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  • 6 weeks ago
Begangi - Ep 22 aPlus Drama

This is a story revolving around a family who’s head is Abdul Rehman. He has two sons Umar and Zaid. Mariam is the wife of Abdul Rehman and mother of Umar and Zaid. Abdul Rehman always favors Zaid over Umar and it may be due to the reason that since he is the elder son he has more expectations from him but also insults and criticizes him frequently. Stay tuned to see why he does that!

Director: Amin Iqbal
Producer: Sarfraz Ashraf
Writer: Rahat Jabeen
Cast: Nausheen Ahmed and Shehroz Sabzwari

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Transcript
00:09ना आखो में साबन जड़ी आठा हड़ती होते ना तुम बेगाने बंते ना यूँ अफसाने
00:36मैं खोद यहाँ अपनी मर्जी से अपनी मुपट का हाथ पकड़ कर रहती हूँ और आज अपनी मर्जी से इस
00:48मुपट कर जा रही हूँ
00:50मैं मेरे पास कोई और चाहरा बेने तुमारी बेती को और उस लटके को दोनों को जान से मार दोंगा
00:57तुमने इसका गला क्यों नहीं दबा दिया इसको नर्फ तलाग दे अगर से निकाल
01:04कहां गही थे यह क्या करके आई है यह तो मर जारा चाहिए ठेक है पुझे शरम से मरना चाहिए
01:13आप लोग अपने उलाद को अकल और शहूर देने के बाद क्यों इंसिस्ट करते हैं कि हम आप लोगों के
01:19बनाएवे फार्मूले पर जिन्दगी के फैसले करेंगे
01:22कल जो हरकत जाचु करने जा रहे थे मत भूले वह हरकत मैं उमर क्या माहीन भी कर सकते थे
01:31यह किस कदर गुसा हो गया
01:41और क्या कहा तुम्हारे बेटे ने माहीन को वो इस तरह शादी नहीं करना चाहता हूँ हूँ
01:50यह तो बहुत ऐसान किया उसने हमारे उपर और ना शायद इसी प्लैनिंग से यहां से गया था हूँ
02:07सीथी साथी संदगी में पता नहीं कहां से उच्छने परता हो कई है
02:18कि अच्छने मामले ना मैं बहुत कुछ नसीब हूँ
02:21बहुत फर्मा बदार उलाद है मेरी तुम लोग इस मामले में बद नसीब हो ना अच्छी मेविया मिली और ना
02:29बच्चे नेक निकले
02:34अभी जी रहने दो तुम्हारे हाथ का एक एक लुकमा मुझ पर हराम है
02:42अगर अम्मा ने मेरी इतनी मिन्नत ना की होती तो जिस तरह में अपनी इकलौती ओलाद को धक्या देकर घर
02:47से बाहर निकाला था तुम्हें भी तलार देकर मैं वारिख कर देता
02:55मैं क्या करूँ जो कुछ भी तुमने किया इसके साथ ये अभी कम है अले जाओ जाके मरम लगाओ कुछ
03:03करो इसको
03:07अभी तो शुकर है दिनिया के सामगे पदा रह गया हमारा वजना हम तो भू दिखाने के लाइक नहीं थी
03:15माहीम ये तु ने क्या कर दिया बग्जय है अगर दुनों निकाह कर लेते तो सोचो इस कर में क्या
03:36से क्या हो जाता
03:39भायजय ने कुछ कहा बहुत ना असा है ये क्या हो एम्मी
03:50क्या होना था तुम्हारी मुहपप में जला के रखते हैं हम रोगों को
03:57गर्म गर्म चाय फेग दी और कल तेल छेड़कर आग भी बगा सकते हो इस सब मेरी वज़े से वह
04:06है
04:08नहीं बेटा हम भी से बराबर के शरीक हैं वजया इसके क्या हम आलात के बहतर होने का इंतजार करते
04:17हैं हमने बहुत जल्द बासी करती हैं
04:21वैने ही सब को मजबूर किया तो सब मेरी वज़े से हुआ है
04:33इसारी करने हिड़े है।
04:37सुझे है
04:38शवार बज़े मेरी वेड़ेसे पक्याओ
04:39बज़े हैं
04:44कर्कें लागोड़ेटेटेए
04:48पारेटेए
04:50पर खारेटेए
04:51वेडिहां मेरी आंपरेए
04:52वे बास्ती मेरी अवेड़ेख
05:10अरे बहे उमर बेटा, आसमा से मेरी बात तो करवाओ, क्यों क्यों क्यों क्यों क्या मतलब, बात करने इसे तो
05:20आगे बढ़ती है, तुम्हे तो यह बेच दिया है, लेकिन उस अमीजादी से इतना भी ना हुआ, कि दो मिनट
05:27मिसे बात कर ले,
05:30मेरा बन से कोई तालब नहीं है?
