DRDO ने भारत के डिफेंस सेक्टर को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अब भारतीय निजी कंपनियों को मिसाइल और रणनीतिक हथियारों से जुड़े प्रोजेक्ट्स के विकास और उत्पादन में भागीदारी का मौका मिल सकता है। DRDO के Missile and Strategic Systems (MSS) Cluster की नई पहल से देश में रक्षा उत्पादन को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। क्या यह कदम भारत को हथियारों के उत्पादन का बड़ा केंद्र बना सकता है? क्या इससे विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम होगी और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिलेगी? इस वीडियो में जानिए DRDO के इस बड़े फैसले, प्राइवेट डिफेंस कंपनियों की भूमिका और भारत की नई रक्षा रणनीति से जुड़े सभी महत्वपूर्ण अपडेट।
DRDO has taken a major step toward expanding India’s defence manufacturing capabilities by inviting Indian private companies to participate in the development and production of missiles and strategic weapon systems. The Missile and Strategic Systems (MSS) Cluster has issued an Expression of Interest (EoI), opening new opportunities for the private defence sector. Could this move accelerate India’s missile production and reduce dependence on foreign weapons? In this video, we explain DRDO’s latest initiative, the role of private defence companies, India’s growing defence industry, and what this could mean for the country’s goal of becoming self-reliant in defence technology and strategic weapons production.
#DRDO #DefenceNews #IndiaDefence #Missile #DefenceProduction #MakeInIndia #AtmanirbharBharat #IndianDefence #DefenceIndustry #BreakingNews
~HT.318~PR.540~VG.HM~
DRDO has taken a major step toward expanding India’s defence manufacturing capabilities by inviting Indian private companies to participate in the development and production of missiles and strategic weapon systems. The Missile and Strategic Systems (MSS) Cluster has issued an Expression of Interest (EoI), opening new opportunities for the private defence sector. Could this move accelerate India’s missile production and reduce dependence on foreign weapons? In this video, we explain DRDO’s latest initiative, the role of private defence companies, India’s growing defence industry, and what this could mean for the country’s goal of becoming self-reliant in defence technology and strategic weapons production.
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00:00भारत के रहनितिक मिसाइल कारकरम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल लहा है
00:04DRDO अब अग्न सरी चैसी रहनितिक मिसाइलों के विकास और उत्पादन में निजी कमपनियों को भी शामिल करने की तैयारी
00:11में है
00:12आखिर इस फैसले के पीछे क्या वजा है और इससे भारत की मिसाइल चमता पर क्या असर पड़ेगा
