- 8 months ago
Nikki and Buddy Ep 22 - aPlus Entertainment
A parallel between two sides - the good and the bad. This interesting drama features a supernatural phenomenon of being able to communicate through spirits. The drama becomes a mix of comic and supernatural elements that give it a twist.
The good and the bad in a comical way via two main characters Nikki and Buddy.
Written by Monim Majeed
Directed by Muhammad Ali Kamdar
Cast:
Bushra Khan
Nobia Mansoor
A parallel between two sides - the good and the bad. This interesting drama features a supernatural phenomenon of being able to communicate through spirits. The drama becomes a mix of comic and supernatural elements that give it a twist.
The good and the bad in a comical way via two main characters Nikki and Buddy.
Written by Monim Majeed
Directed by Muhammad Ali Kamdar
Cast:
Bushra Khan
Nobia Mansoor
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TVTranscript
00:00अजीब उलजन है ख्वाहिशों की जो रूप अपना बदल रही है
00:22अजीब उलजन है ख्वाहिशों की जो रूप अपना बदल रही है
00:42अजीब उलजन निक्की और बड़ी अजीब उलजन है ख्वाहिशों की
00:53जी सर साथे 600 लोगों का अरेंजमेंट है वो भी ऐसे के हर एक महमान अपने आपको वी आपी समझेगा
01:00और सर बिंक बिट के ऐसी ऐसे चलते हैं के दिसम्मर जैसी फिल जून में
01:05सर आपकी बेटी और दमाद खुद को स्टार समझेंगे और सर आप जानते हैं यहां पे किसकी सेलेब्रेटी की शादी हुए है
01:12अरे भाई बाँ ये तो आपने पहले हमको बताया ही नहीं
01:17कहो सर मैंने तो आपको ये बात भी नहीं बताई थी कि अगर आप अपनी बेटी और दमाद की शादी में किसी स्टार को बुलाना चाहते हैं तो
01:24वो भी हो जाएगा लेकिन पैसे थोड़े ज़्यादा लगेंगे
01:27अच्छा
01:28अरे उसको फिलाला भी छोड़ दें ये बताएं कि वो फ्रांस की कटलरी और क्रॉकरी आनी थी उसको क्या हुआ
01:36हाँ हाँ सर वो आ गए है
01:38अगर आप एक दफ़ा फिर विज़िड करना चाहें तो कर सकते हैं
01:41सर हमने स्टेज के सामने दो ने फानूस भी लगवाएं
01:44अरे ये सब तो ठीक है भाई
01:46ये बताएं कहीं आपने पैसे तो नहीं बढ़ा दिये
01:50अरे नहीं आप से जो बात होई थी उसी पे काएम है सर
01:52मगर कितने पैसों में बैंक्वेट हुआ है
01:55हाँ हाँ डन है डन है
01:57कल मैं एडवांस लेके आता हूँ
01:59ठीक है और बागी की पैसे जो है मैं
02:03शादी से दो दिन पहले या तीन दिन पहले दे दूँगा
02:06ठीक है सर नो प्रॉब्लम
02:07जैसे आपको ठीक लेके वैसा ही होगा
02:09चले फिर मुलागात होती है
02:11क्यों बेटा तुम्हारी होने वाली सुस्राल का इस्तिखबाल उनके शायाने शान तो हो रहा है ना
02:21बाबा जान उनकी डिमांड कब है तो सादगी पसंद लोग है अरे बेटा तुमको क्या मालूम अमीर लोगों की सादगी में भी बड़ी रंगी नहीं होती है
02:33अरे हमारी जेबों में नोट नहीं तो क्या हुआ हमारी रगों में तो नवावी खून दोड़ा है हाँ
02:41ठीक क्या रहे और पिर बेरे जाने के बाद चोटी चोटी चीजों में बच्चत करते रहिएगा और कर्दे उतार्दे रहिएगा वेरी शादगी ए खराजात के
02:50समझाए नम्ली बाबाजान को क्या कर रहेंगे
02:53अब बताएं तो सही कि बैंक्विट कितने में हो रहा है
02:57ये कोई 3 लाख एड़ान्स तैह हुएं
02:59और कुल मिलाकर 7 लाख में बात बनी है
03:037 लाख रुपे
03:057 लाख रुपे का बैंक्रिट करवा है बाबाजान ने हमारी शादी के लिए
03:15वाट?
