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  • 35 minutes ago
क्या दिल्ली में कानून व्यवस्था का डर नहीं बचा? देखें विशेष

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00:00नमस्कार विशेश में आपका स्वागत है मैं हूं बारिया शकील दिल्ली में डर लगता है ये सवाल आज दिल्ली में
00:07रहने वाली हर महिला के मन में है क्योंकि दिल्ली बदल ही नहीं रही है महिला सुरक्षा के बड़े बड़े
00:13दावे देश की राजधानी में धरे के धरे र
00:29चार दिन पहले दिल्ली के पार्क में एक नाबालिक लड़की के साथ हुए ग्यांग्रेप के केस ने फिर से कई
00:37सवाल खड़े कर दिये हैं
00:38पूरी रिपोर्ट देखिए
01:08यही हैं दिल्ली के हैवार आसित हेमन्त और मुकेश इन तीनों नहीं दिल्ली के एक पार्क में एक नाबालिक के
01:17साथ पुलिस बनकर गैंग्रेप किया
01:27इस गैंग्रेप के बार देखिए
01:29एक बार फिर से ये सवाल उठ रहें कि क्या दिल्ली महिलाओं के लिए सुरक्षत नहीं है
01:36पच्चों के लेकर के आते हजबन भी कभी कभी नहीं आते और ये सब यहाँ पे हो रहा है सब
01:40सुनके डर लगता
01:45सवाल उठता है कि क्या दिल्ले पुलिस ऐसी घट्टाओं के बाद ही जाकती है
01:50और क्या सिर्फ कैमरों के लिए ही ऐसे वीडियोज बनाये जाते हैं
01:55क्योंकि दिल्ली में ऐसी वारदातें रुख नहीं रहे
02:00दिल्ली के इन तीन हैवानों की पूरी हैवानियत
02:0317 साल की पीडित लड़की ने पुलिस को दिये बयान में बताई है
02:07उसने बताया कि कैसे गन दिखाकर तीनों आरोपियों ने रेप किया
02:11उसके बयान से ऐसा लगता है जैसे दिल्ली में कानून का कोई डर नहीं रह गया
02:17पीडिता ने बताया है कि 21 सितंबर को वो अपने जनम दिन पर कालकाजी मंदिर में दर्शन के लिए गई
02:23थी
02:23मंदिर में दर्शन के बाद वो शाम को साथ बजे के लगभग अपने एक दोस्त के साथ पार्क पहुची
02:28आस्था कुंज पार्क के गेट नमबर साथ से दाखिल होने के बाद वो दोनों एक बेंच पर बैठे थी
02:33तभी पीछे से 30-35 साल के उमर के तीन लड़कों ने उसके दोस्त को पकड़ा और थपड़ मारा
02:39तीनों ने खुद को पुलिस वाला बताया और पूचता शुरू करती
02:43इसके बाद उनमें से एक लड़का पीडिता के दोस्त को पकड़ कर दूसरी तरफ ले गया
02:47और फिर बाकी दो लड़कों ने पीडित को जाड़ी की तरफ चलने का इशारा किया
02:52पीडित लड़की ने पुलिस को दिये अपने बयान में बताया कि वो इस वक्त बहुत ज्यादा डरी हुई थी
02:57पीडिता ने हैवानों को ये भी कहा कि अगर आप पुलिस वाले है तो मेरी मम्मी से बात कर लीजे
03:03लेकिन तीनों आरोपियों ने दोनों पीडितों का मोबाइल फोन छीन लिया
03:08आसिफ ने अपना बंदूक निकाल कर पीडिता को डराया
03:12जबकि दो और आरोपि जो वहां मौजूद है उन्होंने चाकू निकाल कर पीडितों को धमकाया
03:23सोचिए सत्रे साल की एक नावालिक लड़की जो अपने जनम दिन पर दर्शन के लिए मंदिर गई थी
03:28उसे क्या पता था कि उसके साथ इतनी घिनोनी वारदात होने वाली उसे पार्क के अंदर ये हैवान मिलने वाली
03:38पीडित लड़की ने पुलिस को दिये अपने बयान में बताया कि इसके बाद तीनों आरोपी उसे पार्क के एक अंधेरी
03:45जगह पर लेकर गए
03:46और बारी बारी से उसके साथ जबरदस्ती रेप किया