00:17इनी सवालों के जवाब लेने की कोशिश करेंगे आज रवी कुमार गुपता से जो DRDO के पूर प्रवक्ता है
00:24सर आपका बहुत स्वागत है One India Hindi पर
00:27मेरा सवाल ये है कि मिसाइल उत्पादन के छेतर में निजी कमपनियों को शामिल करने का विचार क्यों आया
00:33इससे सरकार को क्या हासिल होने वाला है अगर निजी छेतर की कमपनियां अगनी जैसी मिसाइलों का उत्पादन करेंगी
00:40बाइब नमस्कार मुझे वन इंडिया के सकारोकर में समयलित करने के लिए और बहुत महत्रपूर्ण प्रशन है क्योंकि यह यह
00:48जोड़े हुए हैं बारत की स्वायत्ता और सुरुक्षें अब आपने एक ही प्रशन में दो अलग अलग सवाल एक साथ
00:59पूछे
01:00नीजी करन 라는 कि मैं कांगा कई साथे और प्रशन है नीजी करन एक बात है एक पीशे है रक्षा
01:07ररिक्शाट है और मिष्चिषकर मिजर्ट के सी रिजटו में बहुत अलग बात होती है क्यो से glorious अपने आ शैचर्चा
01:19में हम इसको देखेंगे और समझेंगे क्या
01:21है देखिन नहीं करण देश के लिए बहुत ही आवश्यक है दुर्भा के वश बहुत लंबे समय से अजादी के
01:31बाद से लेके और
01:342001 तक कुछ पॉलिसी डायक्टिव के कारण जो भी जैसा कारों की उस समय नीजिया रही नीजी छेत्र को बिलकुल
01:43अच्छूत समझा जाता था रक्षा चेत्र में और जहां तक मेरी जनकारी है ऐसा मान ना था है ऐसा बचार
01:50बना हुआ था कि कैपिटलिस्ट को इससे दूर र�
02:01बखा गया है लेकिन समझने के बाद यह है कि 1947 यह 48 से कहें कि पहले बार बने पर
02:09मने पर जीप आई थी और उसको कुछ लोग घोटाला भी मनते हैं तो तक से लेखे और आज तक
02:16भी आज तक भी जितने भी रख्षा उत्पात विदेशों से आते हैं या आए हैं या लाने की
02:23की तैयारी है आप देखिए यह सब के सब उन विदेशों में कंपनियों के प्राविट कंपनी निजी छेत्र के द्वारा
02:31उनका उत्पादन किया जाता है कईयों का विकास भी द्वारा किया जाता है और उनके ऊपर भारत की सरकार का
02:39कोई नियंदर नहीं है जबकि हमारे अ�
02:53दो जाट एक में पहली बार वाजपेई सहाब की सरकार में निजी करण को बढ़ावा दिया गया रक्षा चेतर निजी
03:01करण तो दो जाट आपके उन्दी सोग्यामरे में जब भारत जूटे समाजवाद के चलते हैं एक कंगाली के करार पर
03:09पहुंच गया तब जाके उन्दी
03:12सिंग उसे मैं फनाइन्स मिनेस्टर थे और पड़े प्रमाने पर निजी करण की शुरुवात होई और देश की स्थिती में
03:18तुधार आया हम एक बढ़ी बिकट सिती से बनिकल के बाहार आया है तो निजी चेतर की ये भूमी का
03:24है हमें उत पर विश्वास करना चाहिए करना
03:27होगा. हर सरकार का काम है नियंत्यअर करना सरकार का काम है सरकार चलाना वो सेतार को करना चाहिए और
03:35ओन फी आध करती
03:52है अब हम आते हैं कि मिजाइल शेतर में यह नई बात नहीं है क्यों नहीं है हम देखें समझते
04:02हैं जैसा मैंने बताया कि नेजी शेतर को दूर खखेंगे था
04:06complete system से यानिकि अगर पूर्गा मिजाइल बनाकर देना है नेजी शेतर को उसमें आने का permission नहीं था
04:13लेकिन components level पे वो काम कर सकते थे और DRDO जाता आप सब जानते हैं कि DRDO ही एक
04:22ऐसा
