00:26।
00:30तब राजपाल ने संकल्प लिया कि वे अपने गाउं को फिर से वही पुरानी हरियाली लोटा कर ही दम लेंगे
00:3726 साल पहले जब उन्होंने अकेले पेड लगाना शुरू किया तो लोगों ने उन्हें पागल बताया
00:43कहा कि फिजोल में समय और पैसा बरबाद कर रहे हैं
01:10तो इसका फिर खामिया चाब बुटाना प्रबाद कर लोगों ने प्रदूसन जाद हो जगार
01:28राजपाल न सिर्फ पेड लगाते हैं बलकि अपने पैसे से पेड के आसपास इंट और सिमेंट की पकी बाउंडरी बनवाते
01:35हैं
01:36एक पेड की घेरा बंदी और सुरक्षा पर वे करीब 10,000 रुपए तक खर्च भी करते हैं
01:41उन्होंने अब तक 2000 से अधिक पेड लगाए हैं जिन में मुख्य रूप से बरगत, पीपल और नीम शामिल हैं
01:48अब तक लाखों रुपए खर्च कर जुके हैं
01:50ग्रामेडों का कहना है कि राजपाल ने न केवल वातावरन कुछ वक्ष बनाया है
01:55बलकि उनके गाउं की एक अलग पहचान बनाई है
01:59बहुत बढ़िया कार्या कर रहे हैं जी और 25 साल से इसी कार्या में हैं
02:03चिस्माओ शेवा एससे थाप्र में समाज सेवा बोट पयड़ फूज लगा दीए है गाउं में भी
02:06और आसपास घथा बेर लकाते हैं और बोट इसमाज सेवा कर रहे हैं कुड़ के फैसे लगाके हर तुट से
02:14पूरा कार्या कर रहे हैं
02:15So how many trees have put in the city?
02:18The trees are in thousands of trees.
02:21There are also trees.
02:22The trees, the trees, the trees, the trees, the trees, the trees.
02:27The trees, the trees, the fields.
02:33There are a different examples of trees to protect them.
02:37And they're the biggest thing that they have to climb in the morning
02:40and their bikes have their own system.
02:53।
03:24Thank you very much.
03:45Thank you very much.