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  • 1 year ago
Apradh Ka Janha: कहीं पुलिस का इंस्पेक्टर, कहीं महिला SI, कैसे पकड़े जा रहे रिश्वतखोर पुलिसवाले?

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00:00देश की राजधानी दिल्ली और दिल्ली की पुलिस को बहुत ही शांदार पुलिस माना जाता है
00:05शांदार पुलिस फोर्स माना जाता है क्योंकि देश की राजधानी देश का सबसे समवेधन शील इलाका है
00:12और वहां की सुरक्षा, वहां की कानून व्यवस्था का जिम्मा दिल्ली पुलिस के कंधों पर है
00:17लेकिन इन दिनों दिल्ली पुलिस कानून व्यवस्था को लेकर के नहीं बलकि भश्टा चार को लेकर के चर्चाओं में हैं
00:25अभी हाल ही में एक के बाद एक कई इस तरह के मामले सामने आये हैं
00:29जिसमें कि दिल्ली पुलिस के वर्धी धारी अधिकारी रिश्वत लेते हुए पकड़े गए हैं
00:35और उन्हें पकड़ने वाले भी दिल्ली पुलिस के ही कारिंदे हैं
00:38और उन्होंने अपने जो सह कर्मी हैं उन लोगों को गिरिफतार किया गया है
00:42जिसमें की एक मामला है एक इंस्पेक्टर का जिसने 30 लाख रुपे रिश्वत लेने का जिसके उपर इल्जाम है
00:49और इसके बाद एक दूसरा मामला जो खूब चर्चित हुआ अभी हाल ही में एक महिला सब इंस्पेक्टर का जिसने 10 लाख रुपे की रिश्वत मांगी उस पर ये संगीन इल्जाम लगा वो भी अब पुलिस के गिरफ में है
01:01तो आखिर ऐसा क्यों हो रहा है इन सब सवालों पर हम चर्चा करेंगे तो हम शुरुआत करेंगे आज की और मेरे साथ है मेरे सहियोगी चिराग गोठी
01:10चिराग आप दिल्ली को बहुत करीब से कवर करते रहे हैं आपने दिल्ली को बहुत करीब से देखा है
01:17तो एकदम अचाना कि दिल्ली में क्या हो रहा है कि दिल्ली में एक के बाद एक इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं रश्टाचार के मामले और खासकर रिश्वत खोरी के
01:28तो मेरा चिराग व� follow ये है कि दिल्ली ज़र जहां पर चोटी चोटी चीजों पर बड़े-बड़े अफसरों की और बड़े-बड़े ग्रह मंतरा ले जिसके अंडर में दिल्ली पूलिस आती है केंद्री जिसके हैड जो हैं देश के ग्रह मंतरी है उसकी नजर रहती है उसके
01:58सब इंस्पेक्टर 10 रुपे रिश्वत मांग रही है।
02:00ले रही है।
02:01इंस्पेक्टर जो रेंग का अधिकारी है
02:04एक UGT रउता है इंस्पेक्टर
02:05वो 30 रुपे लेते वे पकड़ा जा रहा है।
02:08तो इस तरह के मामिले क्यों ये सब सीज न हो रही?