05:33है लो, तालब क्यों नहीं है, जिस खानदान में तुम बचबन से परे बढ़े हो, उस खानदान से तालब कैसे
05:40चोच सकता है।
05:42तुम भी हद करते हो मर, सबी लोग जानते हैं, अबदुलरह्मान ने तुम्हें बिलकुल अपने सगे अउलाद की तरह पाला
05:48है, बलके आदी दुनिया तो ये समझती है, तुम उसके सगे बेटे हो, मगर हकीकत नहीं बदल सकती, मैं उनके
05:55खांदान का नहीं, नहीं उनकी फै
06:22मुझे अमीधे कि मज़े अमीदे कम असके वपता को यह एखी आई हो, नहीं, तब कर नहीं बातना कर लूँ
06:28आए, तो मुझे यकीन नहीं आ रहा, जब झाला फून तो मिला कर दो, च्छो
06:39मैं
06:40यहां
06:53हलो
06:55हलो असमा पहचाना
06:58जी आप कौन बल रही है
07:01अरे भई हमीदा बात कर रही हो
07:03किसी जमाने में हम नन बावश्ते
07:07भाई तु ब्या के क्या गई बड़े घर तुम तो रिष्टा ही बूल गई
07:13मैं तो कुछ भी नहीं बूली
07:15मुझे तो एक एक बात यहां दे
07:17जैसा सुलोग इपराहिम के इंतकाल के बाद मेरे साथ हो
07:21जिस तरह मैं उस घर से निकली मुझे सब यहां दे
07:25जोड़ो ना पुरानी बातों को अब वैसे दी इंसां को थोड़ी पता हो ते क्या आगे क्या होने वाले बने
07:31इंसां बुरा करें क्यों
07:32अज सच पूछो तुमारे साथ अगर मैंने बुरा किया तो मेरे साथ भी कौन सा अच्छा हुआ
07:37मैं तो अब तो रह्मान मिल गए तक तुम्हे क्या बता हूँ कि मैंने बेवा की सिंदे की किस तरह
07:44से गुजारी है
07:47इंसान वही कारता है जो बोता है
07:49आरे भई मित्ती डालो परानी बातों पे
07:53अब तो खेर से मेरा बतीजा मेरे पास है
07:59चले अच्छी बात है
08:01सुनो, सुना है कि वो कुछ नराज है तुमसे
08:07खुन का असर नहीं जाता ना
08:09एहसान फरांगोश है
08:11क्या कह रही हो तो
08:14अब्दुर्रह्मान ने इतना ही वादा किया थो उसे
08:17उसे पढ़ा लिखा कर किसी काविल बनाने का
08:21और वो उन्होंने कर दिया
08:23अब आके उमर का नसीर?
08:25क्या मतलब?
08:27अब्दुर्रह्मान के घर से कारोबार से इसना कोई तालूप नहीं जा
08:31बिलकुल भी नहीं
08:32एक नौक्री लेकर पिर रहा है
08:34पता नहीं, वो भी कब तक?
08:38खरवर भी नहीं
08:40घर होता तो क्या आपके पास होता?
08:42हाँ, एक आड़ी है
08:44वो भी किस तों पर?
08:45और वाकिछ जो कुछ पिर उसके पास था
08:47अब तक लगा चुका होगा
08:57सारे खाब धरे के धरे रह गए
09:00मुझे क्या पतागा?
