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  • 10 months ago
झुंझुनूं. शांत गांव नांद का बास में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब मुर्गी फार्म की आड़ में चल रही ‘ड्रग फैक्ट्री’ का भेद खुला। झुंझुनूं पुलिस ने नशीले मादक पदार्थ MD ड्रग्स के अवैध निर्माण पर करारा प्रहार करते हुए 16000 वर्ग फुट में फैले अवैध मुर्गी फार्म को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान गांव से लेकर जिले तक हड़कंप मच गया। यह बड़ी कार्रवाई बुधवार को पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह राजावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक त्वरित अनुसंधान फूलचंद के नेतृत्व में सीओ झुंझुनूं ग्रामीण हरिसिंह धायल, उप तहसीलदार बिसाऊ सुधेश महला, थानाधिकारी धनूरी सुभाषचंद्र सामोता सहित कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद रही। भारी पुलिस जाप्ते और प्रशासन की निगरानी में अवैध ढांचे पर बुलडोजर चला।
15 दिसंबर को टूटा राज, रंगे हाथों पकड़ा गया आरोपी
इस सनसनीखेज मामले का खुलासा 15 दिसंबर को हुआ था, जब झुंझुनूं पुलिस और एंटी नारकोटिक्स सेल महाराष्ट्र ने एनडीपीएस एक्ट के तहत संयुक्त कार्रवाई की। ग्राम नांद का बास की रोही में खेत के बीच बने मुर्गी फार्म के एक कमरे में अनिल कुमार पुत्र विजयपाल को MD ड्रग्स का निर्माण करते हुए रंगे हाथों दबोच लिया गया। मौके से करीब 100 करोड़ रुपए मूल्य का नशीला पदार्थ MD बरामद किया गया, जिससे पूरे जिले में खलबली मच गई।
सीकर के तस्कर से गठजोड़, फार्म बना था ‘ड्रग अड्डा’
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह मुर्गी फार्म पूरी तरह अवैध था। इसकी आड़ में आरोपी अनिल कुमार अपने साथियों, विशेषकर सीकर के कुख्यात तस्कर डेडराज के साथ मिलकर नशीले पदार्थों का निर्माण कर रहा था। बाहर से मुर्गी पालन, अंदर से मौत का ज़हर तैयार किया जा रहा था।

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