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  • 2 days ago
Begangi - Ep 3 aPlus Drama

This is a story revolving around a family who’s head is Abdul Rehman. He has two sons Umar and Zaid. Mariam is the wife of Abdul Rehman and mother of Umar and Zaid. Abdul Rehman always favors Zaid over Umar and it may be due to the reason that since he is the elder son he has more expectations from him but also insults and criticizes him frequently. Stay tuned to see why he does that!

Director: Amin Iqbal
Producer: Sarfraz Ashraf
Writer: Rahat Jabeen
Cast: Nausheen Ahmed and Shehroz Sabzwari

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Transcript
00:01ना होती ये रहे तन्हा के लिए
00:09ना आखों में साबन जड़ी आठा हड़ती
00:18होते ना तुम बेगाने तुम तेना यू अफसाने
00:36तुम बस काम पर जो और दिल लगा कर काम को अबबा कुछ भी कहें नजर अंदास कर देना
00:41और वहां चाचू होंगे उनसे कल के रवये की मांसरत कर लेना
00:46बाई जान मेरे खाले हम दोनों को तो घर बेठ जाना चाहिए
00:50तुम बाई जोश अब हमारी क्या जरुआत अब हमारी क्या जरुआत है
00:56आवास अमापत करती हूँ
01:01वे श्रम नर्पूँ
01:07वे श्रम नर्पूँ
01:11असलाम लेकम दादो
01:12अलेकम असलाम
01:15अच्यांद का से निकलाया है जो तुम हमारे घर आ गये हो
01:18यकीनन कोई जरूरी काम होगा
01:20नहीं दादो ऐसी कोई बात नहीं
01:23तरहसल आज मुझे विपनी पैली सालरी मिली है
01:26अब मैंने सोचा आपसे आके दुआएं ले लो
01:31तादो मुझे बड़ी फुशी होगी अगर आप इसे रखे
01:35आप ही हमारे घर की बुज़र्गों
01:38मैं किस हिसाब में तुमारी तंखा रखना हूँ
01:40माशालला मेरे दोनों बेटे जो हैं बहुत कमाते ठीका
01:43मुझे किसी की कमी नहीं होने देते
01:45कि मैं इदर उदर से लोगों से लिपाफे पकट भी पिरूँ
01:47मैं इदर उदर का नहीं हूँ दादी
01:50आप ही का अपना प्वोता हूँ
01:53मेरी भी चीजों पर आपका उतना ही हक है
01:55चतना अबबू की चीजों
01:56मैं अभी तुमारी मेरबानी है
02:01मगर तुम अपनी तंधा अपने पास रखो
02:05वन्हा तुम ऐसे करोगे अबदर रहां से तुम पैसे मांगोगे
02:08उसके डबल डबल खर्चा हो जाएगा
02:13मैं अब कितनी मेहनत करे मेरा बच्चा कितना कमाए
02:18अब उसके हुआ जाएगा अब अभूसे कुछ निमांग आगा
02:25मैं बड़े बड़े लोग आएगा बेट में प्चाह ली करादी
02:29मैं जाएगा निप्योंगगा चलता हूँ
02:32एसे किसे चलता हूँ शयापट से बेटू
02:36माही नहीं बोल दिया ना
02:37मने कुछ नहीं खाना, कुछ नहीं पिना
02:39मोगर उमर
02:40अरे लड़की तुम्हें अगर लगा रखी है
02:43क्या तो रहा है उसकाम है
02:45अ तुम भी चलो मेरे साथ अंदर
02:51कुछ कप्ड़ चाटी करने है
02:53मासी जो है वो नहने कप्ड़े निकाल के ले जाती है
02:55और जिब बाकी के कप्ड़े होते हुए धरे के धरे रहे जाते है
02:58चलो आंदर मेरे साथ
03:08तुम भाट?
03:10इसलिह नहीं आता मैं कुमारे का
03:11देख लिया ना अपनी आखोंसे
03:39आपने अमर को तंखा क्यूंदी?
03:42क्यों कुछ कहा था?
