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00:00पूछ बडिजादों से ये हिजर कैस छेला है
00:06मुझे शक है उसराज जब मैं नेत की चट पे पूर्दा जाना हूँ
00:11तो उसके साथ वहां कोई और रही था
00:13बडिजाद है
00:30तो उस तेन चट पे आप थे माजड बाई हाँ उस रात को मैं चट चलता हूँ
00:37माजड बहुत जल्द हमारे घर अपने हमी को भेजनी लगे थे
00:41उनका रिष्टा आने से पहले अगर ये बात ने कलाती और बड़नामी माजड सर ले ले ते तो हमारे रिष्टा रहो पाता है
00:50अगर मैं शौकी का नाम ले भी लेती तो बड़नामी मेरा ये मुकदर बंदी लेकिन आपका नाम आते ही
00:58मेरे घर वाले तो क्या पूरे मुहले को मेरी बेगुराये का सबूत में लिया
01:03सब को समझ आगे के नेरा इस वामले के साथ कोई तालोप नही है
01:08योग तो ऐसा सोच भी नहीं सकते के नेरा और आपका
01:38खुशी के रादे से आए हो तो ये इस प्लेटफॉर्म पे आने वाली आखरी ट्वेन नहीं
01:42वैसे भी आस पास के लोग नहारा ये नेक रादा पूरा नहीं होने देंगे
02:08मैं दर असल कॉलिज से छुट्टी के बाद रोधाना इस प्लेटफॉर्म पे कैलूला यानि दुपहर के खाने के बाद आराम करता हूं
02:18अब इस वक्त तुम प्रेन के सामने कुद जाओगे तो मेरी दुपहर बरबाद हो जाएगी
02:22मैंने तुम कहीं देखा है
02:26कॉलिज में कॉन सी एर मिशे चार साल से फाइनल यह ना पास होता हूं वाली निकालते हैं
02:38मैंने वह स्टेज पे देखा है मुशायरे में बेवी थर्ड यर का सूटन अच्छा तुछ तुशायर हो पाजी कहा शायरी किसी कोशिश करते
02:50होते हैं नासाज तखल्स है मैं वैसे नाशाद रखना चाहता था पर पदाजला वो हमसे पहले कोई
02:57नामबर मौसिकार ले उड़े हैं तो नाशाद से नासाज हो गए एहमद नासाज नासाज रो या नाशाद पर क्या बढ़ता है मकसद तो बेचैन रहने
03:10से ना अंतीजा तो बे सकूनी है बात तो बहुत शायर आना गी तुमने लगता हमारी खूब जमेगी तुम तो शाम तक खुदकुशी कर लोगे या अपनी तरफ से जो दिल चाह रहा है बोली जा रहे हो जरूरी तो नहीं प्लैटफॉम पर हर तना अदमी ट्रेन के सामने कू
03:40अगर वो कमजोर लंहा टल जाए इंसान का अरादा बदल भी सकते हैं जैसे इस मेक्तुमर अरा इरादा बदल है उस कमजोर लंहें में कोई बातकरने-कोहने
03:52कोई सुनने वाला होना चाहिए
03:54जो खुदकुशी करने वाले को ये बता सके
03:58कि तुम्हारे मर जाने से दुनिया पे कोई फरक नहीं बढ़े
04:02दो-चार दिन में सब नौ है
04:04आ तुम्हारे अपने है जो अमर भर तरपते रहे
04:09एक लंबे के लिए सोचो वो मनज़र जब
04:12तुम्हारी कटी-पटी लाश उनके सामने लाई जाएगी
04:17क्या तुम इनको ये जियत देना चाहोगे
04:39ये हजन बुआ बहुत अच्छा रिष्टा लाई है सहीदा के लिए
04:43रड़का एकलौता है अपना कारोबार है उसका
04:45और ना ये सादात महले में रहता है
04:48सलीम नाम है उसका
04:50ये तो बहुत अच्छी बात है