03:17हमारी फैमिली इस के स्टेटस के फर्व को मिठाने की नाकाम कोशिश करवा है
03:20अम्मे ठीक ही कहती है
03:23इंसान को शादी अपने जैसे लोगों में ही करनी चाहिए
03:27क्या मतलब है तुम्हारा?
03:30मैंने, पापा ने, मौम ने, किसी ने भी तुम्हारे अबबू को यह सब करने के लिए नहीं कहा
03:34यार, एवन मैं भी वलीमे पर इतना खरचा नहीं कर रहा
03:41अब में हर वक्त सोचती रहती है
03:43बीपी हाई रहने लगाए होता
03:46ना जाने किस तरह से बीसियों और कमीटियों डाल डाल कर पैसे जमा कर रही है
03:50तो यह सब बाते तुम मुझे क्यों बता रही हूँ
03:52अगर तुम्हारे पापा को मेरे फैमिली बैक्गराउंड से कॉम्पलेक्स है तो मैं उसे चेंज नहीं कर सकता
03:59तुम्हारे पॉसिबल तुम गुस्ता क्यों कर रहे हो क्या हम फ्रेंड्स नहीं है और दोस्त होने के नाते अगर मैंने अपनी प्राबलम तुमसे डिसकस कर ली तो इस तरह करोगे अब मेरे साम
04:09नाराज होने की बात नहीं है तुम संझाओ उपने डाग को
04:13अगर तुम्हें कोई प्राबलम है तो मैं खुद पशने लिए उनसे जाके मिलता हूं समझाता हूं उने
04:20खुदा की कसम अगर वो तुमें ड्राइंग रूम से भी बया देना तो हमें कोई फर्क नहीं परता
04:24हमारा ड्राइंग रूम इतना बड़ा नहीं है कि उसमें साड़े 600 लोग समा जाएं
04:39तुम क्या द्रखशा को भी नहीं जानती है कम लोग ही जानते हैं उसे ज्यादा तो उसे कमेटी वाली हाला कहते है
04:46तो आपा ये बात मुझे आप पहले बता देती तो कितनी अच्छी थी ना मैंने तो कार्ट पर भी बीसी वाली खाला ही लिख दी गए
04:52ओओ ओ तुम उसे पूछती तुम्हें बताती ना पर मुझे ज्यादा कौन जानता है उसे
04:58मेरे सामने तो ब्याकर आई थी ये
05:00शोहर के बनने के बाद पता ने कैसे कैसे हाला तो उसके सामने आए
05:04लेकिन आज तक उसने हाथ नी पहलाया
05:07आपा मुझे खाला पर तो कोई शक नहीं
05:10फिकर सिर्फ इस बात की है कि कमल की अबा ने सब कुछ खरच कर दिये
05:14अब तो इसी 20 के पैसों से ही सारे अफ़राजात पूरे हो गए
05:19आपा आप ये बताईे कि लोग वक्त पे तो 20 के पैसे जमा घरा दे देना
05:23पतानी कितने पैसे एक खर्चेवे होंगे
05:26आप तो मेरी बात ही नी समझ रही है
05:29मैं कुछ बात कर रही हूँ आप तारीफों के पुल बांदती जा रही है
05:32अरे क्यों न करूँ उसकी तारीफ
05:34अब तुम भुट सोचो इस औरत के पास हजारों के इसाब से रुपे पड़े होते हैं
05:38लेकिन उसकी नियत कभी हराब में थी
05:40आपा जो मैं कहना चाहरी हूँ आप मेरी बात समझ ही नहीं पा रही है
05:44अच्छे चलो मैं तुम्हारी बात करवाती हूँ ठीक है
05:46हेलो हेलो दरक्षा हम ये रुबीना से बात करो
06:10वो ना अपने बीसी के पैसो को लेकर बहुत परेशान हो रही है
06:13और क्यों ना हो इसकी बेटे की शादी सरपर आ गई गया है
06:16हाँ हाँ बात करवाओ ये लो बात करो तो
06:19असलाम लेकुम खाला
06:23वालेकुम असलाम अभीना बेहन
06:25परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है
06:28अभी तक तस लोगों ने बस पैसे जमा करवाएं
06:32आट लाग रुपे जमा होने
06:33चाहो तो तो तुमा के लिस्त भी देख सकती हो
06:36प्लीज खाला आप लोगों से कही है ना कि वो जल्दी से पैसे जमा करा दें