03:45मेरा ख्याल अच्छ नहीं लगा
03:52अच्छा है वो इंडिपेंडेंट हो
03:55कब तक पेरा मुझ देखता रहेगा
03:59अपने पाउँ पर खड़ा हो
04:01मेरे भी कुछ जिम्मेदारियां काम हो
04:04वो फ्लैट के आपने बुक करवाया है
04:07उससे कराय पर क्यों नहीं दे देते है
04:09हाँ मैं भी यही सोच रहा हूँ
04:12क्योंके जैद बहुत लावाली है
04:15लापरवाय और बिजनस में उसका कोई इंटरेस नहीं
04:19लगता है उसके लिए और भी बहुत कुछ करना पढ़ेगा
04:23अभी तो सिर्फ फलैट ही खरीदा है
04:28आपने वो फलैट सेद के लिए लिया है
04:34हाँ
04:35क्यों तुम क्या संजी थे
04:40कुछ नहीं
04:49आप उमर से नाराज रहते थे ना अब तो मेहनत से काम कर रहे नहीं
04:56हाँ
04:57यह तो है
05:00मैं सोच रही थी उसकी शादी कर दे
05:05अरे तुम औरतों का मसला क्या है
05:08अभी उसने काम शुरू किया है और तुम कह रही उसकी शादी करा दे
05:11वही उसे कुछ कमा लेने दो कुछ जोड लेने दो
05:14कल अपनी फैमिली का कैसे खर्चा उठाएगा
05:17जुमा जुमा आठ दिन हुए उससे फैक्टरी जाते हुए और तुम है उसकी शादी का ख्या लाँ है
05:24हदो
05:40तुम जाग रहे हो तुम जाग रहे हो तो मैं कैसे सो सकतीू हूँ
05:47कि अधास हो तुम से किसने का इच राथ की आखे है ना इम जिस सारी कहने सुना रहे है
05:55पता नहीं इंसान उन लोगों से बार-बार उमीद कैसे लगा लेता है जिन से इसके हिस्से में हमेशा ना
06:03उमीद ही आई चाने दो ना उमार दादो तो शुरू से ही ऐसी कोई नई वा थ
06:14हाँ हाँ सिर्फ तुम्हारे साथ जब तुम्हें पता है तो फिर अदासी के बज़े और एक बाल बता दो दादो
06:21मुझे बहुत चाहती है और उन्होंने उस्से वादा किया है वो मेरे लिए किसी भी हद तक रही अचा ज़रा
06:28मेरा नाम तोले उनके आगे तुमारी जबान क
06:42हाँ, हाँ, खबरदार उमर वो सिर्फ मेरा अबबू नहीं तुमारे चाचा भी है इसी बात कर दो दोख है कि
06:48वो मेरे चाचु भी है किस-किस महास पर लड़ोगी मेरे लिए मैं तुमारी लिए हर उस महास पर लड़ू
06:54जहां मुझे तुम्हें खो देने का डर या पा लेन
06:58कि अमीर कि आई समझ मिस्टर बुद्धू बहुत अच्छी थे हैं मही तुमारा वजूद मेरे लिए बिल्कुल ऐसा जैसे सहरा
07:09में किसी बढ़के मुसाफिर को जंदा और नीथा जश्मी दरासा मुझे लगते हैं अम्मी अभूं से कोई जाके मैं चलती
07:20हूँ बस अभी सदर
07:22अभी तो बड़े महास पे लड़ने की बाते हो रही था अब बढ़ गया बुद्धू और उन्होंने हम दोनों को
07:28इस वक्त यहां देख लिया तो लड़ने की नौबद भी न आएगी और शहीद होने के बात को लड़ा है
07:33क्या है शहीद है मुझे सौदा मन्सूर मगर मुझ
07:38अच्छे तुम जिन्दा सलामत चाहिए अच्छ अब जाने तो बागी बाते कर अच्छ सुनो तुम जाओगी कैसे अगर रास्ते में
07:47चाचू मिल गए तो पिछनी सी वियोजी जाओं गोड़नाइट
08:12तुम जोतने होते हैं उसके घर तो आत की नोकरानी और तुझे हम दोनों के लिए रोठी बनाना अजाब लगता
08:19है यह क्या बत्तमीजी है मैंने से नोकरी से निकाल दिया है और अगर आइंदा मुझे तुम इहा नजर आए
08:25मैं तुमारी टांगे तुड़वा दूगा दू
09:04तुमा यू अफसाने