04:51बहुत अच्छे लोग है नफीस लोग है
04:54और सफेद पौश है बिलकुल हमारी तरह
04:56वो ना अगले जुम्ह को आना चाहरे थे
04:59तो मैंने का ठीक है आजए
05:00अगले जुम्ह
05:01इतने भी क्या जल्दी है
05:03हमने अपनी बहन को रुखसत करने
05:06उसके लिए कुछ समान तो जोड़ना होगा ना मैं
05:09और फिर मुझे असघर से बात कर लेने दो
05:12असघर से सुग्रा बात कर लेगी
05:14फिर भी लड़के को देखे बिना
05:18उसके खांदान की जाच परताल किये बगाएद
05:20अपनी बहन के लिए हां कैसे कर सकते हैं
05:22अरे भई मैं कौन सा कह रही हूँ
05:24के सिलीम से हां करके उसकी रुकसती कर दें
05:27अभी तो वो आएंगे
05:28ये ये भी ले ले ले ला
05:32ठीक है बाई ये तुम होड़तो की बाते हैं तुम ही जानो
05:45खला खैर करे ले आमी आम
05:48वैसे नाम के है तुम्हारा परीजाद
05:51वाँ, नाम तो बड़ा शायराना रखा है
05:55उडालो, उडालो तुम भी मजाक उडालो मेरे नाम के
05:59जब से होश संभाला है
06:02हर किसी के जबान से अपनी सख्सियत के बरक्स
06:06इस नाम को सुनते ही उनकी आँख में
06:09हैरत और तमस्खर देखा है
06:13अब तो आदी हो चुका होगा
06:17मैं तुम्हारा मजाक ने बुडा रहा है
06:20पुझे वाकर ही तुम्हारा नाम पसंदा है
06:22ये ये लिगीनें तुम्हारी माने रखा होगा
06:25हम भी कभी अपनी अम्मा के शदाद और सलीम है
06:28लिकिन ये दुनिया हमें हमारी मां की नजर से नहीं देखती ना
06:33बाराल बहुत अच्छा लगा तुम्हें मिलकर
06:38मैं वाकि ही किसी कमजोर लम्हे के असर में आजाने
06:46कैसे और कब यहां आने का
06:50और तुम ना मिलते तो
06:54हम जैसे खुदकुशी की आयाशी अफोर्ड ही नहीं कर से
06:59अभी बहुत कुछ सहना बात लिए
07:02वैसे तुम यही समझो कि आज तुमने ट्रेन के सामने कूप के अपना हात्मा कर लिए
07:06अब इसके बाद जितनी जी होगे
07:08उसे बोनस समझ के दिना
07:11ऐसे भी इंसान के मनने के लिए उसका
07:15जिन्दा होना जुरूरी है
07:17ठीका
07:19येकिन ये इनाम भी से जिन्दा लोगों का मुकदर है
07:26अच्छा तो प्यारे
07:30मेरी बस का वक्त होने वक्त
07:32उमीद है तुमसे जिन्दगी में दोबारा मुलाकात होगी
07:35मैं वैसे तीन से चे यहीं मिलूँगा
07:39अगर दोबारा कभी नेक इरादे से आना हुआ थे
07:42कौन सार डिपार्टमेंट है तुमारा
07:46ताट के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वालों का भला कौन सार डिपार्टमेंट होता है
07:51होई उर्दू डिपार्टमेंट
07:54और किसी शौबे ने कभी हमें मुँ ही ने लगने दिया
07:57खैर होती है मुलाकात
08:16दुछे ऑड़ित थे जशारीं के रखो डिखेसर रखेस परटमेंट हरते है
08:23कैसे कैसी मदोस सूर्ट काथते जाते जाते दिखाई दे जाते है
08:38परिजाद
08:42अब है बाततो सुनiqué
08:46जी शोकी भाई, बोलो.
08:49और ये मुझे इतना अदब से शोकी भाई ना का कर,
08:52असमे बहुत श्रम आती यार मने.
