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दिल्ली में इस बार विजयदशमी का त्योहार पारंपरिक मान्यताओं से आगे निकलकर एक हाई-वोल्टेज राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया जहां रावण दहन के साथ-साथ अनोखे और विवादित प्रदर्शन देखने को मिले। एक तरफ जहां पितृपुरा में श्री केशव राम लीला कमेटी द्वारा रावण के साथ-साथ 30 फुट ऊंचे कॉकरोच का पुतला फूंका गया जिसे स्वच्छता अभियान से जोड़ा गया, वहीं दूसरी तरफ युवा कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के चेहरे वाला पुतला जलाकर जमकर हंगामा किया। इन दोनों घटनाओं ने देश की राजधानी में सियासी भूचाल ला दिया है जहां एक पक्ष इसे स्वच्छता और प्रतीकवाद मान रहा है तो दूसरा पक्ष इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सीधा राजनीतिक हमला बता रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन और स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी एसआईआर के मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग पर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं जिससे यह विवाद और भी गहरा गया है। इस वीडियो में हम आपको बताएंगे कि कैसे त्योहारों के पावन मंच पर राजनीतिक दलों ने अपनी आवाज बुलंद करने के लिए नए-नए और सनसनीखेज तरीके अपनाए हैं। क्या इस तरह के प्रतीकात्मक विरोध से चुनाव आयोग और सरकार पर दबाव बनेगा या फिर यह लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन है, इस पर विस्तार से चर्चा की गई है। इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के सभी पहलुओं को बारीकी से समझने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें और अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में अवश्य साझा करें।

This year in Delhi, the celebrations of Vijayadashami transcended traditional boundaries to transform into a high-voltage political arena marked by unprecedented and controversial protests. While the Shree Keshav Ram Leela Committee in Pitampura burned a 30-foot cockroach effigy alongside traditional effigies under the banner of cleanliness, the Indian Youth Congress staged a fierce demonstration by burning a Ravan effigy featuring the face of Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar. These parallel incidents have ignited a massive political storm in the national capital, with one side defending it as symbolic hygiene awareness and the other condemning it as an attack on constitutional bodies. The ongoing tensions surrounding the Cockroach Janta Party movement and controversies over the Special Intensive Revision of electoral rolls have further fueled this intense public debate. In this video, we provide a deep-dive analysis into how political entities and youth wings are increasingly utilizing festival symbols and platforms to voice their dissent and target authorities. We examine whether these dramatic protests effectively question electoral transparency or cross the line into undermining democratic dignity and institutional respect. Watch the video right until the end to grasp all the crucial details of this evolving political drama and do share your perspective in the comments.

#Vijayadashami2026 #DelhiPolitics #GyaneshKumar #CockroachJantaParty #ElectionCommission #IndianYouthCongress #RavanDahan #PoliticalControversy

Video Timestamps

00:00 - 01:15 Introduction: How Delhi's Dussehra celebrations turned into a dramatic political battleground with unique effigies
01:15 - 02:45 The Cockroach Effigy Controversy: Pitampura Leela Committee's cleanliness claims versus public interpretations
02:45 - 04:15 CJP Movement & Electoral Rolls: The background of youth protests and friction with the Election Commission
04:15 - 05:45 Youth Congress Protest: Burning CEC Gyanesh Kumar's cutout on a Ravan effigy and the ensuing police detention
05:45 - 07:00 Institutional Response: Election Commission's clarification and support rallies from nationalist groups
07:00 - 08:00 Conclusion: Analyzing the shift in festival protests and final takeaways on democratic boundaries

