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क्या 'ईश्वर का अस्तित्व' है? देखें जावेद अख्तर और मुफ्ती शमाइल नदवी के बीच बहस
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00:00मुप्ती शमाईल नद्वी साहब, इसलामिक विद्वान सिक्षा विद हैं, कोलकाता के वाहियान फाउंडेशन के संस्थापक हैं, लखनों की प्रतिष्ठित दारुल उलूम नद्वतुल उलूमा से ग्रेजुएशन किया है, सोशल मीडिया और सार्जुनिक मंचों पर अध
00:30लिखे हैं, गीत लिखे हैं, इस से इतर ये विज्ञानिक सोच को लेकर या अपने डिकलियरड एथीजम को लेकर भी मुखर रहते हैं और अपने तहीं रैशनल्टी की बात करते हैं, देवियों और सज्जनों, डज गॉट एक्जिस्ट, इस सवाल का जवाब सब अपने अ
01:00तलाशने की कोशिश करता है कि mass existence में आखिर आया कैसे, हुआ क्या था, शृष्टी के पहले, समय के पहले क्या था और कोई ये कहता है कि ये सारी खोज हैं जिस मस्तिश्क में हो रही है, प्रकरती के क्रम में वो कैसे विक्सित हुआ, मैं उम्मीद करता हूं कि हम आज इन ब
01:30रिस्पेक्टेड जनाब जाविद अख्तर साहब मिस्टर सौरब दिवेदी और रिस्पेक्टेड ओडियन्स थैंक यू आल पर बिंग हीर चुड़े
01:40आज की डिबेट में चूंके हम बात करने वाले हैं दस गौड एक्जिस के टॉपिक पर
01:46तो यहीं एक ऐसा टॉपिक है जिसके मतलिक कोई भी डिसिजन लेने के लिए
01:52अलग-अलग इस्टेंडर्स हो सकते हैं लहाज़ डिबेट के शुरू में यह जरूरी है
01:57कहि हम यह जान लें कि आज के इस टॉपिक में कौन सा स्टेंडर्स सही होगा और कौन सा गलत होगा
02:04अकल, लॉजिक, रीजिनिंग
02:08और यही वो स्टेंडड है
02:10जिसके तहत गॉड की एक्जिस्टेंस को साबित किया जाएगा
02:14या गॉड की एक्जिस्टेंस को डिनाई किया जाएगा
02:16तो अगर आज हमारे जावेद अख्तर सहाब
02:19ऐसी कोई अकली दलील और लॉजिकल एविडिन्स दें
02:24खुडा के ना होने पर जो डिफिनिट भी हो
02:27तो मैं ये ऐलान करता हूँ कि यकीनन
02:29मैं उस एविडिन्स को खुबूल करूंगा और उस पर गोर करूंगा
02:33लेकिन साथ मैं ये भी ऐलान कर देता हूँ
02:35प्रेडिक्शन के तौर पर कि ऐसा कोई डेफिनिट आर्गुमेंट कोई नहीं पेश कर सकता
02:39दलील हम देंगे और डेफिनिटिव दलील देंगे
02:45लॉजिकल दलील देंगे ऐसी दलील देंगे जो एंटायर एथिस्टिक वर्ल्ड उसे
02:51रेफियूट नहीं कर सकती चलें अब हम एक एक सिनारियो सिंपल सिनारियो
02:57तमाम ओडियन्स से गुजारिश है हम और आप एक आईसोलेटिड आइलेंड पर हैं
03:02ऐसा आइलेंड जहां पर हमसे पहले कोई कभी नहीं गया चलते चलते आपके सामने
03:07अचानक आपने देखा एक पिंक कलर की बॉल पढ़ी हुई है
03:10सबसे पहला सवाल आपके जहन में क्या आएगा
03:13कि ये बॉल यहां क्यूं आई
03:14कैसे आई
03:16ये पिंक कलर की ही क्यूं है
03:17कोई और कलर भी हो सकता था
03:19यह इसी शेप में क्यूं है
03:20कोई और शेप भी हो सकता था
03:22naturally आप इस तरफ पहुचेंगे
03:24कि कोई ना कोई है
03:26जिसने इन specific properties
03:28के साथ इस ball को बनाया है
03:30और यहां पे रखा है
03:31अब आप इस ball को expand करते चले जाएं
03:34expand करते चले जाएं
03:36यहां तक कि यह ball universe के size की हो जाए
03:39बताईए कि क्या size
03:41के बढ़ जाने से सवाल बदल जाएगा
03:42हर्गेज नहीं बदलेगा
03:43अभी भी सवाल रहेगा
03:45यह universe कहां से आया
03:47in specific properties के साथ कहां से आया
03:50क्यों आया
03:51किसने बनाया
03:52यह सवाल उस वक भी valid रहेगा
03:54लेकिन यह सवाल
03:57अगर हम जनाब जावेद अख्तर साहब से करें
03:59तो इनका जवाब
04:01या तो argument from ignorance होगा
04:03या dogmatic होगा
04:04या तो यह कहेंगे
04:06कि मुझे नहीं पता कि यह कहां से आया
04:09लेहाज़ा God does not exist
04:11यह argument from ignorance है
04:13या यह कहेंगे
04:15कि यह universe
04:17खुदबाखुद बन गया
04:18इसका मतलब यह है
04:18कि उस ball को भी
04:19खुदबाखुद बन जाना चाहिए
04:20लेकिन ball के तालुक से
04:22यह explanation accept नहीं की जाएगी
04:24कि यह खुदबाखुद बन गई
04:25मुझे से अगर कोई पूछे
04:26इस ball को किसने बनाया
04:28या इस expanded ball को किसने बनाया
04:30मैं कहूंगा
04:32क्योंके यह यूनिवर्स
04:33और इस यूनिवर्स की तमाम चीज़े