06:40बी-सी के बहुत शदीद जरूरत है
06:43अरे बाबा बोला है बलके कई बार लो ना है
06:49अर वैसे भी बी-सी के पैसे जमा होते होते
06:52महेनी की दस तारीख तो होई जाती है
06:54और या महेनी के आखरी बी-सी है
06:57लोग बे-फिकर हो गए हैं
06:59तुम ऐसा करो
07:00आट लाग रुपे जो जमा है ना वो आके ले जाओ
07:03नहीं खाला मैं इक खट्टे ही ले लोगी
07:05वरना अबी अगर लिये तो कमाल के अबबा कही नहीं खर्च कर देंगे
07:09आप बस लोगों से कहें के वो जल्दी से पैसे जमा करा दें
07:12फ्रशाम को शादी का काट देने होंगे तभी बात होगी थिक है
07:16अलाहाफ आफिस आपिस
07:18अलाहाफिस
07:24निक्की और बडी अजीब उल्चन है घाहिशों के
07:35तुम अपने पैसे बैंक में क्यों नहीं रखते हैं?
07:58सुबह एक पार्टी को पैसे पेकर ने, इसलिए निकल वाये थे
08:05एक बार अम्मी से पूछ तो लेती तो
08:07कितनी दफ़ा तो कहा है मैंने उनसे, अब क्या पाऊं पड़ू?
08:10कि तो शान घट जाती है मेरे घरवालों से मिलने जुलने से
08:13तो उनकी बात भी तो ठीक है ना
08:15घर की वो बड़ी है
08:17वसूली तोर पे उनका नाम कार्ड पे लिखा होना चाहिए था
08:19अच्छा
08:21और जो पुराने महले से
08:23सिकंदर सहाब की बेटी की शादी का कार्ड आये
08:25उस पे बड़ा बड़ा लिखावा है
08:27बीसी वाली खाला
08:29वो तो अम्मी ने हसस के वसूल कर लिया
08:31उस पे क्यों नहीं पूछा
08:33बेटे को दावत क्यों नहीं दी
08:35बीकुराबी उसने ये कह दिया
08:37उसने वो कर दिया उसने
08:39वो महला छोड़ा आये हैं हम लोग
08:43इसलिए बहतर यही होगा कि इस महले की खुराफाद से भी तुम बाहर लिखा
08:47अज तक चाती रहोगी है
09:05आखर तुम्हारा कसूर क्या है
09:07सिभ ये के तुम्हें घरीब बाप की उलाद हो
09:09इसे तुम्हारा शहर इतना इतराता क्यों है
09:11इसके पास जो कुछ भी है
09:13तुम्हारे नसीब से
09:15आज तक उसने तुम्हें दिया ही क्या है
09:17एक घर दिला दिया, अपना रूम तो देखो
09:19वही जहे इसका पुराना फर्मीचर
09:21कपक करोगी कनाल
09:45आज दाता के मिवें प्रूम्हें दियू
09:49प्रा शाली आ प्रशाओ भोरी ओ
09:51ये खरी तरनकी, ये सलंदे तरनकी
09:57ये खरी तरनकी, ये सलंदे तरनकी
10:06जे खाओ ना जिवाना, जुन देगा ये समाना
10:14ये समाना जिवाना, जुन देड़ पूझे सकटाँ जुछ कैंब
10:32मन्माम्री खर्भाचि जुन दे-शीओं
10:39माम, खाला ने दिया है फ़ॉन उठाके, तुम्हारा नाम लिखा वा रहा थे स्क्रीन पे
10:47तो क्या फर्क बढ़ता है, तुम पर भी तो मेरा नाम लिख दिया गया है पूरा
10:51मज़ाख नहीं करो नवील, खाला मुस्तखल मुझे देख रही है
10:56तुम्हें पता ही कितनी तेज है, देखते ही बंदे को बात समझ जाती हैं कि बात क्या कर रहे है
11:00महतरमा कबल साहिबा, अब आप से मेरा निकाह हो चुका है
11:04और मैं अभी चाहूँ तो आपको अपने साथ आकर ले जा सकता हूँ
11:07हाँ तो ठीक है, आजाओ, ले जाओ मुझे, कमसकब इस खर्चे से तो बच जाएंगे ना
11:14फिर से वई बात, अच्छा एक काम करने हमारी शादी पर जितना खर्चा भी होना है ना
11:20अच्छा लाँ शादी के बाद तुम्हारी अम्मी को सारा किस्तों में लटा दूँ, सही है?