09:09बेटी जवान हो गई है क्या अभी भी बाल से फैदला हुए वैसे आज माहीम की सालगिरा है ऐसास है
09:17आपको उस दिन के बाद से आपनो उसकी शक्र तक में देखी है अरे बच्ची है गलती हो गई समझा
09:26देते हैं वो समझा देते हैं हाथ उठाने की क्या जरूरत थी उसे �
09:32अजित अजिति वात है कि थी प्रूरत बच्ची है वैसे भी हाथ उठाया ही थे भारा तो नहीं था माही
09:38आपको अब इसे क्या कहना मैं अब इसे बात कर चुकी हूँ और वो उन जाओ यहां से जाओ जाओ
09:47जाओ नास्ता लगवाओ ओमाही जी अब लग जी अए अज आज �
10:02जी, ये मेरा वालेट पड़ा हुआ है, जितने पैसे चाहिए निकाल लो, मेरी तरफ से अपनी चॉइस का कोई गिफ्ट
10:12ले लो,
10:41जितने पैसों में आशकल क्या मिलता है, और ले लो, काफी, चलो कुछ रहो, हैपी बर्देर, अब मैं जूँ अब
10:58मैं जूँ,
11:08जाओ, तुम क्या मेरे सर पे खड़ी रहोगी, जाओ नाश्ता लगवाओ, जी,
11:28कुआ किते लें लेता है, जाओ, क्या हमें, जुम जुँ से अपनी ले दे को ब सकत्सा है, जीज होके
11:40यो,
11:54यह लो कि यह क्या है तुम्हे आज पैसों की जरूरत है आप को कैसे पता है क्योंकि मा के
12:10दिल को
12:10कि अवलाद की हर बात अच्छाँ चाहती है रख लो फुरे बीस हजारे माही के लिए अच्छा सा कि अपलेना
12:20थैंक यू अम्मी थैंक यू यू वेल्कम अगर के काम से फुरसत नहीं होती तुम्हे कैसे चार मुरबी बनाने का
12:34वक्त मिल जाते हैं तुम्हे कौंसे हल जोतने ह
12:37उसके घर तो आती है एक नोकरानी और तुझे हम दोनों के लिए रोठिया बनाना अजाब लगता है यू यू
12:45यह तो ऐसी कहरी थी पाजार में हर चीज तो मेली जाती है ला रह्मान को घर की अचार मेर
12:51अपी पसंद है इसलिए में बनाने क्यू इसलिए महा तो बहुत कफा
13:07कर्ती भी क्या भी कैरी बहुत गरेब थी अमा जी गुर्बत में सलीका बरतना भी हर विसी के बसका काम
13:13नहीं होता अला का शुकर है कि मुश्किल वख पे भी इसत से गुजारा कर लिया नहीं तु भाही कहा
13:22हो यार ओ यह क्या उठाला यो अभी बर्दे मारी तुमारी अपन
13:32बर्दे इन गुबारों के साथ मेनाओंगी जयद इन ले जो आसे वरना सारे गुबारे पहड़ूगी अभी से अभी तो बंदर
13:39का तमाशा करने बले नहीं आना है जयाद के अच्छे याद में तुम ऐसे तो बर्दे मनाया करती थी अभी
13:53तुम जाओ यास और शामे के खान
13:55मताना ठीक है मैं और उमर नहीं है चाह अईका उमर डॉक है उसको याद होगा तो आएका नौै सा
14:04हो ही नहीं सकता उमर मेरा बर्दे कभी नहीं बूल सकतो
14:10हर दवा तो मैं इसको याद करवाता था
14:12आपकी बार नहीं करवाऊंगा, तेख लेना, फूल जाएगा
14:16हो ही नहीं सकता, उमर मुझे कभी नहीं बो सकता
14:26लगी शक्त
14:28लगी
14:30नहीं आएगा
14:32आएगा
14:37खलो दिःटाई की हद हो गई, जब मैं तो मिझे तुमहें किसे नज़र आए
14:43सार मैंने किया क्या है आँ मुझे इस तरह सो नोगली से कैसे निकाल सकते है
14:47मुझे, मुझे पर रहन की जये
14:49तुमारे तैसे लोगों के लिए प्रश्री में कोई जगा नहीं है
14:52चलो बाहर यहां से, निकलो यहां से, निकलो बाहर, निकलो बाहर, पर फेको इसको, मेरे मुह लगता है, चलो बाहर,
15:07निकलो.
