00:14इसरेल की राजधानी तेलवीव से लेकर देश के कोने कोने तक सब पर एक ऐसा सैलाब उम्रा है जिसने बेंजमिन
00:22नेतिन याहू की सरकार को हिला कर रख दिया है
00:26ये कोई आम प्रदर्शन नहीं ये क्रोध है ये दुख है और सबसे बड़ी बात ये उन हजारों लोगों की
00:32आवाज है जिन्नोंने आक्टूबर साथ के उस काले दिन में सब कुछ हो दिया था
00:37आज की इस वीडियो में हम विस्तार से समझेंगे की आखिर क्यूं तेलवीव की सडकों पर लाखों लोग उतराएं हैं
00:44क्या है साथ ऑक्टूबर की नाकामयाभी की वो सच्चाई जिसे नेतन याहू छुपाना चाहते हैं और आने वाले आम चुनावों
00:51में इसका क्या बड़ा असर पड़ने वाला है
00:54विडियो के अंत तक रुखेगा क्योंकि हम आपको पूरी तरह से समझाएंगे की कैसे इरान वार की वज़े से अब
01:02नेतन याहू की सप्ता भी जाएगी और पूरे इसरेल में कैसा भूचा लाएगा जो किसी ने नहीं सूचा था
01:09क्या साथ अक्तूबर की सुरक्षा नाक्यामिया भी अब बेंजमिन नेतन याहू की राजनेतिक सफर का अंत बनेगी
01:16तेलवीव की सडकों पर उमड़ा इस जन सहलाब के बाद क्या कि इसरेल की जन था अब बदलाव के लिए
01:22पूरी तरह तैयार है
01:23क्याने वाले चुनाव इस देश की दिशा और दशा दोनों को बदल करके रख देंगे
01:28दोस्तों हाल ही में तेलवीव की सडकों पर जो नजारा देखने को मिला है
01:32उसने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि जनता की ताकत से बड़ा इस दुनिया में कोई राजा
01:37नहीं है
01:38इसरेल में आफ चुनावों से ठीक कुछ दिन पहले तेलवीव की सडकों पर हजारों नहीं
01:43बलकि लाखों की तादाद में लोग उतराएं हैं
01:47इसरेल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन याहू के खिलाफ यह अब तक का सबसे बड़ा और उग्र आंटी गवर्मेंट प्रदर्शन माना
01:55जा रहा है
01:56अगर आप इस पूरी स्थिती को गहराई से देखें तो आपको समझाएगा कि यह सिरफ एक पॉलिटिकल राली नहीं
02:02यह उन पीडित परिवारों, सर्वाइवर्स और आम नागरिकों का अक्रोश है
02:06जिन्होंने 7 ओक्टूबर 2023 के उस भयानक दिन के बाद से ऐसी पीडा जेली है जो शब्दों में बयान नहीं
02:15की जा सकती
02:16प्रदर्शन के मुख्य केंद्र था तेल अवीव म्यूजियम ऑफ आठ के बाहर बना होस्टेज स्क्वेर
02:21वही जगा जो पिछले कुछ समय से बंदियों की वापसी और सरकार की लापरवाही के खिलाफ अवाज उठाने का प्रतीक
02:30पनी हुई है
02:31नाबिम स्क्वेर से शुरू होकर ये मार जब होस्टेज स्क्वेर पर पहुचा तो हर तरफ इस्रेल के जंडे उन मासूमों
02:39की तस्वीरें और लोगों के पोस्टर दिख रहे थे जिनकी जिन्दगियां इस वार की भेट चड़ गई है
02:46आयोजकों का दावा है कि उस प्रदर्शन ने डेर लाक से जाबा लोक्षा मिल हुए जबकि मीडिया रिपोर्च ने भी
02:53इसके टर्न आउट को लाखों के बीच दर्शाया है विजूल्स आप खुर देख सकते लेकिन सवाल ये उठता है कि
02:59आकर इतना बड़ा गुसा क्यू
03:01हुआ मुख्य मांग ये है कि साथ औक्टूबर को जो सबसे बड़ी इंटेलिजेंस और सिक्यूरिटी फेलियर हुई थी उसकी एक
