00:00जीतिया वरत को जीवित पुत्रिका वरत के नाम से भी जानते हैं।
00:04जीतिया वरत का सनातन धर्म में बड़ा ही महत्व है।
00:08सनातन परंपराओं के मताविक अश्विन महीने के कृष्ण पक्ष की अश्टमी तिथी को जीतिया वरत रखते हैं।
00:14इस वरत को पित्रपक्ष के दोरान ही महलाएं निभाती हैं।
00:18जीतिया वरत का महत्व होता है अपने बच्चे की सुरक्षा और उनकी लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करना है।
00:23ये वरत खास्तोर से पुत्र के साथ साथ अपनी सारी संतानों की भलाई और लंबी उम्र के लिए रखते हैं।
00:28ये वरत मुख्य रूप से बिहार और जारगन जैसे राज्यों में मनाया जाता है।
00:32आई ये से विडियो में आपको बता दे कि जीतिया वरत इस साल 13 या 14 सितंबर में कब रखा जाएगा।
01:02सब्त में तिति को किया जाता है। ऐसे में जीतिया का नहाय खाए 13 सितंबर को होगा।
01:07महीं सुर्योदय से पहले ब्रह्म मूर्थ में जीतिया ओठ गन रहेगा।
01:11ब्रह्म मूर्थ का समय है चार बच कर 33 मिनट से 5 बच कर 19 मिनट तक।
01:16जीतिय वरत के दोरान अश्टिमी को दिन भर निर्जला उपवास रखते हैं तो अगले दिन नवमी को भगवान सूरी को अर्ग दिया जाता है।
01:24मंत्रों का जाप करके भगवान को प्रसाध अर्पित किया जाता है।
01:27लाल पील और हरे रंग के धागे भगवान को समर्पित करते हैं बच्चों को सुरक्षा के लिए पहना दिया जाता है ये धागे बच्चे की लंबी उम्र और खुशहाली की कामना करता है फिलहाल इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें साथी चानल को सब