00:00लम्बे समय से उनके बारे में बाते उठाई जा रहे हैं
00:02अब यह बात निकल करके आई है कि पिछले एक वर्ष से उनके जो Subordinates हैं
00:09उनके कार्य करने के तरीके पर उनके निर्नेयों पर प्रश्न उठा रहे हैं
00:15लिखित में भी अपनी जो उज्रदारी है एतराज है उसको गत्त कर रहा है उसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं
00:23है तो इससे पता चलता है कि जो बातें ग्यानेश कुमार जी के बारे में उठाई जा रही है वो
00:31सच है इसलिए विपक्ष नहीं हमला कर रहा है आपका जो चार
00:44आख्या लेकर के आये हैं कुछ लोग हमने भी सुना कह रहे हैं कि साब यह तो बड़े लोगतंत्र की
00:51पहचान है हमारे यहां जितना बड़ा लोगतंत्र इतना कहां होगा कि चुनाव आयोक के जो दो सबोर्डिनोट है वो लिख
00:59करके बाकाइदा उनके विरुद्ध में चि
01:13दूसरी बात यह है कि जो प्रस्णों उन्होंने उठाए थे उन प्रस्णों के रहते हुए फिर सर्व सहमती से अस्ताक्षर
01:21कैसे हो जाते हैं कि जब उसी महकमे के दो अधिकारी जो लगबग मुख्य चुनाव आयोक्त के बराबर के अधिकारी
01:30हैं जब वही अपनी असहमत
01:40सहमती साहिन कर देना देखिए अगर असहमती लिखित रूख से व्यक्त की गई है तो उस में सहमती कि साधार
01:48पर बन गई या अधार कहां बताया गया ऐसा है कि ज्यानेश जी के बारे में कोई आज से बात
01:55नहीं चल रही है लंबे समय से उनके बारे में बातें उठाई जा �
01:59हैं और अब ये बात निकल करके आई है कि पिछले एक वर्ष से उनके जो सबॉर्डिनेट्स हैं वो स्वयम
02:08उनके कारिय करने के तरीके पर उनके निर्णेयों पर प्रशन उठा रहे हैं लिखित में भी अपनी जो उजरदारी है
02:19एतराज है उसको गत्त कर रहे हैं उसके बा
02:27करते हैं कि आनिश कुमार जी के बारे में उठाई जा रही है वो सच है अब बात है कि
02:36विपक्ष तो ठीक है विपक्ष हमला कर रहा है लेकिन हमला करने के लिए मौका है तब ना कर रहा
02:41है मौका तो आपने दिया है इसलिए विपक्ष नहीं हमला कर रहा है आपका जो चारित
03:02अखिर लीपा पूती तो करने ही पड़ती है तो अब यह व्याख्या ले करके आये हैं कुछ लोग हमने भी
03:09सुना कह रहे हैं कि साब यह तो बड़े लोगतंत्र की पहचान है हमारे यहां जितना बड़ा लोगतंत्र इतना कहां
03:16होगा कि चुनाव आयोक के जो दो सबोर्डिन�
03:20वो लिख करके बाकाइदा उनके विरुद्ध में चिठीया देते हैं यह कितना बड़ा लोगतंत्र है सवाल यह है कि जो
03:28चिठीया लिख करके जो एतराज वो जताते हैं उस पर अमल क्यों नहीं होता है और दूसरी बात यह है
03:36कि जो प्रस्णों उन्होंने उठाये थे उन �
03:41इससे करते हुए फिर पर सहमाती से अस्ताक्शर कैसे हो जाते है इससे पता चलता है फिर सी बात है
03:47एकिंदे उस्ताजर करते हो और नहीं तो फिर एक चंग समरें उपर अपर भी कुछ लिया जाए चर cái लिकें
03:54उनकी