15:14कि अज़े कि अज़े कि अज़े कि अज़े हैं और अगर आइंदा मुझे तुम यहां नज़र आए मैं तुम्हारी टांगे
15:21तुड़वा दूँगा सुना तुमने
15:32मेरी अबू से अभी तक बात नहीं हो पाई यह जैसी होगी मैं आपको कुछ बताऊंगा
15:38साब अगर फिरोज को आपने निकाल दिया तो हमें से कोई क्या काम नहीं करेगा देखें आप लोग रिलाक्स हो
15:44जाओं मेरा यकीन करें मैं फिरोज के साथ किसी बी किसम की ज्यादती नहीं होने दूगा अगर इसके साथ कुछ
15:49हुआ तो मैं इसके साथ खड़ाओंगा ताब �
16:01अगर यहीं जाराना आटिट्व रहेंगा तो मैं आप लोग कोई मदद नहीं कर सकूंगा अगर आप लोग को मेरी मदद
16:07चाहिए तो मुझे एक दिन का मॉका दे मैं अब उसे बात करता हूँ
16:10मैं हूँ इसके साथ
16:11साथ देखें, हम आपकी जबान पर यकीन कर रहे हैं
16:15कल तक प्लीज इनको बाहल करवा दीजिए साथ
16:18ठीके आप लोग काम करो, आप आए मेरे साथ
16:21आईए
16:43नहीं, मैं अमर को याद ने करनाँगी
16:49इस पर मुझे देखना है कि अमर को मेरा बड़ते याद रहता था
16:52कि आपके जएद रुमाइन करगाता था
17:11मैं भी देखती हूँ, उमर की सिंदगी मेरी कितनी है
17:19हमारी कमपनी का ये रूल है
17:21जो शक्स बगहरे तला के चुटी करेगा उसे नौकरी से फफारे कर दिया जाएगा
17:25और अकर मैंने उसे निकाल दिया तो कौन सा जरुम कर दिया जो ये मुझसे वजाहते मांग रहे
17:30अबूस की मजबूरी थी
17:34बरखुरदार, मजबूरी अपनी जगा और असूल अपनी जगा
17:37अगर मैं सब की मजबूरी देखने लगा तो चल गई फैक्टरी
17:41चाचू रूल्स इंसानों के लिए बनते हैं
17:43और हमें इंसानियत के नाते एक दूसरी की मजबूरी आ देखनी भी पड़ती हैं
17:46और बरदाश भी करनी पड़ती है
17:47क्या आप तो मुझे इंसानियत का सबक सिखा होगे
17:49मैं आपसे कहना चाह रहा हूँ कि
17:55अबू अगर मैं खामोश हो गया तो वर्कर बोलेंगे
17:58वो गरीब इस वक्त भी हॉस्पिटल में अपनी बेटी के पास
18:01हर जगा के अपने असूल और कवानी होगे
18:04उसकी कोई मजबूरी थी तो मेरे पास आता मुझसे चुटी अप्रूब करवारा
18:08अब अगर वो नहीं आया तो जो उसके साथ हो रहे ही को रहा है
18:14I can't believe this पहले आप लोग उसका लोन नहीं अप्रूब करते फिर उसको नौकरी से निकाल देते
18:21आप दोनों इतने संगदिल कब से हो गए बस उमर अब इस किसे को खतम करो
18:31हम उसकी अलग से मजब करते हैं
18:34वाव बहुत शुक्री उसे आपकी भीकी ज़रूत नहीं है
18:44मुझे समझ नहीं आती है आप इसकी बत्तमीजियां कैसे बर्दास्ट करते हैं
18:53जवान खोन है वक्त के साथ साथ समझ रहा है
18:57भाई जान वक्त आ गया है आप इसकी जजबातियत को लगाम दें
19:02आज ये मेरे मुझ को आया है कली आपके सर पे सवार नज़र आएगा
19:09आपके सवार्ण आपके सवार नहीं जे आपके सवार्ण वक्त करते हैं
19:40जी फिरो साथ
19:41उमर साथ, उसकी हालत बहुत फराव है
19:46डाक्टर उनका है कि अगर एक घंटे में आपरेशन ना हुआ तो
