00:00अम सब स्टोनेज से निकले हैं और स्पेसेज में गए हैं जो अर्बनाइजेशन का मुकाबला करने का तरीका ये है वो जो हमारा वे ओफ लाइव हमारे अंदर भी तो एक संथाल सब्यता बस्ती है आप उसको बचा के रखियों वो जादा कीम्ती है आप दुनिया के किसी कोन
00:30और उनकी बुद्धी मता भी बहुत बढ़िया है जैसे बहुत घदा जंगल होता है उस घने जंगल में जो पढ़े लिखे लोग हैं जिसको अर्बनाइजेशन जिसका जिकर कर रहे हैं उन्हें सिर्फ साम नजर आते हैं और वो कहते हैं इंडिया से कंट्री आप स्नेक चा
01:00लेकिन उनको सिर्फ साम नजर आएंगे और स्नेक चार बनेगे इस टेकनोलोजी के अगर हम गुलाम बन जाएंगे अगर इस फेसबुक पे आप वो तस्वीरे ही देखते रहेंगे गटिया चीज देखते रहेंगे तो यह पसीबत है इस मॉबाइल में दुनिया का हर किता�
01:30सब्हता को बचाने के लिए जीवन शैली को बचाने के लिए
01:34संथाल जीवन शैली को बचा के रख, संथाल भजन को बचा के रख, उसको सोच के बचा के रख, यह एक तरीका है बचाने, यह जो ओडियों आपके पास आया, यह बहुत बड़ी थी, दूसरी इक बात, असली बात तो यह है, कि आपके मन से वो सेंस ओफ इंफिरेंटली कंप
02:04वह तो हजार साल पुलाना है, हम में तो अकल ही नहीं है, जिस दिन ही यह सोचना सोच दोगे, बंद कर दोगे, आप दुनिया में सब से शार्दाए.
02:13Welcome back to Santhali Thought.
02:20Next, I would like to invite Shri Matav Kosekji, President Sainth Academy, to kindly deliver his address.
02:28नवश्कार, जोगार, आदरोनियन स्री, देवासिस, बंद पाधियाईजी, माईश्चांसर किसी आम से नित्धुत्त्य सामंता जी, पांड़ केश्क उनिवासिटी, प्लिया भाई, चेतन्या पसाद्माईजी सांप, साहित्यक आदमी में जो संधाली के कर्मिल है, नको हस
02:58केशभी विद्मांगित्रों और जोजवान साथ ही। मैं पहले भी इस संस्थान में आ चुका हूँगा हूँगा हूँगा और विजानंद सिंदी जो मेरे आई जैसे मित्रे हूं के साथ, उन्हों नहीं मुझे पहली बार सामंता जी से मिरवाया था, और प्याय विखाया �
03:28इसे इसे में भी नहीं है मैं पूरी दुनिया के देशों में जाता रहता ह sm։ आदी भासी घृजल में बहुत नहीं है बुन्या के घर कोने में गए। मैप रवायों स्सी कंटरीज काई जएंग में कजाग में उस से पहले मेक्सिकों में गए। मैसी को में था descriptions व여 बासी त
03:58राव साब ने तो उनसे मंत्र भी पुरे करवाई तो पूरी दुनिया में आदिवासी है और एक बात आपको इतने बड़े विद्वान जो अर्मनाइजिशन पे पूर चुके हैं उससे जादा बोलने को कुछ बचा भी नहीं है
04:13मैं दो चीजे बिल्कुल टैक्टिकल बताना चाहता हूँ
04:16साहित एक आदमी के माध्यम से हमें पूरे देश में जाना पड़ता है
04:20कश्मीर से लेके कन्या कुमारी और आसाम से लेके गुहाटी से जोपाटी तक हिंदुस्तान के हर सहर में हर गोने में आदिवासी है
04:29उसी तरह की जीवन शैली है उनकी और एक बात जो बिल्कुल अलग है उनमें वह है
