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  • 1 year ago

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00:00पूछ बनीजादों से ये हिजर कैस छेला है
00:30जिमनी, अदास मत हो, सब अचाने की हो गया
00:34और माजद को नौकरी इसी शर्ट पे मिली कि वहाँ दो साल ड्यूटी देगा
00:38जाँ अदास मत हो, मैं आया करेंगी
00:41ये खिर बात तो अदासी की है बेटे
00:43लेकिन जब तुम्हारे मुस्तक्बिल के बारे में सोचते हैं
00:47तो दिल को तसली हो जाती है कि माजद जो खुश भी कर रहा है
00:50तुम्हारे खुशाली के लिए कर रहा है
00:52बहुत अच्छा लड़का है तुम देखना बहुत तरकी करेगा
00:55हमारी बेटी को हमेशा खुश रखिया
00:57इंशाला
00:59कंवल के बच्ची कहा है
01:01जब से आई हो एक जलत दिखाए यह गाइब हो गए
01:03अरे कहा होगी
01:05किचिन में जूती वी है
01:07तुम्हारी पसंद की चीज़ें बना रही है
01:09है
01:10और हाँ माजद से कह दिया था ना
01:12अज दोपहर का खाना हमारे साथ का है
01:14पीची कह दिया था
01:16बहुत शर्मील हैं आपके दावार
01:18कह रहे थे अम्मी और अब्बू के सामने खाते हुए
01:20शर्माती है
01:22नहीं बेटा नहीं शर्मीला नहीं है
01:24बहुत जिब बहुत रहा दिखाए
01:26बिलकु
01:28मैं लग में खुश रखे
01:30कवल
01:32अभी शादी को दिन ही कितने हुए
01:34जो उसे किताबों की पढ़ी
01:36मुझे लगता है सलीम ने उसे इजाज़त दे दिये पढ़ने की
01:39मुझे तो ये समझ में नी आरी कि आखिर काया पलट कैसे गई
01:43ये सलीम तो बड़ा काट का उलू निकला
01:46चार दिन नी समाल सका बीवी को
01:49मुझे तो दाल में कुछ काला नजर आ रहा है बाबी
01:52आपको मैंने कहा भी था
01:53कि इन दोनों की दावत करते हैं
01:56ताकि अंदर की बाते निकलवा सकें
01:58पर आप नहीं माने
01:59दावत पे बुलाती है मेरी जूती
02:01अकबर को भी बड़े जोश उठ रहे थे
02:03बेहन और बेहनोई को दावत पे बुलाने के
02:05मैंने तो साफ साफ बोल दिया
02:07सारा बजट वेरा ना खराब हो जाता है
02:09अगर दावत पे बुलाना है तो अलग से पैसे दो
02:11और ये बात सुनके ना सारा जोश ठंडा हो गया उसना
02:14हाँ खर्चा तो हो जाता लेकिन उसके सुस्राल की खबर तो मिल जाती
02:19उसने भी चुपसाद लिये कानो कान किसी चीज की खबर नहीं होने दी कि वहां क्या चल रहा है
02:25और पिगाम बेजवा दिया
02:27बही मुझे तो लगता है साइदा अपने सुस्राल बड़ी खुश है तब ही तो सबको काबू कर रखा है
02:32फिकर मत करें
02:34सब कुछ पता चल जाएगा हर चीज सामने आ जाएगी
02:39ये जो प्यार महबत के चोंचले न ये चार दिन क्यों होता है
02:43सारी महबत ना धरी की धरी रह जाती है
02:46देखते हैं कब तक लाड़ नकरे चलते हैं बन्नों के
