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  • 9 months ago
Nikki and Buddy Ep 16 - aPlus Entertainment

A parallel between two sides - the good and the bad. This interesting drama features a supernatural phenomenon of being able to communicate through spirits. The drama becomes a mix of comic and supernatural elements that give it a twist.
The good and the bad in a comical way via two main characters Nikki and Buddy.

Written by Monim Majeed
Directed by Muhammad Ali Kamdar
Cast:
Bushra Khan
Nobia Mansoor

Category

📺
TV
Transcript
00:00अजीब उल्जन है ख्वाहिशों की जो रूप अपना बदल रही है
00:22अजीब उल्जन है ख्वाहिशों की जो रूप अपना बदल रही है
00:42अजीब उल्जन निक्की और बड़ी अजीब उल्जन है ख्वाहिशों की
00:53अजीब उल्जन है
01:23मैशाला क्या बात है
01:25आप जानती है आज मुझे इस बात का एसास हो रहा है कि आपसे शादी करने का फैसला मेरा बिलकुल ठीक था
01:31क्यों कि आपको पहले फैसला करने में कोई मुश्किल थी
01:35मेरे सामने तो काफी सारी लड़कियों की आपशन्स थी
01:40कुछ खानदान की थी कुछ खानदान से बाहर थी
01:42तो फिर आपने मुझे क्यों पसंद किया
01:45तो मैं अच्छली अम्मी को पसंद थी
01:47इन फैक्ट उन्होंने काफी सारी तस्वीरियों रदी मेरे सामने
01:51उनका पसंद करो पहली निजह मेरी आप पर पड़ी और आप मुझे बहुत पसंद आए
01:57अदीला के साथ भी ऐसे हुआ था
01:59हम दोनों की रुखसती एक साथ एक ही दिन हुई है
02:02हमारी जिंदगी बहुत मिलती है
02:05अच्छा
02:07मैंने सुने आप दुनों सहीलियों की तरह देते थे
02:10अदीला मेरी खालाजाद बहन है
02:13अच्छली मेरे खालू फाइनाशली इतने स्टेबल नहीं थे तो
02:17मेरे पेरंट्स ने अदीला को अपनी बेचियों की तरह पाला है
02:21इन फैक्ट उसकी शादी का सारा खच्छा भी हमने उठाया है
02:25अच्छा
02:26चलिए तो बहुत अच्छी बात है
02:28अपनों को अपने ही ढापते
02:30लेकिन हम उनकों क्यों डिसकस कर रहे हैं
02:33हमें तो अपनी कुछ बात ही करनी चाहिए नहीं
02:44आपने बड़े जल्दी नफिल पढ़ लिए
02:46मैंने जल्दी नफिल नहीं पढ़ लिए
02:49आपने दुआ मांगने में ज़्यादा दे लिए
02:51हाँ
02:53वाकिए
02:55क्योंके मैं अल्ला का शुकर अदा करे थी
02:58मैं भी अल्ला को बहुत शुकर उजार हूँ
03:01जिसने आपको मेरे नसीब में लेका
03:03स्वादा करो
03:06कि ये जिन्दगी भर मेरे साथ दोगी
03:09वादा
03:12मैं तुम्हें हमेशा खुछ रखूंग
03:16इंशाला
03:18अमीड
03:28ये आपको सलाम करने आए
03:32आताम दो अमीड
03:34अले वालेकुम सलाम बीटा जी पीरा
03:36माशाल
03:38माशाल
03:39ये होता है अच्छी तरभियत का नतीजा
03:42वरना आजकल तो कैसी सास और कहां का सलाव
03:46अमीड
03:48मैंने अपने बड़ा से सिफ एक ही बात सीखिये
03:50कि बड़ों का एतराम करना
03:52अपने खांदानी होने का सबूत देता
03:54माशाल
03:56माशाल
03:58जीती रहाँ
04:00खुश रहाँ हमेशे
04:02आप सारा प्यार एक की दिन की बहु को कर देंगी
04:04पेटे के लिए कुछ नहीं रखा आपने
04:06तो तुम क्यों जल रहे हो
04:08तुमें भी तो प्यार करना है
04:10जीते रहे
04:12निक्की और बड़ी
04:16अजीब उल्जन
04:18है गाहिशों की
04:22निक्की और बड़ी
04:24अजीब उल्जन
04:26है गाहिशों की
04:30बेटा ये हमाई तफ से मूह दिखाई है
04:34पसंद आया?