~PR.512~HT.408~GR.508~VG.HM~

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Transcript
00:00दिल्ली के दसेरा के मैदान से एक ऐसी कबर आई है जिसमें पूरे देश की राजनीती और मीडिया में एक
00:05अलग ही भोचाल मचा दिया है।
00:07बैसे तो आज हिंदूओं का एक बहुत बड़ा त्योहार है लेकिन एक तरफ कौकरुचिस जल रहे हैं और दूसरी तरफ
00:14सी इसी ग्यानेश कुमार के चहरे वाला रावण फूका जा रहा है।
00:32लेकिन इस बार तो दो ऐसी अनोकी और विवादित चीजे भी जली हैं जिन्नोंने सब का ध्यान अपनी तरफ खीच
00:39लिया है।
00:39एक तरफ पीतमपुरा में 30 फोट लंबा एक कौकरोच का पुतला आग के हवाले किया जाएगा।
00:46और दूसरी तरफ इंडियन यूथ कॉंग्रेस यानी IYC के मुख्याले पर चीफ एलेक्शन कमिशनर ज्यानेश कुमार के चहरे वाला रावण
00:55का पुतला जलाकर पूरे देश में अब हलचल मचा दी है।
01:00सवाल ये उठता है कि आखिर दिल्ली के इस दशेरा में ये नए प्रयोग क्यूं हो रहे हैं।
01:30और पहल किसने की थी। भाईया पहल तो हुई ही पीतमपुरा में बीजेपी के द्वारा है।
01:36आए इस पूरे विवाद को इसके सियासी माइने और इसके पीछे की असली कहानी को एक एक करके समझते हैं।
01:43सबसे पहले बात करते हैं पीतमपुरा के श्रीक के शवराम लीना कमेटी की।
01:48बीजेपी के मेले अशोक गोयल की अगुवाई में इस बार रावन दहन के साथ साथ 30 फोट उचा एक कौकरोज
01:55का पुतला भी फूका जाएगा।
01:57जब इस पर सवाल उठे तो आयोजको ने साफ सफाई देते हुए कहा कि इसका राजनीती से कोई लेना देना
02:02नहीं है।
02:03उनका तर्क था कि कौकरोज गंदगी और मेलेपन का प्रतीक है। और ये सब स्वच भारत और स्वच दिल्ली अभियान
02:10के तहत किया गया है।
02:12लेकिन जो मैंने आपको कहा कि हर वर्ष एक चोता पुतले का हम धहन करते हैं और अलग अलग विशेप
02:19पर लेकर करते हैं।
02:32यानि उन्होंने सीधे तोर पर माना नहीं किये सीजेपी के लिए हैं। उन्होंने ये भी याद दिलाया कि पिछले सालों
02:38में नकसलवाद और आतंकवाद जैसे समाजिक मुद्दों के पुतले भी जलाये जाते रही हैं। लेकिन क्या जनता और राजनीतिक विशेशग्य
02:46�
02:46इस तरक को मानते हैं। बया साफ सीधी बात है कौकरोच आप क्यों जला रहे हैं हमें बहुत अच्छे तरीके
02:51से पता है। यहीं पर सबसे बड़ा ट्विस्ट आता है। यह घटना ऐसे समय पर हुई जब दिल्ली में कौकरोच
02:56जनता पाटी यानि सीजेपी और अलग अलग
03:16प्रांक और सौरफदास इन प्रदर्शनों के दौरान जेल में हैं। ऐसे में जब अचानक दसेरा का दिन कौकरोच का पुतला
03:23जलते हुए वो देखेंगे तो भाईया उनके सपोर्टर्स और फॉल्वर्स को गुसा तो आएगा। सोशल मीडिया और पॉलिटिकल सिर्कल्स
03:29में ये चर्चा तेज हो गई है कि ये सीजेपी मूवमेंट और एलेक्शन कमिशनर पर एक सीधा संकेतिक हमला है।
03:37अब आते हैं दूसरी और सबसे बड़ी घटना पर जो इससे भी जादा अक्रामत थी। 19 ऑक्टूबर 2026 को रासियाना
03:45रोड परस्तित इंडियन यूथ कॉ