08:55मैंने तो दुश्मनों से बढ़के किया तेरे साथ,
08:58तु बस मने शोकी कहा है.
09:00मैं तुम्हे बोला है ना, जो हुआ सो हुआ,
09:03बूल जाओ, मुझे किसी से कोई गिला नहीं है.
09:07मैं हजार जुते माल ले शोकी के सर पे,
09:09लेकिन जे बात अपने दिल से निकाल दे,
09:11कि शोकी ने जान बूचे किया तेरे साथ.
09:13शोकी बुरा इंसान जरूर है, शोकी मानता है.
09:17बगैर तो नहीं है शोकी.
09:18और मैं खुद सारे मल्ले वालों को कठा करके,
09:21सारी किकत बता दूँगा, फिर जो जुसने बिगाड़ना है, बिगाड़ ले.
09:24और तेरे सर से इलजा मटा के रहे गाए शोकी.
09:27और वैसे भी वो नईद की बच्ची आप बड़ी गुन्नी और मीशनी हैं.
09:30मुझे पक्का यकीन है उस राच्छत पे कोई था उसके सार्थ.
09:34सुकी बाई, एक बात मानोगी मेरी.
09:36हमें ठूद हुकम तो कर, तेली जान भी आजिर है.
09:39बता.
09:41बस पर आएंदा अपनी जबान से नाहीद या उस राच्छत के वाके कर नाम ना लेना.
09:45और नाहीद किसी और से उसका जब्यों करना है.
09:50और अगर दिल से मेरी इज़त करते हो तो तो आएंदा नाहीद की तर्व नदर उठागी भी ना देखना है.
10:00तो उस ये मेरी पहली और आखरी दर्खास है.
10:02तो सिर्व नाम का नहीं, पुंदरों भी परी जाता है, बात याल रखी मेरी.
10:09पर उन नाहीद वो परी नहीं है, अब है पूरी चुड़ेला है.
10:12चजाज वाद्दा किया तरे साथ, और नहीं लेगा शोकी उसका नाम.
10:18अनाही एक कोईज लगाने कोशिश करूँगा कि उसका वो नाम बलूमाशी के कौन था, जो मेरी आठपती पुलट के छुप गया था.
10:26वादा है ना, फिर होगी तुने अपमें बाद से.
10:29मैं तुझे काना बुरा हूँ, बगहरत नहीं हूँ, यह मने तुझे परचानने बड़ी देर कर दे, हो सगे मने माफ कर दी है, लेकिन ये बात याद रखी, तुने खरीद लिया शोकी को, किसी जर खरीद गुलाम की तरह, तुझे जिन्दगी में कभी मसला हो, तुने एक �
10:59कर दोक झायाँ के लिड़ा हो, तुने ब हो, तुम एक लिए लिा कर देर कर दे देया है, वत calculating बड़ी जहां तुमाया सृट में कमकिया है, यह घए़एवभि Wentे में नही फ KP कि भीसे है ही, तुमे रख़ाने तुमोट कि तुमांने झाल तुमा खरे च़ईंे वभाने, यह
11:29आप चाहिए, आप चाहिए, इसके ले कोई आजए
11:36क्या हुआ?
11:52कुछ नहीं
11:53वो सईदा अबाजी ने तुम्हारे लिए एक पैगाम भेज रहा है, जब मैं उनके आन्यास देने गई थी
12:00क्या कह रही थी?