09:01खाली हार कालिया
09:03अब किसी बहाने से यह से चलता का उसको मै
09:07आप कर दो उसे
09:08आप बले मचा आग कर दीजीए
09:10लेकन एक बार मुझे माफ कर दो
09:12आएं तर कभी आपको गल्ती का मोखन
09:14आप सोसो देए
09:15एक ही ओलाद है उसे भी धंग्छे तग भीयत नहीं थी
09:19मुझे तो इसके मामने में किसी ने बोलनी ही नहीं थीए
09:21और जब बोलने पे आई हो ना तो लड़के लड़की को बगा दिया
09:25यही से अपनी एकन का इंजादा कर लो
09:28कि अग्यान की माँ पंतेमा यूफ साने
09:35कि अग्यान की माँ पंतेमा यूफ साने
09:44हो गई बात आपकी?
09:46हाँ हो गई बात, मैं पकड़ने
09:51यह वही आसमा है, जिसकी हम्मत नहीं होती थी कि मेरे सामने सर उठा कर बाद भी कर ले
09:57निम्नत दिखरती थी मेरी, क्या हापा, एक ग्लास दूद का दे दो, उमर भुका है
10:05आप से क्यों मांगती थी यह, वहीं रहती थी मैं, पूरे घर पर मेरे ही रोप चलता था
10:12जब दिल जाता था, सुष्रा चली जाती थी, और यह आसमा बे जुबान गाई की तर पूरे गर का काम
10:19करती थी
10:19और आज देखो, इसका लहजा बदल गया
10:26उम्मिया, इतनी जालिम नन थी, मेरे बाप पगर ता, वो जहें इसमें नहीं लेकर आई थी
10:33ही, हलकी बात करें, जहीं उमर ना सुन ले, हाँ हाँ तो सुन ले, उसकी हाकिकत खोल गई है, अब
10:42गुल रिमा ने उससे घर से निकाल दिया है
10:47आज के रिया आप यह क्या हो गया है मिया आपको, कारोबार, घर, कुछ भी तो नहीं रह गया उसके
10:52पास
10:53और यह जो नौकरी कर रहे ना बेद्यानी से, वो भी एक दिन खताम हो जाएगी, कंगले का कंगला रह
10:59जाएगा वो
11:01हासमा के सारे दावे धरे के धरे रगए, अब गुल रिमान ने बेटा बना कर पाला है, बेटा, यह बेटा
11:08है
11:08अब ही जो भी है, पर उमर ने हमारी हेल्प तो बहुत किया ना, यह सब उसकी सियासत है, सब
11:14समझ में आ गया है मुझे, उसकी नजर इस मकान पर है, चंद हजार देकर लाकों का मकान लेना चाहता
11:21है, मैं भी क्या सोचकर बैठी थी, तो दुलन बनकर इतने बड़े बंगले
11:26में जाएगी, महिंगी महिंगी गावडी में बैठे की, मैडम रंके घूमी के आस्मा की तरह, सारे वाब धरे के धरे
11:34रह गए, मुझे क्या पता था, खाली हात आ गया, अब किसी बहाने से यहां से चलता करू उसको मैं,
11:43अन्मी, क्या हो गया आपका भतीजा है, आपके मरे ह
11:48मेरे भाई की निशानी, अरे खाली खुली भतीजे कर मैं क्या करूँ, जब भाई मर गया तो, निशानी रखने से
11:54क्या फाइदा, तो जब जबातिया कि मैंने गले लगा लिया था, यह तो हमें खुद भी बेगह कर देगा, तो
12:07पर ठीक है, अमी, आपको मेरे रदीहाल वाल
12:14है हमारे साथ
12:27इस तो में जिस आजस्पन की तलाश में मैं यहां आया था, वो तो यहां भी नहीं है
12:46क्या सारे रिष्टे मफाद के होते हैं, तो क्या हम ने सच के दिए हैं
12:56क्या सारे रिष्टे में जानता नहीं पैचानता मैं तुम्हें, नफ्रत करता हूं मैं तुम्से और तुम्हारे खांदान से
13:24क्या सच करें आई यह जितों कर जाए है। रहर जाए है था हुझे एप्टे कर दोदे वा उन्हां ने
13:31सच को जा आए यह चाहिए है।
13:31थील्हारे पिजए शरम से मर् रा जाए है।
13:33अभू
13:36माही
13:38क्या हुआ
13:41तयम ही वो
13:43वो
13:48क्या हो गया माही कुई
13:49आप देखा है डर गई हूँ
13:51मैं हूँ ना तुम्हारे पास रने की कोई बात नहीं
13:54अभू ना खुद को शूट कर लिया था
13:57ऐसा कुछ लिए
13:58ऐसा ही है
14:01अभू
14:02अभू
14:02माही
14:04माही
14:08अभू करो जबार
14:11थुक दूँ को साब
14:13तुप दूँ करो फुर नुकसान नहीं
14:16तुम्हार को कोई खबर नहीं और वहापस नहीं
14:19मेरे लिए मुंकिन नहीं
14:22जहत वाप कले लगा सथे मैंने
14:25और माहीं
14:27उसका तो दाम भी नाली मेरे साथ है
14:30तुमें क्या लगता है?