04:36बहुत खुबसुरत है हमें
04:38थेंक यू
04:40वेलकम
04:42ये लो बेटा, गरीमों को दे देना
04:44देख लो
04:46हमारे घर में बहुं को बहुत जादा लाड़
04:48और प्यार दिया जाता है
04:50बेटों से भी जादा
04:52और ये रही इस घर की चाबिया
04:56अब ये पूरा घर तुमारे अख्तियार में है
04:58तुमारी मर्दी से इस घर के दरवादे
05:00जवादे खुलेंगे, तुम्हारी मर्दी से ही बंदोंगे.
05:02मगर अम्मी, आप ये मुझे क्यूं दे रही हैं, इनको अपने पास रुके?
05:05भई, मसला ये है, कि हम डिफेंस वाले घर में मुंत्विल हो रहे हैं.
05:08तुम्हारी सास आते रहेंगे यहां पर, तुमसे मिलें, और यहां रहें, अब मैं मुल्क से बाहर चला जाएंगा, अब ये घर तुम दोनों का है.
05:18भई, नईम को तो हमने सब कुछ बता दियो था, इसमें तुम्हें बताया नी?
05:21हां, मगर कम से कम दो-तीन साल तो रुकिया है ना?
05:25दो-तीन साल क्यों? आप हमेशा हमारे पास रहे हैं.
05:29मैं इतनी खुश किसमत हूँ कि मुझे इतने अच्छे सास ससर मिले हैं, इतना अच्छा घराना मिला है.
05:33बेटा, तुम बहुत खुश नसीब हो कि तुम्हें नईम जैसा शोहर मिलाएं, मेरा बेटा बहुत नेक और साबिर है, इन्शालला तुम्हें शिकायत का मौका नहीं देगा.
05:42मैं भी इनको शिकायत का मौका नहीं दूगा.
05:44इन्शालला.
05:45वैसे तुम कितनी खुश किसमत होना हदीका, माबाप के पास अच्छा खासा पैसा भी है, सुस्राज़ वालों ने तुम्हें सराखों पर बिचाया वाद.
06:08मगर फिर भी, असद को अदीला ने तुम्हारी किसमत से छीन कर अपना बना लिया.
06:21असद तुम्हारा माजी है, और अदीला का मस्तबिल, अल्ला ने तुम्हें नईम की सूरत में बहुत बड़ी नेमत अता किये, तुम्हें अल्ला का शुकर अदा करना चाहिए.
06:38लेकिन फिर भी एक बार उस अदीला के घर जरूर जाओ, मैं भी देखती हूँ कि वो इस नौकरी पेशा शक्स के साथ कैसे जिन्दगी गुजा रहे हैं.
06:47दस हजार होगे ग्रोसरी के, गैस और बिजली का बिल मिला के तकरीमन साथ आठ हजार रुपय है, और अच्छी ये बताओ कि तुम्हें कितने पैस जाएगी?
