00:00आहमदाबाद के वटवा में वानरवट तालाब के उपर जो अवैद्य मकान बनाए गए थे फिलाल उन्हें तोड़ दिया गया है लगबख साड़े 400 जितने मकान तोड़ कर तालाब की जो जमीन है वो खूली की गई है लेकिन मेरे पास आप देख पा रहे हैं एक आहमदाब
00:30अब द्वारा खड़ी की है जो स्तानी है लोग इसमें महजूद है उनी से बात करेंगे कितने समय से आप रहते थे और प्रशाशन की तरफ से आपको क्या कहा गया है क्या कोई वेहिकल्पिक विवस्ता की गई है जी सारब मेरा यहां तकरीबन मेरी मम्मी उपा और हमारा सा
01:00वेहिकल्पि विवस्ता या तो मकान हमको नहीं दिया गया है उसी के चलते अभी दिमोलेशन चल दा है हमें इसको भी बस में बिठा है कि हमको कहीं पर एहनी के लिए सुवीधा दिखाई जा रही है पने हाला कि वहले प्रोपर हमको घर के बढ़ले घर नहीं दिया गया अ�
01:30वज़ा से है कि बीते 25 से 35 सालों से ये लोग इसी वानरवट तालाब पर रहते थे और अपने सपनों का घर इन लोगों ने बनाया था हाला कि अवैध्य मकान होने की वज़ा से जब जमीन राजसरकार के पास थी और उसके बाद पीछले 5 साल से जब एहमदाबाद नगर न
02:00है उन्हीं में रहने वाले ये कुछ लोग हैं जिने शेल्टर होम में ले जाने की विवस्ता आहमदाबाद नगर निगम की तरफ से की गई है आप देख पा रहा है जो लोग है उनके हाथों में छोटे बच्चे भी है और जो भी कुछ सामान बिखरा हुआ इस तालाब के �
02:30है बंगला का काम कर करके हमने घर बनाया था बरा बर अभी तोड़ दिया उननों लोग हम कहा जाय तो कहां जाये जारहेए 2010 के पहले वाले लोगों को मकान भी दिये जाएंगे वह बोला लेकिन कोई देते ही नहीं है तो क्या करे पूरा है पूरा भी हमने 15 साल हुआ पूरा
03:00ही मिलेगा सरकर को मालम होना चाहिए कि मिलेगा नहीं मिलेगा वन्ना हम लोग मर जाएंगे सब एक साथ में ही मर जाएंगे कहा जा रहा है कि 2010 के पहले जिनके मकान इसी वानरवर्ट तालाप पर बने हुए थे उनके
03:11दॉक्यूमेंट भी मागे गए है और उन्हें अलग-अलग जो योजनाए होती हैं उनके तहत मकान भी आने वाले दिनों में दिये जाएंगे लेकिन लोगों का यही कहना है कि फिलाल तो कोई मकान नहीं दिया गया अभी तो फिलाल शेल्टर होम में ले जाया जा रहा है लेक
03:41झाल झाल झाल откहते हो में अला होप्ड़ JULी आता है