14:32उजे जाएद पर गुसा नहीं है
14:34लेकिन क्या करें?
14:36यह आज की नसल है अपने जहन से सूचती है और फैसले करती है
14:40इन्हें अंदाजा ही नहीं है कि इनके फैसलों का नुकसान क्या हो
14:43हमारे बच्चे हैं अंकी गलति कपो छो भुज उठा
14:48अभू? अभू?
14:52अभू
14:54आपको कुछ और आपकोर
14:56म greetings ऑ� नेदाएट आपको अलाख अब अभर
15:10छिलीज बद्रीों आफे, एक एलुष का एप कर झाँ दूब कर दूँ कर्दू इसे आख कर दूगामाइगा जाखी है
15:25यह सबस्टाइश कर ulis complex करे दूँदानिक डाला आटकार जे असे आख कर दूँखे आख
15:40मेरे सामने मताय करो
15:44नहमान भाई
15:45अगर ये लड़की दुबारा मेरे सामने आई
15:47तो खुदा की कसम में अपने आपको गोली मार लूगा
16:05भाई
16:10सब कुछ अचाने ठीक नहीं हो तोड़ा भख लगेगा
16:16तोड़ा भख लगेगा
16:24ये वो ये असमा है जिसकी हमत नहीं होगी तो कि नेरे सामने सार उठा और बाद भी कर लेगा
16:31नहीं ते कटी कि मेरी के आपका एक गास दूखा दे लो ओमर कार लो
16:38मैंने जो भी कुछ किया अपने नहीं किया तुम्हारे मुस्तगव तुम्हारे बेतरी के लिए किया
16:45मैं तुम्हारे साथ महां रहती तो में ना ताली मिलती ना तर्वियत
16:53कुछ भी तो नहीं रह गया उसके पास और यह जोखनी कर रहे ना बेधियानी से वो भी एक दिन
16:58खकाम हो जाएगी कंगले का कंगला रह जाएगा वो
17:11कि अरे खाली कोड़ी बंची जिए कर मैं क्या करूँ जब भाई मर गया तो निशानी रखने से क्या फाइदा
17:17था
17:26कौन है
17:31तुमें जब यह तुमने मुझे हुआ है अम्मीप आप यहां तुम भूल गए मेरे पस रुप्लिकित चाबि होती है तुमारी
17:47गैर मेरे अजाती है तुमारी घुद्गी मैं आजाती हूं सवाई वगरा करने के लिए कि तुमारा अपरेशानी ना हो वैसे
17:53तुमारा रेंट
17:56यह पे हुआ था, मैंने पेकर दिया।
17:58कुछ बिल्जाई रखे हैं, वो प्लीज पेकर देना।
18:00अभू कैसे पताथा मैं आ जा रहा हूँ?
18:04यूही फोन किया था, तो तुमारी खैरियत मागू करने के लिए
18:09फर्वा ने बताया कि तुम ने गल चुके है।
18:13का था पासा बनाय तुमाहर शार मेरे खालेना हचल था
18:16मेरे ने काईगा?
18:19रहे दिए महीं ही माहीन कर रहे
18:24वैसे है मेरा खियाम कर दूमाहर आने से पहले में जड़ी जाओगी कि रही तुम्शाठ जर्दी आगए
18:30माहीन क्यू अकेली हैbaar?
18:34शेजादी ने गरीब रकड़हारे से मौपब की, बुल बेवफा निकला, सजा के तौर पर उसे तर्बदर कर दिया गया है
18:44और वो महर से निकाली जा चुकी है
18:48यह कैसे हो सकते हैं?
