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  • 1 year ago
भारतीय तोपखाने की गर्जना: दुश्मन कांपे, भारत बने आत्मनिर्भर

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00:00नमस्कार जैहिंद वंदे मातरम मैं हूँ श्वेता सिंग राश्टर रक्षा का दुर्ड संकल्प लिए भारत की सेनाएं किसी भी दुश्मन से लोहा लेने में पूरी तरीके से सक्षम हैं और आज हम आपको लिए चल रहे हैं उनके बीच जिने कहा जाता है युद्ध का दे
00:30हिंदुस्तान को उन्हें धुआ धुआ धुआ कर दिया था यहां की तस्वीरें देखकर आप स्पश्ट समझ सकते हैं हिंदुस्तान की वो ताकत
01:00आखों से उजल लेकिन वार में सटीक
01:25जब कहर बरस्ता है गोलों का गोले दिखाई नहीं देते हैं कहां से आ रहे हैं
01:29एन बड़ा डिवास्टेटिंग एफेक्ट होता है जहां पर वो गिरते हैं बड़ी तबाई होती है
01:34टार्गेट से मीलों दूर पर निशाना अचूक
01:42इस स्पर्टार से हमारी आठसरी की तज़्वीज जो है वो दुश्कॉन को पूरी तरह से बरबाद करती है
01:51यह भारतिय सेना का वो अंग है जो तै करता है दुश्मन के ऊपर हमारा दबदबा
02:02रेजिमेंट ओफ आर्टिलरी
02:04आर्टिलरी की भूमी का अपने फायर पावर से दुश्मन के सामरीक छमता को इस हद तक छीन करना है
02:21कि उसकी युद की इक्षा शक्ती ही तूड जाए
02:24आपरेशन सिंदूर के दौरान एक बात सपच्ट रही
02:32कि युद्ध में ताकतवर रहने के लिए हमें समय और तक्नीक के साथ गदम ताल करना होगा
02:38और यही देखने समझने के लिए हम पहुँचे देवलाली स्थित स्कूल ओफ आर्टिलरी
02:44आर्टि का इतिहास बहुत ग्लोरियस है
02:49हमारे पास हाइस्ट विक्टोरियो क्रॉस भी हमने इज़त के साथ कमाया
02:54तक्रीबन 26 बैटल ओनर्ज को हमने अभी तक हासिल किया है
02:58यहां इतिहास से लेकर वर्तमान तक का सफर दर्ज है
03:05यहां भारतिय सेना के अफसरों और जवानों को बहुत ही साइन्जिफिक ट्रेनिंग दी जाती है
03:11और यही भविश्य के युद्ध की तैयारी भी की जाती है
03:16यह हिंदुस्तान के शूरवीरों का रुद्रनाद है
03:27वो गर्जना जिसे सुनकर दुश्मन का कलेजा काप जाता है
03:32भारतिय तोप खानू की जो शक्ती है उनकी जो ताकत है
03:36वो दुश्मन के इलाके से उठते हुए दुएं से भी पता चलता है
03:40और हमारे जवानों के सीनों में जलती आग से भी पता चलता है
03:44सेना की ताकत सैनिकों के शौर्य से है
03:52सेना की ताकत हतियारों उपकरणूं से है
03:57सेना की ताकत उन्नत तकनीक से है
04:03भारतिय आर्टिलरी विस्तरत उपकरणूं का इस्तमाल करती है
04:09इनमें हाविजसर से लेकर रॉकिक सिस्टम तक है
04:13प्रमुक तोर पर धनुष जो की एक 155 मिलिमीटर तोड हाविज़ा है
04:19M777 जो एक हलका 155 मिलिमीटर हाविज़ा है
04:24और पहाड़ी इलाकों में कारगर है
04:26ATAX यानि Advanced Toad Artillery Gun System
04:30जिसे DRDO, TATA Advanced System और कल्यानी Strategic System ने मिलकर विक्सित किया है
04:35जहां तक रॉकेट प्रणालियों का सवाल है
04:53भारतिया आर्टिलिरी, Multiple Rocket Launcher System पिनाका और Smurge का इस्तिमाल करती है
05:00ऑपरेशन सिंदूर में भारतिय सेनिकों ने इन ही उपकरणू और बेशुमार काभिलियत के साथ
05:09तुश्मन को मुहतोर जवाद दिया था
05:11इंडियन आर्टिलिरी अलग अलग तरे के सर्वेलांस डिवाइस, मोर्टार और मिसाइलों से लैस है
05:23भारतिय सेना लगातार अपनी आर्टिलिरी का अधुनी के करण कर रही है
05:28ताकि पुरानी प्रणालियों को नए बहतर सिस्टम से रिप्लेस किया जा सके
05:34जो सबसे एहम बात हमें नजर आई वो ये कि उपकरणों के लिहाज से हम तेजी से मेड इन इंडिया की तरफ बढ़ रहे हैं
05:43ये है भारत में विक्सित पहला 155 mm 45 caliber धनुष गन