04:23organization है एक संगठन है वैज्यानिक संगठन है scientific organization है जो कि रक्षा के चेतर में आत्म निभरता बनाता
04:32आया है
04:33पहले दिन से ही 1948 में इसकी सापना defense science organization के रूप में हुई और 1958 में आज का
04:40जो बात कप रूप है DRDO का रूप में आगे बढ़ा
04:45इसको एक Department of Defense का दर्जा दिया गया और तब से लेखे अब तक जो है यह लगातार काम
04:52जो करता आया है मैं आपको बताना चाहूंगा कि वर्ष संसाठ के दर्शक में DRDO ने पहला मिजाइल बनाया थैं
05:01कि एंटी डाइड मिजाइल लेकिन उसको क्यों उसको छोड़ दिया गया 400 मिजाइल बने DRDL जो आज लबार्ट्री है उसी
05:10लबार्ट्री में विज्ञानिकों ने अपने हाथ से असेंब्ल किया कारण क्या था देकि निजी करण वो समय का वो दौर
05:16था जबकि निजी छेतर
05:18विख्सित था ही नहीं हमारे देश में और द्योगिक धाचे का पूवी तरह भाव था तो मिजाइल जैसे चीज़ बनानी
05:25है तो भी कोई बनाएगा निजी छेतर तो है नहीं उसके कॉंपनेंट भी खुद बनाने पड़े हम एक चीज़ एक
05:30कल्पनों जार डियाडियों ने
05:45एक रिस्क लेने को कोई भी विजनस करते हैं तो रिस्क इंवल्व होता है जो रिस्क उठाने को तयार थी
05:50हमने उन से हाथ मिलाया और उसका नेसिज़ यह हुआ कि जब तक आईजीमटीप का नौबत आई उनीस सो तरह
05:56से में आईजीमटीप से देश में काफी अच्छा खा
06:12से हाथ मिलाया था आज वो बड़ी बड़ी कंपनिया है और विश्व के रक्षा बजार में उनके कॉंपोंडेंस पूरी दुनिया
06:21बर में जाते हैं तो अब हम आते हैं मिजाइल्स तो बात हमने कर ली मिजाइल्स में कोई नई बात
06:27नहीं है उसके बाद जब आभी 2014 में सरक
06:42किये गए हैं बहुत बहतरीन काम कर गए हैं उनका काम करने का तरीका थोड़ा अलग होता है क्योंकि वहाँ
06:48पे जो डिजिजन मेकिंग है वह बहुत फास्ट होती है यहाँ पे क्योंकि सरकारी डिपार्टमेंट है डियाडियों के अपने हाथ
06:55में बहुत ही चीज़े नहीं ह
07:12इसी प्रिकार जो आये सार हुए में बात कर रहे हैं या हम अट्रमिक अनर्जी में बात करें तो उनके
07:17प्रेतनों के कारण इन तमाम चेट्रों में
07:20कॉंपोनेंट और सब सिस्टम लेवल पे और सिस्टम लेवल पे कंपनियां बनाने वाली बहुत आ चुकी हैं बड़ा वैतरिंग काम
07:28कर रही हैं अब आपका प्रिशन था अगनी जैसे मिजाइल का देखिए अगनी अपने आप में एक अलग ही किस्म
07:34का मिजाइल है
07:37जिस तरह से मैंने बागी का पताए और्दोगिक ठाचे का उसी प्रिकार जब हम अगनी मिजाइल का पर काम कर
07:42रहे थे असी और दबर के दिशक में इनका सेना में समलित होना शुरू हो चुका था उन्नी सो ठांदे
07:48में हमने आपने आपको एक आन्वीक शक्ति एक आन्वीक
07:53हत्यायों से संपन्शक्ति गोशिद कर दिया था तो उसके बाद लगाता है समय मिजाइल के अवश्यक्ता थी लेकिन यह मिजाइल
08:00बड़े प्रमाने पर नहीं बनते हैं इनका नंबर होता है और आप कोई भी ही जो निजी उद्योग है वो
08:10सफल जब ही होता है जबकि वॉल
08:22को भी देखते हुए इसका जो प्रोड़क्शन का काम था यह डियाडियो के अपने हाथ में रास है अब अभी
08:28जो आप में जब हम आज कल जो मीडिया में चल रहा है कि जैसे जिस पॉलिसी की बात की