02:50वैसे तो मुझे साइदा की सास बड़ी खरांट लगी थी पहली नजर में
02:55लगता है इसने अपने रंग डंग ने दिखाय अभी तक अपनी बहू को
03:00हाई हाई
03:01सोचा था किताबें बेच हो लिए चार पैसे आ जाएंगे लेकिन किसमा थो
03:10चासरू तुम से जरूरी बात करने थी लेकिन इस बार मौका ने मला अभी दफा करने ज़िए
03:21अगर वो बात भड़ी साथ थाई के बारे में तुमश्य पहले से मालू होना
03:28तुमा कैसे पता है वो छोड़ो किन बाची संदिगे में कभी मौका मिलेना तो इनसे माफी ज़रूर मांग लेना वो बड़े दिल के हैं और नजाने क्यों मुझे लगता है कि कहीं ना कहीं वो तुमसे मौपत करते हैं इनना इतनी बड़ी कुरबानी ना कुई नहीं देता
03:58यह लो बिखना तुम्हे बहुत मसंद आया था ना साथ लेती जाओ जिए अबर प्रिкаनाता।
04:04बहुत माज़ेखा बना था
04:13ढुश है अथिरो गुशद सर्फटारी किये जोङे जोर फचिन कोलेड़े
04:28कि अपुआ कि अभी कि अभी में पूंख शेक हैं आदे अभी कि अभी आपका देन आपके हैं
04:58अच्छा हूँ माजड़ा, यार मैंने तुमसे गिला करना था, मैं खुद किया था निका का डावत नामा देने के लिए तुमारे कर, लगर तुमारे गहर बालों मिसे तो कोई भी नहीं आया
05:08माजड माजड भाई वो तरहसल उसी रोज साइदा का भी निकाह था बसते से लिए
05:16अच्छा, चलो यार, यह तो बहुत खुशी की बात है, बहुत-बहुत मुबारिक हो तुम्हे और साइदा को भी, बहुत अच्छी लड़की है, अल्लह तुमारे उसे बहुत खुश रखेगा
05:27आप तुनों को भी यह विश्टा मुबारक हो
05:30कराची में बड़े कार खाने में मेरी नोकरी हुई है
05:40जहां रहें, खुश रहें
05:42बहुत खुश रहें, तुम भी ख्याल रतना हैं
05:45बदाफिस
05:46बदाफिस
05:47बदाफिस
06:00क्या इश्क वो निभाएंगे
06:15क्या हुस्न को सराहेंगे
06:21तारीक जिनके चेहरे हैं
06:28मुपतरों पे जाने हैं
06:58थैंक यू, थैंक यू
07:07जी हाजरीन, ये थी मिस्स मर्यम
07:17और अब मैं आखिर में
07:18फाइनल कॉमेंट्स के लिए
07:20फॉर्थ यर फाइनल
07:21और कॉलेज के हर दिल अजीज
07:23मुशूरे जमाना शायर, नकाद, मुकरत
07:27और जाने क्या-क्या
07:28यानि मुहतरम एहमद नासा सहब
07:32मैं उनको स्टेज पर आने की दावत देती हूँ
07:35आप सबकी भरपूर तालियों में
07:37नासा सहब
07:39प्रफास
08:05रात हो, चान हो, शनासा हो, क्यों न रग रग में फिर नशासा हो, मैंने एक उम्र खर्च की है तुम पर, तुम मेरा कीमती असासा हो.
08:35एक तो खौफ भी हो दुनिया का, एक तो खौफ भी हो दुनिया का, और महबत भी बे तहाशा हो.
08:58अब मैं प्रिंसिपल साफ से दर्ख्वास्त करूंगी कि वो आकर विनर्स में ट्रॉफी और मेडल डिस्ट्रिब्यूट करें.
09:05और आज की विनर है मिस्स मर्याम.
09:16झाल झाल झाल झाल झाल.