03:50पीडिता ने ये भी बताया कि आरोपियों ने पीडिता की गरदन पर चाकू रखकर उसके साथ रेप किया
03:56वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों को आरोपियों ने धमकाया, डराया और जान से मारने की धमकी दी
04:04पार्क से बाहर आकर पीड़ता ने अपने दोस्त को पूरी जानकारी दी
04:08जिसके बाद पीड़ता के दोस्त ने पुलिस को कॉल करके पार्क बुलाया
04:14इसमें चापू की नोग पर जो भी लड़का मौजू था उसे भी साइड में ले जाकर पीडिता बार-बार चिलाती
04:32रही कि यहिए मा के पास जाने दो
04:34मुझे जाने दो इन तीनों ने अपने आपको पुलिस वाला बताया इस शक्कर में ये गिनावना अपराद हो चुका वहाँ
04:40पर आशाकुल में गटित किया और पिडिता ने हमेशा यही बोला कि सर अगर आप पुलिस में है जो भी
04:45चीज नहीं है तो आप मुझे अपने पेरे
05:01स्चाथिस पूरी गई जो भी आइयो साब है जो भी दिल्ले पुलिस की टीम है इसमें दो टीम गटित किगे
05:05थी अमरकॉलली की और एक कालकाजय पुलिस टेशन की और जो भी इसमें लेडी आईयो है उसका बहुत सरानी है
05:11बहुत अच्छा काम उन्होनोंने किया है और अच
05:33जानकारी मिली है कि वारदात के बाद दो आरूपियों ने अपने कपड़े धुल दिये थी
05:37हेमंद और मुकेश ने घर जाकर अपना लोवर समेथ सब कुछ धो दिया था
05:42हालागे पुलिस ने सभी आरूपियों के कपड़े बरामत कर लिये हैं
05:45आसिप, हेमंद और मुकेश तीनों आपस में बचपन के दोस्ति आरूपी आसिप के मोबाइल फोन में कई अश्रीली वीडियो भी
05:52मिले हैं
05:53वहीं मुकेश और हेमंद ते अपनी सर्च हिस्ट्री डिलीट कर दी थी
05:57दिली पुलिस ने तीनों आरूपियों का मोबाइल फोन फोरंसिक जाच के लिए भेजा है
06:27लड़की के साथ जो घिनोना काम करा है उसके लिए इन तीनों को कड़ी से कड़ी सजा दिल्वाने की हम
06:32कोशिश करेंगे
06:33और हम विक्टम साही जो हमने अपना पक्स रखा इंकरने को पुलिस कस्ट्री की जो मांग नहीं करी गई है
06:39पुलिस कस्के जो भी इन दने रिकवर करना था जो भी इनसा फोर条 हिस पूरी इस पूरह धरी ती
06:44सारे डिफेंस के सारे जो उन्होंने अप्लिकेशन रहा थे सारे डिस्मिस कर दिया उन्होंने
06:53जांच में शक है कि तीनों आरूपियों ने सोमवार शाम को 17 साल की लड़की को निशाना बनाने से पहले
06:59पूरी साजिश रची थी
07:00अब पुलिस ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आसित हमेशा हथियार लेकर चलता था और क्या
07:06उसने इसी तरह पार्क में पहले भी दूसरी महिलाओं को भी निशाना बनाया है
07:12अर्विंद ओजा दिल्ली आज तक
07:18बात सिर्फ इस एक पार्क की नहीं है जहां ये वारदात हुई बलकि पूरी दिल्ली की है
07:23दिल्ली पुलीस इस घटना के बाद अब थोड़ी आक्टिव हुई है लेकिन अब क्यों और दिल्ली पुलीस की ये सक्रियता
07:30कब तक रहेगी
07:31जब तक कोई दूसरी वारदात नहीं हो जाती असल में ये सिस्टम ऐसा बन चुका है जिसे अब कोई घटना
07:37किसी भी घटना से कोई फरक नहीं पड़ता
07:40आस्तक समवादाता अरविंद ओजहा ने उस आस्ता कुझ पार्क से एक विशेश रिपोर्ट की है और ये बताया है कि
07:48ये कैसे इस पार्क की घटिया सुरक्षा वैवस्ता ऐसी घटनाओ को नियोता देता है
08:00दिल्ली में गैंगरेप की घटना के बाद अब दिल्ली पुलिस जादी है
08:05कालका जी के जिस आस्ता कुझ पार्क में ये घटना हुई है वहाँ भी अब दिल्ली पुलिस की दिनरात गश्ट
