00:00आशा भुसले एक ऐसी आवाज जिसने मुसीकी की दुनिया में एक नए दौर की बुनियाद रखी।
00:05आज के इस तहकी की जाइजे में हम इस अजीम और लेजन्डरी प्लेबैक सिंगर की जिन्दगी और उनके इस शांदार
00:11सफर को खिराज तहसीन पेश कर रहे हैं जो 12 अपरिल 2026 को 92 साल की उमर में इस दुनिया
00:17से रुखसत हो गई
00:23उनके इस बेमिसाल सफर की गहराई को समझने के लिए उनकी आखरी सोशल मीडिया पोस्ट के इन खुबसूरत अलफाज का
00:33जिकर करना बहुत जरूरी है
00:35उन्होंने लिखा था मुला मेरी मौसीकी है इस जिन्दगी के दरिया को पार करने में मेरा रहनुमा है और जब
00:41मैं दूसरे किनारे पहुँच जाऊंगी तो मेरा सफर मुकमल हो जाएगा
00:44ये इंतहाई दिल को छूलेने वाले अलफाज एक ऐसी जिन्दगी की अकासी करते हैं जो शुरू से आखर तक सिर्फ
00:50और सिर्फ जजबे और मौसीकी से जुड़ी हुई थी
00:52एक रिकॉर्ड तोड मौसीकी का सफर
00:55चलिए अब सीधा इस मौज़ू की गहराई में उतरते हैं और इनके काम के इन हैरान कुन आदाद शुमार पर
01:01नज़र डालते हैं
01:01ये कोई आमसा करियर नहीं था
01:03ये एक ऐसी तारीख थी जिसे अगर रियाजी के पैमाने पर भी देखा जाए तो इनसान दंग रह जाता है
01:08ये हिंदुसा वाकई काबिल गोर है
01:11ग्यारा हजार से ज्यादा
01:131947 से लेकर 2026 तक आशाजी ने 20 से ज्यादा हिंदुस्तानी जुबानों में
01:1911,000 से ज्यादा सोलो, डुट और कोरस गाने रिकॉर्ड करवाए
01:23मतलब ये एक ऐसा संगे मील है
01:25जिसका खौब देखना भी किसी आम फंकार के बस की बात नहीं लगती
01:28और हाँ, ये सफर सिर्फ गानों की तादा तक ही महदूद नहीं था
01:33इन शानदार काम्याबियों को देखें
01:35गिनिस बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में उन्हें सबसे ज्यादा रिकॉर्ड की जाने वाली खातून आर्टिस्ट के तौर पर शामिल किया
01:41गया
01:41साल 2000 में उन्हें हिंदुस्तानी सेनमा का सबसे बड़ा और बावकार दादा साहब फालके अवोर्ड मिला
01:47इसके इलावा दो ग्रेमी नामजदगियां और साथ फिल्म फेर रिवोर्ड ये आदादों शमार बताते हैं कि इनका जादू आलमी और
01:55इलाकी दोनों सतों पर कितना गहरा था
01:57प्लेबैक सिंगिंग के उसूलों को तोड़ना
02:00अब यहां एक सवाल जरूर उटता है कि क्या ये सब कुछ सिर्फ इसलिए हुआ क्योंकि उन्होंने बहुत ज़्यादा गाने
02:05गाएं बिल्कुल नहीं
02:06ये सारी काम्याबी असल में इन पुराने और रवायती उसूलों को मुकमल तोर पर तोड़ने का नतीजा थी
02:12जो इस दोर में प्लेबैक सिंगिंग में राइच थे
02:15मिसाल के तोर पर उस वक्त रिवायत ये थी के खवातीन से एक खास किस्म की महदूद, साफ सुथरी और
02:22इंतहाई अकीदत मंदाना आवाज की तवक्को की जाते थी
02:24लेकिन इसके बरक्स आशा जी का अंदाज बिलकुल गेर मतवक्क था
02:28उन्होंने अपनी आवाज में उतार चड़ाओ एक अजीब सी शोखी और भरपूर जज़बात शामिल किये
02:33जिसे मौसीकी के माहरीन उनकी आवाज की मखसूस बनावट या ग्रेन आव दा वोईस कहते हैं
02:39वो वाकी एक अलगी लेवल की चीज़ थी
02:41और उनकी सबसे बड़ी खासियत ये थी
02:44कि वो म्यूजिक कंपोजर के मिजाज के हिसाब से बिलकुल बदल जाती थी
02:49ओपी नहीर के साथ उनके गानों में एक ऐसी शोखी और तेजी होती थी
02:52जो सुनने वालों को जूमने पर मजबूर कर दे
