00:00अभियोजन ने किस तरह से प्रस्तुत किया इस मामले को ये मामला जब घटना घटी थी तो इसकी जाँच सौपी गई थी एनाईयो को लेकिन तब चीफ हुआ करते थे स्वरगी हेमंत करकरे साहब
00:16आज करकरे साहब दुनिया में नहीं है उन्होंने सच्चाई को निकाब हटा दिया था और सच्चाई को सामने ला दिया था
00:25अब अदालत का जो फैसला है उस पे क्या टिपड़ी कर सकता है आदमी कोई
00:31लेकिन पूरे देश में लोगों को अफसोस हुआ कि जो आधार लिए गए बहराल ये अबदर्वेशन नियाए पालिका का है
00:45और इस पे बहुत कुछ कहा नहीं जा सकता लेकिन अफसोस हुआ कि ऐसी घटना जिसका पूरी तरह परदा फाश हुआ
00:56कहीं न कहीं अभियोजन की मिली भगत का परड़ाम है ये
01:02और एक तरफ वहीं महाराश्ट में अच्छी तरह से अभियोजन अपना पक्ष प्रस्तुत किया
01:13उस बंबलाश्ट कांड में और तमाम आरूपियों को फांसी से लेकर जीवन कारावास के फंदे तक पूंचाया
01:23उनको पुरुषकार भी राजसभा के संसर्ट सदस्ट के रूप में अभी अभी प्राप्त हुआ है
01:33और वहीं महाराश्ट में अफसोसना करें
01:37सुप्स्क्राइब ट्यूंचार अज़नों के अप्देन जोपी से लाद एंपारेश्ट के रूपी से लेकर जाएब के करेंगे