00:00त्रिनमूल कॉंग्रेस की फायर ब्रैंड MP महुआ मोहितरा की मुश्किले एक बार फिर पढ़ चुकी है
00:06सवाल ये है कि क्या एक MP के लिए अदालत के सामने पेश ना होने का डर या आप्रिहेंशन एक
00:13legitimate reason बन सकता है
00:15या फिर repeated summons को ignore करना अदालत की नजर में direct disrespect है और सबसे बड़ा सवाल
00:22कैलकटा हाई कोट से मिली interim relief के बावजूद कृष्णा नगा district court ने उनके खिलाफ arrest warrant क्यूं इशू
00:30कर दिया है
00:31आज की इस विडियो में हम detail में decode करेंगे इस पूरी legal battle को बयान क्या था, court के
00:38strong observations क्या है और आगे legal रास्ता क्या बचता है
00:43क्या महुआ मोहितरा को जाना पड़ेगा जे वेस्ट बंगाल के नादिया district की कृष्णा नगर court
00:50specifically third judicial magistrate की court ने TMC MP महुआ मोहितरा के खिलाफ arrest warrant इशू करने का order पास
01:00कर दिया है
01:00court ने authorities को direct किया है कि इस warrant की execution report 28 अगस तक submit की जाए
01:07अब समझते हैं कि आखिर court को इतना सक्ट step क्यों लेना पड़ा
01:11अदालत का कहना है कि महुआ मोहितरा को court के सामने पेश होने के लिए multiple summons issue किये गए
01:18थे
01:19लेकिन उनकी तरफ से consistent absence रही इस पर जज ने अपने order में clearly observe किया
01:25कि अदालत के orders का एक continuous disobedience है
01:29court ने उनके इस approach को लकडाइस्किल यानी लापरवाह करार दिया
01:34और कहा कि बार बार समंज ignore करने के बाद court के पास arrest warrant जारी करने के अलावा कोई
01:42दूसरा option बचा ही नहीं था
01:44अब आते हैं defense के stance पर
01:46महुआ मोहितरा के legal counsel ने court के सामने argument रखा
01:51कि उनकी client court premises के बाहर heckle हो सकती है या उनके साथ कोई misshap हो सकता है
01:57इसलिए वो physical presence से बच रही थी लेकिन अदालत ने इस argument को बिलकुल accept नहीं किया
02:04judicial magistrate ने कहा कि defense का ये कहना कि वे पेश नहीं होंगी
02:08ये demonstrate करता है कि accused के मन में अदालत के कानून के लिए कोई respect ही नहीं है
02:15कानून के सामने हर नागरिक बराबर है चाहे वो एक आम इंसान हो या sitting member of parliament
02:21अब आपको जरा case का background भी दे देते हैं
02:24इस पूरे विवाद की शुरुआत हुई थी अगस्ट दो हजार पच्चिस में नादिया में हुई एक press conference है
02:30वहां मौवा मोहितरा इंडिया बांगलादेश बॉर्डर पर infiltration के issue पर press को address कर रही थी
02:37उस press conference में दिये गए उनके एक remark को लेकर severe controversy create हुई
02:43उनके खिलाफ भारतिय न्याय सनहिता के multiple strict provisions के तहट F.I.R. register की गई
02:52जिसमें शामिल है insulting the modesty of a woman, promoting enmity between different groups,
02:58outraging religious feelings, criminal intimidations और hate speech से related provisions के तहट F.I.R. हुई थी
03:06अब आपको महुआ मोहितरा का पक्ष बताते हैं
03:08महुआ मोहितरा ने इस पूरे मामले पर अपना stand clear रखा है
03:11उनका कहना है कि उनका जो statement था वो purely figurative था और एक traditional बेंगाली idiom पर base था
03:18उनका कोई भी intention किसी community, group या महिलाव कुटार्जित करने या violence promote करने का नहीं था
03:25उनका मानना है कि उनके बयान को context से बाहर निकाल कर एक political issue बनाया था
03:31यहाँ एक critical legal nuance समझना जरूरी है
03:34बहुआ मोहित्रा ने 14 अगस्ट को नादिया पुलिस के सामने अपियर होकर investigation में participate किया था
03:40इससे पहले उन्होंने क्यालकटा हाई कोट का रुक किया था
03:43जहांसे उन्हें coercive police action से 5 अक्टूबर तक interim protection मिली हुई
03:48इसी condition के साथ कि वो police investigation में cooperate करेंगी
03:52लेकिन यहां दो अलग-अलग proceedings है
03:54पहला police investigation जिसमें coercive action पर high court ने conditional stay लगाया हुआ है
04:00दूसरा है judicial court summons जो कृष्णा नगर magistrate court से direct summons थे
04:06high court की protection पुलिस के arbitrary arrest पर stay देती है
04:10लेकिन वो local magistrate court के appearance orders और legal proceedings को
04:15automatically bypass नहीं करती जब तक specific stay ना हो
04:19इसी basis पर judicial magistrate ने non-appearance, contemptions, disobedience मानते हुए
04:25ये arrest warrant निकाला है
04:27अब आगे का क्या रास्ता है
04:28अब महुआ मोहितरा की legal team के सामने primary options है
04:32पहला कालकटा high court move करके इस arrest warrant पर immediate stay या caution seek करना
04:38दूसरा 28 अगस से पहले कृष्णा नगर court में recall of warrant की application फाइल करना
04:43और personal appearance या lawyer के थू mandatory compliance demonstrate करना
04:48ये case ना सिरफ एक MP के political career के लिए crucial है
04:52बलकि एक clear signal भी देता है
04:54कि judicial process और court summons को likely नहीं लिया जा सकता
04:58चाहे matter, political हो या personal
05:0028 अगस्त की date इस case की legal trajectory को decide करने में बेहत critical होगी
05:06ऐसे में जो भी आपको लगता है, जो भी आपकी राए है
05:09हमें comment section में जरूर बताईएगा
05:11अब देख रहे हैं One India, मैं हूँ आकरश कोशेग
05:15अबस्क्राश चाहे हैं
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