03:55चछटीयों का जबाब कहां दिया गया जो विभागी ये तरीका है वह यह है कि अगर एपती इठाई गई उसका
04:01समाधान करना पड़ेगा उसका समाधान नकर के यह वलिये बताया जा रहा है कि निरनेय पर सब के अस्ताक्षण है
04:07निरन पर सबस्सक्रा Isn't
04:10उदारन दिया एक पत्रकार जी हमसे पूछ रहे थोड़ी देर पहली हमने उनको कहा कि अगर आपका आपके द्वारा संकलित
04:18जो समाचार है वो आप अपने संपादक को दो और संपादक कहा नहीं है नहीं चलेगा तो आप क्या कर
04:24सकते हो आप यही कहोगे कि भाई यह चलना च
04:40लिखाई देती है अब देखो जैन जी तो ऐसा है कि जैन जी तो हमारे बच्चे हैं न वो विचारे
04:49बहुत प्योर हैं बिलक्रों मासूम हैं उनको पता ही नहीं है कि क्या कैसे होता है और यह लोग बड़े
04:56खिलाडी हैं राजनीती के तक्नीक के खिलाडी हैं तो तक्नीक के
05:05पाले मासुमों के बीच की ये लड़ाई है, अब ये जो unutड़ाई है, इसमें जीतेगा कौन, ये बात सही है,
05:13जो सच होता है, वही जीतता है, लेकिन बहुत परेशान होने के बाद, तब सत्री की विजय होती है, इसलिए
05:20हमारे नवनीहालों को, हमारे जैन जी को, अगर सचा�
05:28का सामना करते हुए अंतिम तक विजय होने तक खड़े रहना पड़ेगा यही उनको कारगर कर सकती है अन्यथा उनका
05:37मुकाबला बड़े ऐसे लोगों से हो चुका है जो बहुत खाग लोग
05:42कि बड़ा सवाल पूरे राष्ट में चाया हुए है ऐसा है कि हमारा आपका कहना एक बार विचार नहीं हो
06:05सकता जब उसी महकमे के
06:08दो अधिकारी जो लगबग मुख्य चुनाव आयुक्त के बराबर के अधिकारी हैं जब वही अपनी असाहमती ब्यक्त कर रहा है
06:17और उनकी असाहमती को सुना नहीं जा रहा है
06:20कि वहाँ पर मनमानी चल रही है और जिसके बारे में बार बार चर्चा हो चुकी है अगर असाहमती लिखी
06:39तरूप से व्यक्त की गई है तो उस में सहमती कि साधार पर बन गई या अधार कहां बताया गया
06:45है
06:45इसका मतलब है कि जो बिंदू उठाए गए ते वह बिंदू तो जहां के तहां है बाकी सबको नौकरी करनी
06:51है जब आपको कह दिया जाएगा कि यह आईडी या तो सरेंडर कर दो और नहीं तो जो हम कह
06:56रहे हैं वो दिखाओ तो आप क्या करोगे आपने अपनी बात कही उसक
07:15का विचार हुआ और क्या उसका निर्णाए हुआ और उस पे उन बिंदूओं को खारिश किया गया तो कि साधार
07:21पर और नहीं सुना गया तो कि साधार पर और सहमती बन गई तो कि साधार पर बन गई इसका
07:26कोई देखा जोखा प्रस्तुत किया गया है
07:45कि दिखे किसी की यात्रा पे हमें क्या कहना है हम क्यों उस पर टिपर नहीं करें लेकिन हमारा यह
07:50कहना है
08:00कि यह करने कि उसको भी पहले गोथ्या बंद करने कि भी लात करने की बाध करना पर गोवहत्याबंद करने
08:18की बहाती ही न गयाइए
08:19यह खुड़ा सा अठपटा प्रतीत होता है इसलिए पहले गव माता की रक्षा का ही उद्यम अपने को करना चाहिए
08:39लिए कि हमें कोई जानकारी नहीं है हम सब्सक्राइब के रूरल एरिया में
