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यह ईरान के हालिया इतिहास के सबसे भयावह क्षणों में से एक साबित हो सकता है। देश में नेतृत्व के खिलाफ शुरू हुए राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों के बाद पहली बार, ईरानी अधिकारी कथित तौर पर एक प्रदर्शनकारी को फांसी देने की तैयारी कर रहे हैं। 26 वर्षीय युवक का नाम इरफान सोल्तानी है। मानवाधिकार संगठनों और कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उसे किसी भी समय फांसी दी जा सकती है, संभवतः बुधवार तक। यदि ऐसा होता है, तो वह खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों के बाद फांसी पाने वाला पहला प्रदर्शनकारी होगा। यह कदम असहमति के खिलाफ दमन को और तेज करने का संकेत माना जा रहा है।

This could become one of the most chilling moments in Iran’s recent history. For the first time since nationwide protests erupted against Iran’s leadership, authorities are reportedly preparing to execute a protester by hanging — a move that would mark a dangerous escalation in how dissent is punished. His name is Erfan Soltani. He is 26 years old. According to human rights groups and multiple media reports, Soltani is facing imminent execution, possibly as early as Wednesday, making him the first protester to be hanged since the anti-Khamenei demonstrations began.

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00:00इरान में महंगाई, विरोजगारी, मुद्रा अवमूल्यन और सरकारी नितियों के खिलाफ हो रहे विरोध परदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है।
00:29इरान का कहना है कि ज्यादातर मौतें आई यार जीसी के जवानों और पासिक फोर्सट के जवानों के फारिंग में हुई है।
00:36खासकर आठ और नौ जनुरी की राद कई शहरों में भारी गोली बारी हुई। क्या है ताजा हालात देखें हमारी इस रिपोर्ट में।
00:44इरान का कहना है कि हाल के विरोध प्रदर्शनों में करीब दो हजार लोग मारे गए।
00:49लेकिन क्या यह संख्या सिर्फ गलत ही नहीं है।
00:52क्या यह आधुनिक इतिहास के सबसे घातक दमन में से एक को छिपा रही है।
00:57क्योंकि एरान के अंदरूनी सत्यापित स्रोतों के अनुसार वास्तविक संख्या 12,000 से अधिक हो सकती है।
01:04एक इरानी अधिकारी ने रॉइटर्स को बताया कि शासन विरोधी प्रदर्शनों में 2000 लोग मारे गए।
01:12जिसका आरोप तथा कठित आतंक वादियों पर लगाया।
01:16यह सरकार द्वारा अब तक स्विकार की गई सबसे बड़ी अधिकारिक संख्या है।
01:21लेकिन मानवाधिकार समूह, पत्रकार और अंदरूनी सूत्र कहते हैं कि सच्चाई कहीं ज्यादा भयावा हो सकती है।
01:28संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख बोलकर तुर्क ने हिंसा पर अपनी दहशत व्यक्त की है।
01:34उसने इरान की निंदा की, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या और जानलेवा बल को सही ठहराने के लिए उन्हें आतंकवादी कहने पर।
01:42उनके शब्दों में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या बंध होनी चाहिए।
01:47इसी बीच इरान लगभग पूरी तरह ब्लैक आउट में है।
01:51इंटरनेट बंध, संचार ठप, मीडिया आउटलेट बंध, पत्रकारों को धमकाया गया।
01:57यह सिर्फ भीड नियंतरन नहीं है।
02:00आलोचकों का कहना है कि यह हत्याओं के पैमाने को छिपाने का प्रयास है।
02:05इरान के एक विपक्षी आउटलेट इरान इंटरनेशनल अब दावा करता है कि कम से कम 12,000 लोग मारे गए।
02:12मुख्यता केवल दो रातों में 8 और 9 जन्वरी को यदि यह सच है तो यह इरान के आधुनिक इतिहास में प्रदर्शन कारियों की सबसे बड़ी हत्या होगी।
02:23और सोशल मीडिया पर अफवाहों के विपरीद इस दावे को महीनों तक पर खा गया है।
02:28इरान इंटरनाशनल का कहना है कि उसने सर्वोच राष्ट्रिय सुरक्षा परिशद के करीबी सूत्रों, राष्ट्रपती कारियाले के अंदरूनी सूत्रों, रिवोल्यूशनरी गार्ड और बसीज के सदस्यों, डॉक्टरों, नर्सों, चिकितसा केंद्रों, चश्मदीद
02:58और बासिज मिलिशिया ने गोली मारी, ये हत्याएं बेतर्तीब नहीं थी, बलकि सुनियों जित थी, सूत्रों के अनुसार, सर्वोच चनेता अली खामेनेई की सीधी मंजूरी सहित, उच्चतम स्तर पर सीधी गोली बारी अधिकृत की गई थी, मारे गए कई तीस से कम उम
03:28पुराना इतिहास है, शव गायब होते हैं, मृत्यू प्रमान पत्र बदले जाते हैं, परिवार चुप करा दिये जाते हैं, संचार ठप होने पर अंतिम मृत्यू संख्या की पुष्टी करना लगभग असंभव हो जाता है, इरान इंटरनेशनल अब देश-विदेश के इ
03:582000 मौतें बताता है, पर सबूत 6 गुना ज्यादा संख्या दर्शाते हैं, अगर सच है, तो यह सिर्फ विरोध दबाना नहीं, बलकि एक एतिहासिक नर संखार है

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