00:00सानन्द मानन्द वनेवसंतं मानन्द कंदं हतपाप वृंदं वारानसीनाथमनाथनाथं
00:23शीवेश्वनाथम शर्णम प्रपद्य शीकाशिनाथम शर्णम प्रपद्य
00:33आज का ये प्रेस कॉन्फरेंस विशेशकर उन लोगों के लिए है जिनको शिव के बारात और शिव के तांडव के
00:44बीच
00:45क्या पर्थक्यता होती है पता नहीं भारत की राजनीती में ऐसे भी लोग हैं
00:54कि इस सनातन भूमी में शिव बरात जैसे विराट पर्व और शिव तांडव वो दोनों एक हैं
01:05इस प्रकार की सोच रखकर राजनीती करते हैं और भारत वर्ष में भरम फैलानी की कोशिश करते हैं
01:14तो मुझे लगता है कासिक शित्र से इसका निवारन करना बिलकुल उचित होगा
01:20मेरे लिए ये गर्व का विशय है कि माननीय प्रधानमंत्री शी नरेंद्र मोदी जी के लोकसभा कॉंस्टिटुएंसी से
01:28मुझे प्रेस कॉंफरेंस करने का मौका मिल रहा है उसके लिए मैं पार्टी को भी धन्यवाद देना चाहूँ
01:36विगत किछ महिनों से आप देख रहे हैं कि SIR को लेकर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन SIR को लेकर देश में
01:45किस प्रकार का वातावरन बनाया जा रहा है
01:48किस प्रकार से देश में एक भ्रामक वातावरन एक उत्तेजक वातावरन रेजीम चेंज के लिए बनाया जा रहा है
01:58मैं आज कासी की इस भूमी से SIR के विशह में आपको समझाना भी चाहूँगा
02:05और जो भी प्रश्न इसको लेकर उठाए गए हम पे जो आक्षेप लगाए गए उन सभी आक्षेपों का मैं निराकरण
02:15करना चाहूँगा
02:17SIR कब से हो रहा है
02:20पहला प्रश्न क्या भारतिय जन्ता पाटी 2014 में नरेंद्र मोदी जी के नित्रुत्तों में सरकार बनाने के बाद क्या पहली
02:33बार 2025 में SIR करवाई
02:36गलत
02:38यह जो SIR 2025 से आरंब हुआ है यह 12 हुआ SIR है
02:46यह SIR क्यों होता है और यह कब कब हुआ
02:51भारत एक लोकतांत्रिक देश है लोकतांत्रिक देश में electoral role के माध्यम से
02:57यह चैनित किया जाता है कि कौन लोग भोट दे सकते हैं हिंदुस्तान का भोटर कौन है
03:05और कौन भोटर नहीं
03:08समय समय पर किन का नाम कटना चाहिए और किन का नाम जुड़ना चाहिए यह प्रक्रिया होती है
03:15और electoral role की स्वच्छता बनाई रखने के लिए उसकी सुधता उसका सुधिकरन करने के लिए
03:23SIR होता है
03:24कब-कब SIR पहले हुआ
03:27मैंने बताया यह बारवा SIR है
03:30दस SIR कॉंग्रेस के समय हुए
03:32दो SIR हमारे सरकार के समय हुए
03:371952 से 1956 पहला SIR
03:411957 दूसरा SIR
03:4461 1961 में तीसरा SIR
03:4965 1965 में चौथा SIR
03:531966 67 में पाच्वा SIR
03:581983-84 में छठा SIR
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