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  • 1 year ago
क्या इजरायल से अच्छे संबंध इस्लामिक देशों में भारत की छवि पर डालेगा असर? देखें दंगल

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00:00इस्राइल इरान युद्ध में कौन किसके साथ?
00:17क्या होना चाहिए भारत का आधिकारिक रुख?
00:20क्या इस्राइल के अच्छे सम्मंद इस्लामिक देशों में भारत की छवी पर डालेगा सर?
00:37अमेरिका रूस में से भारत किस पर करे भरोसा?
00:45भारत के राष्टी हितों के लिए इरान या इस्राइल है भरोसिमन?
00:50आज आज तक पर मिलेगा सभी सवालों का जवाब
00:58नमस्कार आप देग रहे हैं आज तक मैं हूँ गौरफ सावन्थ मेरे साथ मेरे सहयोगी सुमित
01:11पिछले नौ दिनों से चल रहे इस्रेल इरान युद में
01:14इस्रेल ने आज फिर इश्वाहन में इरान के परमाणू अनुसान दान केंद्र को निशाना बनाया
01:20इरान ने भी जबरदस मिसाइलों से पलटवार किया
01:23उत्री इस्रेल के हाइफा को निशाना बनाया है
01:27मध्यपूर में जो युद है उसकी आग लगातार पढ़ती जा रही है
01:33भारत में कुछ प्रश्ट पूछे जा रहे हैं कि भारत का इस युद पर क्या रुख होना चाल या रुख है
01:39सी वोटर पर ने एक सर्वे किया भारतवासियों का मन टटोलने का प्रयास किया
01:45और आज तक पर हम आपको वो सबसे बड़ा सर्वे दिखाने जा रहे है
01:50जी हाँ इस युद पर और इससे जुड़े कई पहलूँ पर क्या पक्ष है क्या उनकी राय है
01:57मिसाल के तोर पर सुमिद प्रश्टर या यह है कि भारतवासि किस का पक्ष सही मानते है
02:04इरान का या इस्रेल का भारत किसके साथ है भारत का उपचारिक मत क्या होना चाहिए
02:10इस तरह के कई सवाल है जो लेकर हम आज तक पर आजाएं है
02:15बिलकुल बिलकुल और गरव यही हम बताने की कोशिश करेंगे कि आकरकार भारत के देशवासी क्या सोचते हैं
02:20उनकी क्या प्रतिक्रिया है वो किस तरीके से युद को देखते हैं
02:23यह सारे सवाल आज इन जवाब हमें सी वोटर के सर्वे से देंगे
02:26और यह भी बताएंगे कि आकरकार इस समय की मौजूदा स्थिती क्या है युद की
02:30जमीनी स्थिती क्या है अचागर भारत को क्या तटस्त रहना चाहिए
02:35दोनों ही देशों से अलग ना इस्रेल के पास ना हमको होना चाहिए
02:40इस्रेल या इरान दोनों से दूरी बनाके रखनी चाहिए
02:45विस्तार से इस पर चर्चा करेंगे कई विशेश महमान हमारे साथ जुड़ेंगे
02:48ए मार्शल संजीव कपूर हमारे साथ जुड़ेंगे मेजर जनल के के सिना जुड़ेंगे
02:53Ambassador दिनकर प्रकाश श्रिवास्तव इरान में हमारे Ambassador रह चुके हैं जुड़ेंगे
02:57प्रनाय उपाध्याय मेरे सही होगी हमारे साथ जुड़ेंगे सुमित मेरे साथ यहाँ पर है
03:02विस्तार से सभी पहलूओं पर चर्चा होगी लेकिन जो सबसे पहला सवाल है
03:07इस्रेल और इरान के युद में आप किसका समर्थन करते हैं जब यह सी वोटर ने सर्वे किया
03:15कि आप इरान के पक्ष में है या इस्रेल का समर्थन करते हैं
03:21तो जो अपने आपको विपक्ष की पार्टियों के वोटर या समर्थक बताते हैं लगभग आप या आकड़ा देखिए 23.1 प्रतिशत वो इसरेल का समर्थक करते हैं और 30 प्रतिशत इरान का समर्थन करते हैं
03:36अच्छा आप इसी से बिलकुल अलग जो अपने आपको इंडिये का वोटर बताते हैं उनमें से लगभग 53.9 प्रतिशत इरान का समर्थन करते हैं महज 11 प्रतिशत इरान का बाकी सब इसरेल का समर्थन करते हैं तो ये बहुत ही महत्वपूर एक प्रशन हमने पूछा था सी �
04:06विपक्ष के 19 प्रतिशत वोटरों का मानना है कि इसरेल का समर्थन करना चाहिए लेकिन लगभग 31 प्रतिशत का कहना है कि इरान का समर्थन करना चाहिए वहीं दूसरी तरफ जो इंडिये प्लस के समर्थकों के अगर हम बात करें तो उनमें से लगभग 40 प्रतिशत उनका �
04:36है सब्छल अगर भारत्वासियों की बात की जाए सुमित तो जादा सवर्थन
04:41इस्सलरेल इस्ट ने के पक्ष में लगता है यही कि यही बात है कि हम लगातारी
04:49ख�ला क्वर कूँ की शर्वेश का रहें क्यों कि आपके सकते हैं के मन को टैटोलनी
04:56की कोशिश से और ये भी दिखाने की कि आखिरकार इस जुद को लेकर क्या प्रतिक्रिया है भारतवासियों में किस तरीके से तो इस जुद की परिस्ति को देख रहे हैं दोनों देशों में कौन क्या कर रहा है इसको देखकर उनकी प्रतिक्रिया क्या है ये जानना बहुत जर
05:26किया जा सकता है कि इस्रेइल की तरफ भारतियों का जुकाव कुछ अधिक है और अगर ऐसा है तो आपकी दृष्टी में क्यूँ
05:34सवाल का जवाब मैं नहीं दे पाऊंगा क्योंकि I have just come on line
05:42तो मैं आपका सुन नहीं बाया वो क्या आपके आँक्ड़े थे मगर मैं ये कहना चाहूंगा कि हमारे तो इरान और इस्राइल दोनों से अच्छे संबंध है और सिर्फ एक युद्ध को लेके मेरे ख्याल से जो भी long term हमारी
06:00की नीती या व्यू है उसको नहीं decide किया जा सकता है ए माशल कपूर दोनों ही देश इरान की बात करे या इस्रेल की बात करे दोनों ही देश भारत के strategic partners है लेकिन इस्रेल के प्रती क्या संबंध सैन्य दृष्टी से देखे या सामरिक दृष्टी से देखे जादा मजबूत
06:30करूंगा बट मैं डिफेंस के हिसाब से आप से कुछ चीज़े बताना चाहूंगा जिसको आप अपने हिसाब से आंकलन कर सकते हैं यह जो प्रेजेंट 13 जून से युद प्राराम हुआ है operation rising line यह बहुत ही मानिया में बहुत अलग तरह का युद है इसके अंदर कई चीज�
07:00बढ़ी भिन है अब भारत किसी भी खेमे का पार्ट नहीं है और जैसा कि अभी अमबेजरेजी ने बताया कि हमारे संबन दोनों देशों से बहुत ही अच्छे हैं और हाल के चार दिन के युद में हमने पाया कि हमारे को इसराइल ने काफी हद तक कई मामलों में हमारी मद�
07:30इवेक्वेट करने दिया भारत की बहुत ज्यादा इंवेस्टमेंट है इरान में चाहे वो चाहे बहार पोर्ट में हो चाहे उनके हाइवेज में हो चाहे स्कूलों में हो चाहे अस्पतालों में हो चाहे उनके इंफ्रस्ट्रक्टर डेवलप्मेंट में हो यह संबन बहुत
08:00है वो धीरे धीरे डिफंक्ट होती जा रही है जो पहले कभी भी युद स्टार्ट होता था तो इंटरनेशनल प्रेशर बहुत जादा बनता था एंड हम देखते थे कि उस यंग का या उस वार का तुरंट से हल ढूनने की कोशिश की जाती थे बट अभी तीन साल से उपर हो�
08:30हो रहे हैं एक नहीं तरह की चुनाथियां साथ लेके आ रहे हैं इसकी एक बज़ए ये बी है कि एरान और इस्रेइल हाला कि दोनों भारत के स्ट्रीडीजिक पार्टनर्स है लेकिन नजदी की रिस्पॉंडंस का क्या ये मानना है जो सर्वे में भाग ले रहे थे कि एरान
09:00जाहिंद गौरब देखे मेरा ये मानना है कि हम मैं इसको केवल यदि पूरा रिव्यू आदि करता हूँ आपरेशन राइजिंग लाइन से तो वो सही नहीं होगा
09:16ये बात है साथ अक्टूबर के बाद के से जो चला है और 2023 से और ये अभी तक का रेट्रिबूशन इस सारे एक कंटिवूस उसकी साइकल है और मैं इसको जोड़ता हूँ जो हमारे 22 अपरिल के जो हमारे पहल गाम में हुआ है वो more or less same है वही लाइन वही है तरीका वही है और
