00:00भरत की चुनावायोग यानि की Election Commission of India के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जब सरकार
00:05की पसंद से न्युक्त किये गए दो चुनावायोग तो नहीं मुख्या चुनावायोग के खिलाफ मोर्चक पूर दिया।
00:12जिस चुनावायोग की पहचान एक जुटता और निश्पक्षिता से फैसनों पर मुहर लगाने के लिए रही वहाँ पर अंधुरूनी खीच्तान
00:18कहां से आई क्या चुनावायोग के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है इसकदर अंधुरूनी खीच्तान कैसे बढ़ गई कि दो
00:25च�
00:27कामकाच के खिलाफ सरकार के शीष नौकर शाहूं यानि की कैबिनीट सचीव को चिप्ठी लिहनी पड़ गई
00:34चुनावायोग के भीतर चल रहे सभूतपूर विववाद मुख्य के रधारों और इसके राजनेतिक वस्वधानिक पहलों को आसान भाशा में आपको
00:41समझाने की कोशिश करेंगे विडियो के अंतर तक जरूर बने रहें आपके सभी सवालों के जवाब आपको यह मिल जा�
01:15चुनावायोग में आखिर चल क्या रहा है?
01:17एक दिन में अधिकतम चार-चार बार और सहमती दर्स करवाने की भी नौबत आई है इन दस महीनों के
01:24भीतर ही
01:24दोनों आयोगतों का आरोप है कि मुख्य चुनावायोगत ग्यानी इश्कुमार उनकी जानकारी और सहमती के बिना कई महत्वपूर्ण फैसले लेते
01:31हैं
01:31विवात का मुख्य कारण, काम का बटवारा, वोटरलिस से जुड़ी आईटी विवस्था के निगरानी में किये गए बदलाव है
01:37जब आयोग के भीतर उनकी बात नहीं सुनी गई तो उन्होंने कैबिनिट सचीव को पत्र लिखकर अपना विरू दर्स किया
01:42समविधान के अनुच्छे 324 के तहट मुख्य चुनाव आयोगत बराबरों में प्रथम First Among Equals होता है
01:49यानि उसे बागी दो आयोगतों पर एक तरफा फैसला थूपने का अधिकार नहीं होता है
01:54अब कानूनन क्या फैसला होता है, कानूनन क्या आप कह सकते हैं नियम रखा गया है
02:00कानूनन नियम यह है कि सभी फैसले सर्वसमत्य या फिर बावमत से होने चाहिए
02:05बवाल मचाने वाले ये दोनों चुनाव आयोगत आखिर है कौन?
02:08इनको लेकर भी कूब चर्चा है कि आखिर ग्यानिश कुमार की इतनी चर्चा तेज़ करणने वाले उनके दोनों सहीओ की
02:15आप क्या सकते हैं
02:16election commissioner हैं कॉन ग्यानिश कुमार के फैस्टो पर सवाल उठाने वाले विवेक जोशी और सुखीर सिंग संधू के बारे
02:23में भी विडियो में बात करते हैं
02:25जाहिर तोर पर दोनों ये election commissioner साधारान अधिकारी तो बिल्कुल ही नहीं
02:29दोनों ही केंद्र राजी सरकारों में सरवोच्ष प्रशाशनिक पदों पर वह चुके हैं वरिष्ट IAS अधिकारी हैं ये दोनों भी
02:37डॉक्टर विवेक जोशी की बात करें तो 1989 बैच के हर्याना केडर के IAS अधिकारी हैं और डॉक्टर विवेक जोशी
02:43दोजार पच्चीस में चुनावायुक्त बने हैं इससे चीक पहले वो हर्याना के मुख्य सचीव थे शिक्षा के मामली में जोशी
02:49के पास IIT रोड़की से
02:50मेकैनिकल इंजिनिरिंग की डिग्री है IIFT दिली से मास्टर की डिग्री और स्विजिलेंड के प्रतिरस्ठेट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट जिनेवा से इंटरनेशनल
02:58एकोनोमिक्स में पी अश्टी है के इन सरकार में वो कर्मिक एवं प्रस्रिक्षन विभाग या
03:11अपनी सेवाएं दे चुके हैं बात करें दूसरे इसी के यानि की डॉक्टर सुख बीर सिंग संधु की तो ये
03:171988 बैच के उत्रखंट के आईएस अधिकारी हैं संधुमाश 2024 में चुनाव आयोग से जुड़े और उन्होंने अमिसर के गवर्मनेंट
03:25कॉलेज से MBBS की पढ़ा
03:41और IIM जैसे प्रमुक संस्थानों का काम का संभाला था। कॉंग्रिस ने इनकी न्युक्ति पर आखिर विरूद क्यों जताया था
03:48और कॉंग्रिस इस पूरे घटना करम में इस न्युक्ति की प्रक्रिया में कैसे महतवपून भूमे का निभाने की कोशिश को
03:55रही थी लेकि
04:08एक अन्या कानून बनाकर चुनावायुक्तों के चैन का नियम बदल दिया। पहले चैन समीती में प्रधान मंत्री लोगसभा में विपक्ष
04:16नेता और सुप्रीम कूड के मोख्या निया थीश और CGI शामिल हुआ करते थे। नय कानून के जरिये मोख्या निया
04:21थीश की जग
04:38जताते हुए कहा था कि 212 नामों की सूची बैठक से सिर्फ एक दिन पहले दी गई और 6 शॉर्ट
04:44लिस्टिट नाम बैठक से केवल 10 मिनट पहले शेयर किये गए। उनका मुक्य तर्ध था कि चैन समीती से मुक्या
04:50निया थीश को हटा कर कैबिनेट मंत्री को रखने से सरकार
04:52को 2-1 का सपष्ट बहुमत मिलता है जिससे आयोग की स्वायत प्रभावित होती है।
05:22से फैसले ले रही हैं जिससे आयोग की निश्पक्षता खत्रे में हैं वहीं पर सत्ताधारी BJP NDA का तर्क है
05:29कि असहमती होना एक जीवन तो लोकतंत्र का हिस्सा है।
05:52बहराल मामले को आप कैसे देख रहे हैं इन दोनु इलेक्शन कमिशनर्स के इस समतभियत को लेकर आपकी क्या राया
05:58है।
05:59कॉमेंट बॉक्स आपके लिए है अपनी टपड़ी महाँ जरूर दीजेगा।
06:01मामले को लेकर विवात को लेकर भी अगर कोई मन में आपके सवाल है तो वो भी कॉमेंट बॉक्स में
06:05आप लिख सकते हैं।
06:06आपके सवालों से जुड़ा एक अन्या विडियो बनाएंगे और आपके तमाम जवाँ महाँ देने की कुशुश करेंगे।
06:11मेरा नाम है मुकंद आप बने रहे वन इंडिया के साथ शुक्रिया।