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  • 1 year ago

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00:01आपका माजी मर चुका है महरू
00:02और मेरा माजी आज जिन्दा होकर मेरे सामने आगया है
00:05दो लोगों ने दस्तक दी है
00:08तो मैंने सुचा कि धोका ही खाना है तो धोका दिल फरेब तो हो
00:13दोबारा 20 अक्तूबर से बुद्ध शब आट बजे
00:19मुझे बनीजादों से ये हिजर कैसे छेला है
00:26मुझे माफ कर दे मैं अपने पुरानी मोहबत में बहए थी
00:29मुझे माफ कर दिया आगा आगा मुझे माफ करते
00:32इस लड़के का बाग तो कोई अमबसेडर दो
00:35आराम से नहीं बैठेगा अब, वो जरूर अपने बेटे को तलाश करेगा
00:40बताया क्यों नहीं कि वो तुमें दोका देकर किसी को मिलने चाहती थी
00:43मालक मुझे गवारा नहीं था कि आपके जाती गार्ड और अमले के सामने आपकी गहरत या इज़त पर हर खाए
00:51फजल खान, वो लड़की कैसे गाइब हो गई है, हमारी आज की सारी मेनद जो है वजाया हो गई है
00:58मुझे किसी बड़े ब्रेक की उमीद थी, मगर वहाँ तो बड़ा सा ताला लगा हुआ था
01:04और बिल्डिंगी इंतजामिया ने बताया कि जो लड़की सारा यहां रहती थी, वो फ्लाट बंद करके मुझेटा दो ड़ाई महीने से कहीं चली गई है
01:12और उसे कराया भी अदा नहीं किया
01:13इस लड़की का मिलना जो है न वो बहुत जरूरी है
01:16तुमने नोट किया है कि इस लड़की का गायब होना और वलीद की गुमशुद्गी की टाइमिंग ओवरलाप कर रही है
01:22आप सही कहरी है मैडम
01:23और एक ख़ब यह भी मिली है कि एक तूसरी लड़की सारा से मिलने
01:27अपने ड्राइवर या गार्डूमर शख्स के साथ वहां आई थी
01:30उस लड़की की खबर लगाना भी बहुत जरूरी है
01:33सारी लड़की जोएं कहीं ना कहीं वलीद की गुमशुद्गी से मिलती है जाकर
01:38तो मैं एक काम करो
01:39मुझे वा अपार्टमेंट बिल्डिंग है उसके गेट पर से सीची टीवी कामरा फुटिज
01:43और वहां पर फिछे तीन महिनों में जो भी गाड़ियां आई गई है उनके नंबर उनके मालकान के नाम
01:47उनकी डीटेल्स लेकर आप
01:49हमने एसी को इंवेस्टिगेट करना होगा हरिया
01:51यस अप
02:09मैं यह दिर उतना चाहता हूं
02:10बहुत है मालक को मेरी जरूरत पढ़ जाए
02:13या मैं उनकी किसी काम आजाऊ
02:16यह मालक का ही हुका मैं
02:17वैसे भी लेला सबा की मौत के बाद वो कुछ ठीक नहीं है
02:21बिलकुल तूट कर रहे गे
02:23किसी काम किसी चीज में कोई दिल्चस्पी नहीं रहे गे
02:26कभी कभी मैं सोचता हूं
02:29एक इंसान अपनी सबसे महभू बहस्ती को अपने हाथों से कैसे पना कर सकता है
02:34ये सब समझने में तुमें वक्त लगे अभी तुम जाने की तियारी करो
02:39रात को तुमें गुरू की तरफ बिजवा दिया जाएगा फिर अगले हुकम तक तुमें वहीं रहना होगा
02:43गुरू का हुआ हुआ हुआ
02:45पुराना वफदार है मालिक का अपने जमाने का सफाग तेने इंका रहनदा
02:51फिर कुछ वजवात की वज़से उसे अलएदा होना पड़े लेकिन उसकी वफदारी में कभी कम ही नहीं आए
02:57आज भी मालिक ये एक आवास पर वो जान देने को तियार है
03:01जी मैंतर
03:04क्या ख़बर है