02:10कहां से ये इतनी हिम्मत कहां सारी है इन लोगों के अंदर
02:12देखे हर्याना एंटी कर्रेक्शन ब्रांच ने इंस्पेक्टर सुनील जैन को पकड़ा
02:17आरूप लगा तीस लाख रूपे लेने का
02:19और वो किसी केस में एक आरूपी है जिसका नाम प्रवीन लाकड़ा है
02:24वो इपस्कॉंडिंग है उसके वकील ने पकड़वाया मतलब आरूपी का वकील
02:30पुलिस वालों को पकड़वा रहा है क्योंकि आरूपी को पुलिस नहीं पकड़ पा रही और मांडवाली कर रही है
02:35आप सोचिए दूसरा मामला आपने सब इंस्पेक्टर का जिक्र किया एक डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और वहां मांडवाली हो रही है
02:45एक सब इंस्पेक्टर थाने की सब इंस्पेक्टर पश्चिम विहार की नीतू बिष्ट को दस लाख रुपे पकड़ लिए
02:51सब इंस्पेक्टर विजे को पकड़ा जो रोहिनी डिस्टिक से तालुक रखता है
03:00सवाल ये उठता है कि इतनी हिमाकत कैसे आ रही है
03:02क्या सेलरी कम है या प्रेशर बहुत जादा है या मैं कहूं कि भूक बहुत जादा है
03:13मेरी जानकारी में चिराग जो है कि दिल्ली पुरिस की जो जितने भी अधिकारी है अफसर है
03:17सब इंस्पेक्टर लेवल तक या कास्टेब तक एक अच्छा सेलरी पैकेज जिन लोगों मिलता है
03:20इनकी सेलरी देश में जो सबसे बहतर प्लिस फोर्सें से बराबर इनकी सेलरी है
03:25और इन पर छोटे से लेके बड़े अधिकारी सब नजर रखते है क्योंकि देश की राज़भानी है
03:29तो तब भी इस तरह के मामले रंगे हाथों पकड़े जा रहे हैं
03:32एंटी क्रॉप्शन पकड़ रहा है
03:33सी बी आई पकड़ रही है
03:35तो मैं सिर भी जाना चाहता हूँ और इसा हो कर कैसे रहे है
03:38किसकी शेय पर हो रहा है सब चीज़े
03:40देखिए शेय तो किसी की नहीं होती
03:42लेकिन डर भी किसी का नहीं होता
03:44कि अगर एक अधिकारी
03:46इंस्पेक्टर लेवल का अधिकारी ये हिमाकत कर रहा है
03:48कि मैं पकड़ लूँगा कोई बात नहीं क्या होगा
03:50अरेस्ट हो जाँगा इससे जदा क्या होगा
03:52बेस्ती होगी इससे जदा क्या होगा कुछ दिन जेल रहोगा
03:54फिर बहार आ जोगा, मैं आपको सैक्डो ऐसे दिल्ली पुलिस का अफसर बता सकता हूँ प्रवे, जिन्होंने करप्शन किया, जिन पर संगीन इल्जाम लगे, कुछ महीने सस्पेंड रहे और वो फिर बहाल हो गए, पता नहीं क्या हो उनके केसे में, क्या वो बरी हो गए, क
04:24अगर वो कोई गलत काम कर रहे तो मेरा फर्ज है कि मैं उनको, मैं उन पर निगाह रखो, अब ये कहें कि मेरा काम थोड़ी निगाह रखना, वो तो अपना काम खुद देखेगा, और अगर वो कोई गलती करेगा तो भुकतेगा, बाट ठीक है, लेकिन उससे किसकी बेज़
04:54सिर्फ निचले स्तर के अधिकारी परवे जैसे नहीं है, ये टॉप से लेकर बॉटम तक, और अर अधिकारी गया अब ये इतने बड़े अथा
