00:00पदीम शह जूमन जो रेट के समंदरों और सरसबस दर्या के किनारों के दर्मियान वाके था, अपने खुबसूरती और अजमत के लिए मशूर था।
00:07पहर के बाजारों में दूर दराज से आने वाले ताजिर मसालहों बेशम और जवाहरात की तिजारत करते थे, जो कभी अपनी दानिशमंदी और ताकत अब एक ऐसी बीमारी का शिकार था, इसने इसकी जिन्दगी को तारीख कर दिया था, जिजाम ने इसके जिसम को कमजोर कर
00:37एक दूर दराज मुख से आया था और अपने गेर मामूली तिकवी सलाहियतों के लिए मशूर था, इसने कहा, एक बादिशा में आपकी बीमारी के बारे में सुनकर आया, मुझे यगीन है कि मैं आपको शिफादे सका हूँ, अगर्चे मेरा तरीका गेर रिवायती होगा, �
01:07दोबान अगर तुम मुझे शिफा दे सको, तो तुम्हें बेपना इनामाद से नवाजा जाएगा, लेकिन अगर तुम नाकाम हुए, तो तुम्हें सخت सजा भुगतना होगी, दोबान ने सर चुकाया, मैं समझता हूँ हुँ, मुझे सिर्फ चंद दिनों की तैयारी की जर
01:37हाथोड़ी हात में लेकर उसने गिंद को मारना शुरू किआ, सूरज की गर्मी इसके माते पर पसी नाले आई, और उसने महसूस किया कि इसका जिसम हल्का होता जा रहा है, दोबान ने इसे जारी रख़नी की हिडायत की, और चंद दिनों में मुझे जखना तॉर पर बाद
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