00:00पूछ बनीजादों से ये हिजर कैस छेला है
00:06अपना की मैंने शादी ते कर दिया
00:09तीन दिन के बाद निकाह है
00:11मारे हां रिष्टे नहीं आते बोली रगाई जाती है
00:13बोली तो बाजारी औरतों की लगती है
00:15तो तुम मुझे क्या समझते हो
00:17मर्द की सूरत, उसकी शक्सियत और उसका वकार
00:21साथ उसके पैसे से होता
00:24क्या की मत लगाई है तुमने अपनी इस शाइरी की
00:29पांच लग अपने लफ्स बेचे है
00:34वो किताब जिसके लिए आपने मुझे फाली रिजिस्टर दिया था ताकि मैं आँ में लिखो
00:40वो किताब में लफ्सों के सौदागर की दुकान वर्डेचा आए
00:48ओ आजा भी आजा, खाना खालें
01:10अबे हारुन उस्ताद, आजा यार, खाना खाले
01:16कल उस्ताद, जिदा कला तुम लोग खाओ खाना, हम थोड़ा काम में मसरूफ हैं
01:21तो इंशालला फारे को होके तो नड़के खाना लगा रहे हैं
01:24जल मर्जी देरी
01:25और ये चूचे छूडी तो ले गिया, और प्लेट भी लाएक
01:29प्लेट भी दे प्लेट
01:33अपने आपको इतना ना जलाया गर
01:36दो उफतों में तुने पूरे महीने काम निकाल दी
01:39ऐसे भी क्या मुशक्र
01:40कल उस्ताद, पैसा कमाना है मैंने
01:44मैं दुनिया का राज संबल चिगया हूँ
01:46जहां सब पैसे के सामने जुकते हैं
01:51और वैल्टी के काम में कितना कमाले
01:53महीने में दस नहीं तो पंदरा साथ
01:56तुझे कितना चाहिए
01:58जही कोई
02:01दस से पंदरा लाक
02:03पंदरे लाक तो मैंने पंदरा सालों में निकमाया
02:09सारी हयाती काम करके भी ना
02:11एक लाक जमा नश पहायाया
02:12तो उना यह फौप दिखने छोड़ दे
02:15काम पे धियान कर
02:16तो पर पर क्या करूंगे
02:19यैसे कमाते है पैसे
02:21मैं तो पढ़ाई भी इसले छोड़के आया हो कि पैसे कमा सको हूँ
02:23अच्छा, सोचता हूँ तरे बारे कुछ
02:26अभी फिला रोटी का
02:28रोटी निगा लिया
02:30अच्छा पलो क्या लिक्रिवाटी
02:38खाना आ गया है
02:42अरे भाबी मैं ना बताना भूल गई थी
02:46कि आच खाला सकीना मिली थी मुझे
02:48कह रही थी कि नहीद आजकल इदर आई वी है
02:51लगता है बच्चे की पदाईश तक यहीं रुकेगी
02:54शिरीकों के दिल पे ना सो छोड़ियां चल गई होगी
02:59ये तो है
03:00और तो और हमारे मजनुस अब सुबह निकलते हैं
03:05और रात को घार आते ही बिस्तर पर गिर जाते हैं
03:07चलो छोड़ो
03:09हमें क्या लेना देना
03:11ऐसे
03:12सईदा की कोई खैर खबर नहीं आरी बड़े दिनों से
03:15अरे
03:16आपको अकबर भाई ने नहीं पताया
03:18मुझे असगर बता रहे थे
03:20सलीम आया था दुकान पे
03:22बता रहा था पैसो का इंतजाम हो गया है
03:25क्या मतलब
03:27ये कैसे हो गया
03:29कोई लौटरी लौटरी तो नहीं लगए सलीम की
03:34पता नहीं
03:35मगर असगर बता रहे थे
03:37बड़ा खुश और मुतमेन लग रहा था
03:39लगता है
03:41सहीदा की किसमत फिर से एक बर जाग उटी है
03:43फिर हमें क्या इससे लेना देना
03:46क्या मतलब क्या लेना देना