19:50अच्छा, आप फिकर ना करें, ये बताएं कितने पैसों की दुरूर है
19:54पचास जार उपे
19:58मैं हारा, मैं हारा
20:00कि अच्छा, आप बताएं कि अच्छा
20:05कि अच्छा
20:07कि अच्छा
20:09कि अच्छा
20:15कि अच्छा
20:17कि अच्छा
20:18कि अच्छा
20:19कि अच्छा
20:20कि अच्छा
20:22कि अच्छा
20:23कि अच्छा
20:25कि अच्छा
20:26कि अच्छा
20:26कि अच्छा
20:26कि अच्छा
20:27कि अच्छा
20:29कि अच्छा
20:35कि अच्छा
20:47तुम्हारा गया है, सब तुम्हें कुछ न कुछ देंगे, तुमेरा भी तो फ़र्ज लता है, अब तुम हमेशा ये घड़ी
20:54पहना को, और यूं समझना है, कि मैं हर पल दुम्हाई साथ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ है
21:27सु नको इतीस में हैgal'
21:27कुछ बेफिधर हो जिए इंशाला ओप्रेशन का मिरभो वहुआ हेया का
21:35अम्मी को इकला कर दो इसको
21:40भी डाद होना था
21:44आए, यह दो बैटे, दो बैटे
22:19आए, माईब अभी जार्, जयार्ड बहुत भूग लगी है।
22:24जादो बस, उमार आजय फिर?
22:26अरे बेटा, वह तो बहुत लापरवा बट्या है।
22:28उसकी शेपर वरकस हमारे खिलाफ हुए।
22:33अच्छा खासा चलता हुआ काम थाफ हो जाएगा।
22:36मैंने तुम्हे पहले मना किया था लेकिन तुम्हे न अपनी बीबी की हर बात मानने की आदत हो गई है
22:42तुम्हे आखर और क्या चाहिए
22:44कौन सा कोई अनोखा काम कर दिया क्या दुनिया का हर बाप ये काम नहीं करता
23:35पेमयो अपसाने
23:36काट मुझे बहुत भूग लगी है
23:41दादो बस उमर आजे फिर
23:44अरे बेटा वो तो बहुत लापरवा बच्या है
23:47पता नहीं उसको याद भी दा है के नहीं
23:52पर तू के काट ले हम थोड़ा सा उसके लिए रख लेंगे
23:55अमा किसी काम में फस्किया होगा बस आते ही होगा
23:59अरे भाई उमर नहीं आता तो ना आए
24:01अब उसके वज़ा से हमारी बेटी की सालगेरा तो नहीं रुख सकती
24:04आओ माही चलो चलो चलो केक काटो
24:13तो अबार ट्राइ कर चुका हूँ उसका फॉन बंद रहे
24:21अबार ट्राइ कर दो आए
24:22अब देगा मैंने कहा थाना
24:24मैं इसको याद नहीं किरवाँगा तो उसको याद नहीं रहे गा
24:28हो सकता है किसी लिड़की के साथ ठेट विए
24:30वक्वास वंकर
24:32अमर आसा नहीं है अच्छा
24:37अच्छा
24:49फिरोज शाचा
24:51ये लीजिए
24:53चाहे बीजिए
24:54मेरी अभी डॉक्टर से बात दुए और उन्होंने
24:56मुझे बताये कि उपरेशन सेक्सेस्फ़ दुए
24:59अब आपकी जूबी भी बहुत जल ठीक हो जाएगा
25:02अमर शाब
25:04ये सब आपकी बदालत हुआ
25:06नहीं नहीं
25:07ये सब सिर्फ अल्ला का करण में और कुछ भी है
25:10नहीं सोच रहा हूं कि आपके आइसानों के बोट में
25:14कैसे उतारूंगा
25:15फिरोज शाचा मैंने जो कुछ भी किया
25:17वो क्या किसी की सिंदगी से बढ़कर था
25:19नहीं न तो अब आप जाए पियें
25:21और रिलाक्स दो चले
25:23पीजी
25:39तो सहत जी कह रहा था
25:41तो मैं मेरा बर्दिक कभी याती रहता