09:29कि नासाज कि यह किया है जानगूच के किया ना जीच सकते थे मरियम से
09:57क्या बात नासास हो यह शहरी तो आपने पड़ी है
10:00तैंक यू तुम ने शायद गौर से नहीं देखा जीता मैं ही हूँ
10:05उसे तो सिर्फ टॉफी मिली है वैसे भी कभी कभार हसीनाओं के सामने खार जाना बड़ा जरूरी होता
10:13कि एक मुस्कृराट पे ऐसी हजारों टॉफी है गुर्बान कहां से सीखाई यह सब
10:23मैं तो हमेशा हा रहा हूँ
10:31और हार के भी मेरा सिर्फ चुकस्ति मुकबर लना है
10:38फिकर ना करूँ
10:43मैं तुम्हे सब सिखा दूँ
10:45यह बताओ वो नजम याद की जो मैंने तुम्हे बताई थी
10:48हाँ
10:49मैं और मेरी तनहाई
10:52अक्सर यह बातें करते है
10:54कि तुम होती तो कैसा होता
10:58तुम उस बात पे हैराँ होती
11:01तुम इस बात पे इतना हस्ती
11:05बहुत खुब
11:08कभी कभी साहर लिद्यानवी को भी दोरा लिया करो
11:12साहर याद है ना
11:14मैं पल्दो पल का शायर हूँ
11:16पल्दो पल मेरी कहान
11:22मुझे तो देखते ही लड़कियां
11:26शकल और सूरत इनसान का पहला तारुफ है
11:41इनसान का दूसरा और असल तारुफ है
11:45उसके अलफाज है
11:47अपना दूसरा तारुफ को कमल कर लो
11:52इतना मकमल कर लोगे लोग तुम्हारा पहला तारुफ हूल जा
11:55लफजों की सल्टनत के बादशाव बन गया
12:00फिर देखो कौन कौन तुम्हारे कदमों है
12:04कैसे समझे
12:22बाद़े बन्हारे का लाद़ें
12:32कर वह हुर।
12:57फॉवरे मेर नासास का अ मिरा माइमत का दोस्तूंओ
13:01क्या उससे मुलाजात हो सकती है?
13:03जो भी अधरमादा खुले हैं दर आजे मनने फुटना यहां तरतंग नहीं करें!
13:07चल्दी कर चल्दी शावाज शावाज शावाज शावाज
13:10तेरी तो में इस तुझे बताती हूँ!
13:26पपली?
13:27कितनी बार मना किया ना तुम्हें मैंने!
13:29मत कहला करो यह लड़को वाले भुटा खेले सेहन में!
13:32आंक निकाल दी ना भुचाले लड़के की!
13:34ओम्मी कुछ नहीं हुआ उसको ठीक है बिलकुल!
13:37चुपकर!
13:38और तु निदो सब यहां से!
13:40बहुत हो गया हाँ!
13:41चलो, निकलो यह से!
13:43नहीं जमा रहते हैं!
13:45बेटा, ज्यादा लगी तो नहीं ना तुम्हें!
13:48यह पगली ना मेरी बेटी है, बबली!
13:51बेटा, माफ कर देना इसे!
13:53बेटी नहीं बेटा!
13:56और बबली नहीं!
13:58बबली बदमाश नाम है मेरा!
14:02तारूफ तो ठीक से कराया कर!
14:06चुपकर!
14:07मारूँ गी एक!
14:08और कड़ी-कड़ी मेरा मूग्या देख रही है!
14:10चल जा सिकाय का सामान लेकर आ!
14:11और हल्दी में लेकर आना साथ में!
14:13सिकाय कर दूँ इसकी!
14:15इटे दिखाओ!
14:19इस तो हो कॉन?
14:21जी मैं परिजाद!
14:23क्या?
14:26क्या बोला परिजाद?
14:29ये तो सरसर लड़कियों वाला नाम है भई!
14:31तुम्हारा तो कुछ देओजाद टाइप नाम होना चाहिए!
14:35चुपकर जा!
14:37मश्वरा मांगा किसीने!
14:39यो काय जाकर कार!
14:40आने ने देते रभबा को!
14:42अबन लें गार्स देरी!
14:43मैं ठीक हूँ जी!
14:45बस थोड़ी सी लगिया है!
14:47मैं अना साथ से बिलने आया था!
14:50ओई! तुम बोलता भी है!
14:53जोड़ी!
14:55चुप!
14:56चलो बेटा आओ!
14:57मैं तुम उपर ले चालते हूँ!
14:59ये तुम्हारी के ताब बेटे!
15:01आज़े आज़े!
15:06अज़े आज़े!
15:14आज़ो बेटा!
15:15एमद ना हमारा किरायदार है!
15:17बस यहां उपर वाले हिस्से में उसका कमरा है!