03:48मैं तो जुरू पता कराऊंगी
03:51इनके पास आखिर पैसा आया कहां से है
03:55तो कंगले चल रहे थे
03:56पिछले दिनों तक तो धार मांग रहे थे
03:58हाँ ये तो है बात सोचने वाली वैसे भावी
04:28नहीट तो यहाँ इस्वाक तो यहाँ इस्वाक तो
04:58माफ कीज़े कि आप पिना इजाज़त सीधी उपर आ गए
05:01आपने बुरा तो नहीं मनाया
05:04नहीं नहीं
05:05मैं तो खुद यहाँ
05:08चांद को देखकर सोच रहा था कि
05:12शायद तुम भी अपनी चट पे खड़ी यही चांद देख रही होगी
05:15वो सोच रहे थे
05:18यह चांद कितना खुशनसीब है
05:23यह हम सब की बेचानियों से वाक्तित है
05:30हाँ
05:31मैं भी आज अपनी जट से चांद कोई तक्रे दी
05:35यह चांद तो हम सब का राज़दार है
05:39ठीक कहा तुम नहीं
05:42अगर तुम इस वक्त यहां तुम ठीक तो हो नहीं
05:49क्यों
05:51क्यों
05:53आपके जट पे आना मना है
05:56नहीं
05:57मेरा अगर यह मतलब नहीं था
05:59मैं तो जाने
06:02कितनी सद्धियों से तुमारी इन कोमल कद्मों की चाफ सुने के लिए तरस रहा हूं
06:08और यहां आकर
06:11तुमारे पहरों ने इन सीडियों को
06:15इन रास्तों की
06:17सोई तक दीर जगा थी
06:19आगए
06:22मैं तो समझी थी
06:26आप अभी तक नरास होंगे
06:28नरास्ता
06:32बहुत नरास्ता
06:34अगर यहां आकर तुमने मेरे
06:37सारे जलते जाखमों पर जैसे
06:39तंडा मरंग रख दिया
06:41अब तो नहीं जाओगी ना
06:47अज़े जाओगी तुमने मेरे
06:52तंडा मरंगी तुमने मेरे
06:54तंडा मरंगी तुमने मेरे
06:56तंडा मर अज़े मेरे
07:13तंडा मरे आकर कारे मेरे
07:17कि ऑचा अस्ताद कहा हैं और अजय कि अजय
07:33थाई अ तर्जी असलिप喔त्टाद करा टू हुआ हो आगら तू है तरह न्युकु अभी इंतिझाद कर रहा तो चाहिए क्या खाम नेपाव कॉम्ट अउस अब शाद ।
07:46पर यू समय तेरा काम हो गया
07:49अब तू कराची जाने का समान पाने
07:52कराची? क्यो?
07:54किसमा जो बड़ी तेजा तेली
07:56मेरा एक शागेर्दा है जानू
07:58मेरे पास काम करता था
08:00काम का बहुत नकमा
08:02बड़ी मार गई उसने मजसे
08:04लेकिन काम सही किया
08:06अजकल वो दुबई के किसी बड़े सेथ के साथ काम करते हैं
08:08और उस ही के बंगले में कराची में रहते हैं
08:11मैंने तेरा जिकर किया
08:13तो मुझे कहता क्यों से कराची बही दो
08:15मुझे दुबई में काम लगवान लेगी
08:17पूरी कोशिश करेगा
08:19अजकल वगए जब तक काम नहीं मिलेगा कहा रहूँगा
08:23ओइस चीज की तु टेंचन नहीं जानू सब संभाल लेगा
08:26जानू सिर्फ नाम के जानू नहीं दिल का भी जानू रहे
08:29बड़ी इज़त करते है मेरी
08:31जा शाबश तकारी कर
08:33जी
08:41क्या
08:43क्राची जाकर क्या करेगा तो
08:46जो मेनत करनी है भावदोर करनी है
08:49वो तो यहां रहकर भी की जा सकती है
08:51एक दोस्त से दुबई जाने का कहा है
08:53अगर काम बन गया तो दुबई निकल जांगा
09:05बच्चों का खेल है
09:06पैसे लगते हैं
09:09पास्पोर्ट पे