25:46हमेशों को ही याद दिलाता
25:48करता है
25:49मैं कादल हूँ जो तुमसे अंधी महबत किया रही है
25:52मैं तो मेरी फिकर ही नहीं
25:55सब के सामने मेरी इंसल्ट हो गई
25:57सबने कहा उमर नहीं आएगा
25:59उमर ला परवाह है
26:00इस दिमाखरा में जो तुम्हारा इंतिजार करती है
26:03हाँ मेरा इस दिमाखरा
26:06सबसे तुम्हारे यह लड़ती रगती हूँ
26:08तुम्हे मेरी परवारे तो मुझे भी तुम्हारी कोई परवारी है
26:22नहीं चाहिए मुझे तुम्हारे कोई भी गिफ यह भी लिए
26:25सब कुछ वापस ले
26:29सब कुछ
26:45कोई अटू
26:48को ृ
26:57ना आखो मैं सावन जडि
27:03आवा ठेहरती, ना ये जिन्दगी, ऐसे हैरान होती, अगर होते ला तुम बेगाने
27:40बस बहुत हो गया भाई, मैं इससे ज्यादा नहीं जाग सकता है, जानता हूँ हमारे पास चावी है, मुझे डिस्टरब
27:45किया बगयर चले जाना है, माही का पैगाम है कि दो दिन तक इसे अपनी शक्रम ना दिखाना है, और
27:51भेटर यही है कि ना दिखाना, ओर नौ।
28:04कि दो दो दो दो हमारे जाना है, मुझे तुर्णा सकता है, मुझे जाना है
28:31झाल झाल
29:01अगेल, भूल झाल
29:02भी बास मायव, सैद ने तुम्हे ने नहीं है।
29:09यह द्यानल भी…
29:10धेखो मै तुम्हारे सामनी हैपी तुम्हेनी है।
29:13छूगे मुझे पता नहीं तहिंदे तुम्हें नहीं गड़ें।
29:15थे अपिस लगें।
29:17माही
29:18मघए नाम मतले ना मेरा तो
29:20मुझे माही बोलों वी मुझे मौर्भत करते हैं
29:23अबस एक ही रात मुझे इस लिस से निकाल दिया उमना
29:25न।ुम टॉप आफ दे लिस्टे हो वा
29:27� dipl industri अश्गर्गते है खिरहे तुम्रों हो न।
29:34कि तुम्हें मेरा बड़ दियात कराते हैं, है ना, है, कभी कबार, बड़े गम सामने आकर, चोटी कुछियों को खा
29:44जाते हैं, अल्हा ना करे, तुम्हें कौन सा गम मिलिया, कभी दूसरों गम दिया हैं, और तकलीफ है क्यों है,
29:54थी, कौन, हमारे वरकर की बेटी है, तुम सा
29:59सारी रात उस लड़की की तकलीफ बांटे रहे, उसके नहीं, उसके वालत साथ की, मुझे क्या पता, अच्छा अब इतनी
30:05तंग दिल ना बनो, उसका उप्रेशन हुआ है, इतना मेजर, वीड की अड़ी का, अच्छा ठीक है, अब कैसी है,
30:14बेटर है, और प्यारी भी है, इ
30:29West City, एजिया, वार तुम्ने रात को बल्ड डोनेट किया है, तो तुम्हे चक्कर तो नही आ रहे? आ रहे
30:36होगे इसलिए तुम्हे उप्सिप नहीं बताया
30:39ओर तुम्ही कफी क्यू पी रह हो तुम्हें यूद पीना चाहीं मुझे दो
30:42मैं तुम्हें नाष्ता बना कर देखी
30:43नाचानल मेक
30:44�oser
30:48कास्या मेरे जाक में अट्रिक था
30:51तुमारे। इंत चीप गफ değilला सेँ
30:53मुझे किप नहीं चाहियो, मैं ऐस
30:55तुम्हे कुछ नहींग
30:56में और जो
30:58क्या
30:58वार फैसे नहीं थे तो
31:07भी पेश दी
31:10तुमने मेरा दीया हूवा किपश दिया
31:13तुमारा दीया हूवा किम पेश रहा मगर जनतीगी भी तो हरी दिन