18:50तुमें जाद बेचैन हुने की जूरत नहीं है, तुकर जो सुलुक तुम ने उसके साथ किया उसके बाद तुमारी शकल
18:56भी नहीं देखना चाहेगी
19:00तुम तु पूरी तरा से आजाँ है, हाँ मेरी मजबूरी है
19:08और अलाद कैसी भी हो देखे बगए चैन नहीं हाँ
19:13चलती है
19:14अमी एक सकंद
19:15यह
19:18माही नप्ता समान मभूलाइग
19:22मैं छोड़ा
19:32माही
19:33माही
19:35यह लो मारा फोन
19:48माही
19:48कौन आए
19:50इससे क्या फरपड़ता है
19:53तुम्हारी चीजसी तुम्तर पहुँचको
20:00तुम्हें बताने का फाइदा अभी क्या कि वा गया है
20:04और मैंने उसकी अंकों में शेहिंदेगी देखी
20:07तुम्हें अभी
20:08मकर वहात अना परस्ते
20:10उस तुम्हें नीमी के आके पर ले जाएदा
20:20अकेला है
20:25नहीं
20:27युम्हें पूछ रही थी
20:33पर नहीं
20:35पर नहीं
20:37उसके आने ना आने से मुझे क्या फर्क परता है
20:40पर नहीं
20:45पर नहीं
20:46अच्छ आने आने पर अच्छ
20:52पर नहीं
20:53अच्छ
21:01बेटी नहीं आँ
21:03और माँ को अच्छ
21:05आँ
21:05आँ
21:11आपके बेटे का हुष्ण है।
21:36आपके लड़की को देखो, कुछना नहीं आपके मैं दादी दे माफी मांग लूँ है।
21:44इसे दिन हो गया है, उसकी शकल नहीं देखी।
21:48चीज़
21:58कैसी हो?
21:59पुपो कैसी है?
22:02ठीक हो और अमी भी ठीक ही हैं।
22:05लेकिन डॉक्टर ने कहा है कि 15 दिन मेडिसन और लेनी है।
22:09अमी थेयार ही नहीं होती हैं मुझसे दवाईयां काने के लिए।
22:13इसका बातु है।
22:14मेडिसन का कोर्स तो पुरा करना पड़ेगा।
22:19हाँ।
22:19खेर, तुम से नहों क्या चल रहा है।
22:23वही रूटीन है।
22:26मुझे तो ऐसा लग रहा है जिन्दीगी रुख सी गई।
22:30कमाल, यहां तु सर को जाने तक यह फुरसत नहीं है।
22:33खेर, जिनके पैस अब कुछ अबेलिबल है ना?
22:40तुम्हारा कसूर नही है।
22:42इन फैसिलिटीज की कीमत हम से बूचो।
22:44जो कि मैं पैदा होते हूं ही मिलेती।
22:47पैदा होते ही नहीं मिलेती।
22:50मेरी माने अपनी पूरी जिंदगी उनके पास गिरभी रखवाई।
22:53तो घार्टी का सौदा तो नही हुआ हो मैं।
22:56तुम्हारी पे जिंदगी पन दूए और उनकी भी।
23:00हमारे खांदाने पे सारी लोग आसमान की किसमत के ना रश करते।
23:04अब राकी सब को छोड़ो।
23:06मेरी अम्मी को देखने।
23:07वो रश से जादा ना थसत करती है उनसे।
23:11अच्छा फर्वा कोई और बाग कर सकते हैं।
23:15काश।
23:16काश के कोई मुझे भी गोद ले ले लेता।
23:18मैं भी शांदार घरमे रहती और आराम से अपनी पढ़ाई मुकमल करती है।
23:24फर्वा तुमने कभी मुहबत किया।
23:27अपने शांदार बैजू में बैठके मुहबत के हुआ।
23:30महीन जैसी रड़कियां देखते हैं।
23:32हमें तो मुस्तक्वित को खौफ और घमे रोजगार ने तो पाप भी देखने वी देखते हैं।
23:39चलो जिसी चीज़ की जरुवत हो तो बताना की।
23:41कोई बात।
23:43जब तुम हमाई जिन्दगी में नहीं थो तब भी तुम अपने मस्तव कोभी हल कर लेते हैं।
23:50लेकिन हां।
23:51कभी-कभी तुमें कॉल जरूर करूंगी।
23:54लेकि मेरे पास कोई रोस नहीं मैं जिस से बात करूंगी।
23:57चीज़।
23:59अलाहा कुछ
24:06अलाहा कुछ
24:09नपरत है मुझे।
24:11तुम उसके लिए आज भी रोती हो।
24:14दूाइं करते हो।
24:16बातों को उठकर उसके तुफे देखें।
24:18वह अब मेरी दूाओं में नहीं रहा नहीं मैं उसके लिए रोती हूँ।
24:21हाँ पप्पी।
24:24सब के जाओ।
24:25हाँ देखा ना, आखिर है ना मेरा अपना फूल, वहाँ जाकर भी पुक्पो को ना भूला।
24:32आज जाती हूँ मुझ से गलती हुई है।
24:34बहुत बड़ी गलती है।
24:37क्या आप मुझे ट्रस्ट कर सकते हैं।
24:39वे गालगी मैं पंते मायू अफसाने।
24:45वे गालगी मैं पंते मायू अफसाने।
25:00ये क्या है?