05:18अफसर यहां बैटे हैं, दिल्ली में तो बहुत अच्छा इस तरह है अधिकारियों का, कमी नहीं है, हर पोस्ट पर अधिकारी है,
05:23एसीपी, डीसीपी सब लोग रहते हैं, आपने आईपेस का जिक्र किया, एक आईपेस पर आरोफ लगा दिल्ली में,
05:30कि उसने एक सक्टेबाज से कुछ पैसे ले लियो और उसको बचा दिया, एक केस में, एक ख़बर फैलती है, उसको हटा दिया जाता है, कोई एक्षन निलिया जाता है, सिर्फ हटा दिया गया, क्यों, क्या उसके खिलाफ कोई क्रिमिल केस नहीं दरज होना चीए था, एक गो�
06:00उसका CCTV भी सामने आया था, कई सारे विटनेस इस थे, लेकिन उनकी बाहली होगी, मतलब उनके खिलाफ विटनेस थे, हाँ, दिख रहे थे, वो फुटेज भी था उनकी अगेंस्ट में, और उसके बावजूद उनकी बाहली होगी, अब उनकी बाहली किस बेसिस पर की, ये म
06:30अधिकारी पर ये आरोप लगा कि उसने ट्रैफिक पुलिस कर्मी को थपड़ मार दिया, उसके पर कोई कारवई नहीं, कई IPS ओफिसर पर लगा भी पीछे हाली में, आरोप कि उसने अपने स्टाफ के साथ मार पीट की, कुछ नहीं होगी, कोई कारवई नहीं, तो IPS लॉबी
07:00कि आप कर्रक्शन भी कीजे, या, अब कई सारे ऐसे सवाल उठते हैं, कि भई आप, मैं तो, बलकि कई बार लोग मुझसे पूछते भी हैं, कहते भी हैं, कि इनका कोई अकाउंट चेक होता है कभी, हलाकि देखे, दो नंबर का तो कोई पैसा अपने अकाउंट पर रखेग
07:30ने पर आप लिए नहीं है, दिल्ली देश की राजधानी है, और दिल्ली में तेनात हर अधिकारी का जड़ाओ, देश की सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा जड़ाओ, मामला है, क्योंकि दिल्ली में अगर अगर कुछ भी होता है, लो भी सीधा ग्रह मंन्तराले तक रिपोर्
08:00उनका कि उनसे मिलने के लिए रोज कौन हा रहा है? किस तरह के लोग आ रहे हैं? क्या उसकी जानकारी या ज Whats आपने कहा कि उनकी खाते या और जो चीजें हो थी हूती क्माम क्या उनकी जानच होती है तो यह सवाल बड़ा एहहिसा होताइ कि
08:11मैं आप से ही सवाल पुछ रहा हूँ कि कि आप दिन्ली कोपर करते हैं?
08:13शायद नहीं. और अगर होता होगा तो काग्जों में होता होगा.
08:16एक तो किसी के पास इतना वक्त नहीं है कि किसी अधिकारी के पीछे फोर्स लगा दे.
08:20कहने का मतलब यह दे कि इसके लिए तो जांच करने पड़ेगी कोई किसी पर एलिगेशन लगेगा तो जांच करने पड़ेगी.
08:29और एलिगेशन लगने के बावजूर्ट कुछ नहीं होता कई बार तो.
08:31कई बार संगीन रष्टाचार के इल्जाम लगते लेकिन दबा दिये जाते हैं क्योंकि कोई सेटिंग होती है उनकी कहीं न कहीं.
08:40और जैसे आपने कहा कि बैंक अकाउंट तो एक सैलरी अकाउंट होगा जो जिसमें सैलरी आती होगी.
08:45अब किसी आदमी ने अपने किसी रिष्टिदार के नाम पर कोठी खरीद ली किसी IPS में या किसी ने कोई और प्रॉपर्टी खरीद ली इसको कैसे ट्रैक करोगा आप इसको.
