00:00दुनिया भर में इस वक्त जिस तरह से युद्ध और जियो पॉलिटिकल टेंसन बढ़ रहे हैं उसने हर देश को
00:05अपनी डिफेंस स्टेंथ को मजबूत करने के लिए मजबूर कर दिया है ऐसे माहौल में भारत भी सिर्फ हत्यार खरिदने
00:12वाला देश नहीं रहना चाहता बल
00:27कि दिगज डिफेंस कंपनियों के साथ हाथ मिला रही है यानि आने वाले समय में फाइटर जेट, एंजन्स से लेकर,
00:34एंटी टैंक मिसाइल, स्मार्ट वेपेन, मिलिटरी हेलिकॉप्टर्स और काउंटर ड्रोन सिस्टम्स तक कई एडवांस डिफेंस प्रोडक्ट का प्रो
00:57होगा भारत के डिफेंस सेक्टर और इन कंपनियों के कारोबार पर क्या असर पड़ेगा आईए एक एक करके समझने की
01:02कोशिश करते हैं, सबसे पहले बात करते हैं, रिलाइंस इंडिस्ट्री और रॉल्स रोयसी की, अगस्त में दोनों कंपनियों ने भारत
01:09में डिफेंस औ
01:28अब इसे आसान भाशा में समझे है fighter jet बनाना जितना जरूरी है उतना ही जरूरी उसका engine है और
01:34aircraft engine technology दुनिया की सबसे complex technology में किनी जाती है अगर यह partnership आगे बढ़ती है तो भारत
01:42को aerospace cash turbine और propulsion technology में बड़ा फायदा मिल सकता है साथ ही domestic manufacturing capability मजबूत होगी
01:50और भविश्च में imported technology पर dependence
01:52कम करने में मदद मिल सकती है अब आते हैं टाटा एडवांस सिस्टम और जैवलिन मिसाइल पर टाटा एडवांस सिस्टम
01:59ने जैवलिन जॉइंट वेंचर के साथ MOU साइन किया है इस जॉइंट वेंचर में अमेरिकी defense केंस रैंथम और लॉकेट
02:06मार्टिन शामिल है इसका मक
02:21component का production भी देश में हो सकता है भारत ने अमेरिका से जैवलिन एंटी टैंक मिसाइल सिस्टम खरीदने पर
02:27भी सहमती जताई है यानि यहां सिर्फ हथियार खरीदने की बात नहीं है बलकि धीरे धीरे उसके production एको सिस्टम
02:33को भारत में लानी की दिशा में कदम उठाया जा रहा
02:36है तीसरी बारी पार्टनर्शिफ है भारत इलेक्ट्रोनिक्स यानि की B.E.L. और सफ्रान इलेक्ट्रोनिक्स एंड डिफेंस की दोनों कंपनियों
02:43ने फरवारी में जॉइंट वेंचर एग्रिमेंट किया था इस पार्टनर्शिफ के तहद भारत में हैमर प्रिसियस गाइ�
03:05और रिपेयर काइपबलिटीज विक्सित करने के लिए सेंटर ओफ एक्सिलेंस बनाने की योजना है यानि इसका फायदा सिर्फ हत्यार बनाने
03:12तक सीमित नहीं रहेगा बलकि मैनुफेक्ट्रिंग के साथ साथ मेंटेनेंस रिपेयर और सप्लाई चेन का पूरा इकोसिश्�
03:32के लिए एक मजबूत मैनुफेक्ट्रिंग इकोसिश्टम तयार करना चाहती है शुरुवाती फोकस मिलेटरी हेलिकोप्टर पर रहेगा इसके बाद इस इकोसिश्टम
03:40को सीवील हेलिकोप्टर मार्केट तक ले जाने की संभावना है साथ ही भारत को लियोनाडो की ग्लोब
04:04टांडेम डिफेंस के साथ एक्सक्लूसिव आए-पी लािसेंस एग्रीमेंट किया है टांडेम डिफेंस अमयर्की अट्वनोमस पावर कोप्रेशन की सब्सिडरी है
04:12इस एग्रीमेंट के तहत पारस टिफेंस को गारजियन 1 इंटर सेप्रटर टेक्नोलोजी के भारत में प्
04:31ज्रोरा पर चेस्से लाइको आपके आज के समय में द्रोन युद का एह मिस्सा बन चुके हैं ऐसे में काउंटर
04:36ड्रोन टेक्नोलोजी की जरूरत भी तेजी से बढ़ रही है
04:38अलाकि यहाँ एक जरूरी बात है, Gargian 1 को अभी भारतिय सेना ने induction के लिए select नहीं किया है,
04:44यानि technology partnership हो गई है, लेकिन इससे defense order समझना सहीद नहीं होगा, अब इस पूरी तस्वीर को थोड़ा
04:51बढ़ा करके देखिए, भारत का defense expenditure 2025 में 8.9% बढ़कर 92.18$ पहुँच गया, इस
05:06में private sector के भी हिस्सेदारी करिब 24% रही, यानि defense sector में government companies के साथ private companies
05:13की भूमिका भी लगतार बढ़ रही है, सरकार का make in India और आत्म निर्वर defense production पर जोर इसी
05:19बदलाव को बढ़ा रहा है, विदेशी कमपनियों के साथ partnership के चरिये भारत advanced technology manufacturing expertise और global supply
05:26chain तक पहुँच बनाने की कोश
05:28कर रहा है, लेकिन निवेशकों के लिए यहाँ एक जरूरी सावधानी भी है, किसी company का defense partnership करना अपने
05:34आप में एक guarantee नहीं होता कि उसका revenue या profit तुरंत बढ़ जाएगा, कई agreement अभी शुरुआती stage पर
05:41है, कहीं MOU है, कहीं partnership का intent है, और कहीं technology licensing agreement, production शुरू होने, orders मिलने और
05:48commercial scale प
05:53देखते समय सिर्फ headline पर नहीं, बलकि actual order, execution, production capacity, margin और future earnings पर भी नज़र रखना
06:01चरूरी होगा, कुल मिलाकर भारत के defense sector में एक बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है, reliance और रोल सुरेसी
06:07fighter jet engine की दिशा में आगे बढ़ रहे है, टाटा एडवान सिस्टम और अमेर्की defense केंट
06:12चैविलीन मिसाइल को production की संभावना तलास रहे है, BEL और सफरान हैमर स्मार्ट वेपन पर काम कर रहा है,
06:19अड़ानी defense और लिनार्डो helicopter manufacturing ecosystem तयार कर रहे है, और पारस defense counter drone technology को भारत में
06:27लाने की तयारी में है, यानि आने वाले वर्षों में भारत की defense story सिर्फ हतियार रखने की
06:32नहीं बलकि हतियार बनाने, technology develop करने और global supply chain का हिस्सा बनने की कहानी भी हो सकती है,
06:39अब देखना होगा कि इन partnership में कौन सी partnership MOU से आगे बढ़कर बड़े orders, commercial production और मजबूत
06:46earnings में बदलती है, इस पूरे मामले पर आपको क्या लगता है, आपको कौन सी growth story सबसे perfect दिखाई
06:52देती
06:52है, और कौन सी company आपको बहतर लगती है, अपनी राय comment section में जरूर बताएं, और ऐसे ही तमाम
06:57updates, और share market से जुड़ी तमाम जानकारी के लिए आप बने रहें, good returns, digital के सांथ