12:04वो कह रही थी, कि जो खत अबा को परिजात भाई की हैंड राइटिंग में छट से मिला था
12:10वो सुफर शोखी ने उनसे लिखवाय था
12:13बिना ये बताए कि वो खत तुम्हारे नाम लिखवा रहे हैं
12:16और जान बूच कर खत के नीचे अपना नाम ने लिखा
12:19ताके पकड़े जाने पर किसी को शक ना हो सके
12:22इंचाँ
12:24शायद
12:26भाजी मुझे पूरा यकीन है कि उस राट शट पर वो लोफर शोखी था
12:31मगर पता नहीं तुमसे पहचान क्यों नी पाए
12:33क्या मतलब है तुम्हारा कि मैने जान बूच की शोखी का नाम ने लिया
12:37ताके परीजाद भस जाए
12:38ऐसा क्यूं करूंगी मैं
12:40बाजी मेरा कहने का ये मतलब नहीं था
12:42तुम्ही बताओ के
12:44ये पहन तुमने कब लिया
12:49सिद्रा का है
12:52परे बाक्स में उसने छोड़ दिया होगा फ्लास में
12:54लेकिन इस पर तो एम लिख था है
12:56तुम्हार वट बाल की खालो धारती रहती हो
12:59उल्टे सीदे अंदाजे लगाती रहती हो तुम्हारे दिमाग बुलकुल खराब हो गया
13:03सुकून इस घर में है नहीं
13:05मेरे पास वक्त नहीं इन चीज़ों का
13:29कहां थे तुम कबसे तुम्हारा इंतिजार कर रही हो अब तर तुम्हारी शाम की नाहीदवारी टुशन भी खतम हो गई है फिर कोई नहीं टुशन लेके आ रहे हो
13:42ऐसा है समझो आपी
13:46इस तफ़ा टुशन देने नहीं
13:51खुद ले कर आ रहा हो जिंदगी से
13:55मैंने सबक सीखने को मिल रहे है
14:01क्या बात है? खुल कर बताओ
14:06माजिद भाई से मुलाका तो इतिया आज
14:16बता रहे थे कि जल्द नाहीत के घर अपने घर वालों को भेज़ेंगे
14:26विश्था लेने के लिए
14:30मापी मैं चाहता तो
14:44कुछ अर्सा मुजीद तुम से ये खबर चुपा ले था
14:49अगर तब तक ना जाने तुमारी आँकों में और कितने खाब जनम ले ले लेते हैं
14:57हम जैसे हों को ठीक वक्पर खाब कोचल देने चाहिए है
15:04खाब जितनी देर में तूटें तकलीफ उतनी ज़्यादा होती है
15:19सान्योरे सान्योरे सान्योरे
15:32माशालाव आपने अपनी दोनों बच्चियों की बड़ी अच्छी तर्वियत की
15:38इस सुगर बच्चिया हैं शुक्रिया बेटा है
15:42हम तो आज आपके पास इसलिए हाजिर हुए थे
15:47कि आप नाहीद बेटी की जिम्मेदारी हमें सुख दे
15:50बस कुछी दिन में मेरे माजिद की नौकरी पकी हो जाएगी
15:55ये तो बहुत अच्छी बात है माशालाव
15:59लेकिन इतनी जल्दी हम कैसे जवाब देने
16:03नाहीद के बारे में तो हमने बहुत कुछ सोच रखा था
16:07और अब उसकी तालीम भी तो मकमल नहीं हुई
16:10अरे तालीम का क्या है बहन
16:12माजिद ने कौन सा पाबंदी लगा रखी है नाहीद के आगे पढ़ने पर
16:16मेरा माजिद तो खुद भी दीन और दुनिया दोनों में
16:20माशालला बहुत कामर्याब और कामरान है
16:23और वो दूसरे मर्दों की तरह बिलकुल नहीं है
16:25जो शादी करके बीवी को घर की चार दिवारी में बंद कर देती
16:30बस मिर्जा सहाब असली बात तो ये है
16:34कि अब हम खाली हाथ में ही जाएंगे आपके दौलत काने से
16:38बई आप लोगी महबत और खुलूस ते तो हमारी जबान बंद कर दी हम क्या कहें