08:57यह थोड़ा मुश्किल क्राइग
08:58इसे ट्रैक करो गया आपकोई ऐसा मेकैनिजम है
09:00कि दिल्ली पुलिस आडिट करें
09:02या अधिकारी कहें कि ठीक है जी एक पटिकुलर फोर्स इसके लिए बना दी गया
09:05वो आडिट करेंगी और वो कितना फेरली काम कर पाएगी
09:08यह प्रैक्टिकल भी पॉसिबल है आप खुछ सोचे
09:10तो चिराग मतलब यह मान ले जाए कि जो यह घटाएं हो रही है कि रोज
09:14आज सब इंस्पेक्टर पकड़ा गया आज कांस्टेवल पकड़ा गया आज इंस्पेक्टर पकड़ा गया
09:18और वो भी कोई छोटा मता इमाउंट नी सर्व मुझे लगता है कि चिराग की एक सब इंस्पेक्टर के लिवल पर 10 लाख रुपए रिश्वत लेना
09:23या इंस्पेक्टर के लिवल पर 30 लाख रुपए रिश्वत के साथ पकड़ जाना
09:26आप सोचे इंस्पेक्टर 30 लाख ले रहा है तो आई पेस कितना लेता है
09:29मैं वही इसी पहा रहा था कि इंस्पेक्टर के ओपर ACP है, ACP के ओपर DCP है
09:33और उसके ओपर फिर पिलिस कमिशनर होते हैं
09:36तो अगर इस तरह से एक क्राइटेरिया बन गया, एक सिस्टम बन गया
09:39और खुले हम इस सब राजधानी दिल्ली में हो रहा है
09:41तो जाहिर तोर पर दिल्ली पुलिस पर सवाल उठना लाजमी है
09:44कि दिल्ली पुलिस के ओपर जितनी एहम जिम्मेदारी है
09:47उसके बावजूद अगर यहां भरष्टा चार की जनए इतनी गहरी हो गई है
09:49तो यह बहुत ही जिन्ता का विशह है
09:51और आप यह दिखे कि दिल्ली में
09:53यानि एकॉनमिक ओफेंस विंग
09:56और वहां जो मुकदमे आते हैं सारे
09:57वो बड़े वाइट कॉलर क्राइम आते हैं
10:00यानि कि वो करोड़ो रुपे की
10:02हाँ और वो करोड़ो रुपे की
10:03उसमें बहुत सारे करोड़ो के घोटाले होते हैं
10:06तो उसमें तो स्कोप बहुत बनता होगा
10:08मतलब एक लाजमी से सवाल उठता है
10:10कि उसमें तो बड़ा स्कोप बनता होगा जो अधिकारी जाँच अधिकारी होते हैं
10:14या ये कहें कि उनके उपर सुपरविजन जो कर रहे होते हैं
10:17उनकी तो निगाह ऐसी रहती होगी
10:18हाला कि पुलिस कमिशनर की तरफ से एक आदेश ये जारी किया गया था बहुत पहले
10:23कि ऐसे जो सेंसिटिव पोस्ट होती है वहाँ पर ऐसे लोगों को बिठाया जाए जो बहुत इमानदार हो
10:29और तभी आप देखिए दिल्ली पुलिस में ट्रांसफर पोस्टिंग बड़ी जल्दी होती है एक देड़ साल में अधिकारी को हटा वह इसलिए होता है
10:35कि ऐसा ना हो कि कोई जम के टिक के भर्साचार करने लगे लेकिन फिर भी हो रहा है यह बड़ी सोचने वाली बात है और सबसे बड़ी बात ही है कि
10:42अधिकारी बोलते है कि हाँ देखे उसमें उसमें उतने पैसे खा ली है क्योंकि
11:10वह अधिकार्ड है इस तरह की बाते हैं तो ऐसा थोड़ी कि वह हवा में होती है सारी बाते हवा में हो जाती है
11:15अभी मैं आपको बता दूँ एक हाली में मामला सामने आया था जिसमें जैसे मैंने बताए एक सट्टेवाज ने था एक मामला एक पर्टिकुलर यूनिट है जिस पर या रोप लगा था कि वो यूनिट
11:27ने गलत मुकदमा दर्च कर दिया मैं आम नहीं लूँगा इस उनिट का लेकिन गलत मुकदमा दर्च कर दिया उसके बाद जब पता चला कि भई ये तो मामला ही गलत है तो फिर हड़कम बज गया तो ऐसे आप सूचे दिली में दो करोर पापुलेशन है और दिली पुलिस �
11:57मैं ये नहीं कह रहा कि देखे मेरा परपस ये डिफेम करना नहीं है पुलिस को लेकिन ये बास सच है ये रियालिटी भी है कि ऐसा हो रहा है मतलब इसको आप दर किनार नहीं कर सकते कि ऐसा नहीं हो रहा है आप देखे रोजाना कोई ना कोई कीस कीसी ना एक अभी मुझे �
12:27इसमें तो कोई ऐसा निया कि नहीं होता, इसके अलावा जैसे मैंने बताया कि एक तीन सो, साड़े तीन सो करोरो का घोटाला भी हुआ देली पुलिस में, जिसमें भवन बनाने को लेकर और इस तरह की बाते हैं कि कई अधिकारियों ने अपने आफिस पर 20-20 लाख रुपे ल
12:57ब्रष्टाचार के मामले हैं, इनमें कारवाई क्या हो रही है, जाच क्या हो रही है, कारवाई होई कही है, मुझे तो नहीं देखा कि कोई कारवाई, कोई मेजर कारवाई किसी है, उसे रभी सिली नहीं होती है, क्योंकि बचा लेते हैं, आई-पेस लॉभी, आई-पेस ल
13:27सुकेस चंदरशेखर्द से कि आपने फिवर किया था, क्रोड़ रुपय आपके ओपर लेने का आरोप लगा था, तो यह तो जगसा हे रहीं, इनको निलंबित किया था, तो कहने का मतलब यह है कि वह तो, कहते हैं ना, वह तो मतलब सामने आ गया, ऐसे बहुत सारी, बहुत, म
13:57कारवाई ने रिष्टदारों के नाम से प्रॉपर्टी ले ली किसी ने कोई मिलने आप देखी कई ऐसी फोटो शोशल मीडिया पर आप अकसर देखते होंगे कि यह बदमाश किसम का आदमी है और यह इसके साथ DCP's के पार्टी में आयो है उसकी बिर्थडे में आयो है
14:13मतलब वो history sheet है और उसके birthday में एक IPS officer पहुंचे हो है दिल्ली के मैं नाम भी ले दूँगा उनका मुझे कोई वो गुरेज नहीं है मैं तो वो देखी मैं अभी हाली में देख रहा था कि वो क्रिमिनल है वी सी गली आउटर डेली के क्रिमिनल है जिनमें एक पुलिस अधिकारी IPS
14:43कोई कारवाई नहीं और यह कह दिया आता है कि ठीक है सबके लिंक हैं अब बदमाशों से भी तो पुलिस वालों के लिंक होने चाहिए और अगर ऐसे लिंक नहीं होंगे तो फिर कैसे काम बनेगा इसी के आड़ में जो है ये सारा गडबर जहाला होता है बहत गंबीर और ब
15:13अभी इस पर हम सीरीज चलाएंगे कम से कम दस वीडियो में ऐसी बना सकता हूँ जिसमें आपको पूरे कॉंड़क्ट बता सकता हूँ कि किस तरह को कॉंड़क्ट रहता है यह प्लिस का
15:20तो यह थे चिराग गोठी जो बता रहे थे किस तरह से दिल्ली में जो दिल्ली पुलिस है जाहर दोर पर दिल्ली पुलिस एक बहुत बड़ी फोर्स है देश की राजधानी की कानून विवस्था सुरक्षावन के जिम्में है लेकिन जो बाते अभी निकल करके सामने आई है क
15:50और यह सब क्यों हो रहा है इसपर विस्तार से हम लोगों ने चर्चा की और यह बेहथ चिंटा का विशह है कि इतनी बड़ी जिम्मेदार फोर्स के उपर इस तरह की जीजानी
16:10इसमें जसा की चिराग ने कहा कि इसमें पूरी स्रीज पर हम आपके सामने लेकर के आएंगे जिसमें हम इस तरह के ब्रश्टाचार का परदाफाश करने की कोशिश करेंगे।
16:20आप देखते हैं यह आज तक डिजिटल और मुझे दीजिए इजाज़त नमस्कार।
16:23दर्मियों की चिट्टी होने वाली थी, मेरे पापा आने वाले थे तो हम लोग सभी खुश थे तो मैं एक बेड़ पे चड़के डांस कर रहते हैं दांस कर रहता हैं देगे वो पहले ही आ थे फ्रीज उस समय तो कंटिन्यू नहीं कर सकता था तो फ्रीज फ्रेम टाइप का कस
16:53कर दो

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