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  • 3 months ago
जैसलमेर. शहर में स्कूली बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा देने के लिए संचालित होने वाली बाल वाहिनियां मासूम बच्चों की सुरक्षा के बजाय खतरे का पर्याय बनती जा रही हैं। बाल वाहिनी के नाम पर बड़ी संख्या में तिपहिया टैक्सियां सडक़ों पर दौड़ रही हैं। इनमें कई वाहनों में निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक बच्चों को ठूंसकर ले जाया जा रहा है। पत्रिका टीम ने जब शहर के निजी स्कूलों की छुट्टी के समय वहां आसपास व शहर की सडक़ों का जायजा लिया तो ऐसे कई तिपहिया वाहन नजर आए जिनमें एक-एक टैक्सी में क्षमता से कहीं अधिक बच्चे भरे हुए थे। लेकिन इनकी नियमित जांच और कार्रवाई को लेकर जिम्मेदार महकमे गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।

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