11:24अम्मी तो नहीं लेंगी, तुम मुझे दे दे ना किस्ते तुम्हारी मर्जी की
11:28शर्म करो, माईयों में बैठी वी हो, और अपने होने वाले शोहर से इतनी बेतकलूफी से बात कर रही हो
11:34अच्छा जी, अभी तो आप कह रहे थे कि निकाह हो गया है, और अब कह रहे हैं तुम्हारा होने वाला शोहर, हम्म्म
11:40मैटा, मैशो रही थी, शूरसराबर से उड़कीं, मैशा जाला के उचतаете हैं ना उटके उच्छाँ चंडा के बांदिया, होरा होगि, होरा होले ब्ला, हो आप नोगे होगे
12:06होरा होरा है, होई हिया हुआ हो
12:08आप आप ढपा जिक वा है कि जोट वगरा तो नहीं है
12:11अब लेगे होगी पड़ा
12:13सब वाँ
12:15सब लेगे
12:16वाँ अब लेगे
12:38अरे तो चिला क्यू रही हो तुम
12:46खुद पे काबू नहीं लग सकती बाहर लोग सुन रहे हैं
12:49काबू? घर में राशन लाने के पैसे नहीं है
12:52बच्चों की फीज देने की कला आखी तारीख है
12:54कितना कहा था बैंक में पैसे रहने दो
12:56क्या जरूरत ने घर में इतनी बड़ी रखम लाने की
13:26अखील, शकील, मेरे बच्ची अखील, यह दो एक दो आखील, यह जो कि दो है
13:43और जो है, लड़ी वजो बड़ी वजो जो जो जो जो जो जो जो जो
13:56यह देखो बेटा, मैं तो शुक्रानी के नफिल पड़ूंगी, तल बीसी खुलने वाली की बेटा, बचारी रुबीना को मैं क्या जवाब देती?
14:12चार साल से अपनी बारी के इंतिजार कर रही थी, और खुदा की करनी देखो, ठाकू सब ले गए, मगर रुबीना की अमानत मैं पूद देखो, बेटे के पैसे चलेगे, बहु का जेवर चला गया, और रोने के बजाए किसी और के पैसे के बचने पे खुश हो रही है, तुम
14:42उसको सिर्फ इसी बात की खुश है कि उसने अमानत में ख्यानत नहीं की, और अब उस पर कोई सवाल नहीं उठा सकता, बहुत बहुत मुबारक हूँ, मिठाई लेकर आओ ने शकीर, ओ-ओ, मैं तो बूल गई थी तुम्हारे पास, तो पैसे भी नहीं होंगे मिठाई के लि
15:12एक यही सेट बचा है मेरे पास, तुम्हारी माँ से ये भी परदाश नहीं हो रहा, और तुम्हारी गारी कितने किये शकी, जाओ, अभी जाकर बेचाओ उसे, गाहा तो कैश लेकर खड़े ना दुम्हारे लिए, शरुम तो आई नहीं तुम्हारी माँ को, मैं कुछ भी कर
15:42तो कोई जाग भी रहोगा ना तो बिस्तर से नहीं उठेंगे, ये बड़े लोग हैं, ये बड़ी जखेती हो गई, किसी के कान पर जू नहीं रहेंगी, ये ठाने जाओगे या नहीं, जाओ, जाओ, सो जाओ, या फिर नफले पढ़ लो अपनी मा की तरह, जा रहू मैं जा
16:12झाल झाल
16:42क्या सोच रही है, ये शुकराने के नहीं, ये नमाज जनाज़ा है, तुम्हारे शोहर के पैसो की नमाज जनाज़ा, तुम्हारे जेवरात की नमाज जनाज़ा, क्या सोच रही है, वो तो नमाज नहीं तोड़ेंगे, बड़े मज़े से कह रही थी न, जो न डाकू ने किय
17:12झाल झाल
17:42झाल झाल
18:12हलो शकील अम्मी पैसों के लिए मान गई हैं तुम एफायार में ना बीसी के पैसों का भी लिखवा दो
18:32हाँ
18:34अला आफस
18:36हो तुम लिख़ा पैसे मेरे बहुने चुरा लिए
18:46हलो रूबिना तुम्हारे पीसी के पैसे मेरी बहू ने चुरा लिये अवाज नहीं आरी
19:06अवाज नहीं आरी कौन बोले हैं हलो पीसी के पैसे हैं जोड सा बोले हलो
19:16हलो, हलो, हलो, हलो आवाज नहीं आरी मुझे तुम्हारे पीसी के पैसे
19:26आवाज आरी है बीसी के पैसे क्या मेर neighboring घर में लोर भागा 파ट किया था �миम्हारे पीसी के पैसे चोड़ी हो गया है שנ
19:43विण विए कटिया आज विए, वर्फ आजगे, एरे एम्मरीन कोफुमन तरो कुई!