09:11वीजे पे, टिकट पे, तेरी जेब में तो डेला नहीं होता, इसलिए कहा है ना कि एक दोस्त के जरीए कोसिश कर रहा हूं, और ना कराची में को रोजगार या मज़दूरी मिल जाएगी, वहां काम कर लूँगा, थोड़े से पैसे जमाँ जाएगी, पता नहीं, क्यों मेरा
09:41कोई अच्छी बात कर रहा है, तो आप लोग क्यों मना कर रहे हैं उसको, पहली दफ़ा तो सोच रहा है वो, अपने बारे में और हमारे बारे में, मैं भी यही कहती हूँ, अब अपना समान बान लो परिजाद, वो कहते हैं ना, विज्यत में बरकत होती है, अरे हाँ भई,
10:11बड़े भाईयों से छोटे भाई की दो वक्त की रोटी और दाल दलिया बरदाश नहीं हो सको, जाते हुए, महलेदारों को यह भी बताते जाना, कि दुबही जाने की दुन, हमारी अपनी सवार कर गाए है,
10:32अच्छी बात, अच्छी बात, कम जा रहे है, अपना बहुत ख्याल रखना हो, जो हर्मक तुम्हारी फिकर लखी रहेगी, और इस इमाम सामन को ना, हमिश्या अपने पहाँ रखना हो, आए के लिए सबसे बड़ा इमाम सामन,
11:02लेकिन की दुआएं होती है, आपकी दुआएं मेरे साथ होंगी, तो मुझी किसी और दमान में की क्या ज़रूरत, इतनी बड़ी-बड़ी बाते मत किया कर, ताब में हमोगे बहाँ पर सामन, हम।
11:32अधिक बड़े हो जोगे हो, आए ना स्लिम भै, अजया था जोड़ कर आता हूं, नहीं, नहीं, मैं स्टेशन तक छोड़ कर आता हूं, नहीं, नहीं, शलिम भै, आसी कुछ ज़रूत नहीं,
12:02आप मेरी आपी के साथ रहें
12:04तो मुझे पता है मेरे निकलते ही
12:07मैं बहुत ज़्यादा रोईगी
12:09पुशार भड़ी
12:12भाई
12:16मैं आप से छोटा हूँ
12:20पर जाते जाते मैं आप से कुछ कहना चाहता हूँ
12:24मैं जानता हूँ आप माँ और बीवी के दो चक्की के पार्टों के बीच पिसने वाले और बहुत से मर्दों में सेगें
12:32लेकिन माँ का हुकम
12:35इज़त
12:37और एतराम खायम लगते हुए अगर बेटा
12:41अपनी मजबूर बीवी के लिए
12:43तो लफ़ भी बोलते
12:46तो आरत जी उठती है ये सिंदगी जिन्दा लगने लगती है उसे
12:53मेरी बहन को जीने का हम दिलाएंगे आप
13:03इस ये उमीद रखता हूँ अपसे
13:16जादों से ये हिजर कैसे छेला है
13:20ये तन बदन तो छलनी है और दूह पर भी चाले है
13:27कैसे जान पाऊंके इश्क में क्या गुजरी है
13:33इनने सख्म खाये हैं कितने दर्द पाले हैं
13:40हाहिशों के जंगल में
13:56हजरतों के बिस्तर पर
14:03जिस्म तो गुलाबी है और दिल से काले हैं
14:11मैं रूप का पुजारी हूँ
14:21मैं लंस का भिकारी हूँ
14:27लेकिन जहां मैं बस्ता हूँ
14:32वह मंदिरों पे तारे हैं
14:37हूँ
14:39प्रण स्थिर्ण
14:41जहीं लेकिन जहां मैं
14:46मैं भुबज़न
14:48नहीं जहाँ
14:49इन से प्रण से का मैं
15:00कर दो कर दो कर दो कर दो
15:30कर दो कर दो दो कर दो
16:00परिजात तुम जानू आहां और कोई नजर आ रहा है सेशन पर जानू मेरी तरह का कल्लू साथे तस्वीर नहीं दिखाई मेरी अब दिखाई थी मगर मौजुदा हुल्ये से जरा से मुख्तलिफ थी