04:35contingent है
04:35contingent होने का मतलब यह होता है
04:38कि जो अपने existence पे किसी के उपर
04:39depend करती हो
04:40और जब contingent चीज़ें मौजूद है
04:43तो philosopher's की
04:44इस्तिलाह के मताबख
04:46हम उस terminology के मताबख
04:48हम उस जगे तक पहुचते हैं
04:50और उस हस्ति तक पहुचते हैं
04:51जिसे necessary being का जाता है
04:53कि यह वो necessary being है
04:55जिसका मौजूद ना होना ना मुम्किन हो
04:57चुकि अगर यह मौजूद ना हो
04:59तो सारी चीज़े existence में आएंगी ही नहीं
05:01तो एक ही option बचता है
05:02जिसे हम कहते हैं necessary being
05:04ऐसी necessary being जो independent है
05:06चुकि अगर वो dependent हुई तो वो necessary नहीं रहेगी
05:09ऐसी independent being जो eternal है
05:11अगर वो eternal नहीं होगी उसकी beginning होगी
05:14तो वो खुद contingent है
05:15ऐसी being जो powerful है
05:17क्योंकि contingent को actualize करने के लिए power चाहिए
05:20ऐसी being जो intelligent है और knowledgeable है
05:23क्योंकि यह universe specific form
05:25और specific laws of nature के तहट precisely चल रहा है
05:29थैंक यू
05:30थैंक यू मुफ्ती साब
05:31मैं इन दलीलों के बाद जावेद अक्तर साब से गुजारिश करूँगा
05:38आप बैट के बुलना चाहेंगे या वारे
05:40पहले तो मैं मुफ्ती साब को एक अच्छी ख़बर देना चाहूँगा
05:54कि मेरी नॉलेच साइन्स के बारे में बड़ी मामूली है
05:57तो आप फिक्र ना करें उसकी
05:59लेकिन कुछ कॉमन सेंस है मुझ में
06:02जहां तक इसका तालुख है मधभों का
06:05हर मधभ आप से एक चीज मांगता है
06:09फेथ
06:10ये फेथ क्या चीज़ होती है
06:14ये कोई ये तो बहुत ही हमकाना बात होगी कोई आजमी कह साब अगर खुदा है तो मज़े दिखाईए ये तो जाहिला ना बात होगी
06:25मैंने तो नौर्थ पूल नहीं देखा है
06:28मगर मैं मानता हूँ कि नौर्थ पूल है
06:31मैं क्यों मानता हूँ
06:33इसलिए कि अगर ये दुनिया राउंड है तो बहुत कोई टॉप होगा
06:36कुछ लोग है वह गए भी है
06:39कॉमन सिंस कहता है कि ऐसा होगा
06:41थे बहुत है जवाँ है रीधन है
06:45तो ये मेरा फिर्थ नहीं है
06:48कमाल यह है कि आपने बताई कि एक आयलेंड पर गय है
06:51और एक balls यही आप ने यह ने का
06:55कि आगल इसमरा निए कि आपको छिर बॉल पर है राथ होई हमने आई राधं कि हुरत ti
07:03इसी तरह यह आइलन्ड है सितारे यह गैलक्सी इस ने हैं खला में हम उने टेकन फोगरंटेड लेते हम पूछते नहीं कैसे मना आपने जजीरे के बार भी नहीं पूचिया है मेरी पैदाइस कैसे हुई
07:19जा मैं प्रेंड पैदा हुआ था आइव उस प्लेंट भी बॉन या एक लखी स्पंट जो किसी एक से चिपक गया मेरी पैदाइस रहेंडम है रेंडम और इंसांफ जिसे अप कहते हैं इंसांफ का तो नेचर से कोई वास्ता ही नहीं है जो आप कहते हैं कि एग जन इंसांफ क
07:49माई पर और अगर शेख हिरन को खा जाता है कि उसे कोई शन्दां नहीं मिलतीज, अगर एक आंधी आती हो और हरे भरे पेड़ों को खाड के ठेक दितेती तो आंधी ओकी जेल नहीं होती है नेचर में इंसांफ नहीं इयूंते छुचे इसलिश्न
08:05इसने वह है नेचर को इनसाफ की दरूरत में नहीं।
08:09तो ये जो जुनिया के गीजिंस प्रॉम्स करते हैं, इसली से fica मालम होता है कि अमेनमेंड है।
08:18ये तश्वर कहीं और का ही नहीं। जो नेचर है, कोछोग कह से नेचर ही खुडा है।
08:25तो नीचर में तू इंसाफ नहीं है। और आप बादा कर रहे हैं कि तुम्हें मरने के बादे इंसाफ मेलेगा।
08:33मुझे अगर मिलेगा तो मैं बशुश हुआ। लेकिन मैं यकीन नहीं कर बाता हूं।
08:39इसलिए कि मैं फेट नहीं पेदा कर सकता।
08:42इसका मतलब है कि उनके पास जस्टिफिकेशन नहीं है।
08:52जी, मैं पहले जवाबी दौर के लिए इन्वाइट कर रहा हूं मुफ्ती साहब को, और रीबटल राउंड वाल।
09:00तैंक यू बड़ी मच जावेज साहब।
09:02फेट और विलीफ का फरक आप इस तरह नहीं कर सकते सर।
09:32Faith सही है और false faith क्या है और false belief क्या है बाद इस पे हो रही है।
09:35अगर आप यह कहते हैं कि nature में इंसाफ नहीं है तो इंसाफ का नो होना यह natural हुआ
09:41तो फिर nature को nature रहने दे क्यों हम इतना strive कर रहे हैं दुनिया में इंसाफ लाने के लिए।
09:45Thank you.
