00:00अमेरिका की सेंच्रल कमांड ने बताया है कि पश्चमी एराक में उसका केसी 135 ऐरक्राफट जो है वो क्रैश हो
00:08गया है
00:08जिसमें 6-4 अमेरिकी सेनिकों की मौत हो जबकि 2 सेनिकों की अब भी तलाश है
00:14इस एक्राफ को केसी 135 स्ट्राटो टैंकर भी कहते हैं जो आस्मान में रिफ्यूलिंग यानि लडाकों मानों में इंदन भरने
00:23का काम करता है
00:24इस एक एक्राफ की कीमत है 692 करोड रुपए और अभी दावा है कि इरान के प्रोक्सी संगठन इस्लामिक रिजिस्टेंस
00:33इन इराक ने इसे अपना निशाना बना रहे है अमेरिका इसे एक आतंकवादी संगठन मानता है जिसे इरान ने इराक
00:42में खड़ा किया
00:43इस संगठन में कतैब हेजबुला जैसे प्रोक्सी भी आते है जो अब इरान की तरफ से इराक में युद्ध लड़ने
00:50का काम कर रहे है और इससे आप ये भी समझ पाएंगे कि इरान सिर्फ एक जगा पर ये युद्ध
00:56नहीं लड़ रहा है उखाडी के देशों पर हमले कर �
01:00इरान के मिडल इस में इतने प्रोक्सी संगठन है जो उसके साथ मिलकर इस युद्ध में अमेरिका और इसराइल को
01:06निशाना बना रहे है और अब तो इस युद्ध में नेटों की भी एंट्री हो सकती है पिछले 48 घंटों
01:13में इरान ने नेटों से जोड़े तीन सेन ठिकान
01:28को निशाना बना दिया है जिसमें उसके एक सैनिक की मौथ हो गई है जबकि इरान पर आरोफ है कि
01:35उसने तुर्किये पर भी बलस्तिक मिसाइल ज़ागी है जो नेटों का सदर से देश है
01:40अब इरान के इन हमलों के बाद बड़ा सवाल ये है कि क्या नेटों इस युद में भाग लेगा अगर
01:47नेटों इस युद का हिस्सा बनता है तो ये जंग कितनी भयावा हो जाएगी
02:23अमेरिका इस बात को माने या ना माने लेकिन हकीकत यही है कि इरान इस युद की आज से नहीं
02:31बलकी 23 साल से तैयारी करना
02:32साल 2003 में जब अमेरिका के दखल के बाद इराक में सद्दाम हुसैन की सरकार का पतन हुआ उसी दिर
02:39ने इरान इस बात को समझ गया
02:42कि अगर पूरी सक्ता एक व्यक्ति के आसपास केंत्रित रहे तो वो देश उस व्यक्ति के हटते ही युद में
02:50बुरी तरह हाल सकता है
02:51इस अमेरिका ने सद्दाम हुसैन को मारा इराक के लिए बरबादी लेकिन इरान ने इस पर काम किया इराक के
02:58उस संकट से इरान ये भी समझ गया था कि अमेरिका अकसर किसी देश के शीर्ष नेत्रितों को हटाने पर
03:04ध्यान देता है कि कि लिड़ लीडर डीकापिटेशन य
03:09यहां पर भी आई किया आयतलाख हमने और उनके साथ साथ जितने भी शीर्ष नेता अलग-अलग संगटनों के अधक्षन
03:16सब को मारा जब शीर्ष पद खाली हो जाता है तो आदेश देने वाला कोई ने रहता और सैने संचालन
03:21रुख जाते अमेरिका स्थोरी पर काम करता है
03:26कि फिर एक बार हमने हेंड को मार दिया तो देश की युद्ध में हार हो जाती है
03:32अमेरिका की इसी युद्धनीती का जवाब खोजने के लिए एरान ने अपनी एक नई वोर्ट डॉक्ट्रीन बताई जिसे मुजेख डिफेंस
03:39डॉक्ट्रीन कहा दो
03:40इस जॉक्ट्रीन का मकस्त था ऐसी व्यवस्था त्यार करना जिसमें सिर कटने पर वो पूरा जो शरीर बचा है वो
03:49अपना काम करता है
03:50उस वक्त इस्लामिक रेविलूशनरी गार्ड कॉप्स के कमांडर इन चीफ मेजर जेनरल मुहमद अली जाफरी ने मुजेकार्ट से प्रेर ना
03:57ली यह वो कला होती है जिसमें सैक्डों या हजारों छोटे छोटे छोटे छोटे टुकडों को मिलाकर एक बड़ी तस्वीर
04:06बना
04:20यूत में कट भी जाए तो उसकी जगह और नए सिर्ख खड़े हो जाएंगे बल्कि यह कहा जाता है इरान
04:26के बारे में कि वो सिर्फ प्लान B नहीं रखता है वो प्लान C, D, E, F अगे तक तैयारी
04:32रखता है इसके लिए इरान में हर सैने और शसरस्तर बल्कि टुकडी के एक
04:38नहीं बल्कि तीन-तीन उत्तराधी कारी चुने गए यह तैय हुआ कि एक कमांडर मारा जाएगा तो उसकी जगह लेने
04:46के लिए पीछे तीन कमांडर खड़े रहे इसके अलावा इरान ने अपने सभी 31 प्रांतों को 31 यूनिट्स में बाटा
04:55उनके लिए अलग से रक्षा ब�
05:07नहीं करेगा हर सैन्य टुकडी अपने अपने स्तर पर दुश्मन के खिलाफ युद्ध को जारी रखेगी किसी टुकडी को युद्ध
05:16लड़ने के लिए उपर से आदेश लेने के लिए इंतजार नहीं करना होगा हर सैनिक हर सैनिक वहां पर नेत्रितों
05:25करेगा इसी वह ड�
05:28वड़े हमलों के बावजूद इरान जवाबी हमले पर कर पा रहा है और वो एक मोजेक की तरह है जिसमें
05:34कुछ टुकड़े चाहे वो कितने भी बड़े हो कुछ टुकड़े हटाने से पूरी तस्वीर खराब नहीं है जिस वक्त यह
05:42वह दॉक्ट्रीन बनाई गई थी तब इर
05:45सेने टुकड़ी स्वतंत्र होकर हमले करने लगेगी तो इरान कैसे और कब युद्ध खत्म करेगा सोचे उस पर भी बाकाइदा
05:52स्ट्राटेजी तयार होगे कि युद्ध में तो चले गए हमारे उतराधीकारी ते हो गए लेकिन अगर इरान को ये लगता
05:59है कि अब युद्
06:11और वो सुप्रीम लीडर खुद आकर ये ऐलान करेंगे कि अब इरान इस युद्ध को रोकता है अब इरान में
06:17मुच्टबा खामने को नया सुप्रीम लीडर चुना गया है और उन्होंने अपने पहले आउडियो संदेश में ये ऐलान किया है
06:23कि इरान इस युद्ध को जा
06:41आज इरान में इस्राइल और अमेरिका ने कैसे हमले किये