08:46चातर मासे में थे लोग लगातार दो महीने कल ही वहां से निकल करके हम जबलपुर आये हैं जबलपुर में
08:53आने के बाद एक पतरकार बंदू ने हमको यह सुछना बताई और उन्हों ने कहा कि उनके कमरे से एक
08:58आरी जो बिजली की होती है और साथ ही में उनकी किसी अंग की क�
09:15बात है तो जांश के बाद ही पता चलेगा जो भी होगा सच सामने आ जाना चाहिए गोल-गोल नहीं
09:20रहना चाहिए ताकि कि किसी को अटकल बाजी करने का मौका नहीं नहीं कहा है अपने अनुराइब से कोई अपील
09:30करेंगे कि पार्टियों को बोट दिया जाएं जिसके को �
09:37दूनिया बर के मुद्धे नहीं कहा है पहले कर लिजे एक काम तब दूजे का लेजे नाम एक ही साथ
09:44अनेक विशार बहुतक जोगी मड़ी हो जार हमारे गुरुजी ने आमको कहा था कि एक बार में एक काम ड़न
09:50करना चाहिए तो हमने हिंदूओं से कहा है उत्तर प्रदे�
10:03भिश्र करके �orie आया है और आगे भी देंगे कई बार देंगे बार बार देंगे और देते रहें रहें आधने
10:09हिंद्यों के द्वारा यह कःतो नाम लाज करो ऐका तो धर्म से होगा इसलिए हमने कहा है सनातन धर्म की
10:28राजनीतिस करो
10:29ये देश सनातनियों का है पर गजब की बात है कि हλαते हैं सनातन धर्म की राजनीती ही नहीं होibile
10:34सनात धर्म की जब राजनीती होगी इसमें पूरा
10:37इंदू समाज चाहे किसी वर्ण का हो चाहे किसी आश्रम का हो चाहे किसी परिस्तिती का हो वसाब एक जुठ
10:44हो जाएंगे और एक हो करके संग अच्छत्वों संवदद्वों की भावना से आगे बढ़ेंगे जो वेदों ने कहा हुआ
10:50कि इसी लिए कर रहा है क्योंकि वह सनातन धर्म को नष्ट करतना चाहते हैं और एक नकली हिंदुत का
11:11बाना पहन करके वह सनातन धर्मियों को पहुंचाने के लिए जब सीदे सीदे अपना ड्रेस पहन करके देखिए
11:18अपने देश में कनवर्जन माफिया है बहुत सारे इसाई लोग कनवर्जन कर रहा है उनको विदेशी फंड भी मिलता है
11:25तो आप जाएंगे तो पता चलेगा आपको कि अब वो जनेव पहन रहे हैं गिरुवा कपड़ा पहन रहे हैं रुद्राश
11:31की कंठा माला पहन रहे है
11:33और अपने चर्च का नाम आश्रम रख रहे हैं क्योंकि जब उन्होंने अपने शब्दों से सफलता नहीं पाई तो अब
11:39हमारे शब्दों को ले करके और लोगों को भर्म में डाल करके अपने हां बुला रहा है तो यही प्रक्रिया
11:46राजनीती में भी हो रही है अपने आप
11:49को हिंदू जोषित करके हिंदूं की बीच में जाते हैं काललीमी की तरह और उनको ठखते हैं तो यह हिंदू
11:54समाज में फिर से जाग रूपता आएगलिंगे जो है ठुक्राएज चाएंगे समाज से वहीस्ति रिपी संतिए जाएंगे दब हिंदू समाज
12:00की रक्षा हो सको�
12:12और गुरू क्या कहते हैं और जो नकली हिंदू होगा वो ना बेद मानेगा ना शास्त्र मानेगा ना गुरू मानेगा
12:18एक्दम साफ पहचान है
12:23सब्सक्राइब तो वन इंडिया और नेवर मिस अप्डेट डाउनलोड तो वन इंडिया अप्डेट नाओ