15:20आज़े!
15:25एमद!
15:26बेटा तुम्हारा दोस्ता आया है, दर्वाजा खोलो!
15:31क्रीक बना?
15:32हाँ जी, क्रीक बना!
15:35अरे!
15:36परिजाद!
15:39आओ!
15:42अच्छा तो ये तमगा उस तुफान मेल बबली का दिया हुआ है!
15:47मैं ऐसे लिए किसी को अपने घर का रस्ता नहीं दिखाता!
15:50चौदा तपक रोशन कर दी उसने मेरे का!
15:54लंबी कहानी है!
15:56खेर!
15:57तुम कैसे आये?
15:59तुम कुछ दिनों से कॉलिज नहीं आ रहे थे!
16:02परिशानी में मैंने किसी से पता मांगकर सोचा आ जाओ!
16:06लेकि तुमने बताया नहीं था कि तुम यहां किसी के आँक रायदा रो?
16:11मेरा अपना घर तो लहौर में है!
16:13मैं भी तुम्हारी तरह वजीफों और स्कॉलर्शिप से कॉलिज तक पहुंचा हूँ!
16:18और भी तक पहुंचा हूँ!
16:20और भी बिमारी क्या हुआ?
16:24कुछ नहीं!
16:25बस कभी कबार!
16:28सरदर्द से पटने लगता है और बखार चड़ जाता है तो दो एक रोस के लिए फुक्त को कमरे में बंद कर लेता हूँ!
16:35तो इस डॉक्टर को नहीं लगा?
16:37फीस कौन देगा डॉक्टर की?
16:40वैसे भी हम गरीबों को बिमारी भी गरीबों वाली होती है।
16:46खेर छोड़ो तुम्हारी नजम का बड़ा चर्चा है कॉलेज में
16:51सानवी किरदार बही बहुत खूब उन्वान है
16:56असी कोई बात नहीं
16:58बस कुछ लाइने ही जोड़ी हैं वैले
17:01मशूर तो तुमने करवाया है कॉलेज के मैगजीन में छफा कर
17:05जो दिखता है वो ही बिखता है
17:07इसमेरा क्या कमाल
17:10अच्छा तुम आराम करो
17:12और जब तक ये बहार उत्रनी कॉलेज आने की कुई जूरत नहीं
17:15तुम्हारी हाजी लगाने वाले बहुत है वहाँ पर
17:18शीजिए
17:19मैं चलता हूँ
17:21तुम बैठो बैठो
17:23ध्यान से जाना
17:27वो तुफान मेल बबली अभी नीचे ही है
17:30वस्तिच मने बताया नहीं है क्या माजरा
17:36माजरा क्या होना है
17:40असल में कुस्तानी जी और उनके शोहर को पहलोटी के लड़के की खाईश थी
17:47सारा दिन बेटे के खाप देखा करती थी
17:50पर पैदाईश हो गई लड़की की
17:52सारा बज़पन उसे लड़कों की तरह सजाती रहीं
17:56सवारती रहीं
17:57यूँ ही लड़कों के साथ खेलते पलते
18:00इसके अंदर की लड़की जाने कहा खो गई
18:04इसलिए तो स्कूल के बाद कालेज नी जाने दिया माबापने
18:08रोजाना की जी का सर पाड़ देती थी
18:11प्राइवेट पढ़ाने की भी कोशिश की लेकिन
18:15बबली ने एफ़े से आगे पढ़ के नी दिया
18:21चाहाँ
18:22ऐसी बात है
18:24वो यह उस्तानी जी ने ही सारी कहानी सुनाई थी
18:27बच्पन तक तो बाद ठीक थी
18:31मजाक में टल जाया करता था सब
18:34पर अब माबाप दोनों बबली को लेके खासे परेशान है
18:39अब अब अब अब अब
18:46अब अब
18:49अब
18:51अब
18:55अब
18:57अब
18:59अरे बिटा
19:01तुम जा रहा है अब जी
19:03मैं तो चाय पोचने आ रही थी
19:05नहीं जी बस चलता हो स्थानी जी
19:07लो एमद ने तुम्हे भी मेरा शागित बना दिया है