04:34विज्डम ओफ मांटेंस पहाडों का पहाड जितने उचे हैं उन आदमियों के कद भी उतने उचे हैं
04:42उनकी सोच भी उतनी होती है और उनकी गुद्धी मता भी बहुत बढ़िया है जैसे बहुत घदा जंगल होता है उस घने जंगल में जो पढ़े लिखे लोग हैं जिसको अर्बनाइजेशन जिसका जिकर करें हैं उन्हें सिर्फ साम नजर आते हैं और वो कहते हैं इंडिया
05:12पर पाग भी हैं उसमें नदिया भी हैं लेकिन उनको सिर्फ शाम नजर आएगे और उस नेच्चार बादे हैं हमारी गल्ती यह हुई है कि हम उनकी बातों में आके हमने यह माल लिया कि हमें तो कुछ आता नहीं है सब कुछी निगवा हमारी यह गल्ती दी लिए इन्फि�
05:42तो जिस दिन हम अपना इस इन्फिर्टी कंप्लेक्स से अलग हो जाएंगे दूर हो जाएंगे और यह माल लेंगे कि हम बहुत समझदार आत्मी हैं हमने दुनिया की वो चीज़े देखी है जो पड़े लिखे लोगों को नजर ही नहीं आई पड़े लिखों से मेरा तालु
06:12आपको पता होना जाहिए जब देश की आजागी मिलने वादी थी उस समय भी प्रेटिस पार्लेमेंट में खड़े होके चरचिल ने कहा था कि यह मुर्फ आजाद मत करो उनको तो आखा ही कुछ नहीं है यह रिकॉर्डीड है यह रिकॉर्डीड है और हम संतर साल क्या भी �
06:42होगा या नहीं हुआ तो कल तक हमें मुर्फ कहते थे सुनक ने उन्हें थावित कर दिया तो यही इंफ्रेटिक अप्लेक्स हमारे मन में है कुछ महीने पहले राव साभ ने कायोजन किया राएपुल में और हमने सारे आदिवासी लचनाकारों का दो दिन का सम्मेलन करा कु
07:12मैं जिस क्लैन से संबंदित हूं हमारे पास तो महाशा का स्क्रिप्टी नहीं है तो हम क्या करें हम किस में लिखें मैवला भाही दुनिया में जो मॉबाइल है यह दुनिया का सबसे शाग्दार उपकरण है इसका इस्तेमाल करना सिको हूँ आजकल तो अड़ीयों उख्ष
07:42तो आपकी लोग कताएं है आप अपना एप तैयार करिए आपको सोचना ही थी है मेरे पार स्क्रिप्ट एया थी इस टेकनोलोजी है इस एक लड़के का फिर फोन आया मुझा फिर लंदा की तरफ से कहता है हमने अपना एक म्यूजिक जो हमारा एक म्यूजिक है पहाड़ों
08:12बजाना शुटू कर दिया मरे पास पैसे तो थे नहीं तो हमने यह चीजे खुद जेनरेट की है यह प्रकर्ति का सौंदर यह नाद है ऐसे कीत है वो कहता है आप हमारी वो जो म्यूजिक की अपने टोली बनाई थी हावर म्यूजिक है भी टेकर पाई दी बैंड बैंड बै
08:42और स्पेसेंज में गए है अब वो जंगल तो हम ढूंड नी सकते हो तो खटब कर दी वो पाढ़ भी खटब कर दी लेकिन एक जो अर्बनाईजेशन का मुटारा करने का तरीका यह है वो जो हमारा वे ओफ लाई हमारे अंदर भी तो एक संथाल सब्यता बस्ती है आप उसक
09:12अब इसमें कोई दो रहा है नहीं साहिते तो अब अर्बनाईजेशन का अकेले संथाली पे ठोड़ी है वो हिंदुस्तान का दुनिया की हर लेंग्वेज के साहिते में चिंताए हैं लगणाद मुर्मु जी की दचनाव में था कि अपारी सब्यता और अपारी संस्क्रती हम