16:43पिर माजिद माशालला बहुत होनोहार और बहुत अच्छा बच्चा है
16:49ये तो हमारी बेटी के खुश नसीबी होगी कि वापकी बहु बने
16:52बस तो फ़र मूँ मिठा कर आईए आच्छा नाही धमारी होई
16:57जी
17:19अब मैं समझी मुमाजिद भार का कॉलेज के बार नजर आना इतफाग नहीं था
17:27सिर बड़ी चलाक हो बाजी ज़े भी पता नहीं चलने दिया
17:31अब पता चल गया ना
17:35अच्छा नो मैं किचिन को देखती हूँ तुम सर अब उनसे पूछ उतासा चाह करो
17:43आप
17:57आप
17:59सहीदा वो मिठाई
18:03मेरा मतलब है अमीने मिठाई दिस्वाई है
18:05मेरी और नाहीत की बात पक्की होगी है
18:09सहीदा
18:11सहीदा
18:13कौन है दर्वाजे पर
18:15अरे माचेद
18:17मार क्यों खड़े हो वालेकुम
18:19सलाम आओ अंदर आओ
18:21वो मिठाई लाया था
18:23अच्छली अमीने बिशवाई थी
18:25मेरी और नाहीत की बात पक्की होगी
18:27हरे वाव वाव भाई बहुत मुबारक हो
18:29अच्छी ख़वर सुनाई तुमने माशाळला
18:31आओ भाई चाहे पिये बगार नहीं जाने दूँगा
18:33आओ आओ आओ
18:35अच्छी बात है
18:37कभी बगार दलो ये
18:39एक बार फिर परिजाद की हरकत की वज़ा से माशरद करता हूं
18:45नाही तुम्हारी बहनों जैसी ही है
18:47अब तो माशाळला
18:49तुम्हारे साथ रिष्टा भी जुड़ रहा है उसका
18:51अब
18:53नहीं नहीं
18:55नहीं नहीं अजगर भाई आप इस बात कर जगर रहने दें
18:59और वैसे भी मुझे परिजाद से कोई गिला नहीं है
19:02अच्छी बात है
19:04कभी परिजाद को बिठाओ अपने पास
19:07समझाओ उसे भी
19:09हो सकता है तुम्हारी सोहबत में नामरात कुछ सीख जाए
19:13जी जैसा आपका हुप है
19:19अच्छा तो मुझे एजाज़त दें
19:22कि शुक्रिया
19:26आपको बहुत मुबारिक हो
19:28बहुत शुक्रिया
19:29चले मैं चलता हूँ
19:30आज़ो छोड़ता हूं तुम्हें तरवाजे पे
19:32हमेशा से इसे खोए-खोए
19:50और अदास रहते हैं या आज कोई खास बात है
19:53नहीं
19:55मेरे लिए हर दिन एक जैसा ही है
19:59मेरे जैसा हो जाएगा
20:01जब इश्क तुम्हे हो जाए
20:03ये बताओ बस नाम ही शायर आना रखा या शायरी वायरी भी करते है
20:08कुछ नजमे लिखी थी कभी
20:12शायरी यूँ ही हो जाती है
20:16पढ़ते है किसे हो
20:18वही गालब मीर, दर्द, खयाम वगयरा वगयरा
20:22ये मीर की गजल और खयाम की रुवाई इनके जमाने चले गए
20:27तो फरास का चर्चा है
20:29और अफैसाप की तो क्या ही बात है
20:31लड़कियों में वैसे मुनीर न्याजी की नजमे बड़ी मगबूल है
20:36क्या तुम लड़कियों के लिए ही शायरी करते हो
20:40और क्या
20:42भई शायरी औरतों के लिए ही की जाती है
20:45तुम्हें क्या लगता है ये तमाम मर्द शायर
20:47हम आदमियों को राजानें के लिए शेयर कहते है
20:50गजल तो है ही औरतों से गुफटगू का दूसरा नाप
20:55तो औरतों से गुफटगू करो, गो है ना शेर
20:58सितारे जो चमकते हैं किसी की चश्मे हैरा में
21:03सितारे जो चमकते हैं किसी की चश्मे हैरा में
21:07मुलाकातें जो होती हैं जमाल अबरो बारा
21:11ये ना आबाद वक्तों में दिले नाशाद में होगी
21:16मुहबत अब नहीं होगी