09:45First round की rebuttal के लिए मैं जावेश सहाब को invite कर रहा हूं।
09:51मुझे इस बात की खुशी है कि मुष्टी सहाब नहीं मान लिया कि nature में कोई इंसाफ नहीं है।
09:57बागी है कि आपने मेरी एक बाग का जवाब नहीं दे जिसमें मुझे शिकायत है कि faith क्या है और आप faith मांगते क्यों है मुझे आप तो logical हैं आपके पास तो सारे rational हैं आपके पास सारे सुबूत हैं तो आपको faith की demand क्यों करते हैं कि भही तुम सरेंडर कर दो और सवाल मत कर
10:27यह है कि दुनिया के सारे मख़ब सब जानते हैं यह दुनिया कैसे बनी थी कैसे मिटेगी मरने के बाद क्या होगा इनको सब इलम है इनको किसी को डानोसर होते थे पहले यह नहीं पता था किसी को नहीं किसी भी दुनिया की मख़भी किताब में डानोसर का जिकर नहीं है ज
10:57जिसकार से आप यहाँ आएं यह सब उन लोगों की बनाई हुई जिन्हों ने सवाल किये थे
11:03यह दुनिया जिसमें आप आजाराम से हैं यह उन लोगों की बनाई है कि जिन्हों ने सवाल किये थे
11:13और हर स्टेज पर इन सवालों को मकरू कहा गया था गलत कहा गया था
11:24तो आज जो बाते हैं आपके जहन से बिलकुल परे हैं और आप हैरान होते हैं उन्हें देखे एक वक्त आएगा कि मामुली लगेंगे और हुआ है आपकी इंसानी तारीख ही है इतनी जल्दी सारी फैसले आप मत कर लिए थोड़ा ही हुमिलिटी रखिए कि भई यह हमें नही
11:54जो संजा जाता है उससे पहले हजारों करोरों और बहुत साल तक खुदा बैठा क्या कर रहा है हम उस बैठा तैसी जबाइया ले रहा था फिर उसे आइडिया है यार एक काम करते है वक्त अच्छा गुदर जागा यूनिवर्स पर आप से हैं तो हम अपनी जहालत से लड�
12:24जनाप जाव времяतगतर साहब कई मरतबा दोहरा रहे हैं कि फेथ का मतलब बताईए ये मैंने बतादिया फेथ सही भी होता है खलत भी होता है और आज हम फेथ पर बात नहीं कर रहे हम टूर्थ और डज़्गॉड एग्जिस्स पर बात कर रहे हैं क्या डज़्गॉड एग्�
12:54होगा मैं नहीं रोकता बलके सवाल करें सवाल करना चाहिए सवाल कर करके
13:00तो हम आगे बढ़ते हैं तरक्की करते हैं और इसलिए मैं आज यहाँ पर आया हूँ लेकिन
13:03सवाल सिर्फ खुदा से नहीं होगा आप से भी होगा सवाल एथिज्म से भी होगा सवाल
13:08सिर्फ मजभब से नहीं होगा, सब से होगा, और आज मैं सवाल करूँगा, और उमीद है कि आप जवाब देंगे, अभी तक आपने वैसे contingency argument का कोई जवाब नहीं दिया है, चलें, आपने कहा, universe के बारे में eternal क्यों नहीं बोल देते, ये, चुँके logically possible ही नहीं है कि universe eternal हो, universe ए
13:38ये तो common सी बात है, आपने कहा कि किसी मजभवी किताब में dinosaur का जिकर नहीं है, अफसोस कि आज तक किसी mathematics के किताब में मुझे dinosaur का जिकर नहीं मिला,
13:51तो इसका मतलब mathematics की किताब बेकार है, नहीं, उसका वो topic नहीं है, revelation का और मजभी किताबों का topic ये नहीं है, कि आपको आके बताए cycle कैसे बनाते हैं, या आकर ये बताएं कि जो है dinosaur कब था, वो तो morality सिखाने आया है, God के बारे में बताने आया, non-physical reality की हकीकत को सिखाने के ल
14:21साइंस, साइंस और साइंटिजिम में फर्ख है, साइंटिजिम ये है कि आप समझें कि साइंस और साइंटिफिक methodology ये knowledge को हासिल करने का वाहिद source of knowledge है, ये है साइंटिजिम, हम इसे reject करते हैं, उसके बाद उन्होंने कहा कि हमें नहीं मालूम, अगर नहीं मालूम तो clearly कह दे
14:51आखरी चीज़, इन्होंने कहा कि खुदा दुनिया बनाने से पहले, 1.500 साल पहले या करोड़ों साल पहले क्या कर रहा था, अरे हजरत, चलें, बहरहाल मैं जवाब देता हूँ, आप हमारे respected personality हैं, अगर आप नहीं होते तो मैं इसे entertain ही नहीं करता हूँ, time, ये 100 साल पहले
15:21तो उसके पहले खुदा क्या कर रहा था, सवाल इलोजिकल है, ये फैलसी है, यानि आप ये कह रहे हैं कि यूनिवर्स के बनने से पहले खुदा क्या कर रहा था, time के बनने से पहले, पहले का तालुक time से, time उस वक था ही नहीं, तो ये सवाल ही invalid है, खुदा के तालुक से, �
15:51seats कितने well designed है
15:53कितनी precisely ये car
15:55काम कर रही है, तो जरूर कोई
15:57ना कोई इसे create किया है, किसी ने create
15:59किया है, अब जावेज सहाब आएं, और किया रे
16:01जनाब bonnet खोली है, इसमें engine है
16:02engine इस car को चला रहा है, hence
16:05prove no one has created the car, this is
16:07illogical, science हमेशा
