00:00अगर किसी दिन आपको एक नोटिस मिले और कहा जाए कि आपका नाम वोटर लिस्ट से हट गया है
00:11सिर्फ इसलिए क्योंकि आपके नाम में स्पेलिंग थोड़ी अलग है या आपके माता पिता और आपकी उम्र में फर्क कम है
00:18तो आपको कैसा लगेगा ऐसा वेस्ट बेंगौल में हुआ है पश्चिम बंगाल में चुनाव है और उससे पहले सायर चल रहा है लेकिन अभी हम बात करने वाले हैं सायर से मचे उस बवाल के बारे में जो अब सुप्रिम कोर्ट तक पहुँच चुका है और बड़ी खबर य
00:48अब तक क्या क्या हुआ है सब कुछ एक एक करके बताते हैं नमस्कार मेरा नाम है रिचा और आप देख रहे हैं वनिडिया हिंदी पश्चिम बंगाल में मदाता सूचियों के विशेश गहन पून इरिक्षन यानि SIR को लेकर मचे घमसान के बीच सुप्रिम कोर्ट ने ब�
01:18ने साफ कर दिया है कि मात्रा की मामूली गलतियों या फिर पुराने पारिवारिक रिकॉर्ड की वी संगतियों के चलते किसी भी वैद्यमद्दाता का नाम सूची से बाहर नहीं जाना चाहिए
01:28साथी ये भी कहा है कि माता-पिता और बच्चों के बीच उम्र में कम अंतर को आधार बना कर नाम नहीं हटाया जा सकता क्योंकि भारत में बाल विवा एक कड़वी वास्त विक्ता रही है
01:40दरसल त्रिन्मुल कॉंग्रेस नेता डिरेक ओब्रायन की ओर से पेश्वे वरिष्ट अधिवक्ता कफिल सिब्बल में मुख्य नियाएधिश सूर्यकान नियायमूर्ति दिपांकर दत्ता और नियायमूर्ति जैमालिया बाक्षी की पीच को बताया कि लोगों को उनके दा
02:10लामों को हचाने के उदेश्य से नूटिस जारी कर रहे हैं इस पर चुनाव आयो की ओर से पेश हुए वरिष्ट अधिवक्तर आकेश दिवेदी ने कहा कि माता पिता और बच्चों के बीच 15 साल के आयू अंतर के मामले भी हैं जिस पर नियायमूर्ति बाग्ची ने जवा
02:40तो चुनाव प्रक्रिया रोग देना चाहिए एक करोड से अधिक लोगों को नूटिस बता दे कि तारकिक वी संगती श्रेनी के तहत नूटिस जारी किये गए लोगों में अर्थ शास्त्री और नोबिल पुरसकार विजेता अमर्थ सेन भी शामिल हैं नियायमूर्ति बा�
03:10आरोप लगाया है कि ये आगामी राज्य चुनाव से पहले वैद्य मदाताओं के नाम हटाने केक साजिश है।
03:40है कि नहीं ये तो आने वाले वक्त में पता चलेगा लेकिन फिलार बंगाल सरकार के लिए थोड़ी राहत भरी खबर ज़रूर है।
03:47अब आज की इस खबर में इतना ही, अब डेट्स के लिए देखती रहे वन इंडिया है।