08:33जा रही है कि ता वह अगनी जैसे मिजाहिल भी नीजी चेसर बनाएगा �
08:37ऐसी कोई जानकारी मेरी नौड़िज में नहीं आई है जो एक्सपरिशन ऑफ इंट्रेस्ट इशू किया गया है वो तो एक
08:44हम तमाम तरह के मिजाहिल सें उन्से संब्दित है और उसमें भी कहीं यह ने लिखा कि पूरा मिजाहिल बनाना
08:49होगा तो यह तो एक हमिशा होता आ
09:05है और मुस्त और यह फिर बाद करें हम आकाश मिजाहिल की और ऐसे और जो आस्त्रा मिजाहिल है इन
09:11सबके जो प्रोड़क्शन है यह अब के पॉब्लिक डीपी एस्यू बीडियल और भारत लेक्ट्रोनिस करते आ रहे हैं तो यह
09:20काफी समय से होता रहा है और इन में से कु�
09:35बाद भी निजी चेत्र से आती है बिल्कुश कोई नई बात नहीं है और अग्नी के केस में यह और
09:43बदलती है तो सरकार यह नीती बनाना सरकार का काम है मेरे के समझ से की तरफ से ऐसा कोई
09:50नया कदम नहीं उठाया गया जो कुछ भी है वह एक रूटीन चीज़े होती आई ह
09:57सर इसमें से एक सवाल भी उठता है निजी चेत्र की भागेदारी को लेकर अगर निजी चेत्र की कंपनिया रणीतिक
10:05मिसाइले बनाएंगी तो उनके साथ तकनीकी भी साजा करनी पड़ेगी डियार डियो को वो कितनी हद तक जनकारियां देनी होंगी
10:12और क्या यह सुरक्ष
10:36कर देनी पड़ेगे और वेट होंगी तो च्यवत कर देनी पड़ेगी।
10:53सब्सक्राइब करने की नहीं सरकार आने के पासे 2014 से निकंतर जो बतलाव आएं पॉलिसी में डीयाडियों हमेशा से यही
10:59चाहता था क्योंकि डीयाडियों को अधरवाइस
11:02प्रोड़क्शन करने की अनुमति नहीं पूगे विश्व कि अगर आप बात करें जितनी भी बड़ी-बड़ी कंपनियां या बड़े-बड़ी
11:09हसियार बनाने वाले जो भी धाचा हैं उनके पास उन देशों में वहां पे जो जो कंपनी विखास करती है
11:17वही उसका प्रोड़
11:29हो गई वही लिमिटेड आपकी मिजाइज बनाना तो वीडियल है लेक्ट्रोनिक्स में जाना है तो भारत लेक्ट्रोनिक्स है एक्राफ्ट है
11:35तो है उसके अद्रिस कोई उपा अपने विकल्प ही नहीं चूड़ा आज विकल्प बन रहे हैं अब आपने कहा कि
11:42शुरक्षा
11:59और वो समाम हथियार उन विदेशी कंपनियों से आ रहे हैं जिनके उपर हमारे कंट्रोल कोई नहीं है कोई नियंतर
12:07नहीं है अगर हम उनके उपर भरोसा कर सकते हैं तो हमारे अपने देश के जो उद्यों के हैं उन
12:13पर हम भरोसा क्यों नहीं कर सकते हैं वो तो हमारे हम लो�
12:33लेता आया है और मैंने जैसा बताया है कि नई बात नहीं है यह जो इंडेस्ट्री के साथ हाथ मिलाकर
12:38चलना यह तो हम शुरूर से करते आए हैं और बड़े पैमाने पर हो गाए हजारों कंपनिया है छोटी स्मॉल
12:46सेक्टर मीडियम सेक्टर माइक्रो सेक्टर से लेखे और ज
12:59एडवांस टेच्नलोजी वेएकल प्रजेक्ट जो हमारी नीकल आणवी शक्ति से चलने वाली बनाने का साथ उसमें नीजी चेहता का बहुत
13:09बड़ा हास रहा है और एलंटी ने खास्त होते मैं नाम इसले लेगाँ क्रोंकि इसका जो हल होता है प्रुगा
13:27का प्रगा जो घ्
13:27से मिल किया गया है तो यह कोई नई बास नहीं है सुरुक्षा की तरफ से मैं नहीं समझता कि
13:32जन्ता को कोई भी संद्र होना चाहिए जो हमारा नीची उद्रोग है हमारे अपने हैं और हमें पूरी तरह विश्वास
13:40करना चाहिए पर कॉशिस लेनी आवाशक है और ली जाए
