00:00आयोध्या में राम मंदिर निर्माण से जुड़े विवाद के भी चमपत राय की नौ पेज की चिट्टी सामने आई है
00:07SIT की रिपोर्ट के बाद ट्रस्ट को क्लीन चिट मिलने की चर्चा के बीच लिखी गई
00:12इस चिट्टी में चमपत राय ने मंदिर की विवस्था से लेकर निर्माण के फैसलों तक हर बात को अलग-अलग
00:20लिख डाला है
00:21राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की होज जारी है लेकिन अभी भी सब ठीक है यह कहना मुश्किल है
00:29क्योंकि SIT की रिपोर्ट के बाद चमपत राय को तो क्लीन चिट मिल गई
00:34लेकिन इस बीच उनकी नो पन्नों की चिट्टी जिसमें 33 बिंदूं को हाईलाइट किया गया है
00:42उसने हलचल मचा दी है इस चिट्टी में उन्होंने पैसे से लेकर परसाथ तक टाटा और L&T के चेहन
00:50से लेकर
00:51मंदिर निर्मान के हर बड़े फैसले तक जवाब देने की कोशिश की है
00:56चंपत राय को तो रहत मिल गए लेकिन उनके दो करीबी अब भी जाच के गेरे में है
01:01राम मंदिर में चल रही चोड़ियों की जानकारी मिलते ही चंपत राय ने मौनवरत धानन कर लिया था
01:08और अपनी बात चिठी में लिखने लगे यह चिठी ऐसे समय आई है जब राम मंदिर निर्मान को लेकर विवाद
01:14और सवाल लगातार उठ रहे हैं
01:17SIT के रेपोर्ट में चंपत राय के खिलाफ आरूपों की पूस्टी नहीं होने की बाद भी सामने आई
01:22इसी के बाद उन्होंने नोपनने की एक लंबी चौड़ी चिठी लिपी
01:26इसमें उन्होंने ट्रस्ट के कामताज, पैसे के इस्तिमाल और निर्मान पक्रिया को विस्तार से समझाने की कोशिश की है
01:33चंपतराई ने लिखा कि दर्शन, पास, आर्ती पास और प्रसाद पूरी तरह मुफ्ट हैं
01:39मंदिर के पुजारी सरधालों से दक्षणा नहीं लेते
01:43ट्रस्ट के तीन बैंक खाते हैं लेकिन कोई चेक बुक नहीं रखी गई है
01:48सभी भुकतान ओनलाइन आर्टी जीएस के जरीए किये जाते हैं
01:53आंतरिक और व्यद्यानिक आडिट अलग-अलग एजिंसियों से होता है
01:57जी एस्टी, टीडीएस, पी एफ, एसाई समिछ सभी सरकारी देंदारियां समय पर जमा की जाती हैं
02:03शर्दालूओं की सुविधाओं का भी जिक्र किया गया
02:06उन्होंने दावा किया कि भीड के समय सामान ने दर्शन में करी दो घंटे लगते हैं
02:11वहीं बुजर्ग, दिव्यांगों, गर्वती मेलाओं और विमार शर्दालूओं के लिए
02:16मुफ्त, सुगम, दर्शन और वीलचेर की विवस्ता है
02:19चिट्टी का सबसे दिल्चस्प हिस्सा मंदिर निर्मार्ट से जुड़ा है
02:23चंपतराय के मताबिक 2019 में सुप्रिम कोर्ट के फैसले के बाद
02:27के इन्र सरकार ने शीराम जनभूमी तीर्थ छे ट्रस्ट बनाया
02:32इसके बाद मंदिर निर्मार्ट समीती बनी जिसके कमान पूर्व कैबिनेट सचिव निर्पेंद मिश्रा को सौपी गई
02:39उनके मताबिक निर्मार्ट से जुड़े बड़े फैसले इसी समीती के में होते थे
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