19:11चलो आज से मैं तुम्हारी उस्तानी होगी
19:13पिटा मेरी बेटी की बातों का बुरा मत मानना
19:17तरसल थोड़ी सी जल्दी है
19:19बापके बेजा लाट प्यार नने
19:21बिगाड दिया उसे
19:23बस सोचती हूँ
19:25जल्दी से उसके हाथ पीले करके रुपसलब करदू
19:27किसी अच्छी लड़के के साथ
19:29माफ करना बेटा
19:31तुम भी सोचते होगे
19:33पहली मुलाकात में क्या अजाती बाते लेकर बेट गई
19:35बेट गई दरहसल एमत के दोस्तों ना
19:37इसली अजनबी नहीं लगे
19:39माफ करना
19:41बस मुझे इजाजद दे मैं निकल काम भी
19:43हाँ हाँ फिर आना जरूर है
19:45जी
19:59ओए
20:01फिल्मों के हीरो इधर आ
20:03इधर आना
20:23मेरी मां से मेरी शिकायक तो नहीं थी
20:25नहीं मैंने तो कुछ नहीं कहा
20:27मैंने तो कुछ नहीं कहा
20:33मेरी मां नहीं दूसरी की तरह तुछ से मेरी बुराईयं कहाँगी है
20:36ना
20:37दिन बर लड़कों के साथ केलती रहती है
20:40रात पर केडुल के फिल्में देखती रहती है
20:42पुई एक लड़की सहेली नहीं बगारा बगारा
20:45एक दुना संदोद और बगारा भगारा
20:46बगारा
20:47लिए अए
20:48बमारी तो थारीफ कर रहा थी तुमारी
20:50कि यत्व司 को थारी
20:52कि थारीपिती भी और डिटांद भी
20:53मैंना रहा है मुझे
20:54मुझे, तुझे क्या लग रहा है
20:57मैं आप जाउंगी
20:58स्क 않हा में गात
21:15अभी है छे माँ फाइनल इम्तिहान में
21:23क्यों?
21:26तुर्मचान उमें तो इता देना मुझे
21:29पस तुड़ा सा अच्छा होगा समझ रहा है ना चुछ
21:33समझ रहा है ना क्यों महले बादी महले को ना में नहीं पास करा है
21:39समझ दिए अजी?
21:42ये जी क्या है?
21:44हाँ? समझ रही बबली नाम है मेरा
21:47बबली बदमाश
21:49ठीक है बबली बदमाश जी
21:56अबड़ा सीधा है तू
21:58चाह लगा
22:00तो भी क्या याद करे रहा
22:04तू बबली जी कहते
22:06तला पुट
22:12तो ये अफे अफे अफे भी की तूश को अचा होंका
22:15बढ़ा
22:17आए जाए लाए ऑगल
22:47फुल भूते वोई वो तेख थोम लगा है है यहा यह जगा एक इतना सारा लगा हुए हाँ बाभी
22:58आई हो धीब उझाए हुए साक चून गरी है हम तो बजार से नहीं हो आसकते
23:06Assalam Alaykum Khala Assalam Alaykum Khala
23:10अरे माशाला, माशाला, वालेकुमसलाव, क्या हाले हैं?
23:16ठीक ठाक, आब बताएं, कैसी हैं? शुकर, अलहमदुरेला, कैसी हाला?
23:21मैं भी ठीक हूँ, आज सुबही पूछ रही थी मैं सईदा से, कि लगता है, तुम्हारी भाबियों तो बिल्कुल ही भूल गई है, अरे निकाह के बाद तो किसी ने पलट कर खबर ही नहीं ली, और सईदा भी तो नहीं गई अपने माई के, अरे खाला कोई एक परेशानी हो �
23:51आज से, कौन आया है?
24:01Assalamu alaikum, भाबी, क्यास क्यों?
24:05ठीक तो ना?
24:07Assalamu alaikum saab.
24:08वा सुदा, बड़ी प्यारी लग रही हो.
24:11Amit, मैंने अपसे काहता है ना, भाबियां के मुद समिलने?