09:46है कि अपनी स्थित्व की लडाई करते हैं मगर ये अर फाइटिंग स्टैंड अलों मोड में विद अ कंप्लीट आतंग बाद और उसकी रजिस्टन्स जो एक्सेस अप्रिस्टन्स है इस सो स्ट्रॉम दिन नो कंट्री इन वर्ल कान फाइट अलों बट देह प्रवेल अप�
10:16है क्योंकि हम भी उसी चीज़ यदि हमने आज इट हस्टो बी अन प्रिंसिपल ये कहना कि दोनों देशों के साथ हमारी स्ट्राटिक पार्टनर्शिप है जरूर है इरान के साथ भी है इरान के लोग मेरा ये मानना है ये जो मुल्ला साह वाली जो 79 के बाद से जीज़े हु
10:46आप जाएंगे यदि आप जाएंगे तो एक आपको भले ही उना दें इंक्लूडिंग अरव वर्ल्ड के अंदर में और जो रैशनल है देशे जो आज 21st संचिर्यू को देख रहे हैं वो आपको मिलेंगे उनकी हाट विल बी ऑल्वेज बिस रहे है इडिस नॉट डाट हम �
11:16इंडिस्टिंग आपका पर्स्पेक्टिव है सर हमारे ऐसे लोग जो इसको आकलन करते हैं प्रणाय मेरे सहयोगी में आरे साथ जुड़ रहे हैं प्रणाय क्या इरान धर्म के नाम पर कश्मीर के मुद्दे पर इससे पहले कई बार पाकिस्तान का साथ देता रहा है क्या य
11:46कि दोनों हमारे स्ट्रीजिक पार्टनर्स हैं दोनों हमारे बहुत करीबी मित्र हैं दोनों ने कई बार भारत का साथ भी दिया है किस रूप में आप देखते हैं सर्वे के नतीजे को देखिए गौरब विदेश नीती जो है वो पॉपुलर जनमत के हिसाब से चले यह जर�
12:16लेजर गाइड़ बॉम्स की जरूरत थी उस समय मिराज के अंदर लेजर गाइड़ बॉम्स देने वाला मुलक भारत के लिए इसराइल था इसराइल ने भारत को बं मोहया करवाय थे इसके अलावा भारत की आगरिकल्चर का इशू हो चाहे भारत के साथ में वेपन ट्रा �
12:46होते हुए या कश्मीर के मुद्वे पर पाकिस्तान को गडगरे में नहीं खड़ा किया भारत और भारत के लोग भी ये तमाम चीज़ें देखते हैं कई बार विदेशनीती की जरूरत होती हैं आपको अपने इंटरस्ट को डाइवर्सिफाई करना होता है लोग टर्म इं�
13:16इतने भी दर्शक हैं जो बहुत ध्यान से इसे देख रहे हैं और जो पैनल पर हमारे साथ हैं ये जो पहलू है ये गंभीर है क्या भारत की इसरेल के साथ करीबी जो संबंध है उसकी छवी इसलामिक दुनिया में भारत की छवी को प्रभावित करती है ये बहुत महत्वप
13:46करती है एंड़िये के जो समर्थक हैं केवल 23 प्रतिशाद के तैवी को प्रभावित करती है हाना कि अधिक्तर
13:56लोगों कि ये भी कहना है कि भारत दोनों देशों के सम़वर करकर पलड़े को बिल्कुल
14:04पराबर रखता है यानि इसरेल के साथ भी संबंद बनाके रखता है और इरान के साथ भी सत्ता पक्ष के समर्थों को की बात करें तो 23.6 फीसिदी समर्थों का कहना है कि ये च्छवी चुनौती पैदा करती है लेकिन 43.7 फीसिदी के मताबिक भारत सही तालमेल बिठाने में स
14:34या फिर भारत ये 26 स्थापित करने में सक्षम रहा है कि चाहे इसरेल हो चाहे इरान तालमेल भारत बैठाता है दोनों के साथ हमारे संबंद बेहत घनिश्टे
14:45देखिए जैसे मैंने पहले कहा पब्लिक बदलती रहती है हमें अपना हिद देखना है मेरे जब मैं था इरान में मेरे वक्त में चाहबहार पे एग्रमिंट हुआ
15:02चाहबाहार पे हिंदुस्तान से एग्रिमेंट करने के लिए एरान को चीन और पाक्स्तान
15:12दोनों का बड़ा विरोध उनको उनके सांए दोनों मुलकों ने इसका बड़ा विरोध किया।
15:22मगर पाकिस्तान और चीन के विरोद के बावजूर इरान ने हमें एकसेस दिया चाहबहार में.