08:11चल रही है
08:12रात में भी दिल्ली पुलिस सक्री है, आस्था कुझ के अलावा दिल्ली के दूसरे हिस्तों के पार्कों और पब्लिक प्लेसेज
08:18में दिल्ली पुलिस की पेट्रोलिंग हो रही है, बाकाइदा घुड़ों पर पुलिस गश्ट कर रही है, लेकिन सवाल ये है
08:33कि हर वारदात के
08:34बाद ही पुलिस क्यों जाकती है, और ये भी सवाल है कि पुलिस कब तक जागी रहीगी, अगर दिल्ली पुलिस
08:41पहले जागी होती, तो आस्था कुझ में ये घटना नहीं होती, डीडिये के इस पार्क में पीडित लड़की शाम को
08:49साथ बजे अपने दोस्त के साथ गई थ
08:51और इस वक्त कितना अधेरा होता है, ये आपको आज तक समवादाता अरविंद ओजा बता रहे हैं।
09:21अस्था कुझ पार्क में दाखिल हुई थी, डीडिये का ये पार्क है, साथ बजे के आसपास कितना घुप अंधेरा इस
09:29पार्क में होता है, हम आपको तस्वीरों के जरिए दिखाने की कोशिस कर रहे हैं।
09:34तकरिबन डेड़ सो एकड में ये पार्क फैला हुआ है, डीडिये का पार्क है, लेकिन लाइट यहाँ पर नहीं है।
09:41तकरिबन आठ बजे के आसपास 21 सितंबर को पीड़ता के साथ यहीं पर गैंग रेप की वारदात हुई थी।
09:49पुलिस की जाच में सामने आया है कि इस पार्क का जो एंट्री और एक्जिट गेट है, उसमें CCTV कैमरा
09:57नहीं लगा है।
09:58इसका मतलब कि पार्क में कौन दाखिल होता है और अंदर से जब बाहर जाता है तो उसके बारे में
10:05तीसरी आख यानी जो CCTV कैमरा है चुकि कैप्चर नहीं करता है जब CCTV कैमरा नहीं लगा हुआ है।
10:13करोणों खर्च करके ये पार्क बनाया गया है लेकिन जो सिक्यूरिटी का इंतजाम है वो लगभग ना के बराबर है
10:20और चुकि देड़ सो एकड में ये फहला पार्क है तो यहां सिक्यूरिटी गार्ड भी होने चाहिए।
10:28इस पार्क में ऐसे हाला थें कि ये अपराधियों के लिए नंबर वन अड़्डा है।
10:57पीड़ता ने जो शिकायत दी उसके आधार पर फाई यार दर्ज हुई थी और तीन आरोपी गिरफतार हुए हैं लेकिन
11:05राजधानी दिल्ली के पार्क का ये हाल देखिए ये डीडिये का पार्क है हम आपको दूसरी तरफ केमरमेन आलोग दास
11:12से कहेंगे कि हमाए साथ फ�
11:25अगर कोशिश करते हैं तो सामने की तरफ अगर आप देखेंगे तो आपको लोटस टेंपल डिखाई देगा और ये जो
11:32पूरा रूट है इस रूट पर आप नीचे के तरफ ट्रेक करके दिखाई अगालोग दास कि इस तरह से यहां
11:37पर लोग वाक करते हैं लेकिन शाम होते
11:41नहीं तक्रिबन साड़े छे बजे के आसपास से ऐसा घुप अंधेरा होता है कई कुछ जगहों पर यहां पर लाइट
11:47लगी हुई लेकिन मोशली जगहों पर यहां पर लाइट नहीं लगी हुई है और शायद जो आरोपी थे वो इसी
11:54बात का फायदा उठाते हैं और जो प
12:11देखने की कोशिश करती है तब पता करता कि सीसी टीवी फुटेज तो था ही रहे उसके बाद कड़ी मशक्कत
12:16हुमन इंटेलिजेंस के बाद जो आरोपी है उनको गिरफ्तार किया जाता है लेकिन बड़ा सवाल यही है कि राजधानी में
12:23इतने बड़े बड़े पार्क तो �
12:25बना दिये जा रहे हैं लेकिन सुरक्षा के इंतजामात लगभग ना के बराबर हैं
12:37आसपास के लोग अकसर इस पार्क में घूमने आते हैं लेकिन यहां इतना अधिरा होता है कि बस शाम को
12:42यहां आना अवाइट करते हैं

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