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Akhilesh Yadav Diwali Statement: समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के
अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) दीपावली पर दीयों और मोमबत्तियों पर
होने वाले खर्च को फिजुल बताने पर घिर गए हैं। अखिलेश के बाद अब दिवाली पर
आजम खान (Azam Khan) का बयान भी सामने आया है. उन्होंने क्या कुछ कहा सुनिए...

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#UttarPradesh

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~PR.89~HT.408~ED.106~

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Transcript
00:00बात कितनी ही बढ़ जाए लेकिन रास्ता तो टेवल पर बैट करी निकलता है
00:04तो हम बातों को बहुत बिगड़ने से पहले अगर समभलने की कोशिश करें
00:10और समवात का स्लसला खतम न
00:19और ये तो आपसी सोहाट को बिगाडने का एक शड्यमत रथा
00:24इश्ख हो जाए किसी से कोई चारा तो नहीं
00:27सिर्फ मुस्लिम का मुहम्मद पर जारा तो नहीं
00:34मुझे तो ताज्जुब है
00:36कि अगर मैं इसे चिंगारी भी कहूं
00:42तो ये छोटी सी बात इतना बड़ा शोला कैसे बन गई
00:46अगर जिला इंतिजामिया चाहता
00:50तो बाचीज से हल हो जाता मसला
00:56क्योंकि बहरहाल बात कितनी ही बढ़ जाए
01:01लेकिन रास्ता तो टेबल पर बैटकर ही निकलता है
01:04आप पूरी जंगों के फैसले देख लीजे
01:06फरस्ट वर्ड वार का नतीजा देख लीजे
01:09सेकिंड वर्ड वार का नतीजा देख लीजे
01:11आधी दुनिया जिसमें मारी जा चुकी थी
01:14उसमें जब संधी और समझोता हुआ
01:17तो टेबल पर बैटकर ही हुआ अच्छे माहौल में हुआ
01:21तो हम बातों को बहुत बिगड़ने से पहले
01:25अगर संभालने की कोशिश करें
01:28और समवाद का सिलसला खतम न करें
01:31बाचीत का सिलसला
01:33मसले को हल करने का सिलसला
01:35तो खतरनाक से खतरनाक मसले का हल निकारा जासकता है
01:39और ये तो
01:42आपसी सौहार्थ को
01:45बिगाडने का एक शड़ियंत रथा
01:48और
01:49जाहिर है अगर कोई किसी से
01:51महबत करता है वो कोई हो
01:53तो महबत करना तो उसका अख्तियार है
01:56उसका पैदाईश ही हख है
01:58मुझे तो इस वक्त याद आ रहा है
02:02कौर मेहनदा सिंग
02:03बेदी सहर का
02:12किसी से
02:13कोई चारा तो नहीं
02:16इश्ख हो जाए
02:18किसी से
02:19कोई चारा तो नहीं
02:22सिर्फ मुस्लिम का महम्मद
02:24पर जारा तो नहीं
02:25तो हमें
02:28लाना पड़ेगा इस एसास
02:30को वापस
02:30वो सिख थे
02:32सरदार थे
02:34लेकिन क्या कहे गए
02:37जो बुजर्ग होते है
02:39जो मजभी पेशवा होते है
02:43वो इस लिए मजभी पेशवा होते है
02:45क्यों किसी एक मजभ के
02:47नहीं होते है
02:47वो मशल रह बनके आते हैं
02:50इंसानियत के लिए
02:51हर धर्व हर मजभ के लिए
02:54हम उने महदूद नहीं कर सकते हैं
02:57हम उनके नाम पर
02:58कोई बिगाड खड़ा नहीं कर सकते
03:03लेकिन ये वसूल लागू सिर्फ एक
03:06धारंग एक मज़भ पर नहीं होता है
03:09तमाम धर्म और
03:10तमाम मज़भ अपर लागू होता है
03:12ऐसा नहीं कि हम अपने लिए
03:15तो मीठा मीठा तैकर ले
03:17और दूसरे के लिए कड़वा ना
03:28नहीं है दिये रोशन होते है
03:32वो लोग जो दिये जलाते है
03:35वो कुछ भी जला सकते है
03:37लेकिन जो लोग दिये रोशन करते है
03:41उनका मकसद सिर्फ
03:44उजाला देना होता है
03:45ठंड़क देना होता है
03:47नफरतों के अंधेरे को मिटाना होता है
03:50वही लोग मेरे लिए काबिल कदर है
03:53और मैं उनकी सराना भी करता हूँ
03:56उनसे महबत करता हूँ

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