31:21पुभंग में वहर्णानी नियुक्त पार्ष ने लगे नाराज नहीं हो।
31:25पताँ जी क्या-क्या सूच रहे के हाथ में तुमने ये बात कहकर मेरे सारे रहें
31:31सारे परिशानियों को खुशी में तबिल करती हैं।
31:35अच्छा अब मुझे बताओ ये कितने वहम और कितनी परिशानिय थी सारी लिस्ट मुझे बताओ मैंने सब सौनी था ऐसा
31:42कुछ नहीं था जिसे तुम्हे जानने की ज़रा तो
31:44मुझे सब जानने से क्या वहम थे में अमर के बारे में जो तुम सोच्छी थी मुझे बताओ अच्छा मुझे
31:50छोड़ो तो
31:51मैं नहीं छोड़ोंगा जब तो तुम बतानी तो कहां से पैदा हो गया ये हमने तो शाहिद साथी जिन्दगी जख
32:03मारी है ना और ये क्या साबिद करना चाहता है कि ये मेरे वर्कर्स का मुझ से जाधर ख्याल करता
32:08है
32:09मैं तो कहती हूँ इसे फैक्ट्री आना ही ना दो
32:22तो आज वो हमारे सरों पर तंदनाना रहता है अमाजी वो मेरी कहा सुंता है तो रह्मान को सम्झाने जिया
32:29होता ना जब ये सम्झाता है तो तुम सामने आंके करिये हो जाती हूँ जैसे सम्झाना कोई गुना होगिया उसकी
32:37शेपर वरकर्स वारे खिलाफ हुँ अच्छा �
32:56तो आज ये दिन भुगतना पना पड़ता है तो आज ये दिन भुगतना पड़ता है
33:19बस कर दो मेरी सारी सिंदगी घुसर गजए है तो मारी हर हरकत की विजा से मुझे कर टहरे में
33:25खड़ा किया जाता हैं
33:26तो आप सुनती क्यों हैं इनकी बाते हैं?
33:42बेटा हूं मैं उनका हक बंता है मेरा
33:45हक की बात मत करो
33:47तुहें पढ़ाया है लिखाया है
33:49इस काबल बनाया है कि तुम जिंदगी में कोई मकाम ह से कर सको
33:53तुम्हें आखेंो और क्या चाहिये?
33:55कौन सा कोई अनोखा काम कर दिया, क्या दुनिया को हर बाप ये काम नी करता
33:58लेकिन दुनिया के सारी औलाद वो नहीं करتी, जो तुम कर रहे हो
34:02मैंने कह दिया है, तुम बस पैक्टरी नहीं जाओगे
34:05ठीक है नहीं जाओंगा, उनको बोले अपने साथ इस फैक्ट्री को कबर मेले जाए
34:17तुम्हार बाहर अपो के सामने क्यों खड़ी हो जाती हूं
34:21मैं उनके सामने नहीं जाता, मेरी तो हर बात में वो मुखालफ़ दूडते
34:24और जो फैक्ट्री में हो रहे वो, पता भी है सारे वर्कर्स स्ट्राइक पर होगे
34:31मैं क्या करूँ मेरा तो फैक्ट्री में जाना ही बंद की हाओ है
34:34उमार मेरी बात सुनू, जाकर इस समाश्री को खातम करवा, वरना तुम इस मुखालपत के जंग में मुझे खोदोगे
34:41इस सब कुछ में तुम्हारा क्या तालोक है?
34:43मेरे अबा का तो है
35:12मजदूर, मजदूर, मजदूर, मजदूर, मजदूर, मजदूर
35:23इससे बात हुई आपकी?
35:24जी सर, बात की है, मगर वो लोग कोई सुनने को त्यार ही नहीं नहीं, उनके एक ही डिमांड है
35:27कि फिरोज को वापस नोगे पर रखा जाए
35:30उनके लीडर को बलाए
35:31ठीक सर्व बेचे लिए
35:37तहा है अम्मी, अब इस्ताना तो मत करें
35:41जिए कुछ समय में नहीं आरा माही, क्या हो देवाला है?
