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  • 3 months ago
अमेरिका के श्रम विभाग ने एच-1बी और PERM वर्क वीजा में कथित धोखाधड़ी के मामलों की व्यापक जांच शुरू कर दी है. जांच के दायरे में भारतीय आईटी कंपनी कॉग्निज़ेंट समेत कई कंपनियां शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार फर्जी वीजा आवेदन, जबरन वेतन वसूली और विदेशी कर्मचारियों के शोषण जैसी शिकायतों की जांच की जा रही है. लेबर डिपार्टमेंट के महानिरीक्षक कार्यालय ने बताया कि दर्जनों समन जारी किए जा चुके हैं और व्हिसलब्लोअर से मिली सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है. यह कार्रवाई उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के नेतृत्व वाली ‘फ्रॉड एलिमिनेशन टास्क फोर्स’ के तहत की जा रही है. अमेरिकी सरकार का कहना है कि उद्देश्य वीजा प्रणाली के दुरुपयोग को रोकना और अमेरिकी कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना है.

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Transcript
00:03अमारीकी श्रम विभा के महा निरेक्षक कार्याले ने H1B और PERM वीजा से जुड़े कथित फर्जी वाड़े की जाच शुरू
00:11कर दी है।
00:49अमारीकी श्रम विभा के इंस्पेक्टर जनरल एंथिनी डी एस्पेसिटो ने कहा कि दरजनों समन जारी किये जाच चुके हैं और
00:56हर शिकायत की गहराई से जाच की जाच जाएगी।
00:58विसल व्लोवर से मिली जानकारी के आधार पर कई मामलों की परताल की जा रही है।
01:04ये कारवाई उपराष्टपती जेडी वेंस की अगवाई वाली फ्रॉड एलिमिनेशन टास्क फोर्स के तहट की जा रही है।
01:12अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि वीजा प्रणाली का उद्देश वास्तविक शरमीकों की कमी को पूरा करना है।
01:18ना कि नियमों का दुरुपयोग करके अमेरिकी नौकरियों को प्रभावित करना।

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