00:00विहार के पुर्णिया जुले से आई ये कहानी ना किसी बड़ी कंपनी की है, ना किसी करोडों के स्टार्ट अप की
00:12ये कहानी है एक साधारण मेकानिक की जिसने अपने छोटे से गराज में गाउं की सबसे बड़ी जरूरत का एक सस्ता और देसी समाधान तयार कर लिया
00:21पुर्णिया के रहने वाले मुर्शिद आलम कोई बड़े इंजिनियर नहीं है
00:25वो एक आम मेकानिक है जो सालों से गाड़ियों की मरमत का काम करते रहे
00:29पड़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कई गराज में काम किया
00:33फिर अपने शहर लोट कर खुद की एक छोटी सी वरक्शॉप खुल ली
00:36धीरे-धीरे मेहनत प्रंग लाई और परिवार का खर्च चलने लगा
00:40काम करते हुए मुर्शिद ने एक बात बार-बार महसूस की
00:43कि गाउं के किसानों और छोटे व्यापारियों के पास ऐसा कोई सस्ता वहान नहीं है
00:48जो रोज मर्रा के सफर के साथ खेती के काम में भी आ सके
00:51डीजल और पेट्रोल महंगा है, मेंटिनेंस मुश्किल है
00:54और बाजार में मौजुद इलेक्ट्रिक वहान गाउं वालों की पहुच से बिलकुल बहार है
00:59यहां से मुर्शिद के वन में एक सवाल उठा, क्यों ना गाउं के हिसाब से एक देसी इलेक्ट्रिक जीब बनाई जाए
01:05ऐसे जीब जो सस्ती हो, चलने में आसान हो और किसान की जरुरतों को पूरा करे
01:15यही सोच आगे चलकर एक बड़े प्रयोग में बदल गई
01:18बिना किसी बड़ी टीम के, बिना किसी बड़ी मशीन के
01:22मुर्शिद आलम ने सिर्फ 18 दिनों में एक 5 सीटर इलेक्ट्रिक जीब तयार कर ली
01:27इस जीब में अलग सी ट्रॉली जोडने की सुविदा है, जिससे किसान फसल, खाद और सामान धो सकते है
01:38एक बार फुल चार्ज होने पर इलेक्ट्रिक जीब करीब करीब 100 किलो मेटर तक चलती है
01:43इसे चार्ज होने में लगबग 5 घंटे लगते हैं
01:46करीब एक लाख रुपे की लागत में बनी इस जीब में मेंचर पहिए ट्यूबलस टायर, स्पीडो मेंटर, चार्जिंग पॉइंट और पावर स्टेरिंग जैसे जरूरी फीचर्स मौजूद है
01:59खास बात ये है कि इसे चलाना बहुत आसान है
02:02कम अनुपव वाले ड्राइवर भी इसे जीब को आसानी से चला सकते है
02:06यही वज़ा है कि गाउं के लोग इसे एक उप्योगी और सस्ता विकल्प मान रहे है
02:10जब देश एलेक्रिक बदलाव की बात कर रहा है
02:13तब मुर्शिद आलम की एक कोशिच बताती है कि नवचार सिर्फ शेहरों की लैब में नहीं
02:17बल्कि गाउं के छोटे गराज में भी जन्म लेता है
02:20कम साधन लेकिन बड़ी सोच
02:22यही असली आत्मिर्बर भारत की तस्वीर है
02:24मुर्शिद आलम की एलेक्रिक जीप सिर्फ एक वहन नहीं है
02:28बल्कि यह उस सोच की मिसाल है जो जमीन से जुड़ी है
02:31और लोगों की असली जरुरतों को समझती है
02:34पुर्णिया से एक मेकनिक की एक कहानी आज पूरे देश के लिए एक सीख बन कर सामने आई है
02:54पुल्ट है
02:56झालोग एक अबने आप अबने घए लिए ऑ्नाप पन्ने आप जह पूरे जातने है
03:01झालोगों की एक मेका की एक जातने है