07:09ये बताएं कि खर किसने चलाना है? तुमने? तो बस ठीक है, मैंने चलाना है तो मैं जानो कि कैसे चलाना है? लेकिन मुझे महसूस हो रहा है कि मुझे अपनी आमदीनी बढ़ानी चाहिए. तुम तो अपनी छोटी-छोटी खोईशे भी पूरी नहीं कर सकोगी. पहली बात
07:39मेरी अम्मी ने भी उमर भर बहुत समझोते किया है. समझोते? कैसे? मेरे बाबा की आमदीनी भी बहुत काम थी. मैंने अपने बाबा की और अम्मी की खोईशों को तूट तक पूटे देखे है. मैंने बच्पन से ये सारी चीज़ें देखी है. कभी कुछ कम होता था तो त
08:09होना ही इनसान के लिए अच्छा होता है. क्या तुम अजीब तरह से सोचती है? इनसान को जिन्दगी में खौईशे तो जिन्दा रखती है? हाँ. लेकिन यही खौईशे मार भी जिटी है. बेटा, मुझे तुम सास नहीं, अप्री माही समझो. तुम एक बेटी की तरह सम�
08:39लड़कियों को नसीब होता है? मैं जानती हूं. अल्ला का खास करं है मुझें. तो बस जब तुम मैं पता है क्लाओ तुम पर इतना करम है, अब तो थो स्रफ एक ही चीज़ रह जाती है. ब हो क्या? शुकर. अल्ला तला का जितना शुकर अदा करोगी, तुम्हें अतना ही
09:09तो मुझे जिन्दगी से बहुत कुछ चाहिए, सास साहवा।
09:14सबका अकठा ही शुक्रिया दा कर।
09:17क्या सुच रही हो बिटा?
09:20कुछ नहीं, वह अक्सर मैं भूल जाती हूं।
09:24अपने रब का शुक्र दा करना।
09:26देख लो, तुम तो अपने रब को भूल जाती हूं।
09:30लेकिन वह तुम्हे कभी भी नहीं भूलता।
09:32हमेशा नवासता रहता है।
09:34बहुत लाडली हो ना तुम उसकी।
09:35सब्सकी।
09:56तुम्हे नाइम से बात करने चाहिए कि तुम्हे अधीला से मिलने जाना है।
10:01ताकि तुम्हे पता चले कि असाद और अधीला शाथी।
10:04कि असद और अदीला शादी के बाद कैसी जिंदेगे बुजार है हां मुझे नईम से सुबह बात करनी होगी मेरा खयाल है कि नईम को कोई इतराज नहीं होना चाहिए वो खालाजाद बेहन है मेरी मैं उसे मिल सकती हूं और असद के बारे में नईम को कुछ भी नहीं पता दे
10:34जिले कि जिन्दगी होती कै पिता ये कड़े लिए तुमारे अप दुने मुझे बना के दिये दें उनकी जाने के बात में ने सोना पहनना छोडी दिया है अब ये कड़े बहू की कलाईयों में बहद सजेंगे च्छाना बस करें अब आपने आपने इसे ये जानता हूँ ब
11:04काफी है इसके लिए एक बात बता अकर मेरी कोई बेटी हो तो क्या में उसे ये सब कुछ नहीं देती चुपा के रखती क्या ये भी तो मेरी बेटी है ना बिता अब मुझे अच्छा नहीं लग रहा है ये बाबाजान की निशानी आपके लिए ये अपने पास रखिए प्ली
11:34ये लो बिता पहन लो नहीं है दीला ये चुडिया नहीं लेना इनके शोहर की निशानी है ये किसी के दिये हुए तौफे को किसी और को नहीं दिया जाता है
11:49अरे क्या सोच रही हो नहीं अमी ये कैसे मुम्किन है कि मैं आपसे बाबा की निशानी ले लो अगर मैं ये ले लूँगे आपसे तो आप मुझे मेरी नजर में बहुत चोड़ा कर देंगी इसलिए प्लीज आप इसे पने पास ही लगे अच्छा एक बिटा इक बात बता क्
12:19अगर आप मुझे बेटी का दर्जा देती है तो इसे आप अपने पास ही रखेंगे
12:30क्या कर रही हो बिटा अरे अमी ये बाबा की निशानी है आपके पास और अब आप इसे हमेशा पान के लगें कभी नहीं तौरेंगे