16:09physical world की चीज़ों को ही fill करती
16:11जाएगी और physical चीज़ों से ही
16:13करती जाएगी, चुके empirical evidence का
16:14तालू physical world से है, आप science
16:17के जरीए metaphysical reality को
16:19कभी साबित नहीं कर सकती, ये wrong tool का
16:21इस्तेमाल करना है, ये वही काम है
16:23कि आप metal detector से plastic detector
16:25करने चलें, जो के जाहिर है
16:27सही नहीं है, thank you
16:28ये argument का round two है
16:30पहले तो मैं आपसे अर्श करूँ कि आपने कहा
16:33कि जब काइनाती नहीं ची तो वक्स भी नहीं था
16:35कुछ भी नहीं था, कैसे नहीं था
16:36खुदा था
16:37एक existence तो था ना खुदा का
16:41तो जब खुदा था तो वक्स भी होगा
16:43ऐसा नहीं कि कुछ भी नहीं था
16:45विश्ठाम देता था अच्छा बाकी है कि आपने कहां साहब आप स� prophet की किये, आपके पास भी लगेएया, मेरे पास भी लाउखिक काथा
16:52मेरे जिम्मादारी है था कि तो मखबी लोग करते हैं कि ख़दा है
16:57मैं क्यों थापित करूं कि नहीं है, जब तक आप मुझे कन्विंस ने कर दें, मैं नहीं मानूँगा, आपकी रिम्मेदारी है, मेरी रिम्मेदारी नहीं है, अच्छा, अब यह हम सोचें कि बहराल ये वुजूद जो है मधभ और ये बिलीव इन गॉड इंसान को बेसर बना
17:27कंदुस्तान के वो इलाखे जहां मधभियत जागा है, रख दीजे नक्षा अब दूसरा नक्षा कि कहां कहां ना इंसाफी, रिप्रेशन, औरतों के हुकुक की पामाली, जल्म, डिक्टेटर्शिप कहां है, नक्षा ये की होगा, तो आप मुझे बताएं कि जो इसका तरक
17:57इसके इस्टिमाल से तो फाइदे नहीं हो किसी को, मैं एक और बात बता हूँ, अगर कोई आदमी मधभी है, और अच्छा आदमी है, तो मैं उसकी बहुत इसक्त करता हूँ, इसलिए कि मेरा ख्याल है मधभी आदमी का अच्छा होना मुझसे अच्छा होने से जादा मुश
18:27होगा, अब आप अगर सुबा जाते हैं अपनी इभादतदा और इभादत करते हैं, तो बाहर निकलते हैं, तो आप तो यहीं महसूस करते हैं, कि आपने एक बहुत अच्छा काम किया, आपकी नेकी का बहुत बड़ा कोटा खर्च हो गया, जिससे किसी का कोई फादा नहीं
18:57अब रिबर्टल का राउंड टू है, और उसके बाद क्रॉस एक्जामनेशन होगा, मुफ्ती शमाइल नद्वी साब, असल में जो हकी प्रॉबलम है, असल प्रॉबलम है, वो यह है कि जाविज साहब के पास concept of God clear नहीं है, इनों ने कहा कि काइनात से पहले खुदा तो था
19:27का timeless होना जरूरी है, चुके वो time का creator है, जब उसने time को create किया तो वो खुद time पे कैसे होगा, उसने जब space को create किया तो खुद space में कैसे होगा, अगर वो time and space को पहले से ही उसका पाबंद है, तो फिर किस चीज को उसने create किया, लेहाज़ यह सवाल गलत है, कि खुदा था तो
19:57हजरत मैंने यह homework किया था, और मैंने Middle East का एक नक्षा लिया, और Europe का एक नक्षा लिया, यह मजहभी इलाका और यह liberal और atheist इलाका, मुझे पता चला कि सबसे ज़्यादा rape cases जो है महाँआ, मुझे यह पता चला UN की report के मताबिख, मैं अपने घर से नहीं लिगा आ रहा है, कि �
20:27यह Middle East में नहीं हो रहा है, वो मजहभी लोग हैं, इसलिए नहीं हो रहा है, दूसरी चीज, आपने यह कहा, कि मजहभी आदमी का अच्छा होना, हमारे अच्छे होने से बहुत मुश्किल है, बहुत मुश्किल है, तो इसका मतलब यह है, कि God के इलावा आपके पास अच्छ
20:57आप क्रॉस एक्जामनेशन शुरू करेंगे, आप चाहें तो जो इन्होंने सवाल पूचें, उनके जवाब आप विबटल में भी दे सकते हैं, इन्होंने पहले ही हमको डिसाम कर दिया, कहले है, अकल से मामला सौनी हो सकता, लोजिक से आप पहुँन दी सकते, यह मैड़ �
21:27मेटाफिसिकल मत बताईए, आप लॉजिकली मुझे प्रूफ किये, और अगर लॉजिकली आप नहीं बात करते हैं, सब यह मैटाफिसिकल है, तो फिर हमाँ बात क्या कर रहे हैं, और यह कहना कि वक्त पहले नहीं था, तो फिर क्यों कहते हैं यह हमेशा से और हमेशा रहे�
21:57कि वहाँ रेप जादा होते हैं, तो हम एक बात देखते हैं, यह दुनिया जिस पर वो कादर मुतलग है, जिसकी मर्दी के बगार पता भी नहीं हिलता, ओमनी पोटेंट है, यह दुनिया चल कैसे रही है, और दुनिया का हाल क्या है, पैतालीस हजार बच्चे, जो दस साल क
22:27जिप्थेरिया से मरते हैं, जिप्थेरिया जीब मर्द है, गले में जाली मनना शुरू होती है, बच्चा नीला हो जाता है, गरीब का बच्चा, इसलिए के उपास इलाद है, यह गादर मुतलग है, जो जाय कर दे हैं, इसलिए आद दुनिया मनते हैं, हमारी यह काम कर दे
22:57इह क्या कर रही होते हैं?