03:11मैडम सारी एंट्री और एग्जिट लिस्ट इस फाइल में शामिल है
03:16कुछ आहम नाम भी है इसके अंदर और एक नाम तो बहुत भारी है
03:20कौन सा नाम
03:21पहरोज ग्रूप अफ कंपनीज के चीफ एग्जेक्टिव पहरोज करीम का नाम
03:26और उसी रोज उनके सेक्यूर्टी मैंजर के नाम जा रिस्टुट गाड़ी हैं वह वहाँ आई थी
03:31तोना बड़ा सेट है वह उतनी इंडस्ट्री और कंपनीज है उसके
03:34ऐसी कई गारियां उसकी कंपनी फ्रीट की शेर में बिरती होगी
03:37मैंडम बाकी गाड़ियां तो स्टाफ या स्कॉर्ट की हो शकती है
03:42मगर एक गाड़ी उसके जाती फ्रीट की थी
03:44तो स्टाफ कार नहीं हो सकती है
03:47मैं
03:48हमें बहुत ध्यान से तफ्तीश करनी होगे
03:53एक भी गलत कदम सब पुछ खराफ करते का
03:56को रोज करीम कोई आवाद भी नहीं है
03:58महाद बड़ा इंसान नहीं हमानी नौक्रिया में तेल हो सब्सक्राइब
04:04दान वर्पान
04:06किया लुए
04:26मुए ढया टान
04:27मुए गलत करीम
04:28मुए दोजस पुछ पुछ गर्भरा इंसान
04:30किया रच्पान
04:31किया और्भराज रहीं होगे
04:33यो भी स्वब्सक्राइब
04:34रहीं।
04:35मुए एंसान
04:36किया जवादीए
04:37किया प्रश्श स्वार्फ
04:38कियान
04:40रहीं खर टार्श
04:42कर दोकर आए नहीं ऑनना कि विलाओना ओाओ से विलाओरा ए संसा लगड़ आर ए इसना नहींटी कि अपिता हूले कि ए अ रड़ कि बस्फी कि दूथ गड़ब।
05:12यह है गुरु कड्ड़ा
05:42करें करता हुआ
06:06है
06:12व्रावार व्रावार लावार टार पार यार लावारा लावा रहा दोड़ सी एंए
06:32गरूदी वस्ता हिमाफ़, यर्काद
06:35अच्छु अच्छु अच्छु अच्छु अच्छु
07:02अच्छु है परिजात
07:05कोई मुश्किल तो नहीं हो याने में
07:10नहीं
07:24बड़ी टारीफ किये तरीकी रोज में
07:27सेट बहरोज का बड़ा वाफदार
07:31इसे भी अपना ही घर समझ
07:38समझ
07:42से लानाराम कर
07:43सुबह बाद कर
07:49इसे दिलावर के बराबर वाला कमरा दिखा देए
07:53और ये दिलावर किदर है आया क्यों नहीं अभी तर दिलावर के गया तद गुरुजी कि दुभा देर हो जाएगी उसे
08:01आजो
08:05ये है तुम्हारा कमरा
08:25किसी चीज की जरुरत हो तो बता दें
08:28जी जरुरत हो भी बता दूँ
08:30और कोशिश करना कि कमरे में ही रहो
08:32तुम यहां अजनभी हो कहीं कोई उच निचना हो जाए
09:02कमरे में लखाओवाभण आजनभी हो जरुड़ों
09:09आजनभी हो सिर्पस्ट चाहरों
09:12जाए पुपस्ट्स
09:14होग
09:17झाल झाल
09:47झाल झाल
10:17पुर्तार जोगर कप्तर ने की कोशिश की
10:24पुर्तार जोगर कप्तर ने की कोशिश की
10:29अनो कार्दूंगा तेरा
10:31तुम काउनो
10:33तुम काउनो
10:47तुम कौणो
10:48तुम कौणो
10:49तुम कौणो
10:51तुम कौण है और यहां क्या कर रहा है
10:53गुरू का खास में मानो
10:57बेरो स्रेट में मुझे यहां बेजाए
11:00इनने बताना पना है
11:03मेरे हाथ से बिटता तो
11:05लावजा जान जाती तेरी
11:07पर यहां टेल क्यों राथा तू
11:09पर यहां टेल क्यों राथा तू
11:37परीटा
11:39परीटा
11:41अबली नहीं
11:45अबली नहीं
11:47जुलावर बने गया
11:49गुरू का बेटा
11:51गुरू का बेटा
11:53गुरू का बेटा
11:55गुरू का बेटा
11:57चलावजी क्या कहान है
11:59छोड़ ना लंभी कहाने