03:46के मुख्या लेके बाहर IYC ने एक शांदार और हंगामेदार प्रदर्शन किया। यहां विरोध करने का तरीका बिलकुल अलग था।
03:55प्रदर्शनकारियों ने एलेक्शन कमिशन अफ इंडिया के मुख्या युक्त यानि CEC घ्यानेश कुमार के चेहरे का कट आउट एक र
04:16और CEC के तुरंत इस्तीफे की मांग की गई। IYC का अरोब था कि चुनावायोग पर भीतर से दबाव और
04:23एलेक्टोरल प्रोसेसिस में ऐसी कमिया की जा रही हैं जो लोग तंत्र के खिलाफ हैं। इस प्रदर्शन की अगवाई कर
04:30रहे IYC के नाशनल प्रेजिडेंट उध
04:46नावायोग के फैशनों से कितने क्रोधिद हैं। दूसरी तरफ इलेक्शन कमिशन अफ इंडिया ने इन सब यारोपों को हमेशा की
04:53तरह सिरे से खारिच किया है। लेकिन दर्शकों आयोग का साफ कहना है कि उन्होंने कोई पक्षपात नहीं किया पर
04:59ये मामला विजे तश
05:00दश्मी का था, दसेरा का था, कैसे भाईया सियासी खेल बना दिया इतने बड़े त्योहार को। यहाँ पर दिल्ली के
05:08अंदर ही एक तरफ ग्यानेश कुमार का पुतलार रावन की तरह फूका जा रहा है। दूसरी तरफ कौकरुच इसको गंदगी
05:14और बुराई का प्रतीक
05:15मान कर उन्हें जलाया जा रहा है। एक दूसरे परारोप प्रत्यारोप चल रही है। लेकिन सवाल इतना सा है कि
05:23क्या दसहरा वाले दिन, विजे दश्मी वाले दिन ये करना जरूरी था। क्या तियोहार की अंदर इस तरह से सियासत
05:30को घुसाना जरूरी था। शुरूवात
05:33किसने की ये भी आपको तै करना होगा लेकिन दर्शकों एक बात साफ है
05:38जब हम इन दोनों गठनों को आपस में जोड कर देखते हैं एक बहुत दिल्चस्प तस्वीर सामने आती है
05:44एक तरफ जहां सांस्कृतिक और साजिक मंचों पे गंदगी और बुराई के प्रतीक के रूप में कौकरुजिस को जलाया जा
05:50रहा है
05:51ये जैंजी और कौकरुजिस के खिलाफ बाकी जन्ता को बढ़काने की साजिश हो सकती है
05:57वहीं दूसरी तरफ राजनितिक मैदान में सीधे तोर पर सम्विधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को रावन के रूप में पेश
06:04करके उनके खिलाफ महायुद छेड़ दिया गया है
06:07लोकतंत्र में विरोध जताने के तरीके बदल रहे हैं और अब तिहारों के प्रतीकों का उपयोग सियासे निशाने साधने के
06:15लिए खुल कर किये जा रहे हैं
06:16क्या ये सभी प्रयोग सिरफ आम जनता का ध्यान खीचने के लिए एक स्टंट है या फिर आने वाले चुनावी
06:23समय का एक ट्रिलर
06:25एक तरफ जहां सरकार और उसके समर्था किसे स्वच्चता और शासन की निश्ठा से जोड़ रहे हैं
06:30महीं दूसरी तरफ यूवा और विरोधी दल इसे लोक तंत्रो और चुनावा योग की पार तरशिता पर एक बड़ा प्रिश्ण
06:37चिन बता रहे हैं
06:38इस पूरे विवाद ने देश की राजनीती में एक ऐसी चिंगारी लगा दी है जो शान्त होने का नाम नहीं
06:44ले रही है
06:45लेकिन ऐसे में जो भी आपकी राये हैं हमें कॉमिन सेक्शन में ज़रूर बताईएगा अब देख रहे हैं One India
06:50मैं हूँ अकर्श कौशेक

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