19:59यो ओमी, इच्छियो वर्फ एम्मरीन कोफुमन तरो
20:13को जो जो जो चाल अश सो अघुरेist
20:17सो मों पानी है आए जल्द करो
20:23हृ समय आप कर यह काम कर नहीं is
20:30क्लमेन कुछ दुम्हारी जगा टी ना तुम मेरी जगा होटी तो यही करती है
20:36जो मैं कर रहे हैं, हम दोनों अपना अपना काम कर रहे हैं
20:39और रही बात नफरत की तो वो तुम्हें खुद से होनी चाहिए
20:42क्योंकि तुम हार रही हो
20:44इतना असान नहीं है मेरा हार मा
20:46तुमने देखा नहीं, दरक्षा पर तुम्हार वार नहीं चला
20:50बार करने के ज़राती नहीं है, उसकी बहु और बेटा है ना, तुम ये भी तो सोचो, तुम एक नहीं दो दो खांदान तबाह कर रही हो बड़ी, क्या हुआ, तुम ने अभी से हार मान में लेखी हुआ
21:00बाप, आम सॉरी बापा, मैंने इसे कॉल की, ये बहुत रोई थी, उसे रहा नहीं गया तो साथ ले आया है, बहुत सीरिस अटैक हुआ है
21:30अर इंदेल का अपरेशन करवाना पड़ेगा, ये जमा करवा के बैंक से टुकल लेआँ, लाय मुझे एज़िक अंतर आप, मुझे एक बात कहले हुआ है
21:45अलाए, जा होगा, एकन परशान होई, कुछ सहीं दे एका
21:49क्या की ऑपरेशन, मगर अस्पताल वाली तो आपरेशन से पहले पैसे मांगती है
21:59अरे परेशान मात हो, तींग लाग की बात है ना, रूबीना की कमेटी खुली है, अब भी जा कर ले आओ
22:07इस व्फ़त रात को वो कमेटी दे देगी?
22:10अरे देदेगी ना बहुत ही मानदार औरत आप जाओ ना खड़े कियो हुआ
22:15चाहुआ ना खड़े कियो हुआ दा फिलकुल चाहुआ
22:20जैकम अर बड़ी लजीव अलचन है गाहिशों की
22:32निककी और बड़ी लजीव अलचन
22:38हे गाहिशों की
22:41तुमने एक सर्ज पुलार पता नहीं क्या हुआ
22:56रुबीना बेहोश हो गई मर गई पता ही नहीं है
23:00क्या करोगी अपनी बहु को जेल बिजवाओगी
23:02क्या बोलोगी के मेरी बहु चोर है
23:05तुम्हारे बेटे की बीवी है वो तुम्हारे पोती की माँ
23:09अगर तुमने इसके खिलाफ रिपोर्ट करवा दी तो उसकी बेटी तुम्हारे खिलाफ हो जाएगी
23:15और तुम्हारा बेटा तुम्हारी शकल भी ने देखेगा
23:18आगई पुलिस तुम्हारी बहु को ले जाने के लिए
23:26इस वस्त आने की महदबद जाता हूं वो पैसों की जुरत पढ़े के लिए
23:33मेरी बीबी रूबीना की अबीसी खुलने वाली थी ना अपनी हम्मा से कहें के वो पैसे के थी
23:40रूबीना को हाट डेक हो गया
23:42अपना इमान तो बचा नहीं पाये तुम किसी की जहानी बचा लो
23:55अगर वो मर गई तो कैसे माफ को रोगे तुम खुद को
23:58अरे सो गई हो क्या मेरी आवाज नहीं आ रही जाओ अपनी अम्मा से पैसे लाके दो
24:06काश हम दे सकते
24:12आप घर का हाल तो देखें राद घर में डाका पड़ गया हमारे जालों हो ने कुछ नहीं छोड़ा मेरी बच्ची का गुल्लक तक ले गए
24:21जेवर नकदी जो हाथ लगा सब ले गए
24:25कुछ नहीं छोड़ा हो लोने
24:29अ
24:31अ
24:33अटल
24:36आप पानि लिग ओढ बढ लिग ढ़ाओ प्लीज
24:42पानी प्लाने से क्या होगा?