23:02अगर वो देख रहा है और इंटर्फेर नहीं करता तो आप द्वा क्यूंतेдел?
23:06आप कहते हैं मेरा ये काम करा देए.
23:08इसक्राम में मतलब है वो दखल दे सकता
23:11वो आपको नोकरी दिल्वा सकता है वह बहुले दूसरे आजमी को नमिले
23:15मगर आपका काम कर देगा चुंकि आपने दौा मांगी है
23:17तो जब आपको नौकरी दिला सकता है, लड़की की शादी कर सकता है, बेटे को ग्रीन कार्ड दिलवा सकता है
23:24तो कम से कम यह जो मर रहे हैं बच्चे इनको रोकते हैं
23:28कुछ तो कर मुझे तो दुनिया में इस दुनिया का कोई मालिक है, इसका ओमनी पोटेंट कोई रूलर है
23:35और यह दुनिया एसी कर रही है, मैं तो चाहूंगा कि भाई ना हो, अगर हो तो बड़ी शर्मिंदी की बात है, शुक्रिया
23:45अब सबसे जरूरी और सबसे मुश्किल राउंड शुरू हो रहा है, क्रॉस एक्जामनेशन का
23:55मुटसाब, पहला सवाल आपका 16 मिंट है, हम दोरो लोगों के सवाल लिए, जे
23:58सबसे पहला सवाल आपसे यह है, क्यो मैं इतनी देर से
24:02कॉंटिंजेंसी अर्गुमेंट आपको बता रहा था, यह अकल से ही बता रहा था जरत, आप यह बताएं, के आप
24:09इंफिनिट रिग्रेस ऑफ कॉसस को पॉसिबल मानते हैं, या नेसेसरी बीं के
24:13एक्जिस्टेंस को सही समझते हैं, चुके तो ही ऑप्शन हो सकता है, आप यह बताएं, देखें, आपको मैं इमान दरी से बात करूँ, एक तो मैं
24:19कॉंटिजेंसी वर्ड फी समझता है, और इस वस्ट भी जो आपने अंग्रेदी के अलफा स्केल किये, वो दरा थोड़े से मुझे डिफिकल्ट और कॉंप्लिकेटेड रहे, तो आप दरा सिंपल जमान में सवाल कर सकते हैं, बिल्कुल कर सकता हूं, यूनिवर्स की हर ची�
24:49पर कॉज पर कॉज पर कभी कोई यानि ये एंडलेसली चलता रहा, चुके अगर ऐसा होगा तो हम तो एक्जिस्टेंस में आते ही नहीं, तो कहीं न कहीं आपको रुकना पड़ेगा, ऐसे निसेसरी बिंग पर, नहीं है, कोई ज़रूद नहीं रुकना पड़ेगा, किसमें
25:19ये फैल क्यों रहे है, और कौन सी काना, जिसे मैं दूर्वियन से देखता हूँ, तो दो बिलियन लाइट येर पे है, उसे मेरा कोई वास्ता ही नहीं है, दो बिलियन येर, यानि अगर मैं 80,000 माइल पर सेकेंड से चलूँ, तो 20 करोर साल में महां पहुँच जाओंगा, इ
25:49ये फैनल होता है, लाखो लोग होते हैं, फिर वो टीवी करोर हो लोग, अगर उसमें खुझा की एक गूमिंग आवास आजाते हैं, मैं गॉड हूँ, तो सारे लोग अभी सुन लेते हैं, और टीवी पर भी सुन लेते हैं, कृष्णा खत्म होता, ये इतनी राजदारी क्य
26:19ये दुनिया कैसे चल रही है, आपको इसमें हैरत नहीं होती है, या खयामत के बाद कभी एक जस्टिस होगा, जब ये बच्चा मन शुका होगा, जिशी दजिया उल गई हम से, आपने कहा कि आपने साबित ही नहीं किया, जबके आर्गुमेंट ऑफ कॉंटिंजेंसी बुन
26:49आपने problem of evil के तालुख से सवाल किया और बार बार आप एक लफ़ रिपीट कर रहे हैं कि Omnipotent God है, All Powerful God है, Point No.1 यानि जो आपका सबसे पहला false assumption है कि God merciful है, Omnipotent है, दुनिया में जुल्म हो रहा है, लेकिन आपको ये सबजना चाहिए कि हमारे worldview के मताबिक God सिर्फ Omnipotent
27:19नहीं है, कि वो हिकमत और wisdom आपको समझ में आया, मुझे समझ में आया, अगर आप जो समझ रहे हैं, उसके मताबिक आप फैसला कर रहे हैं, ये limited perspective से argument है, और इस चीज़ को हम अपनी दुनिया में, अपने life में, daily life में इस principle को accept करते हैं, हम जब किसी doctor के पास जाते हैं, doctor के �
27:49क्योंकि उसकी हम जानते हैं, कि वो knowledgeable है, वो wisdom वाला है, हम से ज्यादा knowledge और हम से ज्यादा wisdom है, बटाएं सब, नहीं doctor में अब खुदा में बढ़ा लिखें से, doctor पढ़ा रिखा होता है, एक, तो मैं उसकी बात सुनू है, आपने अभी मेरी बात पुरी सुनी नहीं, मैंने कह