24:14हाँ हाँ, भैई, मान गई मैं तुम्हारी पेशन गई को.
24:17अचे यह लो, अंदर जा के रखो और चाय पानी का बंदबस करो.
24:21यह जाओ, शाबाश, आप आओ ना?
24:23आज़, आज़.
24:24बड़ा बड़ा खर रहे खाला तुम्हारा तो?
24:26हमारी ओकाद इतनी कहां, यह तो सेलीम के ताया काय सब कुछ.
24:29जो हम संभालते हैं.
24:31पिकाला घर तो बड़ा साफ रखा हुए.
24:49मेरी बुड़ी हड़ियों में इतना दम कहां.
24:54अरे यह तो सहीदा के हाथों का कमाल है.
24:57जब से आई यह ना?
24:59इस घर की सजावत में जुद गई है विचारी.
25:03एक भी दिन अराम नहीं किया उसने.
25:05अच्छा?
25:07हैरत की बात है?
25:09हमारे हां तो किसी काम को हाथ ही नहीं लगाती थी है न?
25:13हाँ वाकी.
25:15शाहिद अपने सुस्राल वालों पर सुगणापे का रोब जुमा रही है.
25:19वहां भाईयों की तो बड़ी लाडली थी.
25:22अच्छा? वाकी?
25:24जी-जी.
25:25छोड़े इन बातों को.
25:26लड़कियों को अपने घर में ये सारे काम तो करने ही होते.
25:29बस ये ख्याल रखे हैं कि चार दिन की चांदी ना हो.
25:32भाई?
25:34तो ये क्या मतलब?
25:36मतलब ये के खाला हमने सुनाए
25:38कि साइदा को सिलीम भाई ने आगे पढ़ाई की इजाज़त दे दी है.
25:42भाई, अब हम तो सच कहेंगे.
25:44चाहे साइदा हमारी लाडली नंधी क्यों ना हो.
25:47आखिरकार हम उसकी बिलाई के लिए तो कह रहे हैं.
25:49और वैसे भी ना अकपर भाई और असकर को कुछ ये बात अच्छी नहीं लगे.
25:54परी सची बात है.
25:56लड़कें अपने घर में काम करती अच्छी लगती हैं खाला.
25:59ये कालेज उनिवर्स्टी के चक्रों में पढ़के घर का सारा निजाम खराब होता है.
26:03अब सोचें, किताबों में मगस का पाती रहेगी तो खामिल, सुसर और सास की खिद्मत कप करेगी हां?
26:13हाँ, कह तो तुम ठीक ही रही हो.
26:18अच्छा, चलो सिलीम आता है ना, तुम्हें बात करती हूं से.
26:24खाला बसना, ध्यान करना, हमारा जिकर्ना करना, वो जाक व्यां है ना, कि सरासी भी बात हो अगर में तो घूम धिर खिर, भावजों पे आती है, हमारा जिकर्ना करना है.
26:36नहीं, मैं आप, आओ, आओ..
26:41का, इधर आ, जाओ, यहाहाँ बैठो, आभी लेते, आओ.