12:01तू बता तू यहां क्या कर रहा है
12:03जो गुरू ने कहा था कि उसके मालिक का कोई पुराना वपादार आ रहे है कोई गदरनाक सी बातात करके कुछ दिन के लिए बना चाहिए
12:18तरी तो आने से पहली बड़ी दूम बच चकी है यहां पर
12:23तरी तरह मेरी भी बहुत लंगी कहनी है वक्त में सही पठका है अब इदर प्रिक्रा या तब यहां चल छो अब तो पूरी रात पढ़ी है चाहम तो रेद लेको तुना उसको अपने यड़ा समझ दो गुरू से जान जाती है सब के यहां कर अब तो तो तो जिलावर का मेमान
12:53कि बता इन हरामपूरों ने तुझे खाने का भी पूछा है कि नहीं अब भी तो सो के उठावान जाए अच्छा चल तुझे खिला आट नहीं किया गर से बाग कर दुरूस्तानी जी और शबीजी चच्चा किसी को मूद खाने के लाइक ही नहीं रहे महला छोड़के चले ग
13:23अगर तुझे बता मैं क्या करता तुझे मेरा निकाह करवाने को तुले थे वो अप्टे साथ किसी और की जिन्दगी बरबाद नहीं करना चाहता था
13:37इसलिए भागना पड़ा
13:43तो यह सब तो तुम महार रुख के भी अपने माबाप को समझा सकते था
13:49बहुत कुश्च की वो तो मुझे तेरे साथ थे तो पिकर नका है
13:57मेरी माबाप बहुत समझदार बहुत साबर औरत है मेरे बाप को समझाल लेगी वो
14:05बहुत मेरा मसला दुनिया से बहुत अलएद है
14:14मैं क्या करता है मेरे अंदर का मर्द किसी और मर्द की हाकमियत बरदाश नहीं कर सकता
14:24अच्छे तो बहुत अच्छे से बताएंगा
14:28शराद के हुवत
14:58टें आफले के बोड़ने का हैंसे ढोगे हैंसे फ़िए भी आफिल आफिए सुआ है
15:28तो बात बनाएगा.
15:29अरे बबली भाई, टेंशन लिलो.
15:31120 की स्पूट से नहीं पोचाया ना तो अधिर बोलना.
15:46वियालेज, बबली भाई, वियालेज, वियालेज, वियालेज.
15:49यह कौन सा है?
15:51नहीं.
15:52यह रहा बबली भाई.
15:54यह पकलो तुम अपना टिकेट.
15:58रखतेजे?
15:59अरे बबली भाई, ख्रोल से हा?
16:02अकल भाई, अलविदा गेनेका वपता आजे.
16:06अबाई बबली भाई, ख्रोल रखना थूपना थूपना.
16:09मुल्यका चक्कर लगाते रहें, और अभा का ख्याल रखलें हा?
16:12बबलीबाई, तुम भी अपना ख्याल रखना
16:17क्याल से हाँ बबलीबाई?
16:19किसी को बताना नहीं?
16:20आँ बबलीबाई, टेंशन निलो
16:24क्याल रखना अपना?
16:42बाल रखना खना अपना
16:45क्याल रखना
16:51बाल
16:53बाल
17:00क्या बबला
17:02तो
17:06करेंवो
17:09खान साब, तो माचिस लाइडर मिलेगा क्या?
17:39मैंने का, खान जी, माचिस मांग रहा है मेरा दोस्ट, आग सुलगानी है, अपाओ जो यहां, मैंने काट का रख दूगा, अपे ले, यह तो कोई पूरी हंटर भाई लगती है, तार्जन की बेटी, और टाकू असीन,
18:09जिए दाथ निकालना बंद करो, तो तुछ निखाने के लिए नहीं रखा हुआ, एक भी चीज ना आता है, भाई कुर्बान जाओं तुमारी सदा के, मैं तो यही देखके आशिक हो गया हूँ तुमारा,
18:22सब्सक्राइब की और अच्छा, उरख भी तो हि publicity कन आता है, तुम जिसे, नाजोग बड़्क कोई खेलने की चीज नहींया, हाथ गचाए गजसे, उनलखता है, तुम लोगों को यश सम्झ ज़या का,ि का तुम लोगों को मैं को बताओ, जों जा घरनना चाहते हो, क्या जा
18:52इसे बसक्राता एकिट करके थाम नाओ!