12:42अलग तुम्हें हमेशा शुक्षी रखे पिटा तुम्हें जीती रहो
12:48तो क्या उनके घर मिलने जाना बहुत जरूरी है आप चले तो सही वो क्या सोचेगी कि वो घरीब है तो शादी के बाद हम उसे मिलने भी नहीं गए
13:08अच्छा
13:12चलो ठीक है पर उसको बता दो कि हम आ रहें उसके घर
13:14नहीं उसे बताने की कोई जूरत नहीं है वो बिचारी ऐसी इंतिजमात करना शुरू कर देगी
13:20पादा नहीं उसके क्या हालात है
13:22यार अगर ऐसी बात थी तो तुमको मुझे पहले बताना चाहिए था ना
13:28नहीं मैं आपको डिस्टर्ब नहीं करना चाहती थी
13:30कैसी बाते करती हो तुम मैं डिस्टर्ब क्यों होंगा यार
13:35ये तो बहुत अच्छी बात है कि तुम अपनी दोस के लिए अपने दिल में हमदर्दी रखती हो
13:39उसके लिए कुछ करना चाहती हो
13:40और इंशालल हमसे जितना हो सकेगा हम करेंगे उसके लिए
13:43अच्छा ना वहाँ पहले चले तो सही हम देखते हैं उसे हमारी मदद की जुरत भी है के नहीं
13:49अभी सोजाओ फिर इंशालला कल चलते हैं उसको बता देना हमारे इंशालला ठीक है
13:53जाने ठीक है
13:54नहीं यह द्रेस पिलकुल भी अच्छी नहीं ड्रेस कुछ फैंसी होनी चाहिए नहीं जिसे देखकर असद को हैसास हो कि उसने किसे खुए
14:15और अदीला को भी पता चले कि उससे कोई मिलने आए
14:21इसस परफेक्ट इससे देखकर अदीला की आँके फटी की फटी रह जाएगी और वैसे भी तुम्हारा और उसका कोई मैच होई निसके
14:41माशाला बहुत प्यारी लग रही है बिलकुल शहजादी वो एक्चली नईम को पसंद है मैं असी रहूंग
15:01माशाले यह खुबसूरत तो बहुत है इसमें तो कोई शक्त नहीं है लेकर जो बात मुझे बहुत अच्छी लगी वो तहजीब थी जिसे मैं बहुत इंप्रेस हुआ
15:09अच्छी यह दोनों एक अगर में पली बढ़ी है यह यह जो तहजीब अदिला में है वो अधीका में भी होगी बिलकुल
15:20बात कुछ यू है जनाब के हम दोनों दोस्त हैं, कॉर्जन्स हैं, एक ही घर में रहे, लेकिन हम दोनों के खयालात एक दूसरे से बहुत मुक्तलिफ हैं.
15:30मेरा सुस्राल भी बहुत अच्छा है, नो बते अदीला शादी के दूसरे दिन, मेरी सास ने घर की चाबियां जहें, वो मेरे हवाले कर दी थी, और सोना, चांदी, जेवरात, सब कुछ देनों ने मेरे पैरों में रख दिया, बहुत खुछ नसीब हूँ मैं, सब कुछ दिया
16:00मेरी बेगम तो कमाल है, सादा लिबास पहनती है, जेवरात कि तो कुछ पढ़ी नहीं होती है, हाँ, किताबों से महबबत है, कहती है कि जेवाईश का तालोग जाहरी खुबसूरती से नहीं है, बलके बातिनी खुबसूरती से, बही नफसिया जो पढ़ी है नो, अब हर ब
16:30जिसमें मैं एक लिस्ट फाइफ टिशिस तो जरूर बनाँ की, फाइफ टिशिस क्या, दस रख लो, हम तो आपकी खादेम है, जो कहोगी, वो कर लें है, जी-जी, मैं वो भी आपको बता दू की, फिलाल चाय पी लें नहीं भाई आपको छ ले ना, प्लीज, नहीं भी आप
17:00कर लो आपको जाय एक रॉडा हम जाय का जारा थे निककी और बड़ी, प्लीज, जी बूल ज़न जारा थे नहीं की, निककी और बड़ी, जी बुल्चन है गाहे शूंकी
17:29कैसे हो?
17:30है ठीक हूँ, काओ?
17:32बहुत खुश हो ने अदीला के साथ, वो भी तुम्हारे साथ बहुत खुश नजर आती है
17:37हाँ, अल्ला का शुकर है, तुम को कैसे पून किया?