21:19ये कुछ दिन बाद में होगी
21:22गुजर जाएंगे जब ये दिन
21:26ये उनकी याद में होगी
21:28बहुत खुब
21:32तुम बस ये दो नजमे नोट कर लो
21:38मैं ऐसी सूपर हिट टाइप शायरी तुम्हें याद करवा दूँगा
21:41बहुत काम आएगी तुम्हारे
21:43तुम समझो आज से मैंने तुम्हें अपनी शागिर्दी में ले लिया
21:47तुम्हें पका शायर बनाना अब मेरी जमेदारी
21:50बोलो क्या बोलते हैं
21:54मन्जूर है एहमेद नासास की शागिर्दी
21:56चलो मिलते हैं
22:11आज मिलाद में नाहीत की मा मिली थी
22:14बता रही थी उसका रिष्टा तैय हो गया
22:17चलो अच्छा हुआ
22:19और ना उस हादसे के बाद मैं तो डर गई थी भापी
22:22कहीं पिचारी गहर ही ना बैठी रहे जे
22:24इसे किसे बात हुई पकी
22:26अरे भैई वो जो महले का सबसे ज़्यादा लाइक लड़का नहीं है माजिद
22:30हाँ हाँ पूरे महले में मिठाईयां बांटी हैं लोगनों
22:33इससे कहते हैं नसीव
22:36नाहीत जैसे शेजादी लड़की के साथ
22:39माजिद जैसा पावकार लड़का ही जचता है
22:42वैसे एक बात है भावी इन दोनों की जोड़ी बहुत प्यारी होगी
22:46क्या तो तुम ठीक रही हो इन दिल जले आशिक को कौन समझाएगा
22:52जिसने ख्यालों ही ख्यालों में नाहीत के लिए पूरी शायरी की दिवान लिग दिया थे
22:57जा रहो
22:59अब बीबी अपना ना हुलिया दुरस कर लो कल तुम्हे लड़के वाले देखने आ रहें समझी
23:13आओ और यह हैं हमारे सबसे छोटे बाई परिजाद वाले कुब स्सलाव परिजाद यह सिरीम साब के वाले मुहतरम है
23:28और यह सलीम साब
23:31असलाम अलेकुम अलेकुम अलेकुम यह हमारी सईदा का रिष्टा लेने के लिए है
23:40तो मैं यह कह रहा था कि सलीम बहुत फर्मा बरदार है
23:48खुसरान अपनी माकद बहुत चाहता है
23:50शदफ लीजे शुक्रिया
23:58आपकी सईदा को हमारे हां कोई परिशानी नहीं होगी
24:13यह शाकरा सलीम की तस्वीर तो दिखा सईदा की भावियों को
24:19यह यह देखें
24:22अपना सलीम दीन के मामले में तो बहुत पक्ता है
24:30माशाला लेकिन दुनियादारी में भी किसी से पीछे नहीं है
24:34यह तस्वीर जरा सईदा को भी दिखाई है ना
24:38ऐसा ना हो ना कि कल कोई केके में तस्वीर यह नहीं दिखाई थी
24:41हाँ, क्यों नहीं, देखो
25:00अरे, लगता है शर्मा आ गई है बच्ची
25:04अब लीचे लो, दो, दो
25:07अरे, कुपरा बेटी, अब बागी के मामलाद भी टैक कर ले
25:11जी-जी, जरूर करते हैं, आप प्लीस, खाईए
25:19सलीम तो हमारे साथ ही आया देगा
25:21इसी साल नया कारूबार शुरू किया, असने नहीं दुका हुआ हुआ
25:25इंशानला, आपकी सहीदा हमारे हां बहुत खुश्री है
25:29लोग तो मुझे ठीक ही लगे हैं, अगर लड़के की उमर सहीता से कुछ ज्यादा नहीं है
25:57अरे भाई, अब उमर को कौन देखता है
26:00और वैसे भी कारोबार जमाते जमाते, अतनी उमर तो ही जाती है ना
26:04अब 20-20 साल का कोई नौजवान तो मिलने से रहा
26:07और अच्छी बात ये है के, वो किसी चीज़ की फरमाईश भी नहीं कर रहे
26:12चार जोड़ों में हमारी लड़की को बयाक के ले जाना चाते हैं
26:15ना तो क्या करें?