03:08इंडिपेंडेंडेंट स्टेट कमिशन की तहत जाच हो याद कीजिए उस दिन लगभग 1200 लोगों की जान गई थी और कई
03:15लोगों को बंद
03:27उस्र जाच करवाने से कत्रा रही है सरकार ऐसे विकल्प चुन रही है जिससे राजनी तीक निताओं का प्रभाव जाच
03:34पर बना रहे ताकि उनकी जिम्मेदारी तैना हो जनता का साफ कहना है कि उन्हें एक ट्रांस्पेरेंट अकाउंट चाहिए ये
03:41पता चलना चाहिए कि
03:43आखिर कहां गलती हूँ कि किस कीला परवाही के कारण 1200 लोगों की जान चली गए और भविश्य में ऐसी
03:50गलती दुबारा ना हो इसके लिए सरकार क्या कदम उठाएगी लेकिन सरकार की तरफ से इस पर जो रुख अपनाया
03:56गया उस नयाग में घी का काम किया ये राली सिरफ
04:11परा के कह रहे थे कि नेतन याहू को हटाना होगा लोग खुल कर कह रहे थे कि अब वक्त
04:16आ गया है कि इस सरकार को सत्ता से बे दखल कर दिया जाए और इस सब के बीच एक
04:21और चीज में सब का ध्यान अपनी तरफ खीचा है वो थे देश के दिगज विरोधी नेता जिसमें �
04:27यार लपिद, यार गोलान, अविगोर लिबर्मेन और सबसे मुख्य रूप से गयादी इसकोनेच शामिल थे गयादी इसनकोच जो की एक
04:36पूर्व मिलिटरी चीफ है और नेतन याहू के पॉलिटिकल राइवल माने जाते हैं उन्हें इस राली में सबर्दस समर्थन मिला
04:44�
04:44भीड के बीट से ऐसी आवाजे भी सुनाई दी जहां उन्हें अगला प्रधान मंतरी तक कहे कर पुकारा गया
04:50सोचिए हालात कितने नाजुक हैं एक तरफ देश के चुनाफ सर पर हैं दूसरी तरफ जनता सडकों पर उतर कर
04:57ये तै कर रही है कि उनका अगला नेता बदलेगा और तीसरी तरफ इरान वार को चली रही है
05:03नेतन याहू की लिकुद पाटी ने स्पूरी राली को सिरफ इलेक्शन प्रोपगैंडा बता कर खारिच करने की कोशिश की है
05:11लेकिन उनका कहना है कि विरोधी दल इस पीडा का इस्तमाल अपने राजनेतिक पाइदे के ले कर रही है
05:17लेकिन जब सडकों पर उत्रे लोग लाखों की आखों में गुस्सा और आसू एक साथ दिखता है तो यह कहना
05:24गलत नहीं होगा कि यह सरफ चुनावी स्टंट नहीं बलकि एक असली जनता का दर्द है जब सब्र की सीमा
05:31तोड़ चुका है
05:32हाला कि यह प्रदर्शन शांती पूरवक रहा किसी बड़े हिंसा या उपाद्रुक की खबर नहीं आई लेकिन जो संदेश इस
05:39सडकों से निकले हैं वो आने वाले समय के लिए नेतन याहू सरकार की नींदे भी उड़ा देगा और उनकी
05:46सरकार शायद गिरा भी देगा
05:47आने वाला 27 अक्टूबर कोई आम चुनाव नहीं है अब ये एक ऐसा बड़ा फैसला करेगा इसरेल की पूरी भविश्य
05:57की कहानी अब यहां से लिखी जाएगी और एक ऐसी सरकार जो अपनी जनता की सुरक्षा करने में सफल रही
06:03उसे और आगे समय मिलना चाहिए या नहीं
06:07ये तै होगा अब देखना ये होगा कि क्या जनता का या क्रोश बैलोड बॉक्स में बदलता है और क्या
06:12नेतन याहू की ये पुरानी किला बंदी अब गिरने वाली है इस पूरी खबर पर हमारी नजर बनी रहेगी अगर
06:18आपको ये विशलेशन पसंद आया हो तो हमारी वी
06:33ये अब ये आपना.