17:40तुम चाहते हैं तुम मेरे साथ भी खुशाल जिंदगी गुजार सकते थे
17:43मगर तुमने तो ऐसा सोचा ही नहीं
17:46तुम्हारे बारे में तु सोचा करता था
17:48अपने आप को तुम्हारे स्टेटस लाने के लिए
17:53खुद कुबला दिया था मैं
17:55कुछ नहीं किया तुमने
17:57और नहीं तुम कुछ कर सकते थे
17:59क्योंकि तुम्हारी सोच तो वहां पहुंच ही नहीं सकती जो मेरी खायश थी
18:03तुम्हारी खायश के मताबिक जिंदगी मिल गई ना तुम्हें
18:06अमीर तरीन सुस्राथ
18:08अच्छा कमाने वाला शोर
18:10तुम्हें सब कुछ चाहती थी ना तुम
18:12तब ही छोड़ दिया था तुमने मुझे तुम ना ही मुझे कभी समझ सके थे और ना ही कभी समझ सकोगे
18:42ने ने अजमल साब मैं आप की ये बात नहीं मन सकता
18:51क्वाथ जब वहां ओफिस से चला था तो खालिद भी वही मौजूद था ये उसी का काम है
18:57तो बहुत पराना मुलाजी मेस्थ साब मालकों के भी बहुत करीब है
19:01तो, मालकों के करीब है तो कुछ भी करेगा, उनका फाइदा उठाएगा
19:07मैं कल आओंगा तो बहुस से इस बारे में बात करूँगा
19:10क्या वासर?
19:17यह वासर मैं छे महीने पहले एक मलाजम रखा था किसी के सिपारश पर
19:21तो सारी खबरे जाके बहुस को देता था
19:24कुछ हरसे से आओफिस से चीजन गाइब हो रही है और सब कशक उसी बद है
19:31तो क्या आपके ओफिस में सिक्योर्टी कैमरेस नहीं लगे में लेकिन इस बात का उसको भी अच्छी तरह से पाता है
19:37वो सब चीजने देख बाल कर करता है
19:40हलो हाँ अदीका कैसी हो
19:54मैं बिल्कुल ठीक हूँ अच्छा देखो अदीला मैं एक मुलाजमा भेज रही हूँ तुमारी तरफ
19:59मेरे यहां पर काम करती है मगर अब उसकी बेटी को काम की जरुरत है तो मैं उसकी बेटी को रख रही हूँ तो इसको तुम रख लो
20:06नहीं नहीं हधी का उचे मिलासमा की जरूरत नहीं है
20:11क्यों नहीं रख सकती ?
20:13सारे घर कर काम क्या कि तुम खोड करोगी
20:15देखो उसकी तनपा की तुम फिकर कि नखो तनफा ना करूँदी
20:20सही है ?
20:21तुम बस यह समझो कि यह तुम्हारे लिए पे तुख으면 है
20:25तुम्हारी असानी के लिए अदीला
20:27नहीं हदीका
20:29मैं असद से बात किये बगर
20:34ये मुलाजमा का क्या मसला है भई
20:38कुछ नहीं
20:39वो हदीका कह रही थी कि वो इत मुलाजमा को भिचवा रही है यहांपर
20:44पर मैं उसे माना कर तूंकी
20:46क्या तुम ने उसे कहा था
20:48नहीं नहीं
20:49मैं क्यों कहूंगी उसे और वैसे भी
20:51घर में काम ही कितना होता है
20:52आफिद्क और नहीं मुलत करें
20:57नहीं तुम उसे माना क्ल गुर्म के लिए
21:00तुम्हारी खालाद है तुम्हारी भिषमत के लिए भीज रही
21:03रख लेँ
21:05क्या सिरह होताश औस्दический
21:07बिलावचा बोच बढ़ेगा, जब असाहिल होंगे तो पर हम देख लेंगे
21:11नहीं नहीं, रख लो, और तंखा पूछ लो से, तंखा हम दे देंगे
21:17और ना सोचीगी कि कजन को अराम नहीं देना चाहता
21:22ठीक है
21:25अधीका समझती है कि मैं अपनी बीवी को असाइश नहीं दे सकता
21:31यह उसकी घलत फहमी है
21:34गबराने की कोई बात नहीं, वो मेरी कजन है
21:41और मुझे उसके सिस्राल वालों पर शक है कि वो उसके साथ जल्म करते हैं
21:45तुमने बस यह करना है कि उस घर में जो कुछ भी होता है
21:47वो सारी मालूमात मुझे दे देना, ठीक है?