26:17खालियात रुखसत कर दें भाई इनको
26:19नहीं, नहीं
26:21ऐसी भी कोई बात नहीं
26:23काफी दिन पढ़े हैं
26:25हमने कौन से लंबी चोड़ी तैयारी करनी है
26:28देखा भाई, ये तुम औरतों के मामलात हैं
26:31हम मर्दिस के बीच में क्या बोलें
26:33पर हाँ
26:35सहीदा से उसकी मर्जी जरूर पूछ लेना
26:39अरे भाईजान, सहीदा अभी नाधान है
26:42उससे अच्छे बुरे की क्या समझ
26:45इसलिए आप बड़े जो फैसला करेंगे
26:47वही बेतर है उसके लिए
26:49फिर भी
26:51सहीदा से उसकी मर्जी जानना बहुत जरूरी है
26:55तुमारे घरवालों ने तुमसे तुमारे मर्जी नहीं पूछी थी
26:58अरे भाई, पूछ लेंगे, पूछ लेंगे
27:01मैं कुछ नहीं जानता आपी
27:04तुम इस रिष्टे से फौरण इंकार करोगी
27:06तुमारा और सलीम का कोई जोड है ही नहीं
27:09तुम नहीं तो कहा था
27:12कि रंगीन खाबों को देखने के लिए भी जरूरी है
27:16कि उन खाबों में कोई रंग भरने वाला हूँ
27:19और फिर गलती मेरी है
27:22मुझे इतने बड़े खाब देखने ही नहीं चाहिए थे
27:25मगर आपी तुम अभी आई थी दोनों भाबिया
27:28खाना पूरी के लिए मेरी मर्जी पता करना है
27:32क्या कहा तुमने
27:34मैंने हाँ कर दी
27:36अभी अभी ऐसा क्यों किया तुमने
27:44तुम्हें बता है
27:46मेरी रुकसती की भी वही तारीख मुकरर हुई है
27:50जिस दिन नहीं रुकसत होकर माचिद के घर जाएगी
27:54जिस दिन माचिद उससे ब्याकर अपने घर ले जाएगा
27:59उसी शाम मैं इस घर से रुकसत हो जाएगी
28:03शायद लिखने वाले ने भी हम दोनों की तक्दीर
28:09एकी तख्ती पर दोनों अत्राफ में लिखती है
28:13इसलिए तुम भी तक्दीर की इस लिखे को कबूल कर लो
28:19कर लो
28:49माजिद तन्वीर वल्द मुहम्मद तन्वीर आपका निकास सईदा मज़ूर वल्द मज़ूर हुसेंग
29:0122,000 पहक महर रूब रूगवान आपके निकास में देता हूँ आपने कबूल किया
29:07जी कबूल है
29:09जी कबूले
29:37जी कबूले
29:53अपना क्याल रखना
29:55बड़त में मिटसे अपना क्याल रखना
30:07जी कबूले
30:14जी कबूले
30:21जी कब ड्लबाद
30:25कर दो कर दो
30:55सुन्वे लड़के जे सिगेड़ पीते हो जी देंग अब क्या जीते है अब सुन्वे मिसने कॉन मैं हाँ अब हाँ चाश्माटू तू इदरा माचिस निकाल आसाज भाई मास्वरा नहीं पीता कर बुरा काम है तो कैंटीन के पीछे कल तेरा भूठ सिगेड़ पीरा था माच
31:25काम माच बहुआ है कि अदो कि एव यह एए शर्ण कर दो आब है कि अदरां पीजिए अ जो गया है कि यहले निकाल अ
31:55चुट्टी नहीं है मूसे, काफिर लगी। पैसे थे तुमारे पास?
32:11थोड़े से थे, उससे बज़ यही आया है.
