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  • 1 year ago
America के लिए India कितना जरूरी?

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00:00अमेरिका के लिए भारत का साथ कितना जरूरी है?
00:03डोनाल्ड ट्रम्प फिल हाल ये जदा रहे हैं कि उन्हें भारत से दूरी की खास परवाह नहीं है
00:08लेकिन राजनिती गलियारों में भारत जैसे पार्टनर को खोने का डर दिखने लगा है
00:13हाल ही में S.E.O. समीट में P.A. मोधी चीन के राशपती शीजिन पिंक के साथ दिखे
00:23इस मुलाकात में कुछ खास था क्योंकि लगभग साथ सालों बाद दोनों देशों के नेता मिले
00:29दोनों ही एक तरह से अमेरिका से तरस्त हैं
00:32अंचाहे ही अमेरिका वो कड़ी बन गया जो भारत और चीन को साथ ले आया
00:37रूस पहले से ही दोनों का दोस्त है अब चर्चा हो रही है कि तीनों मिलकर अमेरिका के जरुरत को खत्म कर सकते हैं
00:45अमेरिकी तकनीक, अमेरिकी बाजार और अमेरिकी विदेश नीती अगर ये तीनों ही कमजोर पढ़ जाएं तो अमेरिका कमजोर हो जाएगा
00:53भले ही डोनाल टरंप ये जता रहे हैं कि उन्हें भारत से दूरी पर कोई खास फरक नहीं पढ़ेगा
01:00लेकिन राजनितिक गलियारों में ये चितावनी दी जा रही है कि मौजुदा व्यापारिक तनाओ लंबे समय तक भारत-अमेरिका संबंध को नुकसान पहुचा सकता है
01:09रिपब्लिकन नेता निकी हेली का कहना है कि अमेरिका को भारत जैसे मजबूत साथी के साथ रिष्टे खराब नहीं करने चाहिए
01:17इसे रंड़नी तिक आपदा तक कहा जा रहा है
01:20भारत के लिए भी अमेरिका से दूरी कम मुश्किल नहीं है
01:26लेकिन अमेरिका ज्यादा नुकसान में रहेगा
01:29असल में उसके लिए भारत सिर्फ एक बाजार नहीं
01:32बलकि चीन को बैलन्स करने का सबसे बड़ा रंड़नी तिक पार्टनर है
01:36उसकी पूरी एशिया स्ट्रेटिजी इसी पर टिकी हुई है
01:39जापान और आस्ट्रेलिया अमेरिका के करीब हैं
01:43लेकिन उनकी आबादी और बाजार सीमीथ है
01:45भारत अकेला देश है जो हर तरह से चीन को टकर दे सकता है
01:49तो उसे खोने का मतलब होगा कि अमेरिका इंडो पैसिफिक में अकेला पढ़ जाएगा
01:55और एशिया में उसका असर लगभग खत्म होने लगेगा
01:58फिलहाल जो नई पार्टनर है वे खुद कमजोर है और उस पर टिके हुए है
02:02भारत को अमेरिका के जरूरत है
02:09लेकिन विकल भी तैयार हो सकते हैं
02:11तखनीक के लिए हमारे पास रूस जैसा साथ ही है
02:13युरोप के भी कई देश तनाओ की कीमत पर भी भारत से जुड़ सकते हैं
02:18जैसे जर्मनी
02:19बाजार के लिए चीन और भारत आपस में बाद कर सकते हैं
02:23यानि भारत की नीती मल्टी पोलर है
02:25अगर कल को अमेरिका ज्यादा ही उखर जाए
02:28तो उसके पास यूरोप, रूस, जापान और खाली देशों का साथ रहेगा
02:33कुलमिलाकब अमेरिका के लिए भारत अनिवार है
02:41जब कि भारत के लिए अमेरिका सुविधा जनक है
02:43यही वज़ा है कि लगभग आठ दशक बाद वहाँ फिर से
02:47हू लॉस्ट इंडिया जैसा डर सताने लगा है
02:50यह जटका वैसा ही होगा जैसे सालों पहले चीन के खोने पर लगा था
02:55या शायद उससे भी बड़ा जटका हो सकता है

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