00:00दिल की ही राहों में तेरी पनाहों में मांगी है उन जिन्गगी
00:17सबसे चीपा कर खुद में बसा कर कर लू मैं अब बनगी
00:26रब है तू मैं तुझसे सबरा तुझ में है मेरी खुशी जादू जो तेरा बढ़ चड़ कर बोला होने लगी पैखुदी
00:46तू ही है सावन तू ही है मेरा बारिश की तू है जड़ी बरसे जो मुझ पर तू इस अगन्ने होगी ये किसमत मेरी
01:04तुझको पता है तू मेरा क्या है तू ही तो दुनिया मेरी
01:14सबसे चिपाकर खुद में बसाकर कर लू मैं अप बंदर नगी
01:24तू ही है सावन तू ही है मेखा बारिश की तू है जड़ी
01:52बरसे जो मुझ पर तू इस अगन्ने होगी ये किसमत मेरी
02:02तू ही है सावन तू ही है मेखा बारिश की तू है जड़ी
02:12बरसे जो मुझ पर तू इस अगन्ने होगी ये किसमत मेरी
02:20जिससे जो मुझे पर मेरी तू ही है मेंगा