21:50लेकिन बीबी जी, मेरे लिए कोई मुश्किल तो नहीं होगी ना
21:53क्या फुजूल बातें कर रही हैं
21:55हम खांदानी लोग हैं
21:57ऐसा नहीं है कि लड़की की शादी करने के बाद उसे भूल जाएं
21:59और वैसे लिए आजकल जमाना ठीक नहीं, मुझे उसके सुस्राल वालों पर शक्या है
22:03मैं तुमें बार बार ये बात कह रही है
22:04तुम बस उस घर में जो कुछ भी हो रहा है
22:07वो आकर मुझे बताती रहना, इसमें मुश्किल क्या है
22:09और अगर सहाब पूछेंगे तुमें क्या कहूँ
22:12अब बढ़ तो वो तुम के पूछेंगे नहीं
22:15ठीक है
22:16और अगर पूछ भी लें तो कहड़े ना कि मैं उन्टी सिदमत करती है
22:19ठीक है बेबी जी
22:21ये पैसे रखो
22:23और कुछ और जुगरत हों तो मुझे बता दे ले
22:26बहुत बहुत शुक्रिया वेबी साहिबा
22:28कुछ गरबर लगती है
22:33इतनी महप पर कोई ऐसी तो नहीं करता
22:37खेर, मुझे जाए
22:39मुझे तो अपने बच्चों के रोजी रोती समत लागा
22:42लेकिन कोई बड़ी मुश्किल ना खड़ी हो जाए
22:44ऐसा ना हो के सारा इजाम तुम पर आ जाए
22:47नहीं कुछ नहीं होता
22:49अगर तुम ये काम नहीं करोगे तो तुमारे बच्चों का पेट कौन भरेगा
22:52ये जमाना खुदगर्ज है
22:54अपना काम करो पैसे निकालो
23:12किली ऊथिर बच्ता का झालो
23:42कर दो कर दो
24:12कर दो
24:42कर दो
24:44कर दो
24:46मामला हद से गुजर गयाँ
24:50तुम्हें उसे
24:52हर हालत में हराना होगा
24:54वो तुम्हें नीचा दिखाने के लिए
24:56मुलाजमा के सामने कुछ रहने के एक्टिंग करती होगी
24:58अब मैं दिती हूँ अदिला
25:00तुम्हारी एक्टिंग कितनी चलती है
25:02जिन्दगी भर
25:04तुम्हें मेरे माबाप कका रहा है
25:06और मेरे माबाप
25:08तुम्हें सहारा नहीं देते
25:10तो आज दर बदर फिर रही होगी
25:12मगर अब तुम्हें दर बदर फिरना होगा
25:16यह हदीका का फैसला
25:42असलाम लिको अमी
25:44वालेकुमसेलाम
25:46कुछ कहना है बता
25:48पता नहीं अमीब
25:50मेरा दिल बहुत खबरा रहा है
25:52आप मुझे दम कर दें
26:06जब
26:08यह लो यह तुम्हारा आखरी काम है
26:20यह तावीज
26:22अदीला के बेडरूम में छुपा देना
26:24ठीक है किसी को नजर ना आए
26:26और यह कमीज
26:28तुम जहां से कमीज लेकर आई थी
26:30इसको वैसे ही वही पर रखना
26:32ठीक है
26:34बीबी साहिबा
26:36मैं समझ गही हूँ कि आप
26:38अदीला वीबी की दुश्मन है
26:40आप उने बरबाद देखना चाहती है
26:42इसलिए आप उनकी कमीज पे जादू करवा रही है
26:45मैं अदीला को बरबाद करना चाहती है
26:47और वो बरबाद होगी
26:49यह मुलाजमा यह क्यों आती है
27:05ऐसी कोई बात नहीं है
27:07वो अदीला की खैरियत बताने के लिए आई थी मुझे
27:09सच सच बता क्या बात है