13:43बिल्कुल इसे में सर चोटा सा सवाल हो रहे है आप नियंतर की बात कर रहे थे जैसे कोई नई
13:49मिसाइल बनाई जाती है नेजी छेतर के सहयोग से उसमें उस मॉडल का अंतिम नियंतर तो डियाइडियो के पास ही
13:55रहेगा ना
13:58जो जितनी टेक्नोलोजी की आवशक्ता किसी भी विजाइल के लिए जो भी अभी तक हमने नेजी स्रेतर में को सोपे
14:05हैं जैसे आपका पिनाका रॉकेट है मैं कोई अंतर नहीं जाता और अब तो हमारा पिनाका रॉकेट पी गाइडेड रॉकेट
14:12है तो एक किसम का गाइड
14:19आए जज़ा रहता है जहां हम ने में पयाया इए जो वक्रेस जो को ऑपने आई फी स्रेक्राट की पर
14:45एक रहता है तो उसको
14:49में उनका पही एक नियंद्रन रहता है कि सर यह जो निजी छेत्र की कंपनियां होंगी उनके चैन को लेकर
14:57भी कोई मानक तै किया जाएगा कि हां इस कंपनी के साथ हमें काम करना चाहिए इनके साथ नहीं
15:02कि यह अगर मैं इसे बात काने लगा सब बहुत लबी चर्चा हो जाएगी यह अगर आप उस एक्सप्रेशन ऑफ
15:09इंट्रेस्ट को देखें जो कि पब्लिक डॉकुमेंट वह एवेलेबिल है उसमें पहली बात तो कहीं अगनी का नाम नहीं आया
15:15कहीं यह भी नहीं लिखा गया
15:17कि पूरे का पूरे मिजाइल को बनाना होगा तुसरे आप देखिएगा कि वह एक बहुत ही कंप्रिहंसिव एक विस्तरिक डॉकुमेंट
15:26लीगल डॉकुमेंट है तो अगर को इसको देखेगा तो पता लगेगा कि उसमें सुरक्षा का पूरा पूरा ध्यान रखा जाता
15:34रह
15:34है मैं आगे यह बात यह निकार आगे भी किया जाएगा लेकिन जब से यह कारे करम शुरू हो है
15:39कंपनियों को करने का चाहे चोटे से कॉंपोनेंट के लिए चाहे बड़े सिस्टम के लिए हम इसका ध्यान रख से
15:47आए हैं उसके अगर कोई ध्यान से पढ़े का उसका उसका
15:52और इंप्लिमेंटेशन तो करना है उसको नेचरली जब तक ठीक से नहीं होगा तो उसको करना ही पड़ेगा अगला सवाल
16:04मेरा सर भविश्य को लेकर होने वाला है कि क्या भविश्य में यह जो निजी छेतर की भागेदारी है यह
16:10और बढ़ने वाली है जैसे कि सवाल यह उ
16:22निशेश के पिशे में कुछ नहीं कहना चाहाँगा क्योंकि ऐसी कोई में चाओ ग непार
16:37निजी बात करें तो उ test रूट पोई सख्षम भी है आज की साव Ann答 करें अट को देने से
16:48मुझे नीज है
16:53हमें करना चाहिए उसके लाब बहुत हैं लाब देखी क्यों हैं आपने हमने अभी हम अब हमने आपरेशन से दूर
17:00देखा और देखा कि किस तरह से लगबख एक हजार ड्रोन से हमला किया गया जिसको हमने स्वादेश में विक्सित
17:07हत्यारों से हमने पूरी तरह निट्रलाइ�
17:22उसको राहबा में खत्म कर दिया अकाश थी था अकाश मिजाहिल था रह्मास था प्रमोस इन सबके चलते हमने उनको
17:29तो यह जो है आपका जब दूसरी तरह देखी उकरेन का रश्या का आज उनके पास समस्या क्या रही है
17:37एम्मिनुशन खत्म हो गया इस्रैल के पास एम्मि
17:50होनी चाहिए वो जब ही आप आएगी जब हम नीजी शित्र को अपने साथ चोड़ेंगे क्योंकि जो हमारा अभी तक
17:57क्योंगा कोई बगए कि जितनी भी आज की तारिश में सरकारी कंपनिया है जाता की बात है बात है बात
18:07डिपार्टमेंट अब डिफेंस प्रोड़क्शन
18:30सवाल यह है कि सरकार को इन प्रोड़क्शन में अना चाहिए
18:39या नहीं यह बहुत बड़ा सवाल है और मेरी परसनल गाई यह है कि सरकार का काम सरकार चलाना होता