15:30तो यह कहना कि हमारे यह जनता का इस हमें एक वर्ग है जिसकी में यह ख्याल है कि हमारा इन से जादा
15:44संब्द अच्छा है या उन से जादा संब्द अच्छा है यह देखते हुए हम अपने लॉंग टर्म इंट्रेस्ट को छोड़ दें और यह प्रिष्ट भूमी भी फूल जाएं कि हमें
15:54जो इंडिन सब्टिनेंट का कौंटेक्स्ट है हमारे हिस इरान के साथ है आप देखिए इस समय क्या हुआ मनीर साथ जनरल मनीर अमरिका में प्रेज़िट टरॉम्स से मिले हैं वो मुसल्मान मुलक है और वो अमरिका के साथ इरान के खिलाप हो रहा है क्या हम भी उसी खेमे
16:24जेनल मुनीर पर एक प्रश्ण बाद में आएगा उस पर हम जेनल मुनीर पर भी चर्चा करेंगे और इसी लिए आज तक पर हम हर पक्ष अपने दर्शकों तक लेकर आते हैं ताकि हमारे दर्शक सही निर्णय कर सके कि भारत के हित में क्या है
16:40लोंग टर्म इंट्रेस अर इमीडियेट इंट्रेस्ट लगातार ये देखने की आभशकता है और जैसा फैर्श शिवास्तर बता रहे थे क्या हमें अपने दोस्तों को भी बताने की आभशकता है कि कश्मीर पर ईरान का जो रुख है वो कितना भारत के पक्ष में है कितना पा
17:10रूस और यूक्रेन दोनों का दोस्त है भारत इस्रेल और इरान दोनों का दोस्त है भारत या फिर भारत की छवी जो कुछ लोगों की दृष्टी में है कि हम इस्रेल के करीब है वो इस्लामिक देशों में भारत के लिए समस्या हो सकती है
17:26कि यहीं ऐसा नहीं है ये पूरी दुनिया जानती है कि भारत के इसराइल के साथ बहुत अथे संबन्ध है और भारत जो अपनी रक्षा की जो जो निती है जो हमारा इस्राइल की मदद ले रहे हैं इसमें कोई दोर आए नहीं है और पूरी इसलामिक वर्ड को भी यह मालूम ह
17:56ईसने कबी भी किसी खेमे की तरफ रुक नहीं किया जैसे मैंने आपसे का है
18:25उससे कहा रहते हैं कई जगा नुकसान होता है और कई जगा फाइदा होता है।
18:30फाइदा यह है कि हमारे को टाइप कास्ट नहीं किया जाता है।
18:32हम ब्रिक्स के भी मेंबर हैं, हम कोड के भी मेंबर हैं।
18:36हम G20 में भी जाते हैं, हम G7 में भी जाते हैं।
18:39हमें अफ्रिकन समिट में भी बुलाए जाता है, हमें आस्यान की मीटिंग में भी बुलाए जाता है,
18:44हमें इस्राइल की मदेतस्ता में की गई है, या हमारे को इस्लामिक कंट्रिज की मदेतस्ता में कोई मीटिंग है, उसके लिए भी बुलाए जाता है।
18:51So this is a national policy and ये कहना कि हम इस्राइल के साथ हैं तो इस्लामिक देश हम से किसी न किसी हद से खफा होंगे मेरा ऐसा मानना नहीं है
19:00बड़ी इंपोर्टन्ट अपने बात की जर्ल सिन्हा क्या इरान को भी ये सोचने की आवशकता है कि अगर धर्म के नाम पर इरान पाकिस्तान का अगर साथ देता है तो भारतवासियों को ये ठीक नहीं लगता पाकिस्तान से जादा मुसल्मान तो भारत में है और ये एक संब
19:30ये पहलू इरान को भी धर्म के नाम पर पाकिस्तान के साथ अगर वो कभी जाता है तो ये सही नहीं है
19:36देखे गौरब यदि आप इरान को देखें तो नौ करोर लोग रहते हैं इरान में भारत में हमारी है यदि ये शंखा है मुसल्मानों का ही देखें ये हम धर्म के उपर बात करते हैं
19:53मगर प्राबलम वहां नहीं है प्राबलम है कि जो इरान के लोग नहीं है वो जादातर आपके साथ में हैं है वहां की जो 70% के बाद है और आप लोग ज ज़दा अच्छा इसको समझते हैं कि परस्तीतिया कैसे भारत ने अपने बालंस को बहुत अच्छी तरह से मैंटें कि
20:23मगर 2017 में अयतल्ला खुमानी साहब ने अपने बड़े गैदरिंग में और पूरी दरवार के बीच में उन्होंने कश्मीर का मुद्दा उठा दिया
20:31तो दे अलसो प्ले दे गेम उसके बाद कि अभी कुछ दिनों से पहले आपको पता होगा एक साल का समय हुआ है
20:38उन्होंने अगेन उठाया है तो उस मामले में तो वो पाकिस्तान के साथ पूरी तरह खड़े है
20:44प्राब्लम वहाँ नहीं है प्राब्लम है कि एरान यदि एक्टमिक पावर हो जाता है
20:49और वो जिस तरह से एक्सिस अफ रजिस्टन्स के दोरा जो कि पाकिस्तान भी वही करता है
20:55अटमिक पावर है उसके अलावा उसका दूसरा जो टर्रिरिजम का उसका एक्स्टेंडेंट है
21:00सेम अपसलूटली सेम है दो पैरलल हैं एक सिया है एक सुन्दी देश है और एरान भी ये कर पाता है