32:14आज तुमने एक शायर का दिल खुश किया, मेरी दौा है कि अमर भर शेर तुम पे बारिश की तरह बरसे, मतलब नाजल होते रहे.
32:25बुरी आदत है यह, सुना है मार देखती है.
32:36कमबगत पूरा मारती भी तो नहीं, बस अद्मरा करके छोड़ देती है.
32:41वैसे अजीब बात है ना, कल तक इसी को स्टाइल के तौर पे दिखा के पूरी दुनिया में इश्तिहार बांटे फिर रहे थे और अब पैठ छोड़ो.
32:53यह गड़बर गुटाला अपनी समझ से तो बहार है.
33:10क्या बात है? अचेहरे की उदासी कुछ ज्यादा गहरी है?
33:17देखो यह दुखों को ना डिल में नहीं रखते हैं, वरना वो मुद्द तो साथ चलते हैं.
33:23कैंसर बन जाते हैं, कुछ हो तो कह दिया करें, बाट लेता है इंसान, वैसे भी शायरों के लिए बहुत जरूरी है, दर्थ को मेहसूस करना हो, बेहान करना है.
33:53सेदा मैं जानता हूँ के, मेरी और तुमारी हुमर का बहुत स्यादा फर्क है.
34:14खुदा ने हम दोनों का नसीब एक साथ लिख दिया है. मैं कोशिश करूंगा कि तुम्हें किसी किसम की कोई तकलीफ या परिशानी नहीं हूँ.
34:24और मुझे इस बात का भी अंदाजा है कि शायद तुम्हारी तालीम अधूरी रह जाने की वज़े से भी तुम अदास हो.
34:34लेकिन तुम फिकर नहीं करो. कुछ दिन गुजर जाने दो, मैं अमा अबास से तुम्हारे दाखले की बात करूंगा.
34:42अब आपको मेरे आगे पढ़ने पर कोई अहतरास नहीं?
34:48अरे, बिल्कुल भी नहीं. बलके मेरा मानना है कि एक पड़ी लिखी औरत बैतर माँ साबित होती है.
34:56बस तुम्हें एक चीज़ का ख्याल रखना होगा, घर और तालीम दोनों को एक साथ मैनेज करना होगा.
35:05मेरा मतना है कि यूं समझो अमा अबबा के सामने तुम्हारा पहला इंत्यान होगा.
35:12जी बिल्कुल आपको मत से कोई शिकायत नहीं होगी.
35:16बेहता रहे.
35:19ठीक है मैं चलता हूँ मुझे दुकान से देर हो रही है.
35:35मैं शायर सब कुछ भूली जाओं।
35:42मगर नहीत के बाप का वो चांटा याद करके आज भी मेरा गाल सो लग जाता है.
35:50जलन अक्तिया मेरे हर पुराने सख्म हैं।
35:59किस्से मेरी उल्फत के जो मरकूम है सारे
36:04आ देख तेरे नाम से मौसूम है सारे
36:09शायद ये जर्फ है जो खामोश हूँ अब तक
36:18वरना तो तेरे एब भी मालूम है सारे
36:22सब जर्म मेरी जात से मनसूब है मुसिन
36:28क्या मेरे सिवा इस शहर में मासूम है सारे
36:34जो लोग अंदर से जलते नहीं वो एक बुझा हुआ सर्द
36:38खाना होते हैं और सर्द सिर्फ मुर्दे हैं।
36:43तुम्हारे अंदर जो आग है वो इनसान से बड़े-बड़े
36:49कारनामे करवा लेती हैं।
36:52नाहीत की नाकाम महबत तुम्हें माचिस की
36:56तो फरहम कर चुकी है बस तुम्हें इस आग को बुझने मत देना।
37:02अपने लफजों से इस दुनिया को जलाके राक कर देना।
37:08जब मुकदर फना होना ही है तो भड़क कर राक होने में क्या हर्च।
37:16पूछ पनीजादों से ये हिजर कैसे छेला है।
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