18:45है
18:45दे गर्वर्मन्न रेस्पॉंसिमिल्टी इस तो गवर्न बिसनस करने के लिए अगर सरकार बैठ जाएगी धंदे पर बैठ जाएगी तो फिर
18:53करप्शन भी आएगी इनेफिशनसी भी आएगी बहुत कुछ होगा जो एक लंबी चोड़ी एक दास्तान बन जाएगी और उसको आ
18:59रहा है हम क्यों इतनी कम्पनियों के होते रहे सरकार इतनी बड़ी-बड़ी कम्पनिया है इतनी लाकों करोड लगे हुए
19:05हैं देश के जनता
19:19नहीं है लेकिन सर अतीत और वर्तमान और भविश्य जुड़ा हुआ मेरा आखरी सवाल होगा हम 1947 से ही लंबे
19:28समय तक हथियारों को लेकर दूसरे देशों पर निरभर रहे पहले सोव्य संग बाद में जो रूस बना उस पर
19:34हमारी निरभरता काफी रही है अभी भी है अमेर
19:49यह पहले हो जाना चीए था और इसका व्यापक असर माने वाले वर्षों में कैसे देख सकते हैं क्या हम
19:55एक बड़ा बजट जो अपना खर्च करते हैं हतियारों की खरिदारी में दूसरे देशों से लेने में अगर नहीं चेतर
20:01को बढ़ावा दिया जाए तो हम अपने यहा
20:23आप मान के चलिए कि जब हम कोई भी हत्यार बहार से खरीदते हैं चोटा हत्यार हो जैसी बड़ा कोई
20:30हो आप पांके चलिए कि हम अपनी गर्दन विदेशी ताकतों के हाथ में पकड़ा देते हैं क्योंकि जब युद्ध होगा
20:38उस समय हम उनके ऊपर निर्भर होके रह जा
20:43क्या करना है जुद आगे लड़ना है नहीं लड़ना है क्योंकि अगर उन्होंने सप्लाइचेंट बंक कर दी जैसा कि कार्गिल
20:50युद में देखा गया था अब यही कंपनी ती आज की बहुत तारिफ की जा गई है कार्गिल युद के
20:56समय मिराज हमारे पास थे हम उनका पर
21:13समस्य आ रही थी और वह फ्रांस उसको करने को समझते है यह नहीं लेकिन सब के सामने रब को
21:19पता है कि फिर बात में इसराइल से लेट ली गई और देखिये विदेशी ताकत कोई भी हो डिप्लो मैसी
21:25में कोई दोस्त नहीं होता कोई दुश्मन नहीं होता सिरफ ऑपर शु
21:43कोई किसी की मदद नहीं करता है सबाएक भारत को छोड़के हमने करना आया हमने बहुत देशों की खुले दिल
21:50से मदद की एक इंसानियत के दाते लेकिन असा ऐसा विश्म होता नहीं है तो आतने बरता अवश्य के नीजी
21:56छेतर का नेड़े मैं समझता हूं कि आदादी से प
22:13आपका जो और एसी कई कंपनी है जिनकी स्दाफन मा अमारे में निजी चरत्र ने की थी
22:19इसको उसका इसका सरकारी खरणकर दिया उनको विजाए आपने नहायावन नायां ब्राते आप देश आजाद हुआ है आपो आपको पास
22:25पैसा पूरके देश की प्रोगर।न
22:28के पास है आप नहीं कपनियां बना से आपने उनको सरकारी बना करके उनकी
22:33efficiency को खतम कर दिया नतीज़ा यह हुआ कि हम अर्टालिफ में हमें जीप की आफेस्टा पड़ी सेकंड हेंड जीप
22:55हमने
22:58हम से अधिक जानती थी उन्होंने पता सा कि यदि अगर देश पुरा एक रहा तो यह भारत्वर्ष कल को
23:07उनके लिए एक
23:08विश्व के बजार में बड़ा बन जायागा जो वह नहीं चाहते हैं जितना तोड़तों को तोड़ दो तो बगार हो
23:16धन्यवाद हमारे सदार बटेल दीका कि उन्होंने फिर भी काफी बड़ा हिस्ते को जोड़के भार प्रश बना दिया लेकिन आप
23:21सूचे पाकिस्तान का
23:22काफी बड़ा अफगानिस्तान का पक्तूनवा पडुचिस्तान पूरा बंगलादेश और काफी काफी दूदू तो हमारा ये बटिश इंडिया का पार्ट सा
