00:00भक्ती का मार्ग तुरंत परिणाम देने वाला नहीं होता।
00:04आज की तेज जीवन शैली में लोग तुरंत सफलता चाहते हैं।
00:08लेकिन आध्यात्मिक उन्नती धहर्य और निरंतर अभ्यास से ही मिलती है।
00:13जैसे एक बीज को व्रिक्ष बनने में समय लगता है, वैसे ही भक्ती को फल देने में समय लगता है।
00:19जब हम नियमित रूप से जब, ध्यान और सेवा करते हैं, तो शुरुवात में मन भटक सकता है।
00:26लेकिन यदि हम धहर्य रखें और अभ्यास जारी रखें, तो धीरे धीरे मन स्थिर होने लगता है।
00:33कठिनाया भी परिक्षा के समान होती है।
00:36भगवान अपने भक्त की श्रद्धा को परकते हैं।
00:39धहर्य हमें निराशा से बचाता है।
00:42जब हम समझते हैं कि हर चीज अपने समय पर ही फल देती हैं, तब अधीरता समाप्थ हो जाती है।
00:49भक्ती में निरन तरता सबसे महत्वपोन है।
00:52धहर्यवान व्यक्ती का विश्वास अडिक होता है।
00:55वो परिस्थिती चाहे कैसी भी हो, अपने मार्क से नहीं हटता।
01:00मोरल, धहर्य और निरन तरता से ही भक्ती का सच्चा फल प्राप्थ होता है।