Skip to playerSkip to main content
Bihar Voter List से 65 Lakh नाम गायब, Supreme Court ने EC से मांगा जवाब, क्या है पूरा मामला? | Oneindia Hindi
बिहार की वोटर लिस्ट से 65 लाख लोगों के नाम हटाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए चुनाव आयोग से 9 अगस्त तक पूरी जानकारी मांगी है।
बिहार में मतदाता सूची यानी वोटर लिस्ट के 'विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR)' को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। चुनाव आयोग द्वारा जारी की गई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करीब 65 लाख से ज़्यादा मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं, जिस पर अब सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप किया है। बुधवार को हुई सुनवाई में शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि वह हटाए गए सभी वोटर्स की पूरी जानकारी 9 अगस्त तक याचिकाकर्ता एनजीओ 'एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स' (ADR) और राजनीतिक दलों को सौंपे।


The Supreme Court of India has directed the Election Commission (EC) to provide a complete list and details of approximately 6.5 million (65 lakh) voters who have been removed from the draft electoral roll in Bihar. This directive came during the hearing of a petition filed by the NGO, Association for Democratic Reforms (ADR). The EC has been given a deadline of August 9 to submit the information, citing reasons like death, permanent shifting, or duplicate entries for the deletions. The court's intervention aims to ensure transparency in the electoral roll revision process ahead of future elections.


#BiharVoterList #SupremeCourt #SIR #ElectionCommission #OneindiaHindi

~HT.178~ED.276~GR.122~

Category

🗞
News
Transcript
00:00बिहार में हुए विशेश गहनपून रिक्षन का मामला
00:04सुप्रिम कोट ने चुनाव आयोग से मांगी 65 लाख लोगों की जानकारी
00:09चुनाव आयोग को मिला 9 अगस्त का डेडलाइन
00:13किसने डाली थी आचिका सुनवाई के दौरान क्या क्या हुआ
00:18सुप्रिम कोट ने बुधवार को चुनाव आयोग को निर्देश दिया है
00:22कि वह बिहार के ड्राफ्ट वोटर लिस्क से हटाए गए करी
00:2565 लाख वोटर्स की पूरी जानकारी 9 अगस्त तक पेश करे
00:30शीर्स अदालत ने यह भी कहा है कि यह जानकारी उन राजनीतिक दलों के साथ-साथ
00:35Association for Democratic Reforms यानी ADR नाम की NGO को भी दी जाए
00:40जिसने इस पूरे मुद्दे पर याचिका दाखिल की है
00:43आगे बढ़ने से पहले आपको बताते चले कि क्या है पूरा मामला
00:47चुनाव आयोग ने बिहार में 24 जुन को विशेश गहनपून इरिक्षन यानी SIR अभ्यान शुरू किया
00:52इसके तहत एक अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस जारी की गई जिसमें 7.24 करोड मद्दाता दिखाए गए
00:58लेकिन इसमें से 65 लाख से अधिक वोटरों के नाम हटा दिये गए
01:03इस पर चुनाव आयोग का कहना है कि ये लोग या तो मर चुके हैं या तो दूसरी जगे स्थाई रूप से चले गए हैं
01:09या फिर दो जगों पर इनका नाम था
01:11इसी मामले पर सुप्रीम कोट में आचिका डाली गई थी कि वे नाम सारवजनी की जाए तो जो SIR के दौरान वोटर लिसे काटे गए हैं
01:19चले अब जानते हैं इस पर शीर्स अदालक में सुनवाई के दौरान क्या क्या हुआ
01:23जस्टिस सुर्यकांत उज्वल भुयान और एन कोटिश्वर सिंग की बेंच ने चुनाव आयोग से कहा कि हमें हर उस वोटर की जानकारी चाहिए जिसका नाम हटाया गया है
01:33ये देखें कि किस आधार पर नाम हटे हैं
01:36बहीं NGO की तरफ से वकील प्रशांत भूशन ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों को हटाये गए वोटरों की लिस्ट दी गई है
01:43लेकिन इसमें यह नहीं बताया गया कि कौन मरा है या कौन शिफ्ट हुआ है
01:47या किसको नाम गलत तरीके से हटा दिया गया है
01:49या किसका नाम गलत तरीके से हटाया गया है
01:52जिसके बाद कोट ने चुना हुआ है उक से कहा है
01:54कि वें 9 अगस्त तक जवाब दाखिल करें
01:56ताकि 12 से 13 अगस्त को इस मामले पर पूरी तरीके से सुनवाई हो सके
02:01इसी के साथ आपको यह भी बताते चलते हैं
02:03कि ADR की आचिका में क्या मांग की गई है
02:06ADR यानि Association for Democratic Reforms ने मांग की है
02:10कि 65 लाग हटाये गए नामों की पूरी सूची प्रकाशित की जाए
02:14हर नाम के साथ यह भी बताई जाए
02:16कि उसने क्यूं हटाया गया या उस नाम को क्यूं हटाया गया है
02:19उसका कारण मौत है, स्थाई स्थनांतरन है या कोई अन्य वज़ा है
02:23अब जो भी है वो स्पष्ट रूप से लिखा जाए
02:25इन सभी मुद्दों पर चुनाव आयोग ने सुप्रिम कोट में हलफ नामा दे कर कहा
02:30हम वोटर लिस्ट को साफ करने का काम कर रहे हैं
02:33हमारा मकसद है कि अपात्र लोग हटें और केवल सही लोग वोटर लिस्ट में रहें
02:38गौर तलबों के SIR में मौत की वज़े से करीब 22.34 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं
02:45वहीं स्थाई रूप से दूसरी जगह चले गए करीब 36.28 लाख मतदाताओं के नाम भी मतदाता सूची से हटाए गए हैं
02:52वहीं जिन मतदाताओं के नाम दो जगहों पर थे उनकी संख्या करीब 7.01 लाख है
02:57आपको ये भी याद हो कि इससे पहले 29 जुलाई को सुप्रीम कोट ने कहा था कि अगर इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में नाम हटाए गए तो वह तुरंथ हस्तशेप करेगा
03:06कोट ने यह भी कहा था कि आधार कार्ड और वोटर आईडी को भी गंभीरता से मान दस्तावेज माना जाए और इस इन से नाम हटाने की बजाए जोडने की प्रक्रिया पर जोड दिया जाए
03:16इस खबर में फिलाल इतना ही पर इस पर आपकी क्या राय हैं से जरूर साजा करें और ऐसी और खबरों के लिए बने रहे वन इंडिया हिंदी के साथ मैं रिचा आप देख रहें वन इंडिया हिंदी

Recommended