16:24दूटी पर हूँ ना मैं चुटी ले गया हूँ आदे गंटे की सिर्फ तुझे रिसीव करने शुक्रिया चल अचाला माशाला बैठो अल्ला चांसा बेटा दे
16:43हाई भाई मुझे तो जूई पता चला कि अपनी नाहीद बिटिया आई भी है पहली खुशी की खबर लेकर तो बस यू समझो कि मैं तो फॉरान भागी चली आई
16:53बस दूआ करना सब खेरियत से हो तुमारी तो अल्ला बड़ी सुनता है हजजन भी हो इंशाला सब खेरियत से हो जाएगा मैं तो सभी के लिए दूआ करती हूं नमाज के बाद
17:04अरे मेरी ही दूआ से तो कुबरा और सुख्रा के दिन फिरने वाले हैं यू समझो के उनके तो बुरे दिन गए अरे क्यों क्या कोई लाटरी लगी या तुम्हारी दूआ से प्राइस बॉन निकलाया बस यू समझो के उनकी लेटरी निकलाई अरे वो जो उनका छोटा है �
17:34है परिजाद भाई दुबाई चले गाए हाँ मगर वो तो यहां पर चलो ये तो खेर बहुत अच्छा हुआ उस खेराने के भी दिन फिर गए विचारों ने बड़ा बुरा वक्त देखा है भई हमने तो हमेशा सब का अच्छा चाहा
17:54है है क्या डाल दिया चाहे मैं हासी आ गई मुझे हाँ भाई तो सारा महला ही जानता है कि तुम सब के लिए अच्छा चाहती हो ऐसलिए तो इतना अच्छा दामाद मिला तुमें हल्ड़ा ने तनी अच्छी सुसराल भी दीबनाहित बिटिया को अले मैं तो कहती हूं कि अ�
18:24है क्योंकि मुझे अभी आगे पढ़ना है और ग्राजुवेशन के बाद मास्टर्थ भी करने है चलो ठीक है चार पांच महीं ने रूप जाते हैं हाँ आप बेहन मगर मैं तुम्हें पहले से बता दे रहे हूं नाहीद बेटिया की पहलोटी से पहले गोदभराई लूंग
18:54पहला बेटा होना है ए इंशादला बेटा ही होगा अरे बातो बातो में चाय थंडी हो गई अरे बिटिया तुम ऐसा करो कि एक कब चाय का और लियाओ पकोडियों के साथ तुम्हारे लिए भी दूआ करोगी कि अन्ना तुम्हे अच्छा सा बर दे वाह अजन भूआ बड�
19:24लेक्या थी ने जा बेटा जीती रहो अलर में बहुत अच्छा बार दे इस यह वाला है उपर वाला है वस एक फ्लोर और
19:47तुम्हें एकी दिन में ठक गया रहेगा कैसे मुझे देख कितना फिट हो गयों रोज सड़ता हूं यह सिड़िया आजा परिजाद वई अंदर आजा यह अपना दौलत फाना
20:14अब यार कराची लोड शेडिंग वी न आती अपनी मरदी से जाती भी अपनी मरदी से इधर आजा इधर गर्मी लगी तुझे इधर आया वह वेट इधर गेट खुलता हूं पड़ी हवा लगे दिन में कराची की घर पे अकेले हो तो और कोई नहीं अथा घर वाले का हैं
20:44अपनी मा भी है अपना बाप भी है आज में जो कुझ भी हूना कलू साथ की वज़े से वैसे कल्लू साथ बड़ी तारीफ करते हैं तुमारी, बड़ा मान है हने तुम पर
20:56कल्लू स्थाज रही इतना अच्छा गलत जवाने में गलत जगा प्यदा हो गया कल्लू स्थाज
21:02तो अब कहीं ड्राइवर हो मेकैनिक का काम छोड़ दिया है यार वो छोड़ दिया मैंने मगर उस सुनर ने बड़ा साथ दिया मेरे शेयर में शुरू में