28:19हुजूहात मौजूद हैं, अगर इस दुनिया में evil नहों तो आप good go define कैसे करेंगे, अगर जल्म नहों आप इंसाफ को समझेंगे कैसे, अगर तारीकी नहों तो आप light को समझेंगे कैसे, अभी और सुननें, अभी और बाती है, दूसरे, यह तो बहुत बहुत पसंदाई स
28:49आप पूरा जाओ, जवाब सुनाई हैं, जी आप सुन लें, मेरी बात सुन लें, यह मैंने आपको एक चीज बताई, दूसरी चीज, इस दुनिया में हम आए हैं टेस्ट के लिए, हमारा टेस्ट हो रहा है, और हर इंसान का अलग-अलग अंदाज में टेस्ट होता है, और �
29:19और उसमें सिर्फ राइट अंसर लिख कर देदू, और कहूं तुम्हारा टेस्ट हो गया, यह मीनिंगलेस है, इस दुनिया में अगर हम टेस्ट के लिए आए हैं, तो जाहिर है, गोड अन इवल दोनों मौझूद है, तो यह इवल भी खुदा का बनाय हुआ है, जी हाँ, �
29:49अगर एक्जामिनर गलत ऑप्शन दे रहा है, तो एक्जामिनर इवल नहीं हो गया, जो गलत ऑप्शन को सेलक कर रहा है, वो फेल होगा, क्रियेटर ने इवल को बनाया है, लेकिन वो इवल नहीं है, तो इवल नहीं है, चुरी को बनाने वाला गलत नहीं होता है, चुरी का
30:19इसमाल करते है जो इविल इस दुनिया में मौजूद है उसके कैई सारे तरीके हैं एक तरीका इनसान को अपना
30:32अगर कोई रेपिस कर रहा है तो इसका वाट का कुसूर नहीं वह अपने फ्री एय्ट का गल्त
30:37करना कर रहा है उसको सजा मिलनी चाहिए और उसी के लिए जहन्नम बनाई गई यह फ्री विल का भी बड़ा चक्कर आप जब कोई बुरा काम करते हैं को बुरा ही होती है तो यह कहा जाता है कि यह फ्री विल्ड है
30:49उन दिस प्लैनेट और एक आदमी अपनी फ्री विल्ड से मुझे कट्ल कर दे तो मैं खुदा की मर्दी से मारा हूँ इसकी फ्री विल्ड के वज़े से
31:01खुदा ने फ्री विल्ड का निजाम बनाया है और उस निजाम का गलत इस्तेमाल करके कोई आपको मार रहा है
31:06जमाल करके मेरा फ़त्र करते हैं अब मेरी मौत का जिम्मेदार कौन है वो इनसान जिम्मेदार है और उसको सजा मिलेगी
31:15देखें दो तरह के जानवर है एक जो अकेले रहते हैं जंगल में और एक जो गूरूप में जो भी रहेगा चाहे वो आपका फांडेशन हो चाहे कोई कलब हो चाहे कोई फूलेटिकल पार्टी हो चाहे कोई यूनिट हो उसमें आपको इंत्रेक्ट करने के रूल बनाने प�
31:45आपका फाउंडेशन तो यह हो गया ना कि लोग इविल डिसाइड करेंगे
31:48आप साथ में कभी रह सकते हैं जब कुछ आप ऐसे उसूल डिवलप करें जिसमें हर एक का बेसिक तहफुद, हर एक का बेसिक राइट हो और हरे को कुई आराम मेरे
32:01यही तरीखा है किसी भी और जिसमें एक से ज़्यादा लोग हैं और वो ऐसे चलती है उसमें अगर आप गड़वड करेंगे तो तबाही होगी, नुक्सान होगा, बरबाजी आएंगे
32:15मेजौरिटी अगर यह के नाजी जर्मनी के साथ जिससरा मेजौरिटी थी के ज़नोसाइड करना सही है आप जसीफाई करेंगे
32:45वक्त है, closing argument है, उसके बाद हम audience से कुश्य answer लेगे, जावे साफ की closing argument के बाद
32:51हमारा जो topic है, does God exist? मैं इस पे इतने academic तयारी करके आया था, मुझे था कि मैंने सोचा था कि कई सारे मैं arguments दूँगा
33:01लेकिन वक्त की भी किलत और जावे साफ बार बार इदर उदर से ले जा रहे थे तो उसको भी थोड़ा entertain करना पड़ गया
33:06does God exist पे मैं एक ही argument दे पाया, arguments बहुत हैं और definitive arguments हैं
33:12और मेरे argument को किसी एक round में भी इन्होंने entertain नहीं कि और refute नहीं किया
33:17एक round में भी नहीं, एक round में भी नहीं
33:20दूसरी चीज़ ये है कि आपने एक तो इसका जबाब नहीं दिया
33:23दूसरा आपने God के नहोने पर कोई definitive argument नहीं दिया
33:27सिर्क मजभ पे बात कर रहे हैं आप, मजभ तो आज हमारा topic ही नहीं था
33:30आज तो हमारा topic ही आप मजभ से ले लेकर IS तक चले गाए