26:47आओ, बेक्टु बेक्टु बेक्टु बेक्टु लोभी लोगादा
26:53की को नाओ
26:55छी
27:17क्या हो गया इतनी खामोशी किस बाद
27:21क्या हो गया खेरियत तो है
27:28काई की खेरियत हो ली
27:29खामोशी न तूफान के आने से पहले की निशानी है
27:35कौंसा तूफान
27:37यह माँ है न यह चैन से नहीं जीने देती इसने कसम खाली है
27:47मुझे चैन से जीने नहीं देगी
27:49बुला लिया रिश्टे वालों को
27:52मुझे देखने के लिए आ रहे हैं अब तू बता
27:54मैं कोई देखने की चीज़ हूँ
27:55कोई सरकस चल रहा है
27:57आएंगे देखेंगे जाएंगे
28:00यही चलता रहेगा
28:01यह जमाने की रीत है
28:03रसम भी यही है कि लड़के वाले लड़की को तूप
28:05ऐसी की तहसीन रसम और रवाजों की
28:07कोई पर्चून की दुकाने कोई आएगा
28:10देखेगा पसंद करेगा
28:11और अगर ऐसी पसंद नापसंद की बात है ना
28:13तो लड़की बाले जाएं लड़कों की तरब
28:15उनको देखें उनको पसंद करें
28:17अजीब अन्दी मचा रखे है लोगों ने
28:18यही चलता आ रहा है जमाने से
28:21किसी ने बदलने की कोशिश तो
28:22अबली बदलेगी
28:23अच्छा देखो शादी में क्या हर्च है
28:51उस पे भी बदमाशी करना
28:53मजाले तुमारे सामने
28:55कोई दुम्बी मार सके
28:57तु चरिया हो गया है
28:59हां क्या चाता है
29:01मैं तो किसी की उससे की
29:03उच्छी आवाज भी बरताश नहीं कर सकती
29:05क्या करूंगी
29:07अगले दिनी दो धर दूंगी उसके
29:09अच्छा तो फिर
29:15क्या हाल है इसका
29:16मैं सोच नहीं है इस तुझे थोड़ी हिम्मत करनी हो नहीं
29:36मुझे
29:38मैं क्या कर सकता है
29:39अभी सुन तो ले
29:40पहली तेज गाम में सवार हो जाता है
29:43ठीट
29:50मुंदा तो अच्छा है
29:55सीधा है
29:57इसलिए पप्ली के दिल को भाग या
30:01अच्छी चलो बोलो
30:04अच्छी क्या करना है
30:12कि उने जाना है उस गड़ते के बास
30:16उसको कहना है कि बबली तुझे पसंदा है
30:19तु रिष्टा वीजर है भुफ़ते लो
30:22अबे क्या
30:24मैं क्या क्या हो गया हरज क्या है बोलने में
30:28हां शकल से तू वैसे ही
30:30आशिक टैप का दिखता है ना
30:34तो काम भी हो जाएगा
30:36मेरी जान भी छूब जाएगी
30:38हां
30:40वन्ना फिर मुझे
30:42अपने सहाती कुछ करना बड़ेगा
30:44और
30:46इसका जिम्मेदार ना तू होगा
30:48पर तू सोचता रहना कि तू कर सकता था
30:50और तूने किया नहीं
30:52क्या
31:10क्या दाखला भी ना भीजू
31:12मगर क्यूं
31:14आपनी तो मुझे आके पढ़ने की इजाज़त दी थी
31:16मुझे आके पढ़ने की इजाज़त दी थी
31:18मेरी किताबे भी खुद मंगवा के दी थी
31:20तो अचानक क्यूं
31:22मेरा मतलब है कि
31:24असल में अम्मा का मानना है
31:26कि शुरू शुरू में तुम्हें घर पर ध्यान देना चाहिए
31:28तालीम का क्या है
31:30अचानक क्या है
31:32आगे चल की होती ही रही है
31:34ठीक है जैसा आपका है
31:38अच्छा तुम्हें बढ़ाया था कि तुम्हारी भावियां ही थी तुम से मिलने
31:44अम्मा से उनकी मुलाकात होई थी क्या
31:46जी मैं तो जादा तर बावर्ची खाने में मसरूफ थी वो अम्मा के पास ही बैठी थी
31:53मुझे तो उनसे ठीक से बात करने का मौका भी नहीं मिला
31:56श्यां
31:58मगर आप क्यों पूछ रहे हैं
32:01नहीं कुछ नहीं वैसे
32:04तुम परचान नहीं हो
32:06में दोबारा मौका मिलते ही अमा से बात करूंगा
32:09और मैं जानता हूँ उनके दिल को