09:42अब अब अब अब अब आपने बोजन है इक महिलाओं ने अपने पारवप्री की भोजन का इकाप तयान की एड़ सीजर निंग लैक्स अब रुपीज एविगन आप सोचने इस टेक्नोलोजी के अगर हम गुलाम बन जाएंगे अगर इस फेस्बुक पे आप वो तस्वीर
10:12यह मुसीबत है इस मोबाइल में दुनिया का हर किताब है इसमें हर भाषा की किताब है सारी दुनिया के लाइबरेरी से सारी दुनिया के म्यूजियम है इसका इस्तेमाल अपनी सभ्यता को बचाने के लिए जीवन शैली को बचाने के लिए एक मैंने पंजाब में पंजाब
10:42पज्याब यूनिवेसिटी में पढ़ता है तो मैंने उससे कहा तुम्हारे शादियों का जो तरीका है वो दुनिया में सबसे अलग है तरे पास मोबाइल है तुम्हारे यहां मेरीज होती है उसकी छोटी शोट फिल्म पूरी तुनिया पे मशूर होगी एंड सी कोड़ दा प
11:12जंगल खत्म होने के बाद भी जंगल को बचा करें दूसान जीवन शैली को बचा करें रहे चंताल घुजन को बचा करें उसको सोच के बचा करें यह एज तरीका है बचा ने कि जो औरियों आपके पास हाया यह बहुत बड़ी थी दूसरी एक बात असली बात तो यह है कि �
11:42वो तो हजार साल पुलाना है, हम में तो अकल ही नहीं है, जिस दिन ही ये सोचना सोच लोगे, बंद कर दोगे, आप दुनिया में सबसे शर्का है, ये कहा हमारे हिंदी में कभी हुए, मेरे बड़े दुनिये कभी है, अब तो गुजल गए वो, क्या की जी, राम अवतार क्या
12:12कि ये कैसे बची है, सब बता कि इस अटारी पर खड़े हो, वो हमी दुनाम लोगों ने रहते हैं, ये जो दुनाम लोग हैं, ये आप दा क्रिटर जोगे से, वी आर दा क्रिटर जोगे से, आपकी ये जो कलाए हैं, जो सर ने हमें वो इस पे पढ़ते दी हैं, जो छबी ह�
12:42मुझे पूरे देश में गुवाते रहते हैं, सम्मिलनों के बाद बच्चे चाय पीते हुए, कौफी पीते हुए आते हैं, अघंटी कहती है, कते हैं, सर हमारे इलागे में इतने मेडिसनल पार्ण्स हैं, इसी को पता ही नहीं और खत्म होते जा दी हैं, मैं बटा तू रु
13:12अपनी क्रीम बनानी फेर लवली जैसे, कुके ती इसका कोई दुच्छा को दी, तो आप लोगों को उन मेडिसनल प्लार्ण्स का भी पता हैं, बातियों के पता ही नहीं किसी को, कोई मंटी नेसल कंपनी आएगी, वो तुमारी संपधा को लेके पार चली जाएगी, उसका �
13:42कि आप दुनिया के समसे शादाराद में, समसे इसमें कोई दोराई नहीं, बोत सारी तीजें वक्त के साथ बदलनी भी चाहिए, अब हम ये मानने के अप स्टोनेज में वापस जाएगे, हम पड़े, एक आदमी की नेचर होती है, इसमें नोस्टल्जी अबहुत होता है, ल
14:12चड़ता है, जिसकी जड़े जमीन में जितनी गहरी है, आपकी जड़े बहुत गहरी है, मैं बड़ा शुक्र उजार हूँ, माजी साहब का, भाई विजयनद का, आपकी यूनिस्ट्री का, देवाशी जी का, और सामंदा जी के तो हम बड़े पुराने परसंद सकें, उनके
14:42आपके जागते रहे अगली बार जब में आऊ, आपके पास बहुत साही ओने होगे, बड़ाते हैं!
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