33:34भाई हमारा क्या तालुक है उससे, we condemn them
33:37और उसका God से क्या तालुक है, अगर कोई गलत काम कर रहा है
33:40किसी ने किसी को कतल किया, किसी ने किसी का rape किया
33:43उसको सदा मिलनी चाहिए और आपके पास कोई भी, कोई भी
33:47rational, strong foundation of morality नहीं है
33:50आपने कहा कि majority तै करेगी society की, वो सही होगा
33:54मैंने कहा Hitler को फिर आप सही कहेंगे, नहीं, नहीं, नहीं, प्लैनेट की society
33:57की majority तै करेगी, तो प्लैनेट की majority God की existence को मानती है
34:02आप कहाना है, यह religious है, तो यानि आपके पास कोई strong foundation नहीं है
34:06objective morality का, objective morality का अगर कोई foundation है, तो वो सिर्फ God है, God है, God है
34:13तो वो सिर्फ God है, God है, तैंक
34:13जावी रक्तर साब, यह आपका closing argument है
34:17देखे, बहुत सारी बाते हैं, God का definition दुनिया के किसी भी religion में है
34:22कि वो में प्रोटेंट है, वो में प्रेजन्ट है, He is just, He is kind, He loves you and so on
34:28मैं जब दुनिया देखता हूं, तो मुझे कोई ऐसा supreme power यहां दिखाई नहीं देती है
34:34जो इनसान की बहबूती के लिए कुछ कर रही हो, कमजूर को बचा रही हो, मदद कर रही हो, जालिम को पीचे हटा रही हो, मैंने देगा, तारीख मेंने, एक, तो अगर है
34:45और यह देख रहा है, तो उतका होना नहोना बराबर है
34:49दो एम यह, कि यह जो है, जब आप यह कहते हैं कि काइना जिसकी contingency है, मैं देखिए, वा लव भी सिमाल किया है, तो यह कैसे हो सकती है, और फॉरण आप सरेंडर कर देते हैं, कि जाहिरे कि इसका बनाने वाला तो इसके दसाजार गुनादा, तो अगर कॉम्प्लिकेटेट
35:19आपके पास कोई रीजन नहीं है, आपकी तारीफ क्या है मजबो, विलीफ की जो खुदाओं का विलीफ है, यह constantly गलत थावित होता रहा है, मतलब आप कहें कि Aristotle के दमाने में तो सब जाहिल थे, वो भी इतना ही यकिन से खुदा पर यकिन रखते थे, जो अब नहीं रहा है,
35:49हिते ही यहां तक थो आप को आम कॉमझना है, है, स्वैक जो यह सिरह आ हो को आप को पिता हूं कि दून्या में 10 इप इमपर्टन विलीफ है, आप एक मांते हैं, 9 नहीं ही मांते, 9 नहीं ह zar aisch है, नहीं ते जोन पिल की तह मैं रहा हैं। तो नवैंकू मजभी आदे हैं, यह
36:19को कहता है गलत है अगर आप मानना ही बंद कर दें तो आपका 10% chance है कि आप सही है और 90% chance है कि आप गलत है मेरा मश्वरा आप मानना छो दिये तो 50% chance होगा कि आप सही है और 50% chance होगा चालिज
36:35परसंट आप गेन करेंगे वाई बीकमेने चीज और अब इस बाचीत का आखरी राउंड शुरू होगा ड़स गॉड़ एक्जिस्ट की ये बहस उफ्ती शमाइल नद्वी और जावे भक्तर साहब के बीच जी सबसे पहले हमारी सयोगी है मारिया मारिया शकी जी पूछे सवा
37:05हिए बहुत ताखत है तो वो बच्चे क्यों मर रहे हैं दूसरी बात ये को अगरager концalen जी के जो आप करते हैं पूरे
37:13मुस्लिम मुमालिक
37:14मिल करके भी उन घजा के बच्चों को क्यों नहीं बचा पा रहे हैं
37:19क्योंकि अगर वो चाहते
37:21क्योंकि अल्ला ताला उन पर हुकूमत करते हैं
37:24सब पर हुकूमत करते हैं
37:25तो वो उनको क्यों नहीं बचा रहे हैं
37:27बच्चे मर रहे हैं दोनों में लेकिन हमारा वर्ड व्यू के रहा इक
37:41उनका मरना बेकार जाने तूरी koई के यहाँ आखरत और ल्लाह का कोई त सववर या god कोई तसवर नहीं
37:49आपने ये सवाल किया कि God merciful है क्यों नहीं रोकता ये मैंने बताया कि ये misconception है लोगों के दर्मियान कि God को सिर्फ merciful और omnipotent समझते हैं