32:12मुझे यकीन है मैं उन्हें मनवालूँगा
32:14तुम बस कोशिश करो के
32:16ज्यादा से ज्यादा वाक्त अमा के साथ गज़ारो और नका दिल जीतो
32:20पाकि सब समार लोगा मैं
32:22ठीक है, अम्मा को मुझसे कोई शिकायत नहीं होगी, मुझे यकीन, अच्छा तो तुम इस वाज ऐसे परिशान हो, फिकर मत करो यार, ऐसी दम्किया वो रोजाना अपने माबाप को देती है, उसकी दम्कियों में अगर कोई दम होता ना तो अब तक उस तानी जी उसका बंद
32:52पता नहीं, मुझे लगता है ये रिष्टे का नाम से उनकर भंगामा करेगी, बाकी लड़कें की तरह डबूर्डर्पोक नहीं है, उस घुस्ते में कुछ कर्द गुजरेगी, इसलिए तो उस्तानी जी उसका रिष्टा जल्दस जल्द कराना चाहती है, माँ है न, उसकी �
33:22कर भी कह सकते हैं, वैसे भी इस माश्रे में औरत का बहादर या मुझे पोना उसकी खूबी नहीं, खामी समझा जाता है, माश्रे के ठेकेदार ऐसी औरतों को आम तोर पर अजीब और गरीब अलकाबाद से नावासते हैं और, कुछ ना बन पाए तो आवारा और बच्चलन
33:52दिल की मरजी पे चलने वाली समझा अब आर और बच्चलन ते, नहीं, मर्द अगर दिल की मरजी पे चले तो उसे रुमैंस शुमार किया जाता है, औरत की बात और है, उसका तो फूलों, सितारों, और बारिश के लिए भी लगाओ हो तो उसके करदार के हवाले से कई सवला
34:22वो तो मर्दों की तरह करख नजर से इस दुन्या को परकती और देखती है
34:31यही बात तो जादा खतरनाक है
34:36अंदर से चाहे बबली पूरी मर्द ही क्यों ना हो
34:40पर बार की दुनिया में फिरने वाले ये गित नुमा मर्द तो उसे एक नाजुक लड़की की तरह ही देखते और परकते हैं
34:48बबली के लिए बेतर यही है कि वो किसी पड़े लिखे और सुल्जें मर्द के पल्ले बान दी जाए जो रफ़ता रफ़ता उसके अंदर की ओरत को जगा दे
34:59करना मुझे डर है कि बबली का अंजाम बहुत अलमनाक हो तुम्हें लगता है कि बबली को एक समझदार पड़ाले का मर्द मिलेगा तो उसकी उलचनों को समझे और पर भी नबाद करे और उसकी चखसियत को मुकमल करे
35:17ऐसा वही मर्द कर सकता है जो अंदर से बहुत ज़्यादा हसास हो और और उरत की फित्रत को समझता हो
35:29ऐसा एक मर्द तो भी मेरे सामने बैठा हो
35:47इबराहिम कितनी बार बोला है रोजी रोटी की जगा को साफ रखते हैं
35:51सफाई निस्फ इमान है
35:53हाँ जी
35:54इस दुकान से मैंने वो समान खरिटा था इंस्पेक्टर साफ
35:57ग्रिफतार कर ले इसे
35:58ये तुमारी अपनी दुकान है
36:00जी जी सर मेरी दुकान है
36:02कौन-कौन काम करता है यहाँ पर
36:04जी मेरी दुकान है और ये अबराहिम मेरा मुलाजिन हुकम सर
36:08इन साबको तो तुम जनते होगे
36:10कौनसलर है इस लाके के
36:12कुछ समान खरीदा थैनोंने दो दिन पहले तुमारी दुकान से
36:15आरिफ नाम है इनका
36:17सर, नाम तो नहीं जानता, आप बहुत सारे किरात आते हैं, अगर यह कहरे हैं, इनोंने समान लिया तो इनके पर रसीद भी होगी, हुकम करें सर, ज्यादा अंडान मत बनो, तुम्हारी फेस क्रीम इस्तमाल करने से, मेरी गरवली का चेरा जल गया है, जिल्द की बाड में प�
36:47बलके मेरी चीजे चेक कर सकते हैं, इसका फैसला अब थाने जाकर होगा, तुम्हारे खिलाफ शिकायत दर्ज करेए, कौंसलर साब ने, और इसका सारा समान जब्द करो ना, और दुकान सील करो इसकी,
37:17पूछ पनीजादों से, ये हिजर कैसे छेला है,

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