19:11करो करो खाय से, जोड़ी मर्दार के निकालता है उसकी!
19:14अब दो इसे!
19:16मैं बोल रहा हूं छोड दा इसे!
19:19अभी अज हो किया रहा है?
19:21यह ट्रेन हिया कि सर्कास का डबबा देख से है कि नमूना गुसा पड़ा है यहाँ
19:31रहाँ
19:33तो यह अंबर की आर्प निकाल साथ
19:35रहाँ
19:38अचोरिट का
19:41अचोरिट का
19:51अच।
19:52अच।
19:53अच।
19:54पाँ
19:56आइभा
19:59अच।
20:02अच।
20:03अँबर
20:06अच।
20:08आए
20:10अच।
20:12अच।
20:13अच।
20:15झाल झाल झाल
20:45अबाद में टुटाराच सेहां मादा आह सकते हैं
20:55स्वाद में इस स्था प्राद को दिन के एम जडिए और ये समय हुआ आहना
21:05भीक अ कर दें।
21:09यह गर से भाग कर रही है आई नहीं आया हूं नाम क्या है तेरा बबली बदमाश
21:28पबली बदमाश दो अलग चीज़ है ओबला कलेजा चाहिए होता है नाम रख लेने से बदमाश ही होती थोड़ी है अगर कुछ चक है ना तो तू भी आजमा के देख ले हो मौका मिला तो जुरूर आजमा है फिलाल यह बता तुझे जाना क्या है और यह शहर इंसानों का जं
21:58हर दफ़ा तुझे गुरू जैसा बचाने वाला नहीं मिलेगा अपनी सहेली के घर जाना अपनी सहेली के घर जाना अपना भी है मेरे पास
22:11चल फिर मैं छोड़ दूंगा तुझे
22:28कितनी दफ़ा कहा है कि यूँ पैर न पढ़ा कर चाती से लगा कर तेरी जगा यहां है अरे गुरू उठांगे वाला खेर मंगदा
22:46इस पर जाएंगे हम आ यही तो है हमारी तम-तम और मुझे यह तीन के बने डब्बे नहीं पसद यह सड़कों पर रक्षा टैक्सी बने गूमते है अपनी तो यही तम-तम है और यह खेरी उस्ताद हमारी तम-तम का ड्राइवर
23:02गुरू जी कौन? वो इसको अपने ही समाज़ यह बड़ा चिगरा है इसका इसका नाम है तिलावर
23:16हाहा हा हा हा हम फेरे गुरू का तिलावर दिलवाला चला खेरू साथ चलें लाजी उसमान में
23:23हाहा हा हुआ है तो मारा नाम दिलावर गुरू ने रखा है
23:47कहता था बड़ी जीदारी से मैंने उन लफंगो का सामना किया है उसे मेरी दिलेरी कहता था तो मेरा नाम दिलावर हुआ ना
23:59तो तुम ने तो उस दिन अपनी दोस्त के गर नहीं गाना है
24:06स्टेशन से उसके घर के लिए निकला था फिर
24:14भास खेरू चल भाई दिलावर उर्फ बबली बदमाश आ गई तेरी मज़िए यह ना तेरी सहली का गर
24:35पहर उस्ताथ
24:42बुरुजी आतो ताला पड़ाओ
24:44पुरुजी आतो ताला पड़ाओ
24:46पुरुजी आतो ताला पड़ाओ
25:08पुरुजी आतो ताला पड़ाओ
25:10ओ तेरी
25:14भाई तुने तला नहीं दीती आने से पहले?
25:26मेरे पास तो नहीं पता लिखा हुआ था किसे पुरानी किताब में
25:36सोचा यहीं आके मुलाकात हो जाएगी
25:40अब कोई नंबर शंबर नहीं है तरे पास?