38:00God के सिर्फ यही दो attributes नहीं हैं God के कई सारे attributes हैं उनमें से अल हकीम भी है उनमें से all wise भी है all knowing भी है लिहाज़ा अगर इस दुनिया में किसी को तकलीफ आ रही है और God उसको नहीं रोक रहा है वो इसलिए नहीं रोक रहा है चूँके इनसानों को free will दिया गया है ठीक इसी सुन
38:30है लेकिन जब आप broader picture को देखेंगी आपके और हमारे पास सिर्फ एक पिक्सल है हमें इतना नजर आ रहा है कि घजजा में कतल हो रहा है लेकिन इसके पीछे कितना recompense उनको मिलने वाला है पूरा picture God के पास है यहाँ पे गोहर रजा साहब हैं वो भी सवाल पूछना चाहते ह
39:00में logic नहीं है मेरा ख्याल यह है कि religion में भी logic है लेकिन उस logic की basis यह है कि आप रुक जाते हैं जिसका जिकर जावेद साहब ने बार बार किया यानि खुदा के तसवर पे आते हुए God के तसवर पे आते हुए रुक जाते हैं और इसके इसमें सवाल पूछना मतलब forbidden होता है स�
39:30देखे तीन चीज़े हैं science है एक है मंतिक है इस्तिदाल है और एक जो है कुछ भी नहीं है faith है अकीदा है मैं अकीदे की logic का पहल नहीं हूँ मुझे आप इस्तिदाल से logic से reason से समझाईए मैं मानने को तैयार हूँ मेरा क्या नुक्सान होगा लेकिन ये कि अकीदे पे मैं न
40:00करके बड़ी scientific बाते करके एक जगा जाके खुदा के वुदूद पर रुख जाते हैं सरेंडर कर देते हैं मैं सरेंडर करने को तियार नहीं है अब से सवाल है जैसे थीस्टों के पास अपने जो इशर को मानते उनके अपने आपने social get-togethers है पांस रोजास किसमसाने वाला
40:30जी आप बताइए का सही है यह एक फॉंसेंटाइन एक ग्री रोमन बाश्या था जो क्रिस्टेनिटी आने के 400 साल बाद उसने डिसाइट किया कि मैं क्रिस्टन हो जाओंगा मेरी पुली स्टेट कर जाए उस नमाने मैंसी होता था राजा जो धर मेंस्तियार करता था उस जन
41:00किस्टन हो जा तो उसने अपने मजीदさん का कि बिद्धिये है कि अब हम लोग क्रिस्टन हो जाते हैं अजैसर हो जाएगे कोड प्रॉब्लम नहीं है लेकिन एक प्रॉब्लम यह है कि सतरा जिसंबर से पाट्छीश दिसंबर तक जो पेगन फेस्टिवल होता है जो पेगन स्
41:30यह तो सभी कह रहे हैं। यह जीजस क्राइट की पैदाइश्क थी। कहले सा वो एपरेल में थी। यह नहीं कट करो। वो पचीर दिसमर को है।
41:38यह हकीकत है। और चार सो सालवाद कृस्ट्यानिटी के एपरल से डिसमबर ले आए। और इस लिए के यहां पेगन फेसिवल होता था। अब मनाते हैं आप आप से यह जो शारे फेसिवल हैं यह डिलीजन थे हरे को एक इंटर्टेन्मेंट डिपार्टमेंट चाहिए होता है
42:08अब बार बार जावेद साहब को कॉंटर्डिक्ट तो कर रहे हैं कि आपने यह का यह का लेकिन आप भी अजंप्शन के बात कर रहे हैं आप ने खुदा के होने का कौन सा प्रूफ पेश किया है खुदा की एक्जिस्टेंस का अब इस सवाल को अलग रहने दीजिए कौन ए
42:38इंसान अपनी लेकिन इस फ्रीविल का इस्तेमाल में मतलब खुदा ने यह दे दी सबको यह इजाज़त के वो कितना गिनोनापन और कितने ज्यादा खराब से खराब तरीके इस्तेमाल कर सकते हैं जवाब सुनते जिए आप फ्रीविल को मांती है ना या आप कहती है कि फ्
43:08हमारे वर्ल्ड व्यू में जो इनसान गलत काम कर रहा है उसको भी रिकॉंपेंस यानि उसका बुरा बदला मिलना है और जो सही काम कर रहा है उसको सही बदला मिलना है लहाजा जो फ्रीविल है वो इस तरीके से है कि एक लिमिटेड टाइम तक खुदा ने महलत दी है ऐसा ह
43:38बरोज कियामत इंसाफ होगा मैशर में वहरा वहरा तो दूआ क्यूं मांगते हैं लोग दूआ मांगते हैं इसके मतलब है अभी भी उसने ये डिपार्टमेंट रखता है कि मैं रोज मरना की जिन्दगी में इंटर्टियू बिल्कुल बिल्कुल ही कैन तो तुम हो तुम मु�
44:08होगी वह बच्चे रोते हैं बिल्कुल देखें मैंने अपने ओपेनिंग स्टेट्मेंट में यही कहा था कि जराफ जावे साब सिर्फ इमोशनल अर्गिमेंट रेंगें इस इस एन इमोशनल अर्गिमेंट वक्त तैय हुआ था ये वक्त पूरा हुआ आपने इतने धैर प