00:00झाल झाल
00:30किस तरह से चल लाएं तो हम जान रहे हैं और गंगा मिया जान दी है
00:58पिछले वी सो साल से हर एक साल दो महिना के लिए हमारी रोजी रोटी इदम पूरी तरह से बंद रहती है
01:07नोका संचालन नहीं होता है पर सासां के तरफ से पती बंद लगा गया है कि बाड़ आते ही नाव बंद हो जाती है
01:15और हम लोग ऐसी घाट से लेके नमो घाट के बीच में कम लाखों के संक्या में जिसका रोजी रोटी इसी नाव से चलता है
01:25इसी से बच्चों का स्कूल का फिजिलाता है बुड़े माबाप का दवा का जुगाड होता है और अपने का खाने का जुगाड होता है
01:34और पिछले 20 दिन से अभी बंद है नाव जो भी हम लोग कुम्बे में कमा के रखे रहे सारा ब्योस्ता सब खतम हो गया
01:42और आगे भी दू महिना की लगबख हमारे ख्याल से बंद रहेगा जो इसाब से गंगामिया आई है और हमारे कुछ भाई ऐसे है जो पैसा रखे रहे वो भी खतम हो गया है अभी इस तीती में आगे हैं करजा ले लेके अपना पेट पाल रहे है डाल डूटी चला रहे है �
02:12से हमारे पास कोई भी मदद नहीं आया
02:42करेंघ रहे हैं
02:45स्थरा दारे रहे हैं
02:49झाल झाल झाल झाल
03:19झाल झाल