24:44किसको दोका दे रहे रहे हो तू?
24:46वहां इस वीचारी की बीवी
24:48मर रहे ही और यह यहां
24:50निडाल पड़ा है
24:51दो दो जाने एक साथ ले रहे हो तू?
24:54अजय पानी पानी पानी पानी पानी प्लीज इस पानी के छीटे अपने भूपे मारो और होश मे आओ
25:06बहुत बड़ा जिर्म करने जा रहे हो तुम
25:10जो जफ्म दे जाते है दिलों को
25:18लब उपन के वो ही हसी है
25:28अजीब उलजन है खाहिशों की चुरूप अपना बदल रही
25:46पानी क्यो रिसीव नहीं कर रहे है फॉन कफ से मैं फॉन कर रही हूँ
25:52खाला चान आपको क्या जूरती बाबा जान को भिजवाने की नबील को भिजवा देती
25:57आप जानती नहीं कितने जल्दी परेशान हो जाते हाथ पाउं छोड़ देते हैं अपने
26:01अथानी कहां चलेगा हैं फॉन भी रिसीव नहीं कर रहे हैं अरे बेटा फॉन सैलेंट पे होगा फॉन पता नहीं के पास है भी नहीं है करपा छोड़ाई होंगे कामपा तो परेशान हो रही है
26:12कैसी बाते कर रही हैं आपको कुछ अहसास है कि अम्मी की सीरियस कंडिशन हो गई है पैसे जमा करवाने पैसे जमा ना करवाए ना यह लोग लाज शुरू नहीं करेंगे
26:23स्वान रसीव नहीं कर रहे
26:26नहीं क्या हो गया है
26:42क्या करेंगी बेटी की शादी करने के तो तुम्हारे पास पैसे है नी बीवी का कैसे करवा हो तुम्हारी बीवी को्रों अगर कुछ हो गी तो वीजल रही है
26:56सब जिम्मेधार यह तुम्हारे उपर जेभाए उपर बेटी तुम्हारे रख Forschutes
27:00अल्ला सब ठीक करेगा सिकंदर हार्ट इटैक हुआ है उसे वो भी मेजर इतनी रात को कौन दर्वाजा खोलेगा रात के इस वक्त कौन तुम्हारी मदद करेगा किस से उधार लोगे तुम्हारी बीवी मर रही है और यहां तुम्हें कहानिया बनाने की पड़िया
27:17मायू से कुफर है गुनाय तुम्हारी बेटी तुम्हारी बीवी तुम्हारी जुम्हारी जुम्हारी थुम्हारी थुम्हारी थुम्हारी थुम्हारी थुम्हारी थुम्हारी थुम्हारी थुम्हारी थुम्हारी थुम्हारी थुम्हारी थुम्हारी थुम्हारी थुम्हार
27:47हम यह प्लीज आप खाना तो खाले है रुबीना खाला की तब पहले से काफी बहतर है उनको उनको मामूली सा हार्ट एटाइक आया था एक दो दिन में घर आजेंगे ना वो और उनकी बेटे की शादी भी उसी तारीख को होगी जिसको तैह हुई थी वो जो उनकी घर के साथ �
28:17तुम भी खाव भी खाना अच्छा पहले आप तो खाले फिर में भी खालूँगा मैं अपने मूँ करने वाला तुम्हे दूप तो तुम खालोगे तुम्हें खून मिला निवाला कैसे खालो
28:33देखा यही करती है यह एए पच्छी के दिल में खौफ बैट गया है वो नवस्याती मरीज़ा बन गई है रात रात बड़ सोती नहीं है वो
28:44मा हैं यह मेरी
28:46मैं आपसे वादा करता हूँ कि आपके सारे पैसे लुटा दूँगा
28:56मैंने कुछ ही खर्च की है आप प्लीज परेशान नहीं हो तुम पैसे लाके देदो बिटा के खर्चे ना हो जाए तुमसे
29:06देखा देखा देखा तुमने यह पागल बागल नहीं है जिर्फ हमें पागल बना रही है दोंग कर रही है यह लेज़ा
29:14मुझे पैसे लाके देदो देदो मुझे पैसे लाके
29:18मैं पैसे लाकर दो पिसिला कर दो खागर दो
29:39आप मैं दो
29:42मुरी का तम नहीं कर दो
29:46मुझे परणेड़ा.. परणेड़ा.. मुझे लागे.. परणेड़ा..
