00:00दिल्ली में तशेहरे के बाद प्रदूशन का स्तर बढ़ गया है।
00:03राजधानी के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता खराप श्रेणी में पहुँच गई है।
00:08बुधवार सुबह कुछ जगहों पर Air Quality Index यानी AQI 300 के पार दर्ज किया गया।
00:16पूसा में AQI 318 और चांदनी चौक में 302 रहा जबकि आरके पुरम में यह 300 तक पहुँच गया।
00:24दिल्ली की हवा में बढ़ते प्रदूशन ने एक बार फिर लोगों की सेहत और प्रशासन की तयारियों को लेकर चिंता
00:31बढ़ा दी है।
00:32इसी बीच प्रदूशन पर नियंतरण के लिए जी आर एपी के पहले चरण की पाबंदियां लागू किये जाने की बात
00:39सामने आई है।
00:41दशेहरे के बाद प्रदूशन बढ़ने की एक बड़ी बजह अलग-अलग इलाकों में रावन, दहन और पटाखों से निकलने वाला
00:47धुआ हो सकता है।
00:48मंगलवार शाम को दशेहरा समारों के दौरान कई जगहों पर पुतले जलाए गए और पटाखे फोड़े गए।
01:11और द्योगी कुछ सर्जन और आसपास के राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं भी हवा की गुनवत्ता को प्रभावित करती
01:18है।
01:41में 288, बवाना में 277, रोहिनी में 276 और ओखला फेस दो में 272 एक यूआई दर्ज किया गया।
01:51जवाहरलाल नहरू स्टेडियम में यह 270 और तालकर टोरा गार्डन में 256 रहा।
01:57वहीं, आनंद विहार में AQI 152 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है।
02:04इन आकडों से साफ है कि प्रदूशन का स्तर पूरे शहर में एक जैसा नहीं है।
02:08और कुछ इलाकों में स्थितीस ज्यादा चिंता जनक बनी हुई है।
02:12प्रदूशन पर नियंतरण के लिए GRAP यानि Graded Response Action Plan के पहले चरण को लागू किया गया है।
02:19ये ऐसी व्यवस्था है जिसके तहत वायू गुणवत्ता खराब होने पर, प्रदूशन के स्रोतों पर नियंतरण के लिए चरण बद्ध
02:27तरीके से कदम उठाए जाते हैं।
02:29जी आर एपी का पहला चरण आम तोर पर तब लागू होता है, जब AQI 201-300 के बीच यानि
02:37खराब श्रेणी में रहता है।
02:39इसका मकसद प्रदूशन को शुरुवाती स्तर पर नियंतरण करना और हवा की गुणवत्ता को और बिगड़ने से रोकना है।
02:46ग्रैब के पहले चरण के तहट सडकों से उडने वाली धूल पर नियंतरण के लिए नियमित सफाई और पानी के
02:53छिड़काव पर जोड दिया जाता है।
02:56निर्मान स्थलों पर प्रदूशन नियंतरण के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी बढ़ाई जाती है।
03:02खुले में कचरा जलाने पर रोक और कचरे के उचित प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जाता है।
03:07इसके अलावा वाहनों से होने वाले प्रदूशन को कम करने के लिए संबंधित एजेंसियों को निगरानी और नियमों के पालन
03:15पर जोड देना होता है।
03:17इस चरण में होटल और रेस्तरा में कोएले तथा लकडी जैसे प्रदूशन पहलाने वाले इंधनों के इस्तिमाल पर लागू प्रतिबंधों
03:26का पालन कराना भी अहम है।
03:28डीजल जनुरेटर के इस्तिमाल पर भी नियम लागू होते हैं और निर्धारित परिस्थितियों में ही उनके उपयोग की अनुमती होती
03:35है।
03:36इन उपायों का उदेश्य हवा में धुआ, धूल और दूसरे प्रदूशकों की मात्रा कम करना है।
03:42हालां की जी आर एपी का पहला चरण लागू होने का अर्थ यह नहीं है कि दिल्ली में सब कुछ
03:49बंद कर दिया गया है।
03:51केवल एक्यूआई बढ़ने से सभी स्कूलों, दफ्तरों या बाजारों को बंद करने का आदेश अपने आप लागू नहीं हो जाता।
03:58पहले चरण में मुख्य रूप से प्रदूशन फैलाने वाली गतिविधियों पर नियंत्रण, सफाई व्यवस्था में सुधार और नियमों का सखती
04:07से पालन कराने पर जोड दिया जाता है।
04:10निर्मान कारियों पर भी सामान्य तोर पर निगरानी बढ़ाई जाती हैं, लेकिन किसी गतिविधी पर रोक संबंधित निर्देशों और नियमों
04:18के अनुसारगी लागू होती है।
04:20इसलिए स्कूल, दफ्तर, बाजार और निर्मान स्थलों को लेकर किसी नए आदेश की स्थिती में आधिकारिक घोषणा देखना जरूरी है।
04:28इस बीच दिल्ली के मौसम में भी बदलाव देखने को मिला है।
04:32बुद्धवार को राजधानी का नियूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के आउसत से कम था।
04:40सबदर जंग। मौसम केंद्र पर भी नियूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
04:46सुबह 9 बजे दिल्ली का ओसत AQI 233 रहा जो खराप श्रेणी में आता है।
04:53दिल्ली के प्रदूशन पर आसपास के राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं का असर भी पड़ सकता है।
04:59उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पंजाब और हर्याना में 20 अक्टूबर तक के 3 दिनों के दौरान खेतों में आग लगने
05:06की 182 घटनाएं दर्ज की गई।
05:09एक अक्टूबर से अब तक ऐसी घटनाओं की कुल संख्या 397 बताई गई। जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह
05:17आंकड़ा 523 था।
05:20की इन घटनाओं का दिल्ली की हवा पर वास्तविक असर हवा की दिशा गती और मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर
05:27करता है।
05:28पिलहाल दिल्ली के सामने सबसे बड़ी चुनोती प्रदूशन को और बढ़ने से रोकना है।
05:34जी आर एपी के पहले चरण के तहट धूल धूए और प्रदूशन फैलाने वाली गती विधियों पर नियंत्रण के प्रयास
05:41किये जा रहे हैं।
05:42लोगों को भी सलाह दी जाती है कि प्रदूशन अधिक होने पर बाहर भारी शारीरिक गती विधियों से बचें।
05:48बच्चों और बुजुर्गों का विशेश ध्यान रखें और सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित सकीये सलाह लें।
05:56आने वाले दिनों में मौसम और प्रदूशन के स्तर पर निर्भर करेगा कि राजधानी की हवा में सुधार होता है
06:02या प्रशासन को इससे निपटने के लिए और सख्त कदम उठाने पड़ते हैं।