25:02इने गालबन बुक्स कहते हैं।
25:04इने पढ़ा जाता है और इंतिहां दिया जाता है।
25:10तेयर शुक्यों और फेल भी गए।
25:16जब तक जिंदगी है उंतिहां तो रहेंगे।
25:19एक बार फेल भी अबड़ लगी तॉप करोगी।
25:24ये अज़ अग्या अग्या इन्या इन्या डूट्टेंट यहां।
25:27अग्या अग्या अग्या वी निया।
25:28लेकिन देगोग मेधान मेधान वी अग्या जाएं अग्या विज़्या नहीं जाएं पढ़ना।
25:38अज़ा एंग्या ओड़ना।
25:51इतना पुश किसमताना अमर।
25:55इंप्रेसिव, उसकी बेज़ती उसकी नफरत के बापजुवा, उसकी जोग लेकर बेटी है, उसके तो प्राउट हो नहीं ता, काश मेरे
26:08ले बी कोई पागल होता।
26:09बकवास, बन करो से, उसके बार में सोचना भी मह पक गुनवा है ऑप गुना समझ्थिशिएहा है तुम आज भी
26:26इसके बार में सोच परे इसके ह aha तुम आज भी तॉम्हारी मुःब बाढ़ि तुम्हारी मुहभबत है शड़एग है
26:36जब वो अब कहीं नहीं
26:40मैं मैं थे μια दता है...
26:42वितनीक मुझे उसना उसे
26:45तुम शेकी लिए आज भी रोती हु
26:47दुआ करते है
26:49बश्र皆 गोट जोटों के साथि φवंगे लीहा वहाता है
26:52जो अब मेरी दुआव तरह हो् नहीं मैं उसके लिए रोती हुग
26:56लितनीक मुझे वह उसना
27:00अमनी मेरे समान के साथ यहां रघए थी
27:05इह अहलो अ
27:08अषिद की
27:08आए नहीं के नवर्झ मुझ थे उसे
27:16नवर्झ मुझ थे
27:19अपनी इस नवर्झ को ताकत पना लो
27:23अपने आपको बेजारी मत बनाऊ
27:24कि लोड तुम पे तर्स खाएये
27:28और उमर अपने आप पे नास करें
27:31अपने आपको इतना मजबूत कर लो
27:33इतना पॉलिश कर लो
27:35कि जब भी उमर से सामना हो
27:37तो वो पश्त आए
27:39उसने क्या खो दिया
27:59लड़की
28:01क्या सोच रही है तू
28:04कुछ नहीं
28:08बस यही के बिना सहारे जिन्दगी गुजाने कितना मुश्किल होता
28:13अरे दूसरों की बातों को दिल पर मत लिया कर
28:18मैं कहां लेती हूं दिल पर
28:23इस कभी कभी जहन के सवार हो जाती है
28:28उमर से बात होती है
28:31कभी कभी होती है
28:36अच्छी बात है
28:47अब आप क्या सोचने लगी
28:51अब आप क्या सोचने लगी
28:51बहुत बड़ी गलती की मैंने
28:55उसे रोक लेना चाहिए था मुझे
28:59अच्छा लड़का तो है
29:02बड़ा लिखा नौकरी भी करता है
29:06या आसमा ने कुछ जादी डिरा दिया था
29:11वो सकता ये सब को जिसने चान भूज़के किया हो
29:15और ऐसे भी आसमा कहां चाहेगी
29:18या उमर की शादी इस खांदान की लड़की से भी
29:24अच्छा ने आपकी पर से कहा आसरा ही है शुरू हो कर ने बात तो करवाना उसे
29:31किस से आसमा मामी से
29:36अच्छा अजर करवा दूंगी आपकी बात हो मर से
29:49तुम्हे पते नहीं कितना इंपोर्टन्ट ओडर है हमारे लिए