25:44नहीं
25:46वह बाईजब
25:48यह यह
25:50करवाले का इनकी सवारी लिगया था
25:52यह तो गय होगे तीन-चार महीने होगे
25:56जर छोड़े होगे
25:58तो कोई रहता तो होगा घर में?
26:00इसके बारे में कुछ के रहना से
26:02आजा
26:16बैट
26:18आजा
26:20आजा
26:28खेलो खेर उस्ताथ
26:30आजा
26:32आजा
26:34आजा
26:36आजा
26:38आजा
26:40आजा
26:42आजा
26:44आजा
26:46आजा
26:48पिर क्या सोचा तुने आगे?
26:50आजा
26:52आजा
26:54मैं अच्छ
26:56नहीं हारा क्या करें
26:58आजा
27:00मेरी मान
27:02तो घर वापस रखाता
27:04आजा
27:06तेरे साथ
27:08तो आजा
27:10आजा
27:12वापस राने के लिए घर से नहीं निकला
27:14अपनी सारी कश्तियां जला कर आएं
27:18आजा
27:20देख
27:22यह दुनिया बड़ी जालिम है
27:26खा जाएगी
27:28अभी राट ट्रेन में एक नमाशा तुने देखी लिए है
27:32तो कुछ भी कर ले
27:34अजा तुने देखी लिया है
27:36तो कुछ भी कर ले
27:38यह तुझे एक कमजोर आज़त की नजर से इदेखे
27:40इसलिए तो घर से भागा हूं
27:42मुझे आज़त बनकर नहीं जीने
27:46बहुत मुश्किल है मेरी जान
27:48में तो खुल हुदूरा हूं
27:50तेरी जान, मैं तो खुल हुदूरा, इसलिए तेरी उल्जन समझ सकता हूँ और यहां इनसान नहीं, जंगल के दरिंदे बसते हैं, यह तुझे तेरी मर्जी की जिन्दगी नहीं जीनगी है।
28:15तो फिर तुझे खुद बता दे, क्या करूं मैं?
28:23अब अब अब तुने गर ना जाने का फैसला करी लिया है तो, मेरे साथ से, नेरे टिकाने, और जगह तेरे की,
28:44वहां मुझ जैसे और भी बहुत है, जो तुझे अपनी फैरेस्ट में सामिल कर लेगा, आज से तेरा नाम दिलावर है, और तु गुरू का बेटा बन कर रहा है।
29:08मुझे मेरी नई शनाख के साथ कबूल कर लेगे, मतलब तेरे लिए कोई मसला तो खड़ा नहीं होगा।
29:30मसला? मर गए गुरू के लिए मसला खड़ा करने वारे तो चल मेरे साथ, असली दिलावर बनाऊंगा तुझे।
29:42चाकूबाजी, तवंचागीरी, पत्माशी, सब सिखा दूँगा तुझे।
29:46अपसे खा दूँगा तुझे।
29:50वोई तेरी तरफ आँख उठाके भी निदेख सकेगा।
29:54क्योंके इसे अपनी आँखें चिंजाने का खौफ होगा।
29:58यह दुनिया मर्दों की दुनिया है।
30:04और इस मर्दों की दुनिया में जीने के लिए
30:07हम जैसों को तुमके ज्यादा मर्दान भी की जुरूड़त होती है।
30:15जी।
30:27गुरू मर्दों का मर्द।
30:29उसके सामें यह सब मर्द ना मुझे।
30:32तीसरी जिंस के लगते हैं।
30:34तो तुम्हारी तरवियत मुकमल हो गई।
30:39कितना अरसा लगा तुम्हें यह चाकू बाजी और लडने के फ़न सीखने है।
30:44तो साल से जादा लग गए।
30:49लेकिन गुरू ने मुझे सब कुछ सिखा दे।
30:52सद्धे और पाड़े के निक्चे छोटे-छोटे ओरड़ें जासे कुरू की आमदनी आती है।
30:57जो बस यह यह यह अलग दुम्हें।
31:02इस नया अंडरवर्ड और गुरू उसका बादश्या।
31:07तो तुम्हें श्तानी जी और शबीद सचा नहीं महारा पर।
31:23तुम्हें तुनिया आते बहुत क्यार आते है।
31:31अगर मैं क्या करूँ।
31:33नेशा मैंने दुख तक्लीफ है दिये हुए।