05:57बस्ट फायर करे तो तीन राउंड तीस सेकेंड में इंटेंस फायर तो बारह राउंड तीन मिनिट में और सस्टेंड फायर 42 राउंड एक घंटे में ये कर सकता है
06:07वोफोज की टेकनोलोजी ट्रांसफर के आधार पर इसका विकास किया गया था अमारी ओर्डिनेंस फैक्टरी में और अब 85 प्रतिशत तक ये स्वदेशी है धनुश गंजो है
06:18अगर युद्ध भूमी में इसकी तैनाती हो तो बेहगा तक साबित हो सकता है
06:23ये सिर्फ एक तोप नहीं है बलकि आत्म निर्भर भारत की पहचान है
06:32धनुश 155 mm की तोप है जिसे वाहन के साथ टोग किया जा सकता है यानि खीचा जा सकता है जिसका फाइदा इसकी तैनाती में होता है
06:42धनुश को जबलपूर की गन कैरिज फैक्टरी में अडवांस्ट वेपन्स एन एक्विप्मेंट इंडिया लिमिटेड ने बनाया है
06:552019 में इसे सेना में शामिल किया गया असल में ये बोफोर्स तोप की तकनीक पर ही बनी है
07:02लेकिन इसमें आज के जमाने की जंग के हिसाब से कई नए और जबर्दस्ट सुधार किये गए है
07:09भाटिय सेना में 155 mm बोफोज का इस्तमाल होता रहा करगिल के युद्ध में किस तरीके से उसने पूरी बाजी को पलट दिया वो समने देखा
07:21लेकिन अब है 155 mm धनुष और ये स्वदेशी है इसकी खासियत क्या क्या है
07:28फर्स्ट अफल ये पूरी तरह इंदिया में विकसित फर्स्ट वन डेबल फाइमम फोटिफाइ कैलिबर का धनुष गन है
07:35जो की GCF गन करेच फैक्टर जवलपूर द्वारा बना गया है यह बफोस के ट्रंसफर अफ टेक्नोलोजी पर आधारित है
07:41निर्मान के दौरन इस गन में काफी अधिक इंप्रूमेंट्स किया गया है और इसमें अतिरिक्त फीचर्स भी दिया गया है
07:47जैसे इस गन का बैरल का कैलिबर 39 से बढ़ाकर 45 किया गया है जिसके कारण इसका रेंज का 30 किलोमेटर से बढ़कर 36 किलोमेटर हो गया है
07:55और इसमें अध्युनिक इलेक्टॉनिक फीचर्स भी दियागा है जिसके कारण यह स्चली चंट राइंग भी किया जा सकता इस गन से
08:02इस गन में मसिल वेलोसिटी रडार और इनर्शिल नाविगेशन सिस्टम भी दिया गया है जिसे कारण फारिंग के दारों इस गन का अकुरेसी काफी बेतर हुआ है यह इंदियन आर्मियों के सभी प्रकार के अम्निशन 155 अम्निशन इस गन से फार किया जा सकता है और परिक्
08:32पूरी तरीके से सूटिबल येस यह सारी चीजी के सूटिबल है धनुष रेंज फारिंग स्पीड और सटीकता तीनों में बोफोर से बहतर साबित हुई है चाहे सियाचन की बरफीली चोटिया हो या राजस्थान की तपती रेत हर जगे इसने अपना दम दिखाया है धनु
09:02फायर करने की क्षमता है जिससे इसका निशाना अचूख है आई आई टी मद्रास और कानपुर इसके लिए स्मार्ट गोला बारूद बना रहे हैं जिसमें 60 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक मार करने वाला रामजेट शेल और सठीकता वाला स्मार्ट शेल शामिल होगा ज
09:32धनु शाविजजा के दो और संसकरण ही एक 42 किलोमीटर रेंज वाला 52 क्यालिबर वर्जिन और दूसरा मुश्किल रास्तों के लिए टेट्रा ट्रक पर लगा हुआ माउंटेड गन सिस्टम ये गन सिस्टम अब भारतिय सेना की लदाक और अरुनाचल जैसी समवेदन शील
10:02धनुश के वल एक तोप नहीं है ये भारत की तक्नीकी आत्म निर्भरता वैज्यानिक प्रतिभा और सेन्य संकल्प का प्रतीच है जब दुश्मन आगे बढ़ेगा तो जवाब धनुश की गर्जना में होगा
10:19ये है के नाइन वज्र जैसा कि इसका नाम है ये वज्रपात ही करता है अपने दुश्मनों पर तोप खाने का एक ऐसा ओजार आप समझ लीजिए जो की
10:34रेगिस्तानी इलाकों में एक बहुत बड़ी बढ़ात देता है हमारी सेना को आपने देखा कि किस तरीके से इसमें जो इसका पूरा क्रू है वो इसमें सवार हुआ है पाँच की संक्या में चाहे ड्राइवर हो चाहे जो कमांडर हो इसके देखने में टैंक जैसा आपको �
11:04ले जाने की आविशक्ता नहीं होती है ये खुद बखुद इंट्राक्स के जरिये जा सकता है इसकी मुबिलिटी इसकी बहुत बड़ी ताकत है और टैंकों पर इसका एज क्या होता है कि इसका जो गन है ये 40 किलोमीटर दूरी के निशाने पर भी टार्गेट लगा सकता है भ
11:34पहले ऐसी आधूनिक तोपे हमें दूसरे देशों से खरीदनी पड़ती थी लेकिन अब भारत खुद इन्हें बना रहा है ये दिखाता है कि हम रक्षा के क्षेत्र में कितने आत्म निर्भर हो रहे हैं
11:56के नाइन वज्र को मेकिन इंडिया पहल के तहट लार्सन और टूब्रो ने बनाया इसकी खासियतें देखेंगे तो आप इसकी ताकत को और बहतर समझ पाएंगे
12:07के नाइन वज्र एक शक्तिशाली 155 mm बावन क्यालिबर सेल्फ प्रोपेल्ड हाविजज़ प्रणाली है ये लंबी दूरी तक सठीक तरीके से फायर कर सकती है और तेज गती से गोले दाग सकती है इसकी पायर रेट छे राउंड प्रती मिनट है इसकी मल्टी राउंड सिम
12:37इसे एक जगे से दूसरी जगे ले जाना बेहद आसान है खास कर रेगिस्तानी या मुश्किल इलाकों में इसमें जवानू की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा गया है ये दुश्मन के हमलों को जेलने में भी सक्षम है
12:54के नाइन वज्र भारत के लिए गेम चेंजर है इसकी सबसे बड़ी वज़े है इसकी तेज जाल और घातक मारक श्रमदा ये तीजी से दुश्मन पर हमला कर सकती है और जल्दी से अपनी जगे बदल सकती है जिससे दुश्मन को इसका पता लगाना मुश्किल हो जाता है य
13:24के नाइन वज्र भारत के बढ़ते रक्षा उत्पादन और हमारी इंजीनियर्स की काबिलियत का प्रतीक है
13:51ये तोप हमारी सीमाओं की सुरक्षा में एक मजबूत दीवार बन कर खड़ी है
13:57ये प्रिंसिपली डेजर्ट्स में इंप्लॉई होगी प्रिंसिपली मेकनाइज्ट फॉर्मेशन के साथ और ये अल्ट्रालाइट होविट्जर है ये प्रिंसिपली मौंटेंज के लिए
14:21ये बहुत कारगर साबित होते हैं क्योंकि इनका वजन अल्ट्रालाइट होता है और इनकी जो शक्ति होती इनका निशाना होता है वो अचूक होता है इसलिए किसी भी युद्ध में ये गेम-चेंजर साबित होते हैं
14:38M777 अल्ट्रालाइट हाविजजा 155 mm की 39 क्यालिबर गन है इसका वजन है 4 टन इने चिनूक हेलिकॉप्टर के जरिये लिफ्ट करके पहाड़ी इलाकों में तैनात किया जा सकता है
14:55भारत के सरहदी इलाकों में हजारों फीट की उचाई पर ये हमारी सैनिक शमता को बढ़ाते हैं
15:02Line of Actual Control यानी L.A.C. पर चोटियां 20,000 फीट से अधिक भी हैं और इस क्षेत्र में इस आर्टिलरी गन की मौझूद्गी बहुत महत्वपूर है
15:13इससे कई तरह के आम्यूनिशन को फायर किया जा सकता है
15:21अलग-अलग राउन के इस्तमाल के साथ इसकी फायरिंग रेंज 40 किलोमीटर तक हो सकती है
15:26भारत अलग-अलग तरह के गन्स का प्रयोग करता है
15:35स्कूल अफ आटिलरी में हमने बारीकी से इस पर सैनिकों की ट्रेइडिंग भी देखी
15:40इंडिनाटे की बेसिक गन है इंडिन फील गन उसके ओपर इंकी गंडल की परपरेशन की जा रही है
15:50इसमें एक डिटाच्मेंट होती है जिसमें साथ मेंबर होते हैं
15:53और हर मेंबर की एक ड्यूटी होती है इसमें हर मेंबर की ड्यूटी इनको इससे बाक्षित की जाती है
15:59तैसे इसमें बोलते हैं नमबर वन से लेके नमबर साथ सक तो नमबर वन जो होता है वो डिटाच्मेंट कमांडर होता है
16:06तो detachment commander की जिम्मेदारी है कि गन के उपर जो भी action किये जा रहे हैं वो safety उसमें ध्यान रखा जाए
16:12और जो भी आदेश उसको gun position officer से मिल रहे हैं वो उस आदेश को पालन कराए
16:17इस gun को deploy करने के लिए 3 मिनिटे लगते हैं तीन मिनिटे के अंदर ये gun action में आ जाती है
16:22उल मिलाकर भारतिय सेनिकों को उपकरनों की पूरी जानकारी के साथ साथ युत भूमी की परिस्थिकियों में इनके इस्तिमाल और तेजी से deployment पर focus रहता है
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