29:51हमारी प्राइसिंग ठीक है हमारी क्वालिटी अच्छी है लेकिन ये बात उनको पता चल नहीं चाहिए जी
30:02ये समझ लो कि ये मीटिंग तुहारा टेस्ट है इसमें पास हो गए तो जो कहोगे मिलेगा
30:09आप ठीकिरी नकरे आपको अपनी बेटे की श्लाहितों का अनदासा नहीं है
30:16मुकाबले में और लोपी तो होंगे लाँ अबियसली
30:25माई कुछ कहा क्यों नहीं रही ताइबू
30:41मैं तुबारा कॉली जोइंट रनना चाहती हूं
30:52मैं जाती हूं मुझ से गलती हूई है बहुत बड़ी गलती है
30:58लेकिन मैं पर से कंटीन्यू करना चाहती है कि आप मुझ पर ट्रस्ट कर सकते हैं
31:14माहीन मैं तहे हूं मैं बादा करती हूं
31:17किसम खाती हूं कि आइंदा आपको शिकायत का मौका नहीं दूगे
31:25लीज ट्रस्ट में इसे पिकन ड्रॉप में दे दूगा
31:32अब एक खलती और बार बार तो नहीं कर सकते हूं
31:39माहीन तुम्हें पकर ना कि तुम अब मेरी जमेदारी हूं
31:48लेकिन फिर भी मैं इस पारे में सोच सकता हूं
31:51तो श्यूम्हें था हूं
32:03परिंदान शुदी रहे हूं
32:04तो पिश्यून का नहीं आपको मैं प्लाइव सीरी नहीं करूंगे
32:04मैं आपको मैं इसे नहीं करोंगी
32:07हूं
32:07वह था हूं
32:10हूं
32:10हुआ
32:27माहीं इंको इजाज़त नहीं देनी चाहिए थी
32:34क्यों पर पहले ही बहुत पड़ी जिमनदारी है
32:38अगर कोई मस्रा हो गया तो
32:41जितना मसला हो चुका इससे जादा और क्या मसला होगा
32:47आप इस बात के लिए सिर्फ मुझे ब्लेम नहीं कर सकते
32:51मैं किसी को प्लेम नहीं कर रहा
32:56अब उमर ने फैसला कर लिया है बीच में से हटने का और
33:01माहीन को भी अपनी गल्थी का हिसास हो गया है
33:05तो बेतर ही है कि ये लिड़की मस्टूफ रहे
33:11उसे अच्छा और बुरा समझाने की जिमेदार ही अब तुम्हारी है
33:16मैं तो उसको पहले भी समझाती रही
33:22अलाखेर करेगा
33:26मैं इंजाता कि माहीन पर किसी के सम्झेदेनी दबाओ
33:34उसका मसरूफ रहना ही बेक्तार है
33:49मुझ विण करair में आ यूजावे।
33:53तुम्हें यकीन है तुम हमारा बिजनस बहुत दूर तक लेकर जाओगे
33:56लेक कर दें अबू
33:57बाद में आप मुकर जाएंगे
33:59आपने पहली बाद मेरे खुल कर तरह देगी
34:01तुमने कार कर देगी भी तो पहली रफा दिखाई है
34:03पस आप देखते जाएंगे
34:05इंशाला हम एक्सपोर्ट के तरफ भी जाएंगे
34:11चाचू आप नहीं खुश होगे
34:13चोटी मुटी कामयावियों पर खाबों के महल खड़ करने की ज़ुरत नहीं है
34:19बिजनस के दुनिया में ये कोई तनी बड़ी कामयावी नहीं
34:23लेकिन पहली तो है ना
34:29जाचू आप अभी भी मुझे पर गुसा हैं प्लीज खुसा थूग दे
34:35अब जाने दो जबार हैं अल्ला का शुकर अदा करो कोई नुकसान नहीं हो