23:30तो अगर ये एक होता तो क्या ताकत होती है हमारी और दूसरी बात यही देश इसी एक कारण आते
23:36है कि कुछ ता
23:52में थोड़ा की आ गया तो चादर में कुछ तेजी आई लेकिन सास में आत्मिर भरता मीजी करण से ही
23:59आ जाए ऐसा नहीं है हमारे जो बीगो करसी है कि निजी चेतर की बादेदारी तो ठीक है इसके लाओ
24:08अभी हम और क्या-क्या सुधार करें कि आत्मिर भर होने में जल्द
24:12ही आ जाए मैं आपको च्छोटा सा उधारन दूंगा जो आपका एटी जी एस सिस्टम है आपने बहुत का नाम
24:22सुना है गोटाले के करन लेकिन बात में यह सब जानते हैं कि हमारे देश में एक सुपांच में की
24:28तो सब्सक्राइब अज तक काम कर रही है पचास साल से अधि
24:42बनाने का कि उसके बाद फिर हम आयास में लेकर गए पर कहा गया कि साब पिछल मैं बात कर
24:50गा हूं दो जार से दो जार से समय की दो चार से चौदा के समीश की कि साब हमारे
24:55पास दो पर नहीं है यूद छुड़ गया तो क्या होगा और अमेरिका से खरीद ली हमने कुछ और
25:00करिदने के बाद चल गई ती लेकिन डियाडियो ने बना ली अपनी खुद की एटी जीए सिस्टम जिसने विश्व रिकॉर्ड
25:07तोड़ा है सब्सके लबी दोगी तक गोला खेंटने का इसका रिकॉर्ड है दुनिया की बहतरीन गणों में से एक है
25:14वाकि जितनी गंस आ रह
25:29जाएं तो वह देख दशक ते वह और चुरू कर पड़ें क्यों है मुझे बताई अगर मुझे यह शक्रीदने के
25:42लिए मैं कहा जाओंगा मैं जाओंगा ना बजार में मैं डिसाइड करूंगा कि मुझे कौन चाहिए लेकिन अगर हमारी सेनाव
25:48को कुछ चीज खरीदनी है �
25:50तो प्रोक्राव्मेंट किसी और क्या आप में यह कारण बहुत बढ़ाया है जब तक हम इस हम आजकल बहुत बात
25:56चल रही है रियोगनाइजेशन की डियाडी ओको भी रियोगनाइज करें कुछ नहीं होने बादा उससे ब्याडियो के कमपनियां ने कितनी
26:02कमडियां बैठ �
26:03चुकी है असली मुद्धे पर कोई आना नहीं चाहता असली मुद्धा है कि जब तक आप बीरोक्रेसी के चंगुलते डियाडियों
26:10को और नीजी जो डिपी एक कंपनियां हैं इनको आजाद नहीं करेंगे यह साही माने में हमारी आजादी होगी आज
26:18पूगा नियंत्र निं
26:33इसी परकास से आपका बागी का जो है रक्षा का जो प्रक्रोर्मेंट का है आप मुझे बताइए कि दो हजार
26:39एक यह दो के आसपास की बास थी जब
26:42मल्टी रोल कॉमबेट एक्राफ्ट खरीदने की एक्सोचवश्ष विमान खरीदने की मंजोरी मिल कई ती आज पच्छे साल हो गए आप
26:49डियाडियो को कहते हैं कि आप विश्व में कोई अशा अथाकत नहीं जिस बीच पच्छे साल से कम समय में
26:54कोई विमान नया बनाया हो
26:56को में सक्रेच पствy साल में से आफ खरीद नहीं पाए इंपोर्ट करने ही पाए फाइल पर आप ने cassиль
27:02ने किस पाई तो आए उस माहोल के अंदर उसी माहोल में काम करता है उस इम्ट में काम
27:26एक corruption और एक हमारा bureaucracy इनको हम नहीं सुधारेंगे इन दो नमर से कुछ नहीं होने बना
27:32एक दूसरे के पूरक भी बन गए हैं ये मुझदा सरकार सर 2014 में जम नरेन मोदी जी परदान मंतरी
27:38बने थे तब बहुत बात उठी थी कि
27:40bureaucracy पर लगाम लगाई जाएगी लेटरल एंट्री होगी तमाम ऐसी बाते हुई लेकिन दीरे दीरे वैसा लग रहा है कि