21:08आपके लिए चाबाहर एक हो सकता है कि उसने एरिस पेस कोड़ दिया
21:13इट विल बेरी मच मायोपिक मैं ये नहीं कह रहा हूँ इरान को छोड़ना नहीं है
21:18इरान को बैलन्स बना के रखना है और एरान के लोगों को ये समझ है
21:22बट वी हैब टू बी अपसलूटली क्लिया कि जो टेररिजम का मुद्ध है जो एकसिस अपर उन्होंने तीन हूतियों की बात हम छोड़ दी है
21:30अभी हम केवल बात कर रहे हैं अपने संबंदों की और हम कहते हैं कि ये तेरा तारिक से सुरूआ है पूरा का पूरा ये गल्थ है
21:38हम बैलन्स बना के रखे ये 23 तारिक से जो हमारे 7 अक्टूबर के बाद 2023 से लेकर अभी तक पूरा बैलन्स है और उस बैलन्स के उपर ही चलना चाहिए
21:50अगर पाकिस्तान की बात करें तो ऐसा सगा नहीं जिसे पाकिस्तान ने ठगा नहीं आसे मुनीर अमेरिका जाते हैं और इरान के हित को ही बेच आते हैं ये इरान को भी सोचनी की आवशकता है कि कश्मीर पर अगर वो कभी पाकिस्तान की लाइन लेता है तो ये सही नहीं है
22:20और सबसे भरोसे दोस्त यानी इसराइल और ये सबसे important बात है कि भारत किसको चुंटा है लेकिन सबसे important बात ये भी है गौरव कि अभी भारत के सामने जैसा जनरल सिना भी बता रहेते बात है commitment की भारत का commitment है आतंगवाद के खिलाफ और यही वज़े है कि भारत के लिए परि
22:50जो इरान को भी समझने की आवशकता है
22:53कि भारत तो साथ देता है
22:55चाबहार के मुद्दे पर इरान ने साथ दिया
22:58लेकिन क्या कश्मीर के मुद्दे पर
23:00आतंग के मुद्दे पर इरान भारत के साथ है
23:03क्योंकि अगर वो पाकिस्तान का मत जानता है
23:06और पाकिस्तान की का साथ लेता है तो अब आप इसको इस तरह से देखिए कि पाकिस्तान तो अमेरिका में जाके एरान के हिट को बेचाया सुमिध।
23:36और ये वारान टेरर का वक्त था जब इरान को लगा कि उसको इस जियो स्ट्राटेजी को बैलेंस करने के लिए भारत जैसे पार्टनर की जरूरत है और जब चीन जो है वो पाकिस्तान के अंदर अपना गौादर का पोर्ट डेवलप कर रहा था अपने पोर्ट के डेवलप्म
24:06उन्होंने एक दूसरे पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी जनवरी 2024 की बात है उसके बात जिस समय भारत में पहल गाम का अतनकी हमला हुआ उस दौरान इरान के जो विदेश मंतरी हैं वो भी भारत उसी समय पर आये थे और इरान के विदेश मंतरी की तरफ से उस समय कहा गया थ
24:36लेकिन जहां तक कश्मीर का सवाल है जहां तक पाकिस्तान का सवाल है कुछ सवाल तो ऐसे है ना गौरव जिनको लेकर भारत की अपिक्षा गैर वाजिब नहीं है अगर इरान कहता है कि उसने सर्जिकल स्ट्राइक की थी एक आतंकी संगठन के उपर पाकिस्तान के अंदर �
25:06अगले प्रश्टों पर मैं आओ उससे पहले क्या मैं आपका मत इस पर जान सकता हूं कि जिस खुले दिल से भारत एरान का समर्थन करता है जिस तरह कि समर्थन की वो एरान से अपेक्षा करता है खासतोर पर पाकिस्तान प्रायुजत आतंकबाद के मुद्दे पर क्या वो �
25:36मैं 2011 से पंदरा तक था हुआ हिंदोस्तान का राजदू. 2013 में राश्पती जरदारी पाकिस्तानी राश्पती आये थे और उन्होंने एक समझवता किया गैस पाइपलाइन पे इरान से उसके एक हफ़ते के अंदर इरान पे एक बड़ा टेर्रिस अटैक हुआ पाकिस्तान की स
26:06स्याद है चौदा आयाजीसी के सिपाही माले गए ऑफसिर्स उस पे जो जहां तक अभी ये बात उठी थी कि वो क्यों नहीं इरान पाकिस्तान के खिलाफ बोलता है इरानियन पार्लेमेंट ने उसमें 290 सदस्ते हैं ओवर्वेल्मिंग मैजॉर्टी 230 मतों से पाकिस्तान के
26:36झाया नहीं एरान ने पाकिस्तान के खिलाफ रिट्न कंप्लेंड किया है यूनाय mor Nazione में उनायूर्ग �есंबली में प्रूलेंड है, मेरे चार साल में आखर के दो सालों penn удивately 14 में,
26:58है इरान पे 14 टेर्रिस अटैक्स हुए हैं पाकिस्तान की तरफ से और उसके
27:05खिलाफ उन्होंने कारवाई की 2019 में जिससरा मैं जिस तरह भारत के साथ
27:12उनको खड़े होना चाहिए क्या इरान उस तरह से खुल कर खड़ा होता है भारत के