34:42हमारे बच्चे हमारे सामने हैं
34:46आप में माहीन को दुबारा कॉले जाने की जाज़त दे दी
34:51मैं इसके हक में नहीं है
34:58तुम उसके सर पर से हाथ उठा चुके हैं तो उसकी जिम्धारी मेरी है तो आपको भी मैयूस करें अब
35:05यह अब हमारे बच्चों ने अपनी वلप्यों से सीखना शुरू कर गी अज़गे
35:14कि हमें मायूस नहीं करेंगे
35:20चले
35:21देखते
35:33अपनी इस नक्रट को ताकत बिमारा
35:36अपने आपको इतना मस्बूत कर लो
35:39कि जब भी उमर्स सामना वो
35:40तो वो परस्ताया
35:42उसने क्या खो दिया
35:53थैंक्यू सारा
35:56एक्सलि इतना हर्ज हो गया है कि
35:57कवर करना मेरे लिए मुश्किल हुआ है
36:01लेकिन तुमाइ नोट समिल गए इंशाला
36:03सब ठीक होजे
36:08अपनी अपनी तुमाइ प्रेट वड़ा
36:09इस काविल है कर दो अपनी तुम्हे वापस घरा तेवे शिरन नाई
36:31माही, दो पीलियो और सुचो अभी तो जागी होता है
36:40तो बारा कैसे सुचो
36:48अब बस में ले दुआ क्या करें
36:52दुआ तुम्हें बहुत करती है
36:57आपको दुआओं के कुबूल होने पर यकीन है
37:03दुआ मानते वक्त कुबूलित की शर्ट नहीं रखी जाती है
37:09बस इस यकीन से मानते हूं कि वो वो ही अता करेगा जो उमारे ले बेतर है
37:38तुम्हें सामने थे तुम्हें पछो और नजरी नहीं आता था
37:47तुम्हाटे हो तुम्हें रास्ता भी नजर आता है हो
37:54मन्सिल भी
37:57मैं तुम्हें अपना आस्मान समझती थी
38:03कितना घलत सूचती थी
38:05और हम अपने अपना आस्मान खोद बनोगी
38:36अरे फर्वा कॉन आया है
38:42अरे अमर ने पैसे बेज़ें
38:45पैसे? कितने बेजें?
38:51अम्मी, अमर कॉमें पैसे नहीं भेजने चाहिए था
38:55अरे तुम्हे अपने इखियात अपने पास रह और देखो तोसे
38:59तुम्हें पैसे बेजें अरे
39:04हाँ, हाँ, पुपी, सब के जाओ
39:09हाँ, देखा ना, आखिर है ना मेरा अपना खूल
39:13वहाँ जाकर भी पुपो को ना भूला
39:16हाँ, मैं बिलावजे उसे बद्गुमान हो रही थी
39:23हाँ
39:37हाँ, जाँ, पुपी, जाए
40:05कर दो कर दो कर दो कर दो
40:32लेगान गिमा, पंते मायूफ सामे
40:46जब से तुम गए हूँ हम वैसे ही...
40:49वैसे क्या?
40:50कुछ नही बस प्लीज आइदी तुम हमें पैसे नही भेजोग यह
40:54यह
40:55यह जो मतलते कुझे पॉस्टो गुञपनी के पैसे नही भेज
40:58आपने हम उसके पैसों की जरुवरत नहीं है
41:01मैं चाहती हूँ कि तुम मेरी बच्ची को घर वापस आने की इजाज़त दो
41:06और अगर तुमने ऐसा ना किया ना तो अगर माहीन यहां ना आई ना
41:10तो मैं भी यहां से चली जाओंगी
41:12वो मेरी जंदे की यह दूआ उसे निकल चुका है
41:16उसे मेरे दिल से भी निकलते

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