31:41एक दबह सारी तक्लीफ उठा लेँ वोट सो जुदाई जी।
31:45सारी तक्लीफ है।
31:48कि बाद को यजियत ना रहना सेने को।
31:54तुम्हें फिर मैं बबली की तिम्हां दिलावर का हूँ।
32:01पबली तो इसी वक मरती थी जब घश से कदब निकाला थी।
32:07खेर तू अपनी बताना तू तू बड़ा फू शरीफ मिसना सा लड़का था।
32:16तू कैसे पेरो सेट के दमदे में पढ़ गया और इतनी तरक्की करने कि सेट फुद पैवाम पोचाता है तेरी लिए गुरू को।
32:26भी ऐसा भी क्या किया में भी बता।
32:29बस मैंने अपनी पढ़ाई और दूरी चोह ली थी।
32:32किसी ने मुझे कहा था कि मर्द की असल कशिश उसके औहदे रुदे और पैसे में चुपी होती है।
32:44पिर मैंने अपनी शक्सियती कमियां चुपाने के लिए पैसा खुमाने का सोच में शुरू करें।
32:56पिर किसमत इदर ले आई।
32:59पिर किसमत आई।
33:20रात को दीन आगे थी अच्छी तरह से।
33:23नहीं, नहीं जगह पर मुश्किल से ही आती है।
33:28मैंने तो सुना था कि नीन तो सूली पर भी आजाती है।
33:35सूली होती तो आजाती।
33:39शायत है।
33:42बड़े दिलजले लगते हो।
33:49कोई तो वज़ा होगी जो मालिक ने तुम्हें यहां पर जाती।
33:58वरना सेट बहरोज ऐसे ही किसी को गुरू की पना में नहीं बेचना।
34:05अज़ता है बहुत बहरोज है उनको तुम पाते।
34:08वैसे बहरोज साफ के लिए काम करना की छोड़ा।
34:13बस यार मारा गया था दिरा।
34:21हम दोनों ने एक साथ दंदा शुरू किया था।
34:25और सेट बहरोज की नौकरी भी एक साथ इसको।
34:29मुष्पक की गोली उसे चाट ली था।
34:35का धिगरी था।
34:39मेरे इनी हातों में जान दी थी।
34:43दिल उदास था।
34:51छोड़ दिया सकते।
34:54अगर मैंने सुना है कि
34:58इस तंदे में लोग अपनी मर्जी से आते हैं।
35:02अगर वापसी अपने इक्तियार में नहीं होती।
35:06बलके वापसी का रास्ता ही नहीं होता।
35:11ऐसा ही है।
35:13सेट बहरोज बड़ा शेहनशाद।
35:17बादशाओं का बादशाद।
35:21मैंने जब इससे जाने के लिए इजादत मांगी।
35:25इसने मुझे इतना दिया के मेरी साथ नस्तों के लिखा।
35:29तिर भी ये बाड़ा चला रहे हो।
35:34क्यों?
35:35ये दुनिया बड़ी जालिम है परिजाद।
35:38ये मरे वह को सौदर्रे मारती है।
35:50किसमत ने भी बड़ा अजीब कहला मेरे साथ।
35:53जब पैदा हुआ तो सबसे पहला लख इजड़ा मेरे कानों में गाली बड़ा।
36:02उसके बाद माबाब किसी ऐसे ही अड़े बर किसी और गुरू के आगे इग गए।
36:11जवान हुआ तो और अपने दुदकारा।
36:15और मर्द ने डाली तो बुरी नजर ही डाली।
36:22रोज जीता था और रोज मरता था।
36:29और अपने रफ से सिर्फ एक ही सवाल करता था।
36:37कि जब तन अदूरे दिया तो मन के पूरा था।
36:41वो भी अदूरा देता।
36:44गुस्य और इंतिकाम की आज में हत्यार उठा लिए।
36:53इस पेरहम दुनिया को तुम इतनी अच्छी तरह पह जानते हो।
36:59फिर भी बबली को इस बकेड़े में डालकर दिलावर बना दिया।
37:06ऐसा क्यों किया।
37:09तो बहुत मासूम है।
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