35:44कुछ नहीं होगा
35:45मुझे उमर पे पूरा यकीन है, वो सब कुछ ठीक कर लेगा
35:48सारी दुनिया एक तरफ और तुमारे यकीन एक तरफ
35:51मैं सच पूछो तो अब मुझे अमर पर यकीन नहीं था
35:58जैर, अमर की कोई खेर खाबर?
35:59भाई तो अपने फैसले पर काई है, वो मुझदूरों के साथ
36:03ऐसे कभी-कभी भाई हद कर देता है
36:05हर जगा तो असूल काम नहीं आते है
36:07बात असूल की नहीं है, वो ऐसे ही है
36:09अगर उसके दिमाग में कोई बात अटक जाए
36:11तो उसे तब तक चाहनी मिलता है, जब तो उसे पूरा ना कड़े
36:13मगर यह कोई मामूली बात तो नहीं है
36:15इस वक्त अपने अबबर चाचों के सामने खड़ा हुआ है
36:19तो नहीं समझाते ऊसे
36:21उस कौन सभ्या सका है
36:24तो पर ठीक है
36:25मैं जा हुँ गरढ़आ क्या
36:28साहर ऑगर तुम नहीं जाओगो तो में जांगी
36:30जा कर उसे बात करों मेरी बात नहीं तालेगा
36:33अबरदार जो तेुम ग 일반 implication
36:37ज्रेशन के और में आँ यह थो में करूगारोकौ करवा
36:48में आई और ना तुम एक किसी तरफ काड़ाा हूना निए था किस st क्राओंगा बताएं
37:05अपका जारो
37:05अपका जारो
37:06एसी सिच्वेशन में मेरे पसर रवे की रास्ता हो
37:08जा एनमाद बचा के दुआ करो
37:10कि सब खेर खिरेट से हो जाए
37:12कबूदर के तरह अंखे बंगा के बैच जो
37:14पुच्सल इंचान
37:23हाई हाई
37:24मस्दूर
37:26मस्दूर
37:30मस्दूर
37:31हाई
37:36मस्दूर
37:37मस्दूर
37:40मस्दूर
37:41रह्मान भाई
37:42अब खड़े तमाशा देखेंगे या कोई फैसरा भी करेंगे
37:45बस
37:47तब मैं खामोश नहीं रहू
37:49इनको इनकी बगावत की सजा मिलनी चाहिए
37:53आसले
37:54पैक्टरी को ताला लगा दो
37:56निकाल दो इन सकतो
37:57जब तक नहीं भरती नहीं होगी फैक्टरी नहीं खुलेगी
38:00सर लेकिन इस तरह तो मामला मज़ीद बिगड़ जाएगा
38:03अरे बिगड़ता है तो बिगड़ जाएगा
38:05मगर हम इस बेबसी के साथ नहीं सर चुका सकते
38:08मैं पूछता हूँ कि हुआ ही क्या था
38:10एक शख्स को उसकी ना एहली की बिना पर लिकाला गया
38:14तो क्या हो गया
38:15यहां मज़दूर मशीनों में आकर मर जाते हैं
38:18हाथ पाजू कटवा लेते हैं
38:19तब कुछ नहीं होता
38:20और यहां अस्मान सर पर उठा लिया
39:09पंते मायों अफसाने
39:11अगर मैं तुम्हारी तरह कमसर्फ नहीं हो
39:16मैं तमाशा नहीं दिखाऊंगा उन लोगों को
39:18जिन लोगों ने तुम्हें मेरे सामने लाखणा किया
39:21काश
39:22काश आपने थोड़ी देर और इंतजार कर लिया
39:26थोदी पता चल जाता कि मैं किस तरफ ख़ड़ू
39:29एक छोटा सा काम तुम्हारे से में लगाये था
39:33तुमने वो भी धंग से नहीं किया
39:34सर्ब मैंने तो सारा खेल से बनाये था
39:37उमर साब ने आकर सब गर्वल कर दी सार
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