27:45सरकार भी उसी धर्रे पर जा रही है आपको लगता है कि भविश्व में कुछ सुधार होता हुआ दिखेगा बेरोकरिसी
27:52के शेत्र में और जो आप बता र
28:06डरे नहीं है अठारासो त्रेपन में अंग्रेजों ने विडरोक्रिसी की साफन लाफनी है या और अठारासो ते लेके आज तक
28:14एक ऐस अगर कहीं है सर्कार चलाइब कर शायकार के मुख़ी तीन हम होते लेकिन जो नवर्फाइं लेकिन वो
28:35वह वीरोकरती में और आप देख लिए कि बिल्ट जुडियूज्यी में भी मैं जुडिश्री में दो खुछ कमेंट करने सकते
28:42एक कॉन्टेम्ट हो जाएगा लेकिन तथे तो सामने हैं कि करोणों के
28:45पड़े हुए एक क्रोड सब्सक्राइब की बात कीजिए आप करते हैं जो पुल जाता है बनते बनते शड़क आपके हर
28:57बसात के बाद उसकी दर्जियां उड़ जाती है तो उसमें कौन थी टेक्नोलोगी है वो किसकी कंट्रोल में है तो
29:05वही हमें इन प्रेश्णों के उत्तर
29:34सब्सक्राइब करना पड़ा क्योंकि वह फार्म लौज से देश के जो हमारी किसानों का इस तर कई गुणा
29:45बढ़ा देते बिलकुल जो विदेशी ताकतों को मंजू नहीं था देश भारत को कोई भी ताकतवर देखना नहीं चाहता है
29:52यह मांगे चलिए ना अंदर के लोग ना बाहर के लोग लेकिन सार जाम जनता चाहती है आंदोलन के बात
30:00से तो ऐसा लगता है कि कृश्य कानूनो
30:03के बारे में तो तो विचार करना भी सरकार नहीं करेगी ऐसी सोच मैंने बताया ना कि कॉंटिनुटी वाले चीज़ों
30:11स्रिफ दो हैं जिनके उपार एकाउंटबिलिटी कोई नहीं तीन अंगों मैंसे यह दो अंग ऐसे हैं जो कि बिटिश पिगट
30:17से और बिटिश ने क्यो
30:22लूटने के लिए बिगो कि बनाई सारा टेक्सेशन सिस्टम इनके आत्म चाना चाहें उपाज हो या नहों किसान भूखा मरता
30:30रहे करीब करीब 10-12 लाक हमारे देशवासी बंगाल में खतम हो गये मर गये भूक मरी से लिकिन टेक्स
30:39करेशन चलता रहा और बिटिश वाज के
30:59लेकिन सरकार जो है लेजिसलेचर आया है इनको तो हमारे देश में महोड ऐसा बन गया है हम जैसे कहते
31:06हैं हमारे भारत वर्ष में हमारे सनासंतर में हर दिन उत्सब का दिन होता है
31:10उसी परकार हमारे जो लेजिसलेचर है इसमें हर वर्ष एक चुनाव का वर्ष होता है मुझे बताईए कौन सा साल
31:17ऐसा है कि कहीना की चुनाव नहीं होगे तो पॉलिटिशन तो उसके पास सब्ता कप्ता है जब तक चुनाव जीतेगा
31:24चुनाव जीतने के लिए जो करना प
31:40मुझे उमीद है बहुत आशा है कि कुछ नस उपाए उन भी आशावादी है सार हम भी आशा ही कर
31:55सकते है सकारात्मक उम्मीदे कर सकते हैं सरकार से कि जो भी आपने बताया सरकार उस पर विचार करे और
32:02ब्यूरोक्रिसी पर लगाम लगानी हो तमाम और छेत्र में सुधार करना हो ताकि हम सच में आत्मिर भर भारत बन
32:07पाएं
32:07बहुत शुक्रिया सर वर इंडिया के साथ आप जुड़े आपने बहुत ही अहम जानकारी हमाई दर्शकों के साथ साजा की
32:12है
32:13तो DRDO के कामकाज में बदला हो या निजी छेत्र की भूमका को लेकर जो तमाम बाते पहले कही जाती
32:19थी
32:20वो सच में होने जा रही है देखते हैं इसका भविश में क्या असर पड़ता है फिला तक के लिए
32:25इतना ही आप देखते रहिए
32:26वन इंडिया
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