27:16साथ पाकिस्तान एक इंटरनाशनल टेरर एपिसेंटर है यह तो आप और मैं जानते हैं अम्बाज़र साब हमारी
27:21चर्चा भी उस पर हो चुकी है एक और बहुत महतुपूर सवाल भारत को राष्ट्य सुरक्षा की दृष्टी से किस पर अधिक
27:28विश्वास करने की आवशक्ता है रूस पर या फिर अमेरिका पर यह बेहत महतुपूर सवाल है भारत का जो राष्ट्य हित है और इसको मैं चाहता हूँ आप ज़रा ध्याद से सुनिए भारत का जो राष्ट्य हित है वो सबसे जादा किस के साथ सदता है अमेरिका के साथ
27:58कि अगर बात करें तो ये बहुत महतुपूर आपके लिए इंडिये का पक्षपी यहां पर जानना है जो इंडिये के समर्थक या वोटर या सर्वे का उत्तर देने वाले थे 15.7 प्रतिशत समर्थक अमेरिका के पक्षतर है लेकिन 79.6 लगभग 70 प्रतिशत यहां पर भी 69.6 �
28:28हरोसे मन साती है सुमित यही एक उत्तर निकल कर आ रहा है बलकुल और मौझूदा समय में तो गौरब इस बात से नकारा नहीं जा सकता कि डॉनल्ड ट्रम की जो छवी बनी अंतराश्टे रूप में वो भी इसका सबसे बड़ा कारण है वो बले ही अपने आपको कह सकते हैं
28:58साथ है मार्शल कपूर भारत को अगर विश्वास अधिक है इस समय तो वो रूस पर है क्या यह जिस तरह से डॉनल्ड ट्रम कहते हैं मैं डील में करूँ पीस में करूँ भारत के साथ मित्रता की बात करते हैं और फिर आसम मुनीर को लंच पर बुला लेते हैं इसकी एक ब�
29:28European Union के मेंबर्स, Japan, South Korea, Philippines जो सालों साल से American से support से defense आगे आ रहे थे
29:40सडली एक दिन उनसे कहा जाता है कि हम आप से कोई समद्ध अगर आप टेबल पर पैसे नहीं रखेंगे तो हम आपकी मदद नहीं करें तो कहीं नहीं कहीं business को आगे रखा जा रहा है ये it is not going well
29:54countries जो जैसे Japan हो गया जर्मनी हो गया जिन्होंने दूसरे विश्यूद में बहुत ज़्यादा नुकसान पुच जाया था
30:03light forces को उन दोनों देशों को उस जंग के बाद अमेरिका ने बोला कि आप चिंता ना कीजिए हम आपका हाथ पकड़ेंगे आपको defense के लिए कुछ नहीं करना और अब आप देखिए करीब 80 साल बाद दूसरे विश्यूद के बाद दोनों देशों को अपने हाल पे छोड़ द
30:33जादा भारतवासियों को इस समय रूस पर विश्वास हो रहा है क्या डॉनल्ड ट्रम्प की नीतियां इसके लिए जिम्मेदार हैं आपकी दृष्टी में गौरव मैं फिर कहूंगा कि विदेश नीती public opinion के fluctuations में नहीं बनाई जाती हैं हमारे interest long term interest देखना है और हमारा रू
31:03से हमारा बड़ा गहरा विरोध है लेकिन ये सोचना की वो आगे भी यही चलेगा ये तो मेरे खाल से अभी इस समय इस conclusion पर जम करने की आफशक्ता नहीं है अगर उनकी नीतियों में कोई फर्ट नहीं आया तो इसके बारे में सोचा जा सकता है मगर ये भी ख्याल रखना च
31:33मसला चीन का है और चीन के मसले पे कौन हमारे साथ खड़ा है अना कि मैं ये कहना चाहूंगा कि प्रेस्टेंड ट्रम्प की जो नीती समय मध्वपूर में है उससे चीन के साथ टक्कर लेने में अमेरिकन चमता कम हो जाएगी
31:53आपने बिल्कुल सही का हाला कि एमेरिका की जो नीती यूकरेन के प्रति भी रही चीन से टक्कर लेने में उन्होंने अपने ज़्यादा हत्यार नेटो ने भी और अमेरिका ने भी यूकरेन में खपा दिया अब उनके पास उतने हत्यार है ही नहीं
32:07अगर ताइवान में उन हत्यारों की आवशक्ता पड़ी तो उतनी जल्दी वो हत्यार प्रणाएं मिल पाएंगे या नहीं
32:13यह सबसे बड़ा सवाल है और प्रेजिडेंट ट्रम्प की नीतियां
32:17मतलब जितना विश्वास दोनों देशों ने कारगिल की लड़ाई के बाद हम लोग बात करते थे
32:23NSSP, Next Step in Strategic Partnership हम पढ़ा करते थे, देखा करते थे
32:28फिर 2005 और 2008 में वो Civil Nuclear Deal और फिर ये रिश्टा लगातार बढ़ रहा था
32:332005 फिर 2008 फिर 2014 नरेंद्र मोदी सरकार आई तो पहले बराक उबामा के साथ
32:39फिर बाइडन के साथ फिर डॉनल्ड ट्रम्प के पहले टेनियोर में अब डॉनल्ड ट्रम्प का दूसरे टेनियोर
32:45लगातार उपर चड़ रहा था फिर ये यो-यो करना शुरू कर दिया
32:49तो क्या यही बज़े है कि इस समय लोग बोल रहें कि रूस जादा विश्वस्तिया है
32:53देखे रूस के विश्वस्तियता को लेकर भारत के पुराने अनुभव हैं
32:57शायद भारती जनता को इसी तरीके से लगता है कि जिस तरीके से
33:00पुराश्तियतिन होते हैं जो लग टरं फॉरान फौरीव होती है
33:28आपको अपने इंटरेस्ट को डाइवर्षिफाराई भी करना पड़ता है
33:30अमेरिका बदली हुई जो वेश्विक सिती है उसके अंदर अमेरिका एक सुपर पावर है ईक बड़ा पावर है
33:35पोस्ट कोल्ड वार जो सिचुवेशन थी और साथ ही सोवियत संगिट के विगटन के बाद में जो हालाद पैदा हुए
33:41उसके अंदर भारत और अमेरिका नकेवल साथ हैं
33:43बीते धाई दशक के अंदर दोनों देशों के रिष्टों में कोच बदला है
33:46वो आपने पूरिया अभी तरीके गिनाया कि किस तरीके से हर एक राष्टपती के साथ
33:50एक bipartisan support है अमेरिका के साथ में
33:53लेकिन जनता कई बार जो है बहुत तातकालिक चीजों से देखती है
33:56तातकालिक अनुभव होते हैं उसके आधार पर लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ जाती हैं
33:59तातकालिक अनुभव जब अच्छे हो जाते हैं तो आपको याद होगा कि अमेरिका में जब चुनाव हो रहा था और उस समय डॉनल्ड ट्रम्प जब चुनाव हारे तो भारत में कई
34:06लोगों को मायूसी लगी थी कई लोगों को लगा था कि पता नहीं भारत के साथ रिष्टों में क्या होगा ट्रम्प हमारे बड़े अच्छे दोस्त थे और बाइडन आने के बाद पता नहीं क्या करेंगे अब चुकी ट्रम्प के रवईये के अंदर कुछ चीज़े तातक
34:36बाद हो हाला कि पाँचों सिस्टम हमें अभी भी नहीं मिल पाए है कहा यह जा रहा है कि चौथा सिस्टम जुलाई दोहजारचप्वीस में आएगा और जो पाँचवा सिस्टम है वो दिसम्बर दोहजारचप्वीस तक भारत को मिलेगा लेकिन रूस जादा विश्वस्�
35:06या देखे टाइम टेस्टेट पार्टनर रेदी कोई है हमारा पूरे बिश्व के अंदर तो वह एक रूस ही है और यह देखे जब टाइम आफ रेकनिंग होती है
35:18और उसमें कहीं भी आपको दोराय नहीं मिलेगा काफी लंबे समय से जब से भारत आजाद हुआ है उसके बाद से एक रूस है और सभी टाइम पे और भारत ने भी यह जो रिस्ता है बहुत बेकुवी रख अभी निभाया खास करके जब युक्रेन की वार यह कहना कि युक्र
35:48है या दूरी है तो यह मैं नहीं मांगता हमारी और वोग लोग समझते है जब आपकी जो भी है खहनश्ता किस से होगी जो ताइम होस्त बाटनर है कुछ दिनों से हमें इसरायल भी दिखाई देता है
36:02यह अपने जो समय में और यह इंटरपर्सनल रिलेशनस में, स्टेट रिलेशनस में और डिपलापस में। यह अपसलूटली और यह मैं नहीं कहता है, यह चानक के नीटी है।
36:18यह चार्ट हमारे यदि हम जाएं हम आज की नीटियों से बात करें तो it might be different
36:23but आपको यही चीज पे करती है हम strategic autonomy की बात करते हैं गौरब
36:30मगर strategic autonomy का यह मतलब नहीं होता कि हम सब आप यह नहीं हम सब को लेके चलते हैं
36:36क्योंकि एक और बहुत महतवपूर सवाल समय आ रहा है राष्ट्रे सुरक्षा की दृष्टी से भारत किस पर अधिक भरोसा कर सकता है
36:52इरान पर या इस्रेल पर अगर हम विपक्ष के समर्थकों की बात करें तो 38.1 प्रतिशत समर्थकों का कहना है
37:00कि इरान पर भरोसा कर सकते 37.5 प्रतिशत ये विपक्षे ही है जो कह रहे है इस्रेल पर भरोसा कर सकते
37:07दूसरी तरफ अगर हम इंडिये के समर्थकों की बात करें तो महज 18.3 प्रतिशत का कहना है कि इरान पर 56.4 प्रतिशत इस्रेल को और भरोसे मंद मानते है
37:21एक बार मैं फिर अमबाजडर कपूर आपी से शुरुवार्द करना चाहूंगा और फिर आऊँगा मैं एवाइस माशल कपूर पर
37:33इरान क्या एक ही मुद्दा रह जाता है क्योंकि अगर धर्म भी बात करें शिया मुसल्मानों की भी बात करें
37:44घनिष्ट संबंधों की भी बात करें भारत और इरान के संबंध बहुत घनिष्ट है आप किस दृष्टी से देखते हैं कि अगर इस सर्वे को हम एक पैमाना माने तो क्या इरान पर और भरोसा करने की आवशकता तब आएगी जब इरान भारत को और घनिष्टा से देखेगा
38:14सही कहा था मैं और हमारे कलीक्स ने भी कहा इस में शू में कि एरान ने के जो बयान के आये थे दो बार पिछले चार साल में वो उसका कोई भी और चित नहीं था जब मैंने जॉइन किया मैंने एकदम शुरू में ही स्पष्ट कह दिया था कि हम अपने आंतरिक संबंदों मे
38:44मेरे चाहिए ऐसा कोई स्टेट्मेंट नहीं आया तो हमें अपनी डुमिस्टिक पॉलिसी तो में अपना अपनी सोब्रेंटी बनानी ही है जहां तक जो एक्स्टरनल पॉलिसी है उसमें एक पुराना पुरानी कहवात अंग्रेजी में है और डिफरेंसेज एंड एट वाट
39:14अपने आंतरिक जो डिफरेंसेज हैं उसके दृष्टी कोंड से हमें नहीं देखना चाहिए हमें अपना कंसंसस प्रेजन करना चाहिए और पहलगाम के बाद जो बड़ी अच्छी चीज वह सामने आई वही थी कि जितने भी वर्ग जितने भी धर्म और जितनी भी पार्ट
39:44बहुत एक महत्वपूर पहलू पर मैं जल्दी से चर्चा करना चाहता हूँ क्योंकि यह प्रश्ण यह है कि अमेरिका के राश्रोपती डॉनल्ड ट्रम्प पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर से हाल ही में वाइट हाउस में मिले क्या अमेरिका के रूख में पाकिस्
40:14तेज बात को अच्छा और लगबग 79.2 फीसिदी 59.2 फीसिदी का मानना ये है कि अमेरिका के रूख में जो परिवर्तन है उसकी वज़े यह है कि अमेरिका को इस समय पाकिस्तानी एर बेसिस की आवश्यक्ता है
40:32ए माशल कपूर भारत लगभग एकमत नजर आ रहा है क्या सत्तापक्ष क्या विपक्ष के समर तक कि अमेरिका केवल अपना हित साधराय पाकिस्तान का इस्तमाल कर रहा है ए माशल कपूर
40:44पिल्कुल आप सही कह रहे हैं इसमें जब आसिम मुनिर को लंच पे बुलाया गया है तो कहीं न कहीं वो चार दिन वहां रहे हैं उसकी सारी चीज़ें कुल के बात ही गई हुए
40:57तो जो आप airspace देख रहे हैं जो western इरान की airspace है उसके अभी air superiority है इसराइल की उनके हवायचाच बिना किसी रोक टोक से इरान के उपर से आ जा रहे हैं और अपने targets को hit कर रहे हैं जहां इस टाइम पे इरान fortified है जहां उनके assets अभी हैं वो उनके पूरवी दिशाम है on the eastern side and वो
41:27जो बलोचिस्तान के लड़ाई लड़ रहे हैं और जो इस area में शेस्तान में लड़ रहे हैं वो एक जूरीजर की तरफ हैं तो कहीं नहीं इन दोनों देशों में इरान में और पाकिस्तान में इस चीज को लेके पड़ आप एक रुप देखिए पाकिस्तान का उनके politicians और उ
41:57जहां तक मेरी सहमती है, अगर अमेरिका डारेक्ली इंवाल होना चाहता है, जो कि डॉनलर्ड ट्रम के ट्वीट से पता चला है कि 10 या 14 दिन वेट करना चाहते हैं, तो अगर जबी भी नीती आती है, जब उनको लगता है कि हमें पाकिस्तान के एर बेसिस या फिसिलिटीज को
42:27मुल्क होने का दावा करता है, लेकिन अपने एर बेसिस अमेरिका को दे देगा इरान के खिलाफ?
42:57पाकिस्तान के बेसिस हैं, और वो उसको यूज करता रहा, यदि आप सेंटल कमांड के इनके चीफ को सुनेंगे, तो यह सेंग पाकिस्तान is a phenomenal partner, और यह जो उनका है कि most favored nation out of the NATO, यह पाकिस्तान है, मेरा यही मानना है कि उसको एर बेसिस लेने के लिए उनको आसिम मुनीर क
43:27एक तो सबसे बड़ा वो है कि वहाँ पर क्रिप्टो करंसी की है, एक rare earth material की है, जो जिसमें आसिम मुनीर साहब कहीं लगते हैं, पस रहे हैं, दूसरा वो करना चाहते हैं, डबल क्रॉस जैसे USSR को किया था इन्होंने, डबल क्रॉस करो चाइना से, they are going for a deeper thing, यह air base पाकिस्त
43:57यह बाद आसिम मुनीर को क्यों लेकर के गए, पूरी साइड लाइन कर दी political heads को, और आसिम मुनीर, आसिम मुनीर इतना पकड़ नहीं है, आप भी जानते हैं, सेना के अंदर में भी भगावत है, और खास करके, यह operation सिंदूर के बाद, he hasn't got not much standing, including with air force, तो उसके लिए यह कह
44:27पहलू बताए चैनल सिना, लेकिन आथ समय इस डिबेट में इतना ही है मेरे पास, सभी दर्शक आप मेरे साथ जुड़े, बहुत बहुत धन्यवाद, ऐसा सगा नहीं, जिसे पाकिस्तान ने ठगा नहीं, और अब पाकिस्तान, इरान ही नहीं, क्या चाइना को भी डबल क्र

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