27:11मुझे अम्मी ने बताया था कि यह
27:15यह सुबा सुबा आती है तुम्हेरे पास
27:17क्यों
27:19इससे कोई बात नहीं आप
27:21वजूर में परिशान होते रहते हैं
27:23मेरी बेहन है
27:25मैंने खुद कहा था कि
27:27अदीला की खैरियत मुझे बताती रह करे
27:29तो अदीला की खैरियत पूछने के लिए
27:31तुम इसे फोन नहीं कर सकती है
27:33उसके लिए तुम्हे इस मुलाजमा का सहरा
27:35लेना जरूरी है क्या
27:36अच्छा ठीक है मैं उसे अब मना कर दूँगी
27:38नहीं आएगी वो यहां
27:40एक चोटी सी बात का इशू की बना रहे है
27:41परीशाणी की कोई बात नहीं है
27:43बात पर ankरे होने की है
27:46तुम इस घर की मालकन हो
27:48इस घर के तुमाम اختवाराथ तुम्हारे पास
27:52और पाक कर दिया सब कुछ है तुम्हारे पास
27:54क्यों उस औरत की जबद पड़ती है?
27:56हाँ तो मैंने कब इंकार किया है?
27:59मुझे इस घर ने इज़त दी है, वकार दिया है.
28:02तो ये घर भी तुम से यही तकाज़े चाता है?
28:09देखो मैं अमीद करता हूँ कि
28:10आने वाली जिंदगी में
28:14किसी भी मौट पर तुम इस घर की इज़त
28:16और इस घर के वगार कबूलो ना.
28:24लगता है मेरी सास्ते मेरे शोहर के कान परे है.
28:27बहुत ही कोई तेज औरत है.
28:29मुझे तो पता भी नहीं चलने दिया कि वो मेरी निगरानी करती है.
28:32खेर मेरा आखरी दाव तो लगी गया है.
28:37बस ये मुलाजमा उसमें काम्याब हो जाया है.
28:40तो समझो जीत गई हदीका.
28:49रुप जो.
28:50ये तुम ठीक नहीं कर रही हो.
28:52क्यों किसी मासुम की जिन्दगी बर्बाद कर रही हो?
28:55पैसा खतम हो जाएगा.
28:56लेकिन तुम्हारे गुना यूँ ही जारी रहेंगे.
29:00क्या सोचने लगी हो?
29:02तुम है अपने बच्चों का अच्छी तालीम देनी है.
29:05ये लड़ाई तुम्हारी नहीं है.
29:07ना तुम जादू करवा रही हो.
29:08तुम सिर्फ मुलाजमा.
29:09तुम काम के पैसे ले रही हो और नमक का हक अदा गवे हो.
29:39तुम सिर्फ मुलाजमारी में क्यों गुसी ही हो?
29:51देखो सच्छा, बताओ तुम और ना में पोलिस के हावाले कर दूँगा.
29:55नहीं, नहीं साबजी, मेरा कोई कुसूर नहीं है.
29:58मैंने कुछ भी नहीं किया.
29:59ये कुमारे हाथ में क्या है? ठीखाओ.
30:01मेरा कोई कुसूर नहीं है, साबजी. मैंने कुछ भी नहीं किया.
30:05मुझे माफ कर दे.
30:07ये क्या है?
30:09क्या हो रही है सब?
30:11और ये? ये क्ये कर रहे हैं यहां पर?
30:13मैं कमरे में गुसा तुए तुमारी अलमारी में गुसी भी.
30:15जरा चेक करो, क्या है अलमारी में? देखो जरा अपना समान. देखो.
30:23नाना बीपीजी, आप इस कमीज को हाथ ना लगाएगा. वरना घजब हो जाएगा.
30:29क्यों? ये मेरी कमीज है. और मैं इसे हाथ के नहीं लगा सकता.