21:18अच्छा सुन मैं चलता हूँ आदे गंटे की छुटी ले गया हूँ बहुत से किचन में रात की रोटी और सालन रखा भा भूग लगे तो खाल लेना लाइट ना है और गर्मी लगे तो नहा लेना वो कौन बे गुचल खाना ठीक है अच्छा बू सुनो सेट से कब मिलवाँ
21:48अच्छा बार होती है वो भी जब वो बोनस देने आता है हमारा बॉस सेट का मैनेजर है मुस्तफा वोई देखता है यहां सारे काम
22:00अच्छा नी
22:05मुझे लगाता है शायद मैं जल दिल दुबाई के लिए मिपी जाऊँगा दुबाई
22:11दुबाई जाने इतना असान नी मिरवाई अच्छा दिल छोटा मत कर कुछ दिनों में सेट आ रहा है कराची और सुना उसमें चौती शादी कर लिए कुछ दिन रुकेगा वह यहां पर पहले तेरी कुशिश करके नौकरी लगवाता हूं यहां काम करके बरुसा जी तुश
22:41को कोशिश करके तेरे लिए मशूर जीज़ लाओंगा कराची की दाल चावल और हां कुंडी लगा लेना अंदर से अला ठीक नहीं है कराची की ठीक है
22:51क्या मुसीबात है, दर्वाजा कोलने में तुम्हें एतनी देर क्यों लगई?
23:21कौन हो तुम जी मैं महमान का आया हूँ जानू का है वो मेरा मतलब शाजहां का है शाजहां का तुम नहीं पता जानू अपने काम पे गयराप को आया अच्छा उसे कहना ये माही के फ्लेट्स आया था
23:45अच्छा अच्छा छोड़ो रहने दो मैं फिर आ जाओंगे
23:54कराची के बड़े मशूर है दाल चावल लाइन में लखके मिलते हैं कास्टेरी ली लाइन वो तो वहाँ का एक वेटर मेरा दोस्त है छोगे परी जाते ही जानू के दाल चावल पारसल कर देता है
24:21कर्मा अच्छा यह शाजहान का है तुक्त है शाजहान का मैं नहीं पूछ रहा शाजहान की मंताज आई थी पूछना अच्छा मंदब माई आई थी मुने असल नम्शाजाही है लोग प्यार से मुझे ज्यानू कहते हैं
24:48हुआ है प्यार जोड़ च्रीक हो जब मेरी छोड़ यह बता है तुझे कभी किसी से महाबबत दें नहीं बदर मुझे कान महाबबत करेंगा
25:08च्छू यह क्या बत अबद करने के लिए कोई डिगरी दरोत होती है क्या वेकर मैं बात मानता हूं अबद से जाता मतना जी का महबूब बने के रहने में जैसे मैं माही का
25:24गी किसी का महबूब बनना हमारे फ्त्यार में होगा अख्यार में विए प्यूर का मुझे नहीं बता भाई लेकिन मैं ये मानता हूं
25:35दुनिया का सबसे उचा और बड़ा रुटबा ये है कि आप किसी के महभूब बन जाओ
25:42उस जा
25:45इस बात में मुझे मेरा पुराना जिगरी याद याद करा दिये
25:52गोगर यहां होता ना एक पूरी घखल कह देता
25:54लेकिन
25:57मेरे नसीब में ये आदा मेरे मुझे में कभी लिखा है निया
26:04तो दो से उड़ा समट हूं याद गदर मैं सुनात हूं गदर
26:10मेरे महभूब मुझे महभबत ना मांग दाल चावल खाद
26:17मैं बहुत ही खुशना से जो आते साथ ही तुझे कराजी के मज़ूर दाल चावल काने को बिल रहे हैं
26:27मुझे दाल है
26:29अँआ
26:29इस्क्यूज मी बाई
26:40मेरे साथ है
26:47ऐसो Requy
27:02असलाम लिकूं
27:04असलाम लिएकों
27:06तु बोड़ा जस्यांदार्सदे बसक्राइटो आंटो
27:10बसख रिस्क लेगा वें
27:11अल्ला धीर हें रिस्क
27:13असलाम लेकु मेशीर जब बड़ी हल चल है आफिस में?