02:55फिर आड़ी बर्मन के साथ तो उन्होंने इंतहाई तजर्बाती और पुरजोश मौसीकी बनाई
03:15इनकी ये हमागीरियत और सलाहियतें सिर्फ बॉलिवोड सिरिमा तक ही महदूद नहीं रहीं
03:19बलके उन्होंने पूरी शान और शौकत के साथ ग्लोबल पॉप स्टेज पर भी अपने जंडे गाडे
03:24इस टाइम लाइन से अंदाजा होता है कि इनका आलमी सफर कितना वसी था
03:291991 में बॉय जॉर्ज के साथ बाउ डाउन मिस्टर
03:32फिर 1997 में बैंड कोड रेड के साथ उनका काम
03:352002 में माइकल स्टाइप
03:37और बिलकुल आखिर में
03:392026 में मशूर बैंड
03:40गोरिलास के साथ दिशेदोवी लाइट
03:43वो वक्ती ट्रेंट्स के साथ रुकने वाली नहीं थी
03:45बलके हर दहाई में आलमी पॉप कल्चर के साथ बिलकुल अपडेट रही
03:49और मज़े की बात यह है कि
03:51जाँ उन्होंने किसी के साथ डारेक कलाबरेशन नहीं भी किया
03:53वहाँ भी मघरिबी पॉप में उनका असर गूंचता रहा
03:56बलक आइट पीस जैसे बड़े पॉप ग्रूप ने
03:58अपने हिट ट्रैक Don't Funk With My Heart में इन्हें सैंपल किया
04:15यह असर वाकरी बेमिसाल था
04:17इन आलमी और पुरजोश पाप काम्याबियों से थोड़ा हट कर
04:21अब बात करते हैं उनकी घजलों की गहराई की
04:23यह उनकी अवास का एक ऐसा पहलू था
04:26जो इंतहाई संजीदा, जजबाती और सीधा रूह में उतर जाने वाला था
04:301987 की फिल्म का वो मशूर गाना तो बुलाए नहीं भूलता
04:34मेरा कुछ समान तुम्हारे पास पड़ा है
04:36अब इसमें जो चीज सबसे ज़्यादा मुतासर करती है
04:39वो उसके बोलों की उदासी और आशा जी की अदाईगी है
04:42उन्होंने जिस दर्द और मलाल के साथ इसको गाया
04:44उसने उनकी आवास के एक इंतहाई गहरे और संजीदा पहलू को दुनिया के सामने रखा
04:49फिर दिल चीज क्या है आप मेरी जान लीजिये
04:52जैसे शाकार को ही ले लीजिये
04:54इसमें उन्होंने इस किरदार के पूरे दुख और दास्तान को अपनी आवाज में बिलकुल जिन्दा कर दिया था
05:00ये ऐसी टेकनिकल और जजबाती अदाकारी थी जिसका कोई सानी नहीं था
05:05और जिसने कई नसलों के सुनने वालों को अपना मुकमल दीवाना बना लिया था
05:10वक्त से मावरा एक मिरास
05:12अब नहायती एहतराम के साथ बात करते हैं उनके आखरी आयाम की और इस अजीम अवामी रद्दे अमल की जिसने
05:17इनकी इस दुनिया से रुखसती को एक लाजवाल तारीक बना दिया
05:2012 एपरिल 2026 को ब्रीच कांडी हस्पताल में इनका इंतकाल हुआ
05:25आखरी दिदार के लिए उन्हें उनकी लोवर परेल की रहायशगां पर रखा गया
05:29और फिर मुंबई के शिवाजी पाक शमशान घाट में पूरे सरकारी एख्यास के साथ उनकी आखरी रसुमात अदा की गई
05:35इस सुगवार मौके पर हजारों आम मदा, फिल्मी सितारे और आला शेयसिदान इकटे थे जो इस नाकाबले तलाफी नुकसान पर
05:42दुनिया भर के गम की नमाइंदगी कर रहे थे
05:44तो आखिर में ये गहरा सवाल जहन में आता है कि आने वाली नसले इस आवाज के असरात को कैसे
05:51मापेंगी जिसने 80 साल की आलमी म्यूजिक की तारीख सवारने के लिए हर रिवायती असूल को तोड़ दिया
05:57एक ऐसी आवाज जिसने मुसलसल नए तगर बात किये और एक ऐसी मिरास छोड़ी जो वक्त से मावरा है
06:03सच पूछिये तो ये एक ऐसी शख्सियत की कहानी है जो म्यूजिक के हर नए तालिब इल्म को इन 11
06:09,000 गीतों के अजीम खजाने में उतरने पर हमेशा मजबूर करती रहेगी