30:33नाई बीपीजी, इस पर जादू हुआ हुआ है. आपके लिए. आप पर जादू की अदाव है. जादू? तुम जूट बोल रही हो. अब में जान बचाने के लिए बहाने बना रही हो. ना बीपीजी ना. अल्ला को भी मूँ देखाना है. मैं सच कह रही हूँ.
30:51तो बैसा कर रहा हुआ हदीगा को फोन करो. उसी ने भेज़ा था ना इसे? पोन करो इसे. आप बीपीजी ना. मुझे मजबूर कर दिया गया तब पैसो की लालच देकर. और इस तरह मुझे ये चादू करवाया. मैं दो दिन पहले आपके यासे मुझे कमीज लेकर गई थ
31:21आपकी खालत ना पहेंग. अदीका बीपी नहीं सब करवाया बीपीजी. अदीका? वो? वो मेसद ऐसा कैसे कर सकती है? तुम जूट बोल दियो. वो मेरी ख्यार हुआ है. बच्पन से इसके मावब ने इतना ख्याल रखा मेरा और वो खुद इतना ख्याल रखती मेरा भी त
31:51मैं रोज जाकर उने सारी खापड़ दूँ और उन्होंने ही आप पे काला इंकरवाया था. मैं उनकी बातों में आ गए बीपी जी. अब तो अल्ला भी मुझे माव नहीं करेगा. मुझे हदीका से हर्किस यह मीदी जी. हदीका मेरी साथी है, सब पुछ कर सकती है. मैं खु
32:21मिटब, परिशान मतो, अल्ला हमारे साथी कुछ नहीं होगा.
32:51आप ऐसे क्यों देख रहे हैं मुझे? आग तो इसने लगाई है. मेरे माँ बाप के टुक्रों पर पली हो और मेरी घर में आग लगा दी. आग इसने नहीं आग तुमने लगाई है इसके खर में. तुम्हें अल्ला पाक ने इस घर में सब कुछ बख्षा मगर फिर भी तु
33:21आप करते हैं तुम यहां मुझे माफी दिल्वाने आई हो? तुम दिल्वाओगी मुझे माफी? बस कर दो हदिखा. बहुत हो गया. तुमने तो हमारे इज़त का जनाजा ही निकाल दिया है. तुम्हारे माबाप ने इस विचारी के साथ जो नेगी की थी उसको भी खाक में
33:51हमी और मैंने तुमसे जो कुछ भी कहा, वह दूशायद उसको नेगी कर दोंवे प्रद्षां है. तुमसा अब जबता है. तुम्हें कहा है. तुम्हें कभी समझ मेंना हैं.
34:16क्योंकि इन बातों को समझने के लिए इनसान के अंदर इनसानियत होनी चाहिए जो कि तुम्हारे अंदर बिल्कुल भी नहीं
34:23तुमने जो भी हरकत की
34:28उसके लिए शायद मैं तुम जो कुछ भी तुमने किया
34:40उसे बुलाने में मुझे शायद बहुत वक्त लग जाए
34:46क्या हो सकता है मैं
34:49मैं सारी जिन्दगी भुलाना वागता है
34:53हर एक जिद का
35:01सवाल क्या है
35:07ये क्या है क्यूं है
35:12ये कौन जाने
35:19अजीब उल्जन
35:24है गाहिशों की
35:29जो रूप अपना बदल रही है
35:38निक्की और बड़ी
35:41अजीब उल्जन
35:43है खाहिशों की
35:46बड़ी
35:48काश हदीका ने मेरी बात मानी होती
35:50और काश उसने मेरी बात ना मानी होती
35:53अजीब उल्जन
36:02है खाहिशों की
36:04जो रूप अपना बदल रही है
36:09जो जखम दे जाते है दिलों को
36:14लबों पे इनके
36:16वही असी है
36:19अजीब उल्जन है खाहिशों की
36:23जो रूप अपना बदल रही है
36:28अजीब उल्जन
36:31निक्की और बड़ी
36:33अजीब उल्जन
36:36है खाहिशों की
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