बढ़े
07:45मुश्तरिका बाजार काइमाओं तिजारत करें हमारे साथ बगएर महसूल के
07:53तो क्या ठीक समझा मैं कि यहां इन सरहदों में
07:59काईयों के बढ़ने से काईयों के मजबूत होने से
08:03कोई खौफ नहीं है आपको
08:07मुझे किसी से खौफ नहीं है उसमान सर्दार
08:10हमारे साथ इत्तिहाद में रहते हुए
08:16मगरिब पर कोई धावा मत बहले
08:18काईयों का अपने हुदूद में रहते हुए
08:22ताकतवर होना
08:23हमारी मश्रिकी सरहदों को महفوظ बनाता है
08:27बुर्सा के नुकसान का सबब बनने वाला ग्लाडियोस
08:31जिसने मंगलों की गुलामी कुबोल की
08:33अगर आप उसको शकस दें असमान सर्दार
08:37तो इससे हम लोग आपके दुश्मन नहीं
08:40बलके हमेशा दोस्त होंगे
08:43आपको तो किसी का खौफ नहीं
08:50हम अगर सरकश कमांदर ग्लाडियोस उससे नराज हैं
08:58वो गद्दार है
09:00मुझे उससे खौफ नहीं
09:02असल मसाला उसका बाजन दीन को दिया हुआ सखम है
09:06आँखों में आखें डालने वाले दुश्मन को
09:09पीट में छुरा घूपने वाले गद्दार से ज्यादा तरजी देता हुआ है
09:13ए बासंतीनी तु कमजोर सिपाई है मगर
09:35लड़ता बुरा नहीं है
09:38देखो तम मेरे सामने इतने कमजोर हो के मेरा कुछ नहीं बिगाड सकती
09:54बासंतीन नहीं है
10:11गुजार, तुवारा दुश्मन मैं नहीं, अपना ये खुछ सा उस्मान पर निकालो
10:29मेरा दुश्मन सिर्फ उस्मान नहीं है, इस से जमीन को कोई मुसल्मान मेरे गहर से बिलकुल भी नहीं बच सकता
10:46जब मेरी फौज यहां पहुँच जाएगी, तो गर्दन पर कोई सर बागी नहीं रहेगा
11:00कुछ
11:12कुछ
11:24यानि अगर मैं हमारे मच्टर का दुश्वनों को गिरा दूँ तो फिर ही हमारी दोस्ती दाइमी रहेगी है
11:36इस दोस्ती के बदले एक लशकर भी चाहिए होगा
11:48बल्कान में अगर इस वक्त में जंग में शरीक ना होता तो लशकर को रवाना कर देता
11:53अब चुक्के हम इत्तिहादी हैं तो आप लोगों को तक्वियत देने के लिए खाजाना दे सकता हूँ मैं
12:02खाजाना काफी नहीं जंग जीतने के लिए अगर लशकर नहीं होगा तो उस सुरत खाजाने से बढ़कर कुछ देना होगा
12:12देखिये अस्मान सरदार इस इत्तिहाद के बदले आप मुझ से बताईए खुल के क्या चाहते हैं
12:21काराजा बेश कला और उसके इरदगर तमाम सरजमीनों की हुकमरानी चाहिए होगी
12:30काराजा बेश कला मेरी सलतनत की शहर अक्यमानेंद है उसमान सरदार
12:36इत्तिहाद के नाम पर क्या आप मेरे टुकडे टुकडे करना चाहते हैं मताईए
12:40आप कमांदर ग्लाडियोस और उसके साथ जान से असीज बुर्सा दोनों गवा चुके
12:45अविजनिक और उसके साथ साथ दिगर शहर क्या ये भी मंगोलों को सौपना चाहते हैं
12:54अगर ऐसा नहीं चाहते तो मैंने जुका वो माल लीजिए
13:01मंगोलों को ठिकाने लगा दूँगा और इन सरजबीनों को भी महफूज रखोंगा
13:11जान की बाजी लगा कर साथ ना करूँगा हर एक का
13:16अजीम शेहनशाह
13:21सरकश कमांदार ग्लाडियोस
13:25जैसे ही कमजोर होगा मन्जर से हटा दिया जाएगा
13:31मुझे उम्मीद है कि तिजारत और दोस्ती हमेशा
13:49काईम और दाइम रहेगी
13:51इन्शालला
13:55इन्शाला आजीम शेहनशा
13:57मेरे सिपाही इन गने सरहदी रास्तों से यहां आएंगे
14:13वो दिन रात
14:15खामोशी से पेश कदमी करेंगे
14:19कुजार
14:23तुम्हारे सिपाही
14:25और मेरे सिपाही मिलकर
14:27यहां तमाम सरदों पर हुकुमत चलाएंगे
14:29और हम अपती ताकत के बल्बूते पर हर खित्ते में
14:33हुकुमत करेंगे
14:35पर्जोश लग रहे हो
14:42मनसूबा क्या है
14:46मनसूबा यह है
14:48उस बुड़े
14:50रूमी शैन्चा को तक्ष से उतार कर
14:53वहां मैं बैठूँगा
14:56रूम पर मैं हुकुम्रानी करूँगा
14:59मैं हुकुम्रानी करूँगा
15:05तुम
15:13सुनो
15:15ज्यादा सोचना सहित के लिए अच्छा नहीं है
15:18हानों के हान
15:20अजीम उलजाए तुहान की पना में
15:24सिर्फ तख्त पर ही बैठ पाओगे
15:26उसके लावा कुछ नहीं कर पाओगे
15:29कर दोगले कि उता है।
15:59हर चीज तैयार हो गई है ना कोई कमी तो नहीं हमारे सिपायों को कोई मुश्किल नहीं होनी चाहिए हर चीज साब के हुकम के मतापिक होगी वालिदा वालिदा ये सवारियां भी बाकियों के साथ जहेंगी ठीक दिखाना जरा
16:29क्या है इसमें ठीक है बांदो इसे ये चीजें भी देख लो जरा ठीक है ये सब काले जंगल के मरकज में जाएंगे अनाश को साइदार जगा में रखना ठीक है जो हुकम बाला खातूम चलो जाओ जल्दी
16:59अल्ला काम में असानी फर्माएं शुक्रिया बाला खातूम शुक्रिया बहुँ शुक्रिया अलहम्दोलिल्ला कैसी है शुकर है ला आगा ठीक हो अलल्ला आपके भी काम में असानी परे
17:29यही वो आदमी है
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