30:06पापा मैं अपको खाली दुमा दी नहीं..
30:08वेट हो जासा हूं..
30:11यह बेटा..
30:14तुमने..
30:16बेटा हुने का हक अदा कर दिया।
30:19यह जो अस्पताल का बिलो गएरा तुम्हे दिया नहीं
30:24बेटा यह मैं तुम्हें लुटा दूँगा, सारा कर्चा।
30:27नहीं बापा, यह सब मेरा फ़र्ज नहीं, हक था।
30:33साथ सुसर्थ, माबाप की तरह ही तो हुते हैं।
30:36बेटी की शादी के लिए शहर भर के लोगों को मद्यूपिया।
30:45तो मैं इन्हें दूमधाम से शादी नहीं कर सकी हुआ बेटी।
30:53आप क्यों ऐसा सोच रहे हैं।
30:55ना तो यह मेरी खौईश थी, ना आपकी बेटी की, ना मेरे बाबाब की।
30:59बस आपने से जिद बना लिया।
31:02नहीं बेटी, जिद नहीं थी।
31:08एक खौब, खौब था।
31:13जो और बेटी के माबाब को उता है।
31:17कि वो अपनी विसाद से बढ़कर अपनी बेटी को शान से रुखसब करे।
31:23ताकि वो अपनी सुस्राल में शान से रह सके।
31:28आपा ये बेकार का खौफ है।
31:31इसे पिखाल पेकें।
31:33बिल्कुल परशान नहीं की ज़रत आपको।
31:35सब सही हो जाएगा।
31:39आप लोग इतना दूर क्यों खड़े रूम से।
31:43बिटा, इसके मा की भी यह याद है।
31:49जरब मुझे इदर उदर नहीं होने दे।
31:53अब सारी जिनकी तुम्हें यह बुगर।
31:57और कितने साल जी लेगी तुम्हारी माँ।
32:08क्या चाहते हो बाकी की जिन्दगी ऐसासे जुर्म के साथ जी हो।
32:12तुम्हारी सास ने इसे अना का मसला बना लिया।
32:14यह मांदारी वे मांदारी सब ढूंगे।
32:16सिर्फ महले में वावाई करवानी है उसने।
32:18वावा की जरुरत नहीं होसे।
32:20उसकी वैसी बहुत इज़त है।
32:22और वह जो कहेंगी लोग मान भी लेंगे।
32:24तो अच्छी तरह जानते हो।
32:26तो अच्छी तरह जानते हो।
32:28उसको सिर्फ और सिर्फ अपनी इज़त का ख्याल है।
32:31सोते हुए आदमी के मुपे तकिया रखो तो ठंडा हो जाता है।
32:34वो तो ठहरी बुडिया।
32:36तीन देन से उसने कुछ नहीं खाया।
32:38फिर भी देखो तुम लोगा सिकून बरबाद करके इतनी अराम से सो रही है।
32:41जाओ देखो उसको।
32:42चोरी चोरी ही होती है शकील।
32:44तुमने उस चोरी की नहुसत नहसूस नहीं की।
32:47तुम बहुत गलत कर रहे हो।
32:50क्या इस पैसे से तुम्हारी मा, तुम्हारी बीवी, तुम्हारे बच्चे खुश है।
32:54कितना सोचोगी, भूप, नीन, प्यास सब तो उड़ा दिया उसने तुम्हारा।
32:57जब तक खत्रे की घंटी बशती रहेगी तुम्हारा सुकून इसी तरह खराब रहेगा।
33:01तुम्हारी माने तीन दिन से खाना नहीं खाया। तुम्हारी माने तीन दिन से खाना नहीं खाया।
33:04तुम्हारी माने तीन दिन से खाना नहीं खाया।
33:05तुम्हारी माने तीन से खाना नहीं खाया।
33:06तुम आप में या का इंजार कर रहे हो؟
33:14क्या हुआ?