27:17बई हल चल तो होनी है, वहरोज करीम साथ खुद आए हैं आज आफिस में?
27:22वहरोज करीम साथ?
27:22असलाम लेकु मालेक है मारे वहरोज करीम जिसका ये आफिस है, उसी के मैनेजर से तुझे बिल्बाने लाए हूँ मस्तफा से, तके तेरी मौकरी हो जाए है।
27:32चल तुझे कड़ा कर देता हूँ कतार।
27:34सही है, सही है।
27:37अच्छा जी इस मिटिंग की ब्रेफिंग तो समझ आगई न सबको।
27:40चल ये आपको एक और खुशखबरी सुनाता हूँ, सर्कुलर तो आप तक पहुंची जाएगा।
27:45लेकिन मैं चाह रहा था कि ये खुशखबरी मैं खुद सुना हूँ आप लोगों को।
27:49वो ये कि इस मरतबा हमारे मालक बहरोज करीम सहब ने तमाम स्टाफ के लिए दो अजाफी तनखाएं यानि के डबल बॉनस का इलान किया है।
28:00आप आप आप आप आपको रोक रहा हूँ ये मेरा कजन है पिंडी से आया परिजात इसे ताम की ज़रूरत परिजात इसे ताम की ज़रूरत है।
28:24असलाम अलेक। परिजात इंट्रेस्टिंग नाम है। इसी काम पर लगा दिए इसे।
28:33शुक्रिया से तो लॉट ने पिलीजिए अब कहा होदेगा तिरा।
28:39देखा, मैंना कहता था जिस नाम से तू पूरी उमर नराज रहा।
28:51उसी नाम की वज़े से तू सेट की नदरों में आ गया।
28:54बसे मैं नोट कर रहा था, बेरोज साब सारे स्टाफ को नाम से जानते हैं, चाहे बड़ा स्टाफ मेंबर हो या छोटा।
29:04क्या बात है हमारे सेट की, ऐसे ही तो नहीं अल्ला ने इतना नवादा।
29:09मगर साथी कोज अजीब सी बात हैं भी मश्वूर हैं।
29:14कैसी बात है। यही के सेट अगर यारों का यार है, तो दुश्मनों पर भी कैर बनकर तूटता है।
29:23जो कोई सेट के रस्ते में आया, समझो गया। बड़ी सफ़काना मौत मारता है सेट।
29:31नहीं, मैं नहीं मानता, इतना नफीस और नर्म दिल इनसान ऐसी काम कैसे कर सकते है।
29:39यहर क्या कह सकते हैं। किसी ने अपनी आँखों से तो देखा नहीं।
29:45और वैसे भी हम लोगों की मुलगात साल में एक आधबार ही होती है।
29:50यहां के सारे काम तो उसके मुक्तलिफ मैनेजर देखते हैं। वैसे कुछ नसीब है तूँ आते साथ ही देरी नौकरी हो गई। और सेलरी भी मिल गई बैली।
30:04अपस की बात है मैं तो दरोज साब की दुबाई वाली फैक्ट्री के खाब देख रहा था मगर चलो पतनी कब तर करनी पड़ेगी यह रात की शिफ्ट है।
30:16किसमत में हुआ तो दुबाई भी दूर रही है। एक निन पहुंची जाएगा दुबाई।
30:22जानू।
30:24अम्मा ने कीर बनाई है। इंतिजार कर रहे हैं वो तुमारा। आजो।
30:34आतम तुम चलो।
30:36आजसनो।
30:40नरदी आना।
30:42आतम।
30:44आतम।
30:46आतम।
30:48आतम।
30:50आतम।
30:52आतम।
30:54आतम।
30:56आतम।
30:58वैसे,
31:00जितने चकर ये दिल में फ्लैट के लगाती है।
31:04तुम उसे मुशक्कत से बचाने के लिए यहीं क्योंगी रख ले थे।
31:07निगाह करके।
31:09रख लूगा एक दे।
31:11पहले अपने लिए और अपनी माई के लिए पैसे तो जोड़नों निकाह के।
31:20फिर लियाओंगा अपने पैस एक दिन।
31:23अचान।
31:26मैं पानी भी के जा रहा हूँ।
31:28खाला से मिलकर आता हूँ।
31:32खाला कौन।
31:34अरे, मेरी मुम्ताज की माँ
31:38वालदा माजदा यानी खाला साजदा।
31:41ओ, अचान।
31:43यानी उन्हें भी इस पसाने की खबर।
31:45हाँ, बिलकुल है।
31:47बलके खाला ने तो दिल में मुझे अपना दौा तसलीम कर लिया है।
31:51मैं खीर खाकर भी आ रहा हूँ और तिरे लिए लेकर भी।
31:56भी।
31:59कुंडी लगा ले ना।
32:01अरे, कल में गई थी साइदा की तरफ।
32:10वो तो घर पे नहीं थी, बगर उसकी सास बड़ी खुशनाजर आ रही थी।
32:15साइदा को भी दौाइं दे रही थी।
32:17तुम लोगों को भी दौाइं दे रही थी बहुत।
32:20अच्छा।
32:21दौाइं दे रही थी।
32:23साइधा कहा थी
32:25उस सेयर करने गई भी थी अपने शोहर के साथ
32:28उसकी अम्मा बता रहे थी
32:30कि सलीम ने नहा स्कूटर खरीदा
32:33और उसी पर उसको सेयर कराने ले गया है
32:35आरे मैं तो कहती हूँ
32:38कि सेयर तो किसमत की धनी निकली
32:40भी शोहर तो साही अल्लामिया की गाय
32:44अब साथ सुसर भी उसके गुन गाने लगे है
32:47हाई बाबी ऐसा क्या साइधा ने मंतर डाला उन पर
32:53वैसे हजन भुआ तुम बीना हमेशा आदी ही खबर लाया करो
32:57और नहीं तो क्या कोई सुन गुन तो लेकर आती
33:00कि आखिर ऐसा कौण सा कुणा निकल आया जो रात तो रात वारे न्यारे हो गए
33:04हाई मैं तो समझी कि अकबर और अजगर ने उसके मदद की होगी
33:11उसास भी कुछ ऐसा ही कह रही थी
33:14मुझे लगा कि तुम लोगों को सब पता है
33:17है सुख्राब कहीं हमसे चुके इन भाई मुली पर मदद तो नहीं कर दी उसकी
33:25मुझे भी ऐसा ही लग रहा है हजजन वुआ तुम ने ये शोशा छोड़ा है ना तुम ही पूरी खबर निकाल कर लाओ
33:32ऐसा कौन सा हातम ताई मिल गया उने जिसने काया ही पलट दी
33:36अरे खबर निकालना कौन सा मुश्किल काम है ये तो हजजन वुआ के बाहे हाथ का केल है बस यू समझो के खबर आ गई
33:49अरे बिटिया कितनी गर्मी हो रही है सरा ठंडा सा लाल शर्बत तो पिला दें
34:19झाल झाल झाल झाल
34:49झाल
35:19आप देहां आज राद तो जावेद से पना है
35:49प्रवाइजर की ड्यूटी थी तुम यहां कैसे जी सर वो जावेद को अचानक से शदीद बुखार में आजख रहा तो इमर्जिंसी में मुझे बुला लिया शिफ्ट ने चार्ज में अगर सर ये लोडिंग ये तो शेडूलर लिस्ट में नहीं लिखी ली थी हाँ बस वो अ
36:19जोने अपना काम ही देख रहा हूं सर और ये लोडिंग दर्च कि वगहर कैसे गाड़ी को जाने बेशार परमिट देखे बगएर मैं किसी गाड़ी को सैट्री के बाहर ने जाने बेशार ना तुम जाकर कोई दूसरा काम देखो मैं हूँ ना यहां तुम्हें परेशान होन
36:49दूसरा नोगरी पे आने की दिवट में है तुद को फारगी समस्द्रा ना यहां से यह तुम्हारे मैनिजर का हुपन है
36:59जाओ
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