33:18क्या सोच रहे हो?
33:19वैसे का छुपाए तुम्ने?
33:21क्या? यह जला हो तुम?
33:28शक्यि तुम्हें पैसों कि ज़रुत क्यों पड़ गई?
33:30क्या हो गया?
33:31वैसे का छुपाएं बताओ कुझे?
33:36शकी, बास्तो शुनो?
33:38बादी, डादी, उट्टे, नमेदे काणी सुना है ना?
34:08हमी?
34:38कुछ तो गाले हमें, प्लीज, यह रखे, यह रखे, यह रखे, देखे, जो देखे, मैं पैसे भी लेआया हूं, आप तो कुछ काले हमें, प्लीज, आप प्लीज, आप अदिए अज़ आपके।
35:06अल्लाह तरे शुक्रे, नभील मिया, अब बैंक्वेट में तो नहीं कर सकते हूं, लुक्सदी हम घर के बराबर जो मैदान है ना वहां करें।
35:17ठीक है पापा, जैसा चाहेगी वैसा हो जाएगा, बस आप परिशान में तो जिकाओं।
35:22या लाह तेरे शुकर है।
35:24अल्लाह तुम दोनों की जोड़ी चलामत और बनाओं से दूर रखे।
35:28सही कहरी रुबीना, जितनी भी दुआएं दो कम हैं।
35:33नभील ने हमारी बहुत बदद दी।
35:36परना मैं तो मायूस हो चुगा था।
35:39पापा क्यों शर्मिंदा करें।
35:41बस आपनों की दुआएं चाहिए।
35:43जो आपनों की दुआएं चाहिए।
35:44जो अमारे काम हैं।
35:54अरे?
35:56दिरक्षन विसी अली का फोन है?
36:02हलो?
36:06क्या?
36:09क्या रे आपनों के दुआएं के दुआएं
36:13जो आपनों की दुआएं है।
36:22इन लेएं राजून
36:26आपनों की मुन्तजर है।
36:36है ना जाने कब से हमारी आंके आ रहा हूँ भई आ रहा हूँ
36:56हूँ आ रहा हूँ
37:26हूँ
37:33ऐसे बहुत जाले मोतम निकी इंसान को कंगाल कर देती है एक तो उनके घर में चोरी हुई उपर से तुम्हारे कहने पे अपनी बीवी के जेवर भी बेच रहा हूँ
37:44यह तो उनके पास आखरी दॉलत थी ना निकी उसकी आखरी दॉलत उसकी मा थी काश वो यह बात पहले ही समझ लेका
37:51बीसी वाली खाला मरकर भी अमानतदारी रहे और उनका बेटा अमानत देकर भी सारी जिंदगी एहसास जुम का शिकार रहेगा बडी आएना कैसे देखेगा अपनी बेटी से नजरे कैसे मिलाएगा वो
38:08निक्के और बड़ी आजीब उल्चन है गाही शुंकी
38:15निक्के और बड़ी आजीब उल्चन है गाही शुंकी
38:24निक्के और बड़ी आजीब उल्चन है खाही शुंकी
38:33जो रूप अपना बदल रही है
38:44जो जख्म दे जाते है दिलों को लबों पे इनके वही असी है
38:54अजीब उल्चन है खाहिशों की जो रूप अपना बदल रही है
39:03अजीब उल्चन निक्की और बड़ी आजीब उल्चन है खाही शुंकी
39:14जो